महुआडांड़ के शास्त्री चौक से पेट्रोल पंप तक नाली की सफाई और मरम्मत के लिए स्वीकृत ₹2.50 लाख की योजना अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का सबब बन गई है। करीब चार महीने पहले शुरू हुआ यह कार्य बीच में ही ठप पड़ गया है, जिसके कारण सड़क किनारे की नालियां खुली और क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक ने काम को अधूरा ही छोड़कर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ा दिया है। खुली हुई ये नालियां अब 'मौत का जाल' बन चुकी हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के अनुसार, कई जगहों पर पुराने स्लैब हटा दिए गए हैं और नालियां 3 से 4 फीट गहरे गड्ढों के रूप में खुली पड़ी हैं। आए दिन स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और शाम तथा रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। इसके साथ ही, अधूरी मरम्मत और जाम नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुकानों के सामने जल-जमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, और लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाएगी, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा। नालियों में जमा इस गंदे पानी और बढ़ती गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय नागरिक डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि अधूरे पड़े कार्य को अविलंब पूरा कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की जांच के बाद ही किसी प्रकार का भुगतान किया जाए। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महुआडांड़ के शास्त्री चौक से पेट्रोल पंप तक नाली की सफाई और मरम्मत के लिए स्वीकृत ₹2.50 लाख की योजना अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का सबब बन गई है। करीब चार महीने पहले शुरू हुआ यह कार्य बीच में ही ठप पड़ गया है, जिसके कारण सड़क किनारे की नालियां खुली और क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक ने काम को अधूरा ही छोड़कर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ा दिया है। खुली हुई ये नालियां अब 'मौत का जाल' बन चुकी हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के अनुसार, कई जगहों पर पुराने स्लैब हटा दिए गए हैं और नालियां 3 से 4
फीट गहरे गड्ढों के रूप में खुली पड़ी हैं। आए दिन स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और शाम तथा रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। इसके साथ ही, अधूरी मरम्मत और जाम नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुकानों के सामने जल-जमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, और लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाएगी, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा। नालियों में जमा इस गंदे पानी और बढ़ती गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे
स्थानीय नागरिक डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि अधूरे पड़े कार्य को अविलंब पूरा कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की जांच के बाद ही किसी प्रकार का भुगतान किया जाए। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- माहेश्वरी युवा संगठन के तत्वावधान में आज बैडमिंटन टूर्नामेंट का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस प्रतियोगिता में मेंस सिंगल्स, विमेंस सिंगल्स, मेंस डबल्स, मिक्स्ड डबल्स और किड्स कैटेगरी में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता में समाज के बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को खेलों के माध्यम से एकजुट करना, आपसी भाईचारा बढ़ाना और एक स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान "जन गण मन" के साथ किया गया। उद्घाटन समारोह में माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष श्री पदम जी साबू, माहेश्वरी महिला समिति की अध्यक्षा श्री नीता जी मलानी, कन्वेनर मुकेश जी मलानी, श्वेता जी मलानी, कविता जी साबू, चिराग जी साबू, तथा माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष मुकेश जी मलानी सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना, अनुशासन और एकता के महत्व पर प्रकाश डाला। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों और दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। माहेश्वरी युवा संगठन ने सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों और समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। संगठन ने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे खेल एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, जिससे समाज में एकता, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को और अधिक मजबूती मिले।1
- ग्रामीणों ने गलत तरीके से हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। निर्माण की विधि में त्रुटियों के कारण ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए काम बंद करवाया।1
- लातेहार जिला प्रशासन ने आम जनमानस को नशे के विरुद्ध जागरूक करने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावित राज्यव्यापी निषिद्ध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत कमर कस ली है। इसी कड़ी में, 10 जून को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को रवाना किया गया। उपायुक्त श्री संदीप कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री कुमार गौरव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस रथ को रवाना किया, जिसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर हुई। यह अभियान 10 से 25 जून तक चलेगा। जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा निकाला गया यह रथ जिले के सभी प्रखंडों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताएगा। समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ने पदाधिकारियों और सहकर्मियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। अभियान के दौरान ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, चित्रांकन, कविता लेखन और क्विज प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने इस दौरान जोर दिया कि नशा सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी नष्ट करता है, जिससे ग्रसित बच्चों और नागरिकों में कई मानसिक-शारीरिक लक्षण दिखते हैं। उपायुक्त ने लातेहार वासियों से अपील की कि नशा परिवार और समाज को खोखला करता है, और इसे जड़ से खत्म करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे से छुटकारे के लिए तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर 24x7 संपर्क करने का आह्वान किया। साथ ही, सिनपास रांची, केंद्रीय मनो चिकित्सा संस्थान रांची और एम्स देवघर में इलाज की सुविधाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी, सिविल सर्जन राजमोहन खलखो, एसडीओ दिनेश कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित भाजपा कार्यालय के ठीक पीछे रहने वाले 45 परिवारों के सिर पर अपने आशियाने के छिन जाने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद बलरामपुर के वार्ड नंबर 3, जुड़ानियापारा के निवासियों में हड़कंप मच गया है, जहाँ तहसीलदार द्वारा इन 45 घरों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। अचानक बेघर होने के इस डर से परेशान ग्रामीण मदद के लिए कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरिहर यादव के पास पहुँचे। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए, हरिहर यादव उनके साथ तुरंत कलेक्टर कार्यालय पहुँचे और कलेक्टर से मुलाकात कर उनकी पीड़ा साझा की। कांग्रेस अध्यक्ष ने मानवीय आधार पर कलेक्टर से गुहार लगाई और इन गरीब परिवारों के लिए समय की मांग की। इस पहल के बाद, कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए ग्रामीणों को बड़ी राहत दी और साफ तौर पर आश्वासन दिया कि अगले 4 महीने तक इन मकानों पर कोई बुलडोजर नहीं चलेगा और किसी को बेघर नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद जुड़ानियापारा के लोगों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। हालाँकि, यह बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरिहर यादव इस 4 महीने की मोहलत के दौरान इन 45 गरीब परिवारों को हमेशा के लिए बेघर होने से बचाने में कामयाब हो पाएँगे। यह देखने वाली बात होगी कि क्या विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस इन परिवारों को उनका हक और स्थाई आशियाना दिला पाएगी, जिसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।1
- लातेहार जिले की पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायत के प्रभावित ग्रामीणों ने मंगलवार को मजदूर सहयोग समिति के बैनर तले एक बैठक की। इस बैठक में विधायक प्रकाश राम ने हिंडालको बॉक्साइट साइडिंग और डीवीसी की प्रस्तावित कोयला साइडिंग परियोजनाओं का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको कंपनी पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का निरंतर दोहन कर रही है, लेकिन स्थानीय निवासियों को अपेक्षित सुविधाएं और विकास का लाभ नहीं मिल पाया है। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक नई परियोजनाओं को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कोयला और बॉक्साइट का परिवहन पूरी तरह से रोक दिया जाएगा, चक्का जाम किया जाएगा और एक उग्र जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस बैठक में शिव चरण सिंह, उमाकांत प्रसाद, राजदेव प्रसाद, पिंकू प्रसाद, सुमन सिंह, अपीश प्रसाद, उमेश सिंह, पूनम देवी, राहुल कुमार, यूगेश्वर उरांव, बीरेंद्र उरांव, गुडस प्रसाद, देवेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।1
- गुमला जिले के भरनो प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर, पुलिस प्रशासन और सड़क सुरक्षा समिति भरनो ने मिलकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान बुधवार की शाम को एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग स्थित कुसुम्बाहा बाजार के पास आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों में कमी लाना था। अभियान में गुमला एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, भरनो थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, प्रखंड प्रमुख पारसनाथ उरांव सहित सड़क सुरक्षा समिति के कई सदस्य शामिल हुए। इस दौरान, सड़क पर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में चल रहे वाहनों को रोका गया और उनके चालकों को यातायात नियमों का उल्लंघन न करने की हिदायत दी गई। वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई। पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से गलत दिशा से वाहन चलाने वाले, बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले, ट्रिपल राइड करने वाले तथा तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों को रोककर समझाया। उन्हें यह भी बताया गया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, और उनसे यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की गई। इस अवसर पर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने जोर देकर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशा करके कभी भी वाहन नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने बाइक चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग अपनी सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक बताया, यह कहते हुए कि जीवन अनमोल है और थोड़ी सी सावधानी से कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। अभियान के दौरान, बाजार क्षेत्र में हड़िया और महुवा शराब बेचने एवं सेवन करने वालों को भी जागरूक किया गया। पुलिस ने शराब बेचने वाली महिलाओं से बातचीत की और उन्हें राज्य सरकार की फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उनसे भविष्य में हड़िया और महुवा शराब का निर्माण और बिक्री न करने की अपील की गई। सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों ने भी ग्रामीणों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने शराब का सेवन कर वाहन नहीं चलाने की अपील करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है, और सभी के नियमों का पालन करने पर ही दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। इस जागरूकता अभियान के दौरान, उपस्थित लोगों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प भी लिया। इस अभियान में सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य हरिशंकर शाही, जहांगीर आलम, चंद्रमोहन महतो, अजहर अली, पड़हा राजा मुकेश उरांव, जुगल उरांव, पंचायत समिति सदस्य बिरसा उरांव, कैलाश गोप, मधु गोप, संजय बड़ाइक, अफजल सहित समिति के अन्य सदस्य और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।1
- झारखंड की राजधानी रांची में कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित गंभीर विसंगतियों और अधूरी जानकारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि राज्यसभा चुनाव में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और जवाबदेही पर निर्भर करती है। उन्होंने घोषणा की कि सत्य, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनकी यह लोकतांत्रिक लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कांग्रेस ने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है।1
- झारखंड में कोयला खदानों का काम दिन-रात लगातार चल रहा है, जिसके कारण रात भर मशीनों की तेज आवाजें गूंजती रहती हैं और कोयला निकाला जा रहा है। इस निरंतर गतिविधि के चलते, आसपास के ग्रामीणों की नींद और सुकून पूरी तरह छिन गया है। खदानों का पहिया बिना रुके घूमता रहता है, लेकिन इसके साथ ही इन ग्रामीणों की परेशानियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।2
- टुबेड कोल माइंस से लगातार उड़ती धूल ने स्थानीय आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सड़क से गुजरने वाले राहगीर, स्कूली बच्चे और ग्रामीण रोज़ाना धूल के गुबार से जूझने को मजबूर हैं। लोगों को हर दिन धूल में सफर करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। यह बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है, लेकिन स्थिति के लिए जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर अब भी चुप्पी साधे हुए हैं। लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उन्हें इस परेशानी से राहत कब मिलेगी।1