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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी में बीजेपी सरकार के दौरान पुलिस की तानाशाही और उनके द्वारा सीधे हाथ चलाने यानी मारपीट करने को लेकर तीखा आक्रोश जताया गया है। शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि जब पुलिस खुद इस तरह की तानाशाही पर उतारू होकर बल प्रयोग कर रही है, तो फिर सरकार अपने लोगों की बात कैसे सुनेगी। पुलिस की इस खुली मनमानी और दमनकारी रवैये के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
Sachin Sagar
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी में बीजेपी सरकार के दौरान पुलिस की तानाशाही और उनके द्वारा सीधे हाथ चलाने यानी मारपीट करने को लेकर तीखा आक्रोश जताया गया है। शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि जब पुलिस खुद इस तरह की तानाशाही पर उतारू होकर बल प्रयोग कर रही है, तो फिर सरकार अपने लोगों की बात कैसे सुनेगी। पुलिस की इस खुली मनमानी और दमनकारी रवैये के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
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- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी में बीजेपी हटाओ अभियान चलाकर देश बचाने की मांग की जा रही है। इस सिलसिले में दावा किया गया है कि बीजेपी पार्टी के लोगों की हालत खराब हो चुकी है और वे बड़ी मुश्किल में फंसे हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि इस मामले में नितिन गडकरी ने भी अपनी बात रखी है।1
- संभल जिले की चंदौसी तहसील के बहजोई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बहादुर नगर के निवासी देव राणा ने अपनी गली की सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। देव राणा का कहना है कि उनकी गली की रोड की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है, जिसके कारण वहां से लोगों का निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सड़क डलवाने से साफ मना कर दिया और साफ तौर पर कहा कि जो करना है कर लो, मैं रोड नहीं डालने दूंगा। इस गंभीर विषय पर शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और शिकायत के बावजूद डीएम व एसडीएम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सड़क पर पसरी भारी गंदगी के कारण अब गांव में जानलेवा बीमारियां पैदा हो रही हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।4
- उत्तर प्रदेश के संभल जनपद की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के वहीपुर गांव में एक किसान ने बंदरों और आवारा पशुओं से अपनी मक्का और धान की फसल को बचाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया है। धनारी थाना क्षेत्र के रहने वाले किसान केशव कुमार ने बंदरों को खेत से भगाने के लिए बाजार से ₹1700 का भालू का कॉस्ट्यूम खरीदा है। अब वे प्रतिदिन इस कॉस्ट्यूम को पहनकर अपने खेत की रखवाली करते हैं, जिससे उनकी मक्का और धान की फसल सुरक्षित हो गई है। किसान केशव कुमार ने बताया कि बंदरों की वजह से वे काफी परेशान थे और उनकी फसल रोजाना बर्बाद हो रही थी। पहले डंडे मारने या शोर मचाने पर भी बंदर नहीं भागते थे, बल्कि उल्टा वे उन पर हमलावर हो जाते थे। लेकिन अब भालू का रूप और मुखौटा देखकर बंदर खेत के पास भी नहीं आते और दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं। किसान के इस अनोखे और कामयाब तरीके की चर्चा अब उनके गांव सहित आसपास के तमाम क्षेत्रों में हो रही है।3
- मुरादाबाद की मझोला पुलिस ने पार्किंग में फायरिंग और रंगदारी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।1
- संभल के असमोली थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़न में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी ईदगाह को लेकर प्रशासन की कार्रवाई से विवाद गहरा गया है। सरकारी अभिलेखों के आधार पर प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का तर्क है कि यह स्थान वर्षों से ईदगाह और कब्रिस्तान दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है, जबकि प्रशासन इसे सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इसके मूल स्वरूप में बहाल करने की बात कह रहा है। कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से ईद, बकरीद और जनाज़े की नमाज़ के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। स्थानीय निवासी कल्लू ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस स्थान को घेरने की कार्रवाई समझ से परे है, क्योंकि यहां जनाज़े की नमाज़ के साथ-साथ दफन की प्रक्रिया भी होती है। वहीं, जुम्मा खान ने बताया कि उनके पूर्वजों के समय से यह स्थान दोनों रूपों में इस्तेमाल हो रहा है। पहले सड़क किनारे नमाज़ पढ़ी जाती थी जिससे आवागमन बाधित होता था, इसलिए बाद में नमाज़ इस स्थान पर पढ़ी जाने लगी। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोबारा रखने की बात कही है। दूसरी ओर, संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी के दौरान गाटा संख्या 208 को कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित किया गया था। वर्तमान में गाटा संख्या 210 का उपयोग कब्रिस्तान के रूप में हो रहा है, जबकि गाटा संख्या 208 का प्रयोजन बदलकर कुछ लोगों ने इसे ईदगाह के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तहसीलदार के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य सरकारी अभिलेखों के मुताबिक कब्रिस्तान की भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना और नियमानुसार उसका उपयोग सुनिश्चित करना है। इस कार्रवाई के बाद से गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा काफी तेज है।1
- रामपुर जिले की स्वार तहसील क्षेत्र के लोहर्रा इनायत गंज गाँव में काफी दिनों से खराब पड़े बिजली के ट्रांसफार्मर को आखिरकार ठीक करा दिया गया है। इस ट्रांसफार्मर के खराब होने की वजह से गाँव के लोगों को भीषण गर्मी में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए गाँव के ही समाजसेवी इंतजार अली ने बिजली विभाग के कर्मचारियों को मौके पर बुलाया और दिन मंगलवार को शाम करीब 4:00 बजे इस खराब ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करवाया।1
- रामपुर के पुराना गंज स्थित लोकवाणी केंद्र पर आयुष्मान कार्ड की जानकारी लेने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। यहां मोहम्मद शाहज़ेब द्वारा नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई और कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया है कि आयुष्मान कार्ड की पात्रता, आवेदन और इसकी स्वीकृति से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह से संबंधित सरकारी नियमों एवं तय प्रक्रिया के अनुसार ही संपन्न होते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी में बीजेपी सरकार के दौरान पुलिस की तानाशाही और उनके द्वारा सीधे हाथ चलाने यानी मारपीट करने को लेकर तीखा आक्रोश जताया गया है। शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि जब पुलिस खुद इस तरह की तानाशाही पर उतारू होकर बल प्रयोग कर रही है, तो फिर सरकार अपने लोगों की बात कैसे सुनेगी। पुलिस की इस खुली मनमानी और दमनकारी रवैये के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।1