अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।
अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।
- अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- झारखंड के हजारीबाग में, शहर के पुराने समाहरणालय परिसर में स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी के मंदिर में संध्या आरती का आयोजन किया गया, जिसका भक्तों ने दर्शन लाभ लिया। यह धार्मिक आयोजन हनुमान जी की महिमा को समर्पित था।1
- हजारीबाग जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उपायुक्त के स्पष्ट निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे, उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में एक छापामारी की, जिसके परिणामस्वरूप गांव में स्थित एक मुर्गी फार्म में चल रही एक अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। इस छापामारी के दौरान, उत्पाद विभाग ने विभिन्न ब्रांडों की नकली विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, होलोग्राम, तैयार रंगीन शराब, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन और भारी संख्या में खाली बोतलें बरामद की हैं। मौके से लगभग 180 लीटर अवैध विदेशी शराब और 105 लीटर स्पिरिट जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी बरामद हुई है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, और सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- आज झारखंड विधानसभा परिसर में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस के मंत्री, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में मौजूद थे। इनके ठीक सामने, भाजपा के केवल चार कार्यकर्ता मजबूती से डटे रहे। इन चार भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभावी ढंग से अपने पक्ष को रखते हुए लोकतांत्रिक संघर्ष का परिचय दिया।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को बेहद कम समय में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना में शामिल बिहार के दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह मामला 8 जून, 2026 का है, जब हजारीबाग के लोहसिंघना थाना अंतर्गत ओकनी निवासी विक्की कुमार सोनी अपने दोस्त के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान करसो पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हुआ और SIT टीम का गठन किया। टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग करते हुए जांच की और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर दो आरोपियों, विक्रम कुमार (25 वर्ष, निवासी नारदीगंज, जिला नवादा, बिहार) और दिलीप कुमार (25 वर्ष, निवासी चंदा खुर्द, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (नंबर JH02AE-0232) भी बरामद की है। पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दिलीप कुमार गया जिले में उत्पाद अधिनियम और जानलेवा हमले (धारा 307 एवं आर्म्स एक्ट) के मामलों में नामजद है, जबकि विक्रम कुमार नवादा में मारपीट, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाले छापामारी दल में बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता सहित बरही थाने का सशस्त्र बल और हजारीबाग की तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे।2
- हजारीबाग के बरही स्थित करसो पुल के पास विक्की कुमार सोनी की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार से सटे झारखंड के सीमावर्ती इलाके अंतर-राज्यीय अपराधियों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बनते जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस गंभीर वारदात के महज़ 48 घंटे के भीतर हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा और बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के दो पेशेवर शूटरों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया, जिससे जिला पुलिस की साख मजबूत हुई है। हालांकि, 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि हत्या के बाद अपराधियों का मृतक की कार लेकर इतनी आसानी से घटनास्थल से फरार हो जाना हमारी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) गश्त प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और पेशेवर शूटरों के हौसले पस्त करने के लिए बरही और कोडरमा को जोड़ने वाली सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का हमेशा सक्रिय रहना और रात-दिन सघन चेकिंग अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।1
- विक्की सोनी हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया है। इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। 8 जून 2026 को करसो पुल के पास हजारीबाग निवासी विक्की कुमार सोनी, जो अपने दोस्त के साथ हजारीबाग से कोडरमा जा रहे थे, उन्हें अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक विक्की कुमार सोनी, लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी निवासी स्वर्गीय देवनंदन प्रसाद के पुत्र थे। इस जघन्य हत्याकांड के सफल उदभेदन के लिए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT टीम ने मामले की गहनता से जांच और तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप घटना को अंजाम देने में शामिल दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज निवासी विक्रम कुमार (पिता विजय साव) और गया जिले के वजीरगंज निवासी दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष, पिता केसर चौधरी) के रूप में हुई है। इन दोनों ने न केवल इस हत्या की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पूर्व में हुई कई लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और मृतक जिस कार से यात्रा कर रहे थे, उस कार को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की विधिसंवत कार्रवाई की जा रही है।1