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ग्रामीणों ने गलत तरीके से हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। निर्माण की विधि में त्रुटियों के कारण ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए काम बंद करवाया।
AAM JANATA
ग्रामीणों ने गलत तरीके से हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। निर्माण की विधि में त्रुटियों के कारण ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए काम बंद करवाया।
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- रांची जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के विभिन्न अंचलों और प्रखंडों में एक साथ जनता दरबार का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का त्वरित निपटान कर नागरिकों को आवश्यक प्रमाण-पत्र तथा राजस्व संबंधी सेवाओं की सुविधा तत्काल प्रदान करना था। प्रशासन द्वारा दिए गए ब्यौरे के अनुसार, रातू अंचल में कुल 151 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इनमें 11 दाखिल-खारिज, 1 एलआरडीसी अपील वाद, 9 ऑनलाइन सुधार, 9 जाति प्रमाण-पत्र, 41 आवासीय प्रमाण-पत्र, 7 आय प्रमाण-पत्र, 4 पारिवारिक सूची, 1 भू-धारण प्रमाण-पत्र, 1 नकल, 12 जन्म प्रमाण-पत्र, 14 मृत्यु प्रमाण-पत्र, 15 सर्वजन पेंशन और 3 विविध प्रमाण-पत्र शामिल थे। प्रशासन ने नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए रद्द या संपादित मामलों का भी शीघ्र निपटान करने पर जोर दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार के माध्यम से कानून और शासन की प्रक्रियाओं को जनता के निकट लाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दस्तावेजों के अभाव या लंबित मामलों से जुड़ी परेशानियों को कम करना है। भविष्य में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाने की उम्मीद है, ताकि जनता को सतर्क और सुलभ सरकारी सेवाएँ लगातार मिल सकें।1
- गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र के कोनबीर में अवैध रूप से बालू की निकासी करते हुए चार ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य ट्रैक्टर को चालान नहीं दिखाने के कारण जब्त किया गया। यह कार्रवाई बसिया अंचलाधिकारी द्वारा कोनबीर स्थित दक्षिणी कोयल नदी के खनन स्थल से की गई। इस संबंध में अंचलाधिकारी नरेश कुमार मुंडा ने बताया कि जब्त किए गए चार ट्रैक्टर अवैध तरीके से बालू का उत्खनन कर उसका परिवहन कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोनबीर में बालू उत्खनन के लिए विभाग द्वारा निर्धारित और चिह्नित स्थान मौजूद हैं। पाँचवें ट्रैक्टर के चालान को संदिग्ध मानते हुए उसकी जांच की जा रही है। सभी जब्त ट्रैक्टरों को बसिया थाना को सौंप दिया गया है, और आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन पदाधिकारी को पत्राचार किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- मानवता की मिसाल पेश करते हुए आजसू पार्टी के मनिका प्रखंड अध्यक्ष श्री नंदन कुमार ने एक मानसिक रूप से अस्वस्थ और असहाय व्यक्ति के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), मनिका को एक पत्र लिखकर सहायता की मांग की है। यह व्यक्ति मनिका प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एयरटेल टावर के समीप नाली के किनारे लगभग एक साल से रह रहा है। नंदन कुमार ने अपने पत्र में बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह व्यक्ति दिनभर इधर-उधर भटकता रहता है और नालियों व आसपास कचरा बिखेरता है। वह शारीरिक रूप से कमजोर और दयनीय स्थिति में अपना जीवन बिता रहा है, जिससे उसकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय गरिमा पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने BDO से मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए इस व्यक्ति की पहचान कराने, चिकित्सीय जांच व उपचार की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, नंदन कुमार ने परिजनों का पता लगाकर उसे सुरक्षित घर तक पहुंचाने या उसके लिए उचित पुनर्वास की व्यवस्था करने की भी मांग की है। उनका मानना है कि इस पहल से एक असहाय व्यक्ति को नया जीवन मिल सकेगा, जिसके लिए समस्त क्षेत्रवासी आभारी रहेंगे। स्थानीय लोग नंदन कुमार के इस कदम को "देवदूत" जैसी पहल बता रहे हैं।1
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) श्रुति अग्रवाल ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। एसडीपीओ कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी जानकारी के अनुसार, अब हर मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एसडीपीओ स्वयं चैनपुर थाना परिसर स्थित सर्किल इंस्पेक्टर कार्यालय में उपस्थित रहेंगी। इस दौरान वे आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनेंगी, जिससे जनता को अपनी बात रखने और मुद्दों के समाधान में सुविधा मिलेगी।1
- अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके मद्देनजर मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किए हैं। 10 जून को, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर, राज्य के अधिकांश जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 11 जून को मौसम के और अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और राॅंची जिलों के लिए गर्जन के साथ वज्रपात तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राॅंची और आसपास के क्षेत्रों में 10 और 11 जून को मेघ गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है, जिसमें 11 जून को तेज हवाओं के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, 12 और 13 जून को भी बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।1
- लातेहार जिला प्रशासन ने आम जनमानस को नशे के विरुद्ध जागरूक करने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावित राज्यव्यापी निषिद्ध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत कमर कस ली है। इसी कड़ी में, 10 जून को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को रवाना किया गया। उपायुक्त श्री संदीप कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री कुमार गौरव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस रथ को रवाना किया, जिसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर हुई। यह अभियान 10 से 25 जून तक चलेगा। जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा निकाला गया यह रथ जिले के सभी प्रखंडों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताएगा। समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ने पदाधिकारियों और सहकर्मियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। अभियान के दौरान ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, चित्रांकन, कविता लेखन और क्विज प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने इस दौरान जोर दिया कि नशा सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी नष्ट करता है, जिससे ग्रसित बच्चों और नागरिकों में कई मानसिक-शारीरिक लक्षण दिखते हैं। उपायुक्त ने लातेहार वासियों से अपील की कि नशा परिवार और समाज को खोखला करता है, और इसे जड़ से खत्म करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे से छुटकारे के लिए तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर 24x7 संपर्क करने का आह्वान किया। साथ ही, सिनपास रांची, केंद्रीय मनो चिकित्सा संस्थान रांची और एम्स देवघर में इलाज की सुविधाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी, सिविल सर्जन राजमोहन खलखो, एसडीओ दिनेश कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- आज बुधवार को गुमला के विकास भवन स्थित जिला परिषद कार्यालय सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सामान्य बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला परिषद कार्यपालक पदाधिकारी ललन कुमार रजक, जिला परिषद कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, विद्युत आपूर्ति पदाधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, अभियंता, जिला परिषद सदस्य और जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसमें सर्वप्रथम 09 मार्च 2026 को हुई पिछली सामान्य बैठक की कार्यवाही को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही, पिछली बैठक में विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया गया। इसमें जिला गव्य विकास, जिला पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जलपथ प्रमण्डल, विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा शामिल थी। वित्तीय मामलों पर विचार करते हुए सदन ने मार्च 2026 से मई 2026 तक किए गए राजस्व मद के व्यय को मंजूरी दी। 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनाबद्ध मद में ली गई योजनाओं की प्रगति और वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत कुछ योजनाओं के स्थल या योजना परिवर्तन की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, गुमला जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सैरातों और बाजार-हाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित जिला परिषद सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन के समक्ष रखा। बैठक में पशुपालन, कृषि, जिला सहकारिता, जिला आपूर्ति, जिला उद्योग केंद्र, पेयजल एवं स्वच्छता, जिला स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला समाज कल्याण, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण, विद्युत आपूर्ति, लघु सिंचाई प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की वास्तविक स्थिति, तकनीकी बाधाओं और उनके निवारण हेतु बनाई गई आगामी योजनाओं से अध्यक्ष व सदन को अवगत कराया। जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आज की बैठक में तय किए गए प्रस्तावों और योजनाओं का क्रियान्वयन अगली बैठक से पहले निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।2
- महुआडांड़ के शास्त्री चौक से पेट्रोल पंप तक नाली की सफाई और मरम्मत के लिए स्वीकृत ₹2.50 लाख की योजना अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का सबब बन गई है। करीब चार महीने पहले शुरू हुआ यह कार्य बीच में ही ठप पड़ गया है, जिसके कारण सड़क किनारे की नालियां खुली और क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक ने काम को अधूरा ही छोड़कर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ा दिया है। खुली हुई ये नालियां अब 'मौत का जाल' बन चुकी हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के अनुसार, कई जगहों पर पुराने स्लैब हटा दिए गए हैं और नालियां 3 से 4 फीट गहरे गड्ढों के रूप में खुली पड़ी हैं। आए दिन स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और शाम तथा रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। इसके साथ ही, अधूरी मरम्मत और जाम नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुकानों के सामने जल-जमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, और लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाएगी, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा। नालियों में जमा इस गंदे पानी और बढ़ती गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय नागरिक डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि अधूरे पड़े कार्य को अविलंब पूरा कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की जांच के बाद ही किसी प्रकार का भुगतान किया जाए। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।3