राजसखी टोंक मेला 2026: महिला सशक्तिकरण और हस्तशिल्प का अनूठा संगम टोंक, राजस्थान - जिला प्रशासन और 'राजीविका' के संयुक्त तत्वावधान में टोंक जिले में 'राजसखी टोंक मेला 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। "भारत एक सूत्रधार - दिल से रची हाथों से सजी कला" के ध्येय वाक्य के साथ यह मेला स्थानीय कला और महिला उद्यमियों को एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। प्रशासन की अपील उनियारा के विकास अधिकारी श्री शंकर लाल मेघवाल ने एक विशेष संदेश के माध्यम से आम जनता, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा: "यह मेला हमारी ग्रामीण महिलाओं के हुनर को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि कम से कम एक दिन इस मेले में अवश्य पधारें और महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को खरीदकर उनका उत्साहवर्धन करें।" मेले की मुख्य विशेषताएं: यह मेला न केवल व्यापार का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश करता है। विविध उत्पाद: मेले में महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित वस्त्र, सजावटी सामान, जैविक खाद्य पदार्थ और अन्य पारंपरिक कलाकृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। महिला सशक्तिकरण: मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। स्टॉल्स की संख्या: मेले में 50 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ विभिन्न प्रकार के राजस्थानी व्यंजनों और हस्तशिल्प का लुत्फ उठाया जा सकता है। महत्वपूर्ण विवरण: अवधि: 16 मार्च से 22 मार्च 2026 तक। समय: सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक। स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सूचना एवं जनसंपर्क केंद्र के सामने, टोंक। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे इस उत्सव का हिस्सा बनें और 'लोकल फॉर वोकल' के संकल्प को मजबूत करें।
राजसखी टोंक मेला 2026: महिला सशक्तिकरण और हस्तशिल्प का अनूठा संगम टोंक, राजस्थान - जिला प्रशासन और 'राजीविका' के संयुक्त तत्वावधान में टोंक जिले में 'राजसखी टोंक मेला 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। "भारत एक सूत्रधार - दिल से रची हाथों से सजी कला" के ध्येय वाक्य के साथ यह मेला स्थानीय कला और महिला उद्यमियों को एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। प्रशासन की अपील उनियारा के विकास अधिकारी श्री शंकर लाल मेघवाल ने एक विशेष संदेश के माध्यम से आम जनता, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा: "यह मेला हमारी ग्रामीण महिलाओं के हुनर को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि कम से कम एक दिन इस मेले में अवश्य पधारें और महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को खरीदकर उनका उत्साहवर्धन करें।" मेले की मुख्य विशेषताएं: यह मेला न केवल व्यापार का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश करता है। विविध उत्पाद: मेले में महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित वस्त्र, सजावटी सामान, जैविक खाद्य पदार्थ और अन्य पारंपरिक कलाकृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। महिला सशक्तिकरण: मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। स्टॉल्स की संख्या: मेले में 50 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ विभिन्न प्रकार के राजस्थानी व्यंजनों और हस्तशिल्प का लुत्फ उठाया जा सकता है। महत्वपूर्ण विवरण: अवधि: 16 मार्च से 22 मार्च 2026 तक। समय: सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक। स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सूचना एवं जनसंपर्क केंद्र के सामने, टोंक। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे इस उत्सव का हिस्सा बनें और 'लोकल फॉर वोकल' के संकल्प को मजबूत करें।
- टोंक, राजस्थान - जिला प्रशासन और 'राजीविका' के संयुक्त तत्वावधान में टोंक जिले में 'राजसखी टोंक मेला 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। "भारत एक सूत्रधार - दिल से रची हाथों से सजी कला" के ध्येय वाक्य के साथ यह मेला स्थानीय कला और महिला उद्यमियों को एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। प्रशासन की अपील उनियारा के विकास अधिकारी श्री शंकर लाल मेघवाल ने एक विशेष संदेश के माध्यम से आम जनता, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा: "यह मेला हमारी ग्रामीण महिलाओं के हुनर को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि कम से कम एक दिन इस मेले में अवश्य पधारें और महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को खरीदकर उनका उत्साहवर्धन करें।" मेले की मुख्य विशेषताएं: यह मेला न केवल व्यापार का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश करता है। विविध उत्पाद: मेले में महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित वस्त्र, सजावटी सामान, जैविक खाद्य पदार्थ और अन्य पारंपरिक कलाकृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। महिला सशक्तिकरण: मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। स्टॉल्स की संख्या: मेले में 50 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं, जहाँ विभिन्न प्रकार के राजस्थानी व्यंजनों और हस्तशिल्प का लुत्फ उठाया जा सकता है। महत्वपूर्ण विवरण: अवधि: 16 मार्च से 22 मार्च 2026 तक। समय: सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक। स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सूचना एवं जनसंपर्क केंद्र के सामने, टोंक। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे इस उत्सव का हिस्सा बनें और 'लोकल फॉर वोकल' के संकल्प को मजबूत करें।1
- village pagre post tihseel uniyara desitk tonk rajthan2
- Post by Ramesh Jangid1
- क्या एक दिन के श्रमदान से सच में साफ होगा राजस्थान?,#rajasthan #jaipurnews #latestupdates #trueindia1
- [14/03, 3:39 pm] वार्ड नंबर 39 पांच बत्ती बरकाती रोड पतली गली निमित्त रूप से नाली की सफाई नहीं होने के कारण सड़क पर कीचड़ भरा गया है आने-जाने का रास्ता भी नहीं रहा स्टॉक की जनता को सफाई के अभाव में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है दूसरी और jamadar इसको साफ करने को तैयार नहीं एक और हमारी भजन लाल सरकार अच्छे कार्य करने के लिए प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर प्रशासन की उदासीनता के कारण 181 सहायता पोर्टल जहां शिकायत दर्ज कर रहा है तो दूसरी और प्रशासनिक अधिकारी उन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं1
- सवाई माधोपुर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आज, विवादों का आपसी सहमति से होगा निस्तारण। जिला न्यायाधीश देवेंद्र दीक्षित मिडिया से हुए रूबरू1
- सवाई माधोपुर। राजस्थान दिवस समारोह के अंतर्गत जिले में 14 से 19 मार्च तक “स्वच्छता सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को महावीर पार्क में विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता सप्ताह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा तथा नगर परिषद आयुक्त गौरव कुमार मित्तल के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान महावीर पार्क परिसर में साफ-सफाई कर कचरा एकत्रित कर सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान उपस्थित जनों को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सवाई माधोपुर को पर्यटन सिटी के साथ-साथ स्वच्छ व सुंदर शहर बनाने का आह्वान किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर संजय शर्मा ने कहा कि राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित स्वच्छता सप्ताह का उद्देश्य आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है और इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।1
- प्रदेशभर मे अल्पसंख्यक विभाग को मजबूत करने की तैयारी,#rajasthan #baran #antanews #congressnewsupdate1