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सिंगरौली बंदूक के दम पर बैंक लूटने का प्रयास लाखों की लूट ,गोली भी चली पुलिस नाकाम

5 hrs ago
user_Abhishek Pandey
Abhishek Pandey
Huzur, Rewa•
5 hrs ago

सिंगरौली बंदूक के दम पर बैंक लूटने का प्रयास लाखों की लूट ,गोली भी चली पुलिस नाकाम

More news from Rewa and nearby areas
  • लाखों की लूट ,गोली भी चली पुलिस नाकाम
    1
    लाखों की लूट ,गोली भी चली पुलिस नाकाम
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    5 hrs ago
  • Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    1
    Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    user_Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    NGO Worker हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • आंबेडकर जयंती के अवसर पर सीधी अमिलिया में हुए हादसे ने हिंसक रूप ले लिया
    1
    आंबेडकर जयंती के अवसर पर सीधी अमिलिया में हुए हादसे ने हिंसक रूप ले लिया
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • 💥 *बड़ी खबर*💥 रेल लाइन के किनारे खड़े बच्चे को गाय द्वारा बचाने का AI-generated वीडियो वायरल सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो में कई ऐसी खामियां हैं जो इसके असली न होने की पुष्टि करती हैं, वीडियो में बारीकी से देखने पर कुछ गड़बड़ियाँ नजर आती हैं, जैसे बच्चे के पैरों का धुंधला दिखना, गाय के पैरों के पास उड़ने वाली धूल का अचानक गायब हो जाना या ट्रेन के डिब्बों की संख्या में विसंगति। सोशल मीडिया पर इसे 'चमत्कार' या 'कुदरत का करिश्मा' बताकर शेयर किया जा रहा है, लेकिन यह कोई वास्तविक घटना नहीं है।
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    💥 *बड़ी खबर*💥
रेल लाइन के किनारे खड़े बच्चे को गाय द्वारा बचाने का AI-generated वीडियो वायरल
सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो में कई ऐसी खामियां हैं जो इसके असली न होने की पुष्टि करती हैं, वीडियो में बारीकी से देखने पर कुछ गड़बड़ियाँ नजर आती हैं, जैसे बच्चे के पैरों का धुंधला दिखना, गाय के पैरों के पास उड़ने वाली धूल का अचानक गायब हो जाना या ट्रेन के डिब्बों की संख्या में विसंगति। सोशल मीडिया पर इसे 'चमत्कार' या 'कुदरत का करिश्मा' बताकर शेयर किया जा रहा है, लेकिन यह कोई वास्तविक घटना नहीं है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    1
    Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Rajkumar vishwaraj
    1
    Post by Rajkumar vishwaraj
    user_Rajkumar vishwaraj
    Rajkumar vishwaraj
    Raipur - Karchuliyan, Rewa•
    21 hrs ago
  • वह एक घटना नहीं पूरे सिस्टम के ऊपर एक बड़ा सवाल है
    1
    वह एक घटना नहीं पूरे सिस्टम के ऊपर एक बड़ा सवाल है
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    5 hrs ago
  • Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    1
    Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    user_Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    NGO Worker हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर *बेहद गंभीर और संवेदनशील है* । बताया जा रहा है कि एक महिला अस्पताल के बाथरूम में पड़ी मिली, लेकिन उसे तत्काल बेड पर भर्ती कराने के बजाय गार्ड द्वारा परिजनों पर दबाव बनाया गया और महिला को “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही गई। ऐसे मामले कई बड़े सवाल खड़े करते हैं: क्या अस्पताल प्रशासन ने समय पर चिकित्सा सहायता दी? गार्ड को इतना अधिकार किसने दिया कि वह मरीज की स्थिति पर फैसला करे? क्या यह मानवीय संवेदनाओं और मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन नहीं है? अगर यह मामला सही है, तो यह सीधे-सीधे लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है। सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ सिस्टम पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।। आरोप है कि गार्ड ने महिला को बेड पर भर्ती कराने की जगह उसे “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही… सोचिए, जहां मरीजों को जीवनदान मिलना चाहिए, वहीं अगर इस तरह का व्यवहार हो, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? सबसे बड़ा सवाल ये है कि— क्या अस्पताल में इंसानियत खत्म हो चुकी है? क्या एक गार्ड अब तय करेगा कि मरीज का इलाज होगा या नहीं? इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है… और क्या पीड़ित महिला को न्याय मिल पाएगा या नहीं…❗ सवाल ये है: क्या अब अस्पतालों में इलाज से ज्यादा “कागजी प्रक्रिया” मायने रखती है? क्या एक गार्ड तय करेगा कि मरीज का क्या होगा? 👉 अगर यह सच है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत के खिलाफ अपराध है। *प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए*
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    रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर 
*बेहद गंभीर और संवेदनशील है* ।
बताया जा रहा है कि एक महिला अस्पताल के बाथरूम में पड़ी मिली, लेकिन उसे तत्काल बेड पर भर्ती कराने के बजाय गार्ड द्वारा परिजनों पर दबाव बनाया गया और महिला को “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही गई।
ऐसे मामले कई बड़े सवाल खड़े करते हैं:
क्या अस्पताल प्रशासन ने समय पर चिकित्सा सहायता दी?
गार्ड को इतना अधिकार किसने दिया कि वह मरीज की स्थिति पर फैसला करे?
क्या यह मानवीय संवेदनाओं और मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन नहीं है?
अगर यह मामला सही है, तो यह सीधे-सीधे लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है। सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ सिस्टम पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।।
आरोप है कि गार्ड ने महिला को बेड पर भर्ती कराने की जगह उसे “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही…
सोचिए, जहां मरीजों को जीवनदान मिलना चाहिए, वहीं अगर इस तरह का व्यवहार हो, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे?
सबसे बड़ा सवाल ये है कि—
क्या अस्पताल में इंसानियत खत्म हो चुकी है?
क्या एक गार्ड अब तय करेगा कि मरीज का इलाज होगा या नहीं?
इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है…
और क्या पीड़ित महिला को न्याय मिल पाएगा या नहीं…❗ सवाल ये है:
क्या अब अस्पतालों में इलाज से ज्यादा “कागजी प्रक्रिया” मायने रखती है?
क्या एक गार्ड तय करेगा कि मरीज का क्या होगा?
👉 अगर यह सच है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत के खिलाफ अपराध है।
*प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए*
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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