हाल सदर अस्पताल गुमला का, 34 में मात्र 14 डॉक्टर है प्रतिनियुक्ति, 100 बेड की है कैपेसिटी, बरामदे में अतिरिक्त बेड लगाकर होता है मरीजों का इलाज* गुमला जिला का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र सदर अस्पताल चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा है। कुल 34 डॉक्टर के पद स्वीकृत है लेकिन मात्र 14 डॉक्टर प्रतिनिधित्व है, जबकि 9 डॉक्टर को कांट्रैक्ट बेसिस पर रखा गया है। इस तरह 23 डॉक्टर के सहारे सदर अस्पताल संचालित है। सदर अस्पताल में 100 बेड की क्षमता है लेकिन रोजाना 200 से अधिक मरीजो का इलाज होता है और बेड की कमी के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा बरामदे और कॉरिडोर में अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जाता है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से कुल 52 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को तीन से चार घंटे लाइन में लगकर नियमित रूप से ओपीडी में जांच कराना पड़ता है जिससे काफी परेशानी हो रही है। मरीजों ने कहा कि अगर डॉक्टर की संख्या बढ़ जाए तो निश्चित रूप से मरीजों को सुविधा मिलेगी क्योंकि 100 किलोमीटर दूर से मरीज इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचते हैं और उन्हें सुबह से शाम हो जाता है।
हाल सदर अस्पताल गुमला का, 34 में मात्र 14 डॉक्टर है प्रतिनियुक्ति, 100 बेड की है कैपेसिटी, बरामदे में अतिरिक्त बेड लगाकर होता है मरीजों का इलाज* गुमला जिला का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र सदर अस्पताल चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा है। कुल 34 डॉक्टर के पद स्वीकृत है लेकिन मात्र 14 डॉक्टर प्रतिनिधित्व है, जबकि 9 डॉक्टर को कांट्रैक्ट बेसिस पर रखा गया
है। इस तरह 23 डॉक्टर के सहारे सदर अस्पताल संचालित है। सदर अस्पताल में 100 बेड की क्षमता है लेकिन रोजाना 200 से अधिक मरीजो का इलाज होता है और बेड की कमी के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा बरामदे और कॉरिडोर में अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जाता है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से कुल 52 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डॉक्टरों की कमी के
कारण मरीजों को तीन से चार घंटे लाइन में लगकर नियमित रूप से ओपीडी में जांच कराना पड़ता है जिससे काफी परेशानी हो रही है। मरीजों ने कहा कि अगर डॉक्टर की संख्या बढ़ जाए तो निश्चित रूप से मरीजों को सुविधा मिलेगी क्योंकि 100 किलोमीटर दूर से मरीज इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचते हैं और उन्हें सुबह से शाम हो जाता है।
- गुमला जिला का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र सदर अस्पताल चिकित्सकों की कमी का दंश झेल रहा है। कुल 34 डॉक्टर के पद स्वीकृत है लेकिन मात्र 14 डॉक्टर प्रतिनिधित्व है, जबकि 9 डॉक्टर को कांट्रैक्ट बेसिस पर रखा गया है। इस तरह 23 डॉक्टर के सहारे सदर अस्पताल संचालित है। सदर अस्पताल में 100 बेड की क्षमता है लेकिन रोजाना 200 से अधिक मरीजो का इलाज होता है और बेड की कमी के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा बरामदे और कॉरिडोर में अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जाता है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से कुल 52 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को तीन से चार घंटे लाइन में लगकर नियमित रूप से ओपीडी में जांच कराना पड़ता है जिससे काफी परेशानी हो रही है। मरीजों ने कहा कि अगर डॉक्टर की संख्या बढ़ जाए तो निश्चित रूप से मरीजों को सुविधा मिलेगी क्योंकि 100 किलोमीटर दूर से मरीज इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचते हैं और उन्हें सुबह से शाम हो जाता है।3
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- सिसई प्रखंड अंतर्गत सिसई मेन रोड बस स्टैंड के पास 200 केवी का ट्रांसफर्मर का उद्घाटन झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी और अंजुमन फलाहुल मुस्लिमीन सिसई के सदर हाजी सलमान साहब ने विधिवत रूप से फीता काट कर उद्घाटन किया। ट्रांसफार्मर लगने से आम जनता काफ़ी खुश हो गए। झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी ने बताया कि तीन दिन पहले यहां के ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि ट्रांसफार्मर खराब हो गया है जिससे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां के दुकानदार और बच्चों के पढ़ाई लिखाई में और गर्मी के वजह से रात में सोना मुश्किल हो गया है। हमने माननीय विधायक सिसई जिग्गा सुसारण होरो को इस बात का अवगत कराया। माननीय विधायक जी ने तुरंत इस पर पहल किया और 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर लगवाने का काम किया। उपस्थिति में झामुमो नेता जाकिर अंसारी, शाहबाज उर्फ़ राजा अंसारी, जुलफान अंसारी, तौकिर अंसारी, बेबुल अंसारी नईम अंसारी, उमर अंसारी सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।2
- सिसई (गुमला)। सिसई मेन रोड बस स्टैंड के पास 200 केवी का ट्रांसफर्मर लगाया गया। जिसका उद्घाटन झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी और अंजुमन फलाहुल मुस्लिमीन सिसई के सदर हाजी सलमान साहब ने विधिवत रूप से फीता काट कर किया। ट्रांसफार्मर लगने से स्थानीय दुकानदार सहित आम जनता में खुशी की लहर है। झामुमो नेता मो उमर फारूक अंसारी ने बताया कि तीन दिन पहले यहां के ग्रामीणों द्वारा बताया गया था कि ट्रांसफार्मर खराब हो गया है जिससे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। वहीं शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां के दुकानदारों और बच्चों के पढ़ाई लिखाई में काफी दिक्कतें हो रही है साथ ही गर्मी के वजह से लोगों को रात में सोना मुश्किल हो गया है। हमनें माननीय विधायक सिसई जिग्गा सुसारण होरो को इस बात से अवगत कराया तो विधायक जी ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इसपर पहल किया और 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर लगवाने का काम किया। मौके पर झामुमो नेता जाकिर अंसारी, शाहबाज उर्फ़ राजा अंसारी, जुलफान अंसारी, तौकिर अंसारी, बेबुल अंसारी, नईम अंसारी, उमर अंसारी सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।4
- जुर्माना विवाद ने पकड़ा तूल: छोटा कटरा में आमने-सामने आए दो पक्ष, प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच की चुनौती गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटा कटरा गांव में कथित जबरन जुर्माना वसूली और सामाजिक बहिष्कार का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जानकारी देते हुए शनिवार दोपहर एक बजे बताया गया कि इस विवाद को लेकर गांव में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए हैं और मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है। बताया गया कि गांव के एक पीड़ित परिवार ने दो अप्रैल (गुरुवार) को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा और न्याय की मांग की थी। परिवार का आरोप है कि छह मार्च को गांव के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और गांव में रहने के लिए एक लाख रुपये जुर्माना देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि राशि नहीं देने पर उन्हें गांव छोड़ना होगा या घर में आग लगा दी जाएगी। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई थी, जिसे प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद हटाया गया। आवेदन में यह भी कहा गया कि गांव में बैठक कर निर्णय लिया गया कि जो कोई भी परिवार से संपर्क रखेगा या उनके सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होगा, उस पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर गांव के ग्रामीणों एवं नामजद आरोपियों ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। शनिवार को गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीण एकजुट हुए और कहा कि मामला गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। बैठक के बाद ग्रामीणों तथा आरोपित पक्ष ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर अपने पक्ष की जानकारी दी। इधर पीड़ित परिवार अपने आरोपों पर कायम है और सामाजिक बहिष्कार व धमकी का दावा कर रहा है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों से मामला पेचीदा हो गया है। अब प्रशासन के सामने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। #GumlaNews #Dumri #JharkhandNews #VillageDispute #SocialBoycott #BreakingNews #LocalNewsJharkhand1
- बसिया (गुमला): प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को मसीही समुदाय द्वारा 'गुड फ्राइडे' का पर्व पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर बसिया प्रखंड के कोनबीर नवाटोली स्थित संत अन्ना चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में ईसाई धर्मावलंबी शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं ने की विशेष प्रार्थना सुबह से ही कोनबीर नवाटोली स्थित चर्च परिसर श्रद्धालुओं से भरने लगा था। गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को याद करते हुए चर्च में 'क्रूस की यात्रा' और विशेष मिस्सा का अनुष्ठान किया गया। प्रार्थना के दौरान उपस्थित जनसमूह ने शांति, मानवता की सेवा और क्षमा का संकल्प लिया। भक्तिमय रहा माहौल संत अन्ना चर्च के मुख्य पुरोहित और प्रचारकों ने प्रभु यीशु के अंतिम सात वचनों पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा दिखाए गए प्रेम और त्याग के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस दौरान मसीही समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी भक्तिभाव में डूबे नजर आए। प्रार्थना सभा के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन और स्थानीय वालंटियर्स सक्रिय दिखे। बलिदान और प्रेम का संदेश श्रद्धालुओं ने बताया कि गुड फ्राइडे हमें यह सिखाता है कि सत्य और मानवता के लिए दिया गया बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। प्रार्थना के अंत में सभी ने विश्व शांति और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की।1
- Post by Nikhil Chauhan1
- गैस की किल्लत से जूझ रहे इंडेन गैस के उपभोक्ताओं ने शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे जशपुर रोड पार्क के समीप मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि डीसी के निर्देश के बाद आज से होम डिलीवरी होनी थी और लाभुक सुबह से जशपुर रोड पार्क के समीप इंडेन गैस सिलेंडर लेकर खड़े थे लेकिन एजेंसी के द्वारा मात्र एक छोटे से पिकअप में गैस भेजा गया, जिससे कुछ लोगों को गैस मिला। बाकी लोग निराश हो गए। इससे आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर दिया। तत्काल सूचना पर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर महेंद्र करमाली मौके पर पहुंचे और जामकर्ताओं को समझाकर जाम खुलवाया। यहां बताते चले की गैस की किल्लत को लेकर पिछले तीन दिनों से लगातार गुमला के अलग-अलग मार्ग में उपभोक्ताओं द्वारा रोड जाम किया गया है और जिला प्रशासन का होम डिलीवरी का दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है।1