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रुबीना खातून की मौत का सच क्या है? पुलिस जांच में बड़ा खुलासा! बसंतराय में सनसनी! कैथपुरा गांव में महिला की संदिग्ध मौत | Suicide या Murder? 😱 कैथपुरा गांव में महिला की रहस्यमयी मौत | सुसाइड या साजिश? पूरी खबर 🚔 गोड्डा में बड़ा मामला! महिला की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

4 hrs ago
user_M M APNA BHARAT
M M APNA BHARAT
Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
4 hrs ago

रुबीना खातून की मौत का सच क्या है? पुलिस जांच में बड़ा खुलासा! बसंतराय में सनसनी! कैथपुरा गांव में महिला की संदिग्ध मौत | Suicide या Murder? 😱 कैथपुरा गांव में महिला की रहस्यमयी मौत | सुसाइड या साजिश? पूरी खबर 🚔 गोड्डा में बड़ा मामला! महिला की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

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  • रिपोर्ट --शंभु कुमार गोस्वामी भागलपुर भागलपुर विश्व मजदूर दिवस है, यह दिन दुनियाभर के मजदूरों की एकता, उनके अधिकारों और सम्मान के लिए समर्पित माना जाता है। इस अवसर पर अधिकांश सरकारी दफ्तरों से लेकर निजी संस्थानों तक छुट्टी रहती है। सभी कर्मचारी—चाहे उनकी तनख्वाह पचास हजार हो या डेढ़-दो लाख रुपये—इस दिन अवकाश का लाभ उठाते हैं, क्योंकि उन्हें “मजदूर” की श्रेणी में देखा जाता है लेकिन इसी तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है, जो व्यवस्था की विडंबना को उजागर करता है आंगनबाड़ी केंद्र, जो समाज के सबसे निचले स्तर तक सेवा पहुंचाने का काम करते हैं, आज भी खुले रहते हैं यहां काम करने वाली सेविकाओं को मात्र नौ हजार रुपये और सहायिकाओं को साढ़े चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है इसके बावजूद उन्हें मजदूर नहीं माना जाता, कम से कम व्यवहारिक रूप से तो नहीं यह विरोधाभास चौंकाने वाला है कि एक ही विभाग आईसीडीएस के अंतर्गत कार्यरत अधिकारी, जैसे निदेशक, डीपीओ, सीडीपीओ और पर्यवेक्षिका, मजदूर दिवस पर अवकाश पाते हैं, जबकि उन्हीं के अधीन कार्य करने वाली सेविका और सहायिका को काम करना पड़ता है सवाल उठता है कि क्या कम वेतन पाने वाले और जमीनी स्तर पर काम करने वाले ये कर्मी मजदूर की श्रेणी में नहीं आते मजदूर दिवस का वास्तविक उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके योगदान को सम्मान देना है ऐसे में आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ यह भेदभाव न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है समय आ गया है कि इस असमानता पर गंभीरता से विचार किया जाए और आंगनबाड़ी कर्मियों को भी उनका उचित अधिकार और सम्मान दिया जाए तभी मजदूर दिवस की सार्थकता पूरी तरह सिद्ध हो सकेगी
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    रिपोर्ट --शंभु कुमार गोस्वामी भागलपुर 
भागलपुर विश्व मजदूर दिवस है, यह दिन दुनियाभर के मजदूरों की एकता, उनके अधिकारों और सम्मान के लिए समर्पित माना जाता है। इस अवसर पर अधिकांश सरकारी दफ्तरों से लेकर निजी संस्थानों तक छुट्टी रहती है। सभी कर्मचारी—चाहे उनकी तनख्वाह पचास हजार हो या डेढ़-दो लाख रुपये—इस दिन अवकाश का लाभ उठाते हैं, क्योंकि उन्हें “मजदूर” की श्रेणी में देखा जाता है लेकिन इसी तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है, जो व्यवस्था की विडंबना को उजागर करता है आंगनबाड़ी केंद्र, जो समाज के सबसे निचले स्तर तक सेवा पहुंचाने का काम करते हैं, आज भी खुले रहते हैं यहां काम करने वाली सेविकाओं को मात्र नौ हजार रुपये और सहायिकाओं को साढ़े चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है इसके बावजूद उन्हें मजदूर नहीं माना जाता, कम से कम व्यवहारिक रूप से तो नहीं यह विरोधाभास चौंकाने वाला है कि एक ही विभाग आईसीडीएस के अंतर्गत कार्यरत अधिकारी, जैसे निदेशक, डीपीओ, सीडीपीओ और पर्यवेक्षिका, मजदूर दिवस पर अवकाश पाते हैं, जबकि उन्हीं के अधीन कार्य करने वाली सेविका और सहायिका को काम करना पड़ता है सवाल उठता है कि क्या कम वेतन पाने वाले और जमीनी स्तर पर काम करने वाले ये कर्मी मजदूर की श्रेणी में नहीं आते मजदूर दिवस का वास्तविक उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके योगदान को सम्मान देना है ऐसे में आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ यह भेदभाव न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है समय आ गया है कि इस असमानता पर गंभीरता से विचार किया जाए और आंगनबाड़ी कर्मियों को भी उनका उचित अधिकार और सम्मान दिया जाए तभी मजदूर दिवस की सार्थकता पूरी तरह सिद्ध हो सकेगी
    user_NETWORK BHARAT MEDIA
    NETWORK BHARAT MEDIA
    Local News Reporter सबौर, भागलपुर, बिहार•
    51 min ago
  • बसंतराय में सनसनी! कैथपुरा गांव में महिला की संदिग्ध मौत | Suicide या Murder? 😱 कैथपुरा गांव में महिला की रहस्यमयी मौत | सुसाइड या साजिश? पूरी खबर 🚔 गोड्डा में बड़ा मामला! महिला की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
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    बसंतराय में सनसनी! कैथपुरा गांव में महिला की संदिग्ध मौत | Suicide या Murder?
😱 कैथपुरा गांव में महिला की रहस्यमयी मौत | सुसाइड या साजिश? पूरी खबर
🚔 गोड्डा में बड़ा मामला! महिला की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
    user_M M APNA BHARAT
    M M APNA BHARAT
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Raj Ranjeet
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    Post by Raj Ranjeet
    user_Raj Ranjeet
    Raj Ranjeet
    Gopalpur, Bhagalpur•
    7 hrs ago
  • नवगछिया भागलपुर को जोड़ने वाली विक्रमशिला सेतु पुल का एक हिस्सा रात 1:00 लगभग बीच का एक स्लैब टूटकर नदी में समा गया मरम्मत सही समय पर नहीं होने के कारण यह घटना बताई जा रही है
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    नवगछिया भागलपुर को जोड़ने वाली विक्रमशिला सेतु पुल का एक हिस्सा रात 1:00 लगभग बीच का एक स्लैब टूटकर नदी में समा गया मरम्मत सही समय पर नहीं होने के कारण यह घटना बताई जा रही है
    user_Explore Naugachia
    Explore Naugachia
    Content Creator (YouTuber) नवगछिया, भागलपुर, बिहार•
    7 hrs ago
  • नवगछिया प्रशासन के द्वारा अलर्ट जारी
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    नवगछिया प्रशासन के द्वारा अलर्ट जारी
    user_Shubham Kumar
    Shubham Kumar
    Bihpur, Bhagalpur•
    8 hrs ago
  • Post by Mahesh kumar
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    Post by Mahesh kumar
    user_Mahesh kumar
    Mahesh kumar
    Court reporter जगदीशपुर, भागलपुर, बिहार•
    8 hrs ago
  • Post by Amit kumar
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    Post by Amit kumar
    user_Amit kumar
    Amit kumar
    Artist नारायणपुर, भागलपुर, बिहार•
    10 hrs ago
  • लकड़मरा पंचायत के ग्रामीणों ने मुखिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में जो भी विकास कार्य दिखाए जा रहे हैं, वो सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों, नालों और अन्य योजनाओं के नाम पर पैसे खर्च तो दिखाए गए हैं, लेकिन ज़मीन पर उसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है।
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    लकड़मरा पंचायत के ग्रामीणों ने मुखिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में जो भी विकास कार्य दिखाए जा रहे हैं, वो सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों, नालों और अन्य योजनाओं के नाम पर पैसे खर्च तो दिखाए गए हैं, लेकिन ज़मीन पर उसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है।
    user_M M APNA BHARAT
    M M APNA BHARAT
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    9 hrs ago
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