बुरुंडी जैसी सड़कें…” पोस्ट पर छिड़ी बहस, बिहार की सड़कों को लेकर लोगों ने उठाए सवाल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें पूर्वी अफ्रीका के Burundi की खराब सड़कों की तस्वीरों का जिक्र करते हुए Bihar की सड़क व्यवस्था पर तंज कसा गया। पोस्ट में लिखा गया कि “कम से कम बिहार के वैशाली में ऐसा कुछ नहीं है, थैंक गॉड”, लेकिन इसके साथ ही बिहार की कई सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने कमेंट कर सड़क, गड्ढों और जलभराव की समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। Vaishali समेत कई जिलों में बारिश के दौरान सड़कें कीचड़ और पानी से भर जाती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क मरम्मत का काम समय पर नहीं हो पाता। हालांकि राज्य सरकार सड़क विकास को लेकर लगातार दावे कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऐसी पोस्टें जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं।
बुरुंडी जैसी सड़कें…” पोस्ट पर छिड़ी बहस, बिहार की सड़कों को लेकर लोगों ने उठाए सवाल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें पूर्वी अफ्रीका के Burundi की खराब सड़कों की तस्वीरों का जिक्र करते हुए Bihar की सड़क व्यवस्था पर तंज कसा गया। पोस्ट में लिखा गया कि “कम से कम बिहार के वैशाली में ऐसा कुछ नहीं है, थैंक गॉड”, लेकिन इसके साथ ही बिहार की कई सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने कमेंट कर सड़क, गड्ढों और जलभराव की समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। Vaishali समेत कई जिलों में बारिश के दौरान सड़कें कीचड़ और पानी से भर जाती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क मरम्मत का काम समय पर नहीं हो पाता। हालांकि राज्य सरकार सड़क विकास को लेकर लगातार दावे कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऐसी पोस्टें जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं।
- RGHS के तहत चिकित्सा सेवाएं जल्द सुचारू करने को लेकर प्रमुख शासन सचिव से महासंघ की वार्ता RGHS के तहत चिकित्सा सेवाएं जल्द सुचारू करने को लेकर प्रमुख शासन सचिव से महासंघ की वार्ता अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शासन सचिवालय में प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रीमती गायत्री राठौड़ से मुलाकात की। बैठक में RGHS के तहत राज्य कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं में आ रही बाधाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। महासंघ ने कैशलेस इलाज, दवा वितरण एवं बिल भुगतान में हो रही देरी से हो रही परेशानियों से अवगत कराया और सेवाओं को तत्काल पूर्व की भांति सुचारू करने की मांग रखी। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि विभाग RGHS को लेकर गंभीर है और जल्द ही चिकित्सा सुविधा पूर्व की भांति सुचारू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग स्तर पर कार्यवाही तेज कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक परिणाम नहीं मिले तो महासंघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री सुरेश नारायण शर्मा, नरपत सिंह, प्रहलाद अग्रवाल, अजयवीर सिंह एवं शशि शर्मा शामिल रहे।1
- Prem Chand Bairwa की दूदू में आयोजित चौपाल के दौरान भैराणा धाम संरक्षण को लेकर साधु-संतों ने विरोध जताया। संत समाज ने धाम की सुरक्षा, संरक्षण और विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। विरोध के बीच संतों ने कहा कि भैराणा धाम धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और इसके संरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान साधु-संतों का आंदोलन और तेज होता नजर आया तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उनके समर्थन में पहुंचे।1
- मनोहरपुर दौसा में हाईवे पर शिवपुरी के नजदीक बीती रात दौड़ती कार बनी आग का गोला मनोहरपुर दौसा जमवारामगढ़ हाईवे पर बीती रात शिवपुरी के नजदीक एक चलती कार में भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब एक तेज रफ्तार कार अचानक हादसे का शिकार होकर आग का गोला बन गई। हादसा शिवपुरी के पास हुआ,जहां कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में शॉर्ट सर्किट हो गया और कुछ ही सेकंड में कार आग की लपटों में घिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि हाईवे पर गुजर रहे वाहन चालक भी दहशत में आ गए। इसी बीच कार चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया, हालांकि कार पूरी तरह जलकर राख हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शाहपुरा से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। वही हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु कराया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट और तेज टक्कर को माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- दूदू में उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा की रात्रि चौपाल में साधु संत नाराज1
- Post by Fareed Mansoori1
- बुरुंडी जैसी सड़कें…” पोस्ट पर छिड़ी बहस, बिहार की सड़कों को लेकर लोगों ने उठाए सवाल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें पूर्वी अफ्रीका के Burundi की खराब सड़कों की तस्वीरों का जिक्र करते हुए Bihar की सड़क व्यवस्था पर तंज कसा गया। पोस्ट में लिखा गया कि “कम से कम बिहार के वैशाली में ऐसा कुछ नहीं है, थैंक गॉड”, लेकिन इसके साथ ही बिहार की कई सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने कमेंट कर सड़क, गड्ढों और जलभराव की समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। Vaishali समेत कई जिलों में बारिश के दौरान सड़कें कीचड़ और पानी से भर जाती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क मरम्मत का काम समय पर नहीं हो पाता। हालांकि राज्य सरकार सड़क विकास को लेकर लगातार दावे कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऐसी पोस्टें जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं।1
- बंगाल में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के प्रयासों से कथित 'गुंडा राज' और अवैध वोटिंग पर लगाम लगने का दावा किया गया है। उत्तर प्रदेश के आईपीएस अजयपाल की तैनाती ने अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे बंगाल में निष्पक्ष चुनाव हुए और भाजपा की जीत हुई।1
- राजस्थान के कॉमेडियन चर्चा में, ‘पंकू-बन्नू’ की जोड़ी खत्म! दरार की इनसाइड स्टोरी पढ़ें राजस्थान के कॉमेडियन चर्चा में, ‘पंकू-बन्नू’ की जोड़ी खत्म! दरार की इनसाइड स्टोरी पढ़ें शेखावाटी के कॉमेडी जोड़ी 'पंकू-बन्नू' के बीच का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच 6 मई को पंकू उर्फ पंकज सोनी के समर्थक अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सीकर के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण नूनावत के कार्यालय पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। सीकर: राजस्थान केशेखावाटी क्षेत्र के मशहूर कॉमेडी जोड़ी 'पंकू-बन्नू' का हंसी-मजाक अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुकी है। कभी अपनी जुगलबंदी से लाखों चेहरों पर मुस्कान लाने वाले पंकज सोनी उर्फ पंकू और बनवारीलाल गोस्वामी बन्नू अब एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। दरअसल, पिछले दिनों पंकज सोनी के सोशल मीडिया पर उनके रोते हुए वीडियो ने दोनों के बीच उपजे विवाद को उजागर किया और उनके फैंस के बीच इसके बाद खलबली मच गई।जानें क्या लगाया आरोप और पूरा विवाद दरअसल, विवाद की शुरुआत 5 मई की रात को हुई। पंकज सोनी का आरोप है कि रात करीब 8 बजे सीकर पुलिस की टीम बिना किसी वारंट या कानूनी नोटिस के उनके घर में दाखिल हुई। पंकज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके बुजुर्ग माता-पिता और मामी के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया। पंकू का दावा है कि पुलिस ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से घर में लगे CCTV कैमरे उखाड़ दिए और उन्हें घर खाली करने की धमकी दी।दोस्ती में दरार और संपत्ति का विवाद पंकज और उनके साथी कॉमेडियन कलाकार 'बन्नू' के बीच यह मनमुटाव नया नहीं है। बताया जा रहा है कि पिछले साल 28 सितंबर से ही दोनों के बीच एक मकान के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा है। इसी खींचतान का असर उनके पेशेवर जीवन पर भी पड़ा है। पंकू ने आरोप लगाया है कि बनवारी लाल और उनके साथी उनका घर हड़पना चाहते हैं और 5 मई की रात पुलिस ने उनके घर में घुसकर उनके परिवार के साथ बदसलूकी की। वहीं इस मामले में बनवारी उर्फ बन्नू ने भी भावुक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया था। ये भी कहा था कि लोग केवल एक पक्ष सुनकर उन्हें गलत ठहरा रहे हैं। SP दफ्तर पर प्रदर्शन, रखी ये मांग बुधवार को पंकज सोनी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सीकर के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण नूनावत के कार्यालय पहुंचे। समर्थकों की भारी भीड़ और बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा के लिए RAC (आरएसी) के जवान तैनात करने पड़े। पंकज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि घर में बिना वारंट घुसने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। उनके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए। अनसुलझे सवाल यह मामला अब राजस्थान की सबसे बड़ी 'सोशल मीडिया कॉन्ट्रोवर्सी' बन गया है। बड़ा सवाल यह है कि जब 8 महीनों से कोई आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं थी, तो 5 मई की रात पुलिस किसके दबाव में पंकज के घर पहुंची? फिलहाल, पुलिस की चुप्पी और पंकू के वायरल वीडियो ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है।1