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हजारीबाग जिले के पेलावाल ओपी क्षेत्र में, पेलावाल ओपी प्रभारी ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय पबरा के बच्चों के बीच झारखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार 24.06.26 को आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली हानियों और इसके संबंध में मौजूदा कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, बच्चों को डायल 112 सेवा, साइबर अपराधों के खतरों और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के बारे में भी जागरूक किया गया।
BaरKaट्ठा Ki आwaज
हजारीबाग जिले के पेलावाल ओपी क्षेत्र में, पेलावाल ओपी प्रभारी ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय पबरा के बच्चों के बीच झारखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार 24.06.26 को आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली हानियों और इसके संबंध में मौजूदा कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, बच्चों को डायल 112 सेवा, साइबर अपराधों के खतरों और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के बारे में भी जागरूक किया गया।
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- हजारीबाग जिले के पेलावाल ओपी क्षेत्र में, पेलावाल ओपी प्रभारी ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय पबरा के बच्चों के बीच झारखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार 24.06.26 को आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली हानियों और इसके संबंध में मौजूदा कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, बच्चों को डायल 112 सेवा, साइबर अपराधों के खतरों और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के बारे में भी जागरूक किया गया।1
- झारखंड के सरुखुदार गाँव में स्थानीय जनता ने मुखिया जी के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। यह विरोध गाँव की जर्जर सड़क को लेकर है, जिससे नाराज होकर लोगों ने मुखिया जी को सीधा अल्टीमेटम दिया है। जनता ने 'अबकी बार, मुखिया जी बाहर!' के नारे लगाए, साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि 'रोड नहीं तो वोट नहीं!'। इस जनाक्रोश के चलते मुखिया जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- कोडरमा की एक लड़की पर भूत का साया आने की खबर सामने आई है, जिसके बाद वह अजीबोगरीब हरकतें करने लगी है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी मौजूद है, दावा किया जा रहा है कि इसे देखकर लोग दंग रह जाएंगे।1
- झारखंड में ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बाद बस किराए में लगभग 18 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सीधा असर अब हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर दिखाई दे रहा है। बस संचालकों द्वारा किराए में की गई इस वृद्धि के चलते बड़ी संख्या में यात्री रेल यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि रेल यात्रा न केवल किफायती है बल्कि सुविधाजनक भी साबित हो रही है। उदाहरण के तौर पर, हजारीबाग से रांची तक ट्रेन का किराया जहां मात्र 65 रुपये है, वहीं बस से सफर करने पर यात्रियों को 220 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इसी तरह, बरकाकाना और कोडरमा समेत अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए भी रेलवे का किराया बस की तुलना में काफी कम है। स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि बढ़ते यात्रा खर्च के इस दौर में रेलवे आम लोगों के लिए राहत का माध्यम बनकर उभरा है। कम किराया, सुरक्षित यात्रा और समय की बचत जैसे कारणों से लोगों का झुकाव लगातार रेल सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। रेलवे स्टेशन पर बढ़ती भीड़ इस बदलते रुझान की स्पष्ट तस्वीर पेश कर रही है।1
- कोडरमा जिला योगासन टीम गुरुवार सुबह 8:30 बजे कोडरमा जंक्शन से लातेहार के नेतरहाट के लिए रवाना हुई। यह टीम 25 से 28 जून तक आयोजित होने वाली 7वीं राज्य स्तरीय योगासन खेल प्रतियोगिता में भाग लेगी। टीम में कुल 24 खिलाड़ी, 2 कोच, 1 मैनेजर और 1 टेक्निकल ऑफिशियल शामिल हैं। टीम को विदा करते समय जिला योगासन खेल संघ के अध्यक्ष आकाश सेठ ने खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कड़ी मेहनत की है और उन्हें विश्वास है कि वे पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जिले का नाम रोशन करेंगे। खिलाड़ियों में प्रतियोगिता को लेकर काफी उत्साह देखा गया। संघ के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी टीम को शुभकामनाएं दीं।1
- कोडरमा के डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र में बीती रात हाथियों ने जमकर तांडव मचाया। इस दौरान हाथियों ने कई लोगों के घरों की दीवारें तोड़ दीं, वहीं एक व्यक्ति को कुचल भी दिया।1
- बगोदर स्थित गायत्री चेतना केंद्र में गायत्री जयंती, गंगा दशहरा और युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्र में हवन-यज्ञ और पूजन कार्यक्रम हुए, जिसमें बड़ी संख्या में गायत्री परिजनों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। हवन-यज्ञ का संचालन केशव जी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मुखिया प्रतिनिधि लक्ष्मण महतो और पूर्व जिला परिषद सदस्य मनोज पांडे शामिल हुए। इस अवसर पर लक्ष्मण महतो ने गायत्री चेतना केंद्र को सोलर सिस्टम से युक्त एक जलमीनार भेंट की। वहीं, मनोज पांडे ने पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित 32 खंडों के वाङ्मय ग्रंथ केंद्र को प्रदान किए। गायत्री परिवार ने दोनों अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला महिला समन्वयक पुष्पा शक्ति, प्रखंड समन्वयक संजय चौरसिया, उप समन्वयक योगेश्वर साव, अशोक चौरसिया सहित अन्य वक्ताओं ने गायत्री जयंती, गंगा दशहरा और आचार्य श्रीराम शर्मा के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने आचार्य के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया, साथ ही महिला सशक्तिकरण और सप्तसूत्रीय आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। इस पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।1
- हजारीबाग शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। एनएच-522 के जिला मोड़ से इंद्रपुरी चौक जाने वाले मार्ग और आनंदा चौक से पानी टंकी रोड तक बने गहरे गड्ढों को भरने का काम जारी है, लेकिन इस कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को लेकर स्थानीय लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, गड्ढों में सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मानक सामग्री के बजाय निर्माण कार्यों से निकला मलबा, टूटी ईंटें, सीमेंट के टुकड़े और अन्य वेस्ट मटेरियल डाला जा रहा है। जब कार्य में लगे एक वाहन चालक से इस बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि यह काम हजारीबाग नगर निगम के निर्देशों पर किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि बरसात के मौसम में इस तरह की अस्थायी भराई ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है और कुछ ही दिनों में सड़कें फिर से गड्ढों में तब्दील हो सकती हैं। शहरवासी नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से इस मामले में स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है कि जब सड़क मरम्मत के लिए बजट और संसाधन उपलब्ध हैं, तो फिर गड्ढों की भराई में मलबे का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें नगर निगम के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।1