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झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को बेहद कम समय में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना में शामिल बिहार के दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह मामला 8 जून, 2026 का है, जब हजारीबाग के लोहसिंघना थाना अंतर्गत ओकनी निवासी विक्की कुमार सोनी अपने दोस्त के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान करसो पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हुआ और SIT टीम का गठन किया। टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग करते हुए जांच की और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर दो आरोपियों, विक्रम कुमार (25 वर्ष, निवासी नारदीगंज, जिला नवादा, बिहार) और दिलीप कुमार (25 वर्ष, निवासी चंदा खुर्द, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (नंबर JH02AE-0232) भी बरामद की है। पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दिलीप कुमार गया जिले में उत्पाद अधिनियम और जानलेवा हमले (धारा 307 एवं आर्म्स एक्ट) के मामलों में नामजद है, जबकि विक्रम कुमार नवादा में मारपीट, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाले छापामारी दल में बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता सहित बरही थाने का सशस्त्र बल और हजारीबाग की तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे।

8 hrs ago
user_Arif Khan (Journalist)khabar36
Arif Khan (Journalist)khabar36
Classified ads newspaper publisher हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
8 hrs ago

झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को बेहद कम समय में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना में शामिल बिहार के दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह मामला 8 जून, 2026 का है, जब हजारीबाग के लोहसिंघना थाना अंतर्गत ओकनी निवासी विक्की कुमार सोनी अपने दोस्त के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान करसो पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हुआ और SIT टीम का गठन किया। टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग करते हुए जांच की और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर दो आरोपियों, विक्रम कुमार (25 वर्ष, निवासी नारदीगंज, जिला नवादा,

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बिहार) और दिलीप कुमार (25 वर्ष, निवासी चंदा खुर्द, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (नंबर JH02AE-0232) भी बरामद की है। पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दिलीप कुमार गया जिले में उत्पाद अधिनियम और जानलेवा हमले (धारा 307 एवं आर्म्स एक्ट) के मामलों में नामजद है, जबकि विक्रम कुमार नवादा में मारपीट, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाले छापामारी दल में बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता सहित बरही थाने का सशस्त्र बल और हजारीबाग की तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे।

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  • झारखंड के हजारीबाग में, शहर के पुराने समाहरणालय परिसर में स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी के मंदिर में संध्या आरती का आयोजन किया गया, जिसका भक्तों ने दर्शन लाभ लिया। यह धार्मिक आयोजन हनुमान जी की महिमा को समर्पित था।
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    झारखंड के हजारीबाग में, शहर के पुराने समाहरणालय परिसर में स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी के मंदिर में संध्या आरती का आयोजन किया गया, जिसका भक्तों ने दर्शन लाभ लिया। यह धार्मिक आयोजन हनुमान जी की महिमा को समर्पित था।
    user_चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    Voice of people हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    4 hrs ago
  • हजारीबाग जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उपायुक्त के स्पष्ट निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे, उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में एक छापामारी की, जिसके परिणामस्वरूप गांव में स्थित एक मुर्गी फार्म में चल रही एक अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। इस छापामारी के दौरान, उत्पाद विभाग ने विभिन्न ब्रांडों की नकली विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, होलोग्राम, तैयार रंगीन शराब, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन और भारी संख्या में खाली बोतलें बरामद की हैं। मौके से लगभग 180 लीटर अवैध विदेशी शराब और 105 लीटर स्पिरिट जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी बरामद हुई है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, और सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    हजारीबाग जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उपायुक्त के स्पष्ट निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे, उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में एक छापामारी की, जिसके परिणामस्वरूप गांव में स्थित एक मुर्गी फार्म में चल रही एक अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ।

इस छापामारी के दौरान, उत्पाद विभाग ने विभिन्न ब्रांडों की नकली विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, होलोग्राम, तैयार रंगीन शराब, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन और भारी संख्या में खाली बोतलें बरामद की हैं। मौके से लगभग 180 लीटर अवैध विदेशी शराब और 105 लीटर स्पिरिट जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी बरामद हुई है।

मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, और सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    5 hrs ago
  • झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को बेहद कम समय में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना में शामिल बिहार के दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह मामला 8 जून, 2026 का है, जब हजारीबाग के लोहसिंघना थाना अंतर्गत ओकनी निवासी विक्की कुमार सोनी अपने दोस्त के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान करसो पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हुआ और SIT टीम का गठन किया। टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग करते हुए जांच की और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर दो आरोपियों, विक्रम कुमार (25 वर्ष, निवासी नारदीगंज, जिला नवादा, बिहार) और दिलीप कुमार (25 वर्ष, निवासी चंदा खुर्द, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (नंबर JH02AE-0232) भी बरामद की है। पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दिलीप कुमार गया जिले में उत्पाद अधिनियम और जानलेवा हमले (धारा 307 एवं आर्म्स एक्ट) के मामलों में नामजद है, जबकि विक्रम कुमार नवादा में मारपीट, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाले छापामारी दल में बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता सहित बरही थाने का सशस्त्र बल और हजारीबाग की तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे।
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    झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को बेहद कम समय में सुलझाने का दावा किया है। पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना में शामिल बिहार के दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह मामला 8 जून, 2026 का है, जब हजारीबाग के लोहसिंघना थाना अंतर्गत ओकनी निवासी विक्की कुमार सोनी अपने दोस्त के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान करसो पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी थी।

इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस महकमा तुरंत सक्रिय हुआ और SIT टीम का गठन किया। टीम ने आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग करते हुए जांच की और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर दो आरोपियों, विक्रम कुमार (25 वर्ष, निवासी नारदीगंज, जिला नवादा, बिहार) और दिलीप कुमार (25 वर्ष, निवासी चंदा खुर्द, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (नंबर JH02AE-0232) भी बरामद की है।

पकड़े गए दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। दिलीप कुमार गया जिले में उत्पाद अधिनियम और जानलेवा हमले (धारा 307 एवं आर्म्स एक्ट) के मामलों में नामजद है, जबकि विक्रम कुमार नवादा में मारपीट, दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमों का सामना कर रहा है। इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाले छापामारी दल में बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राधाप्रेम किशोर, बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता सहित बरही थाने का सशस्त्र बल और हजारीबाग की तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे।
    user_Arif Khan (Journalist)khabar36
    Arif Khan (Journalist)khabar36
    Classified ads newspaper publisher हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    8 hrs ago
  • हजारीबाग के बरही स्थित करसो पुल के पास विक्की कुमार सोनी की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार से सटे झारखंड के सीमावर्ती इलाके अंतर-राज्यीय अपराधियों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बनते जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस गंभीर वारदात के महज़ 48 घंटे के भीतर हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा और बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के दो पेशेवर शूटरों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया, जिससे जिला पुलिस की साख मजबूत हुई है। हालांकि, 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि हत्या के बाद अपराधियों का मृतक की कार लेकर इतनी आसानी से घटनास्थल से फरार हो जाना हमारी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) गश्त प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और पेशेवर शूटरों के हौसले पस्त करने के लिए बरही और कोडरमा को जोड़ने वाली सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का हमेशा सक्रिय रहना और रात-दिन सघन चेकिंग अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।
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    हजारीबाग के बरही स्थित करसो पुल के पास विक्की कुमार सोनी की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार से सटे झारखंड के सीमावर्ती इलाके अंतर-राज्यीय अपराधियों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बनते जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस गंभीर वारदात के महज़ 48 घंटे के भीतर हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा और बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के दो पेशेवर शूटरों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया, जिससे जिला पुलिस की साख मजबूत हुई है।

हालांकि, 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि हत्या के बाद अपराधियों का मृतक की कार लेकर इतनी आसानी से घटनास्थल से फरार हो जाना हमारी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) गश्त प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और पेशेवर शूटरों के हौसले पस्त करने के लिए बरही और कोडरमा को जोड़ने वाली सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का हमेशा सक्रिय रहना और रात-दिन सघन चेकिंग अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।
    user_News Prahari
    News Prahari
    हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    9 hrs ago
  • विक्की सोनी हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया है। इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
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    विक्की सोनी हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया है। इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    9 hrs ago
  • झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। 8 जून 2026 को करसो पुल के पास हजारीबाग निवासी विक्की कुमार सोनी, जो अपने दोस्त के साथ हजारीबाग से कोडरमा जा रहे थे, उन्हें अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक विक्की कुमार सोनी, लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी निवासी स्वर्गीय देवनंदन प्रसाद के पुत्र थे। इस जघन्य हत्याकांड के सफल उदभेदन के लिए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT टीम ने मामले की गहनता से जांच और तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप घटना को अंजाम देने में शामिल दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज निवासी विक्रम कुमार (पिता विजय साव) और गया जिले के वजीरगंज निवासी दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष, पिता केसर चौधरी) के रूप में हुई है। इन दोनों ने न केवल इस हत्या की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पूर्व में हुई कई लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और मृतक जिस कार से यात्रा कर रहे थे, उस कार को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की विधिसंवत कार्रवाई की जा रही है।
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    झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। 8 जून 2026 को करसो पुल के पास हजारीबाग निवासी विक्की कुमार सोनी, जो अपने दोस्त के साथ हजारीबाग से कोडरमा जा रहे थे, उन्हें अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक विक्की कुमार सोनी, लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी निवासी स्वर्गीय देवनंदन प्रसाद के पुत्र थे।

इस जघन्य हत्याकांड के सफल उदभेदन के लिए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT टीम ने मामले की गहनता से जांच और तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप घटना को अंजाम देने में शामिल दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज निवासी विक्रम कुमार (पिता विजय साव) और गया जिले के वजीरगंज निवासी दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष, पिता केसर चौधरी) के रूप में हुई है। इन दोनों ने न केवल इस हत्या की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पूर्व में हुई कई लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और मृतक जिस कार से यात्रा कर रहे थे, उस कार को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की विधिसंवत कार्रवाई की जा रही है।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    10 hrs ago
  • हजारीबाग पुलिस ने साधु का वेश धारण कर महिलाओं से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला के साथ हुई ठगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कदम उठाए और क्षितिज अस्पताल के पास एक टोटो पर सवार इन तीनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अपशगुन का डर दिखाकर महिलाओं को बहलाते थे, जिसके बाद उनसे सोने के जेवर और अन्य कीमती सामान ठग लेते थे। पुलिस ने ठगी किए गए सोने के जेवर और एक जितिया को भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मलेट्री लाठौर, अखिलेश लाठौर और तितई लाठौर के रूप में हुई है, जो बिहार के रोहतास जिले के आमछार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि कहीं जिले में इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और अजनबियों पर आसानी से भरोसा न करने की अपील की है।
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    हजारीबाग पुलिस ने साधु का वेश धारण कर महिलाओं से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला के साथ हुई ठगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कदम उठाए और क्षितिज अस्पताल के पास एक टोटो पर सवार इन तीनों आरोपियों को पकड़ा।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अपशगुन का डर दिखाकर महिलाओं को बहलाते थे, जिसके बाद उनसे सोने के जेवर और अन्य कीमती सामान ठग लेते थे। पुलिस ने ठगी किए गए सोने के जेवर और एक जितिया को भी बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मलेट्री लाठौर, अखिलेश लाठौर और तितई लाठौर के रूप में हुई है, जो बिहार के रोहतास जिले के आमछार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि कहीं जिले में इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और अजनबियों पर आसानी से भरोसा न करने की अपील की है।
    user_Nitu kumari
    Nitu kumari
    After-school programme हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    15 hrs ago
  • झारखंड में विस्थापन का मुद्दा एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है, जिसके तहत हाल ही में विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित कोनार डैम परियोजना के विस्थापित रैयतों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में इन विस्थापितों ने घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग पुनर्वास के तहत आवंटित भूमि का मालिकाना हक दिलाना है, जिसे लेकर उन्होंने उपायुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। विस्थापितों का कहना है कि उन्हें पुनर्वास तो मिला, लेकिन लगभग सात दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी जमीन का वैधानिक अधिकार नहीं मिला है। आंदोलनकारियों ने अपनी समस्याओं को बयां करते हुए बताया कि कोनार डैम परियोजना के लिए वर्ष 1946 में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था और 1952 में डैम बनकर तैयार हो गया। इसके बाद उन्हें पुनर्वास स्थल पर बसाया गया, लेकिन आवंटित भूमि का आज तक दाखिल-खारिज नहीं हुआ है और न ही उनके नाम से रसीद निर्गत की गई है। इस अभाव के कारण उन्हें पहचान का संकट झेलना पड़ रहा है, और आवासीय, जाति व आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की, क्योंकि वैध दस्तावेजों के बिना इसमें शामिल होना मुश्किल है। विस्थापितों ने आरोप लगाया कि जब भी कोई अंचल अधिकारी उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करता है, उसका तबादला कर दिया जाता है, जिससे उनके कार्यों में बाधा आती है। उन्होंने वर्तमान अंचल अधिकारी नित्यानंद दास के तबादले के प्रयास का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि कुछ बिचौलियों और कंपनी से जुड़े प्रभावशाली लोगों के हितों के कारण उन्हें जानबूझकर भूमिहीन बनाए रखा जा रहा है। विस्थापितों के अनुसार, 70 साल बाद भी मालिकाना हक न मिलना व्यवस्था की बड़ी विफलता है, और उन्हें आशंका है कि दस्तावेजों के अभाव में उनकी मूल पहचान और अधिकार दोनों संकट में पड़ सकते हैं। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा तथा न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सात दशक से अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे कोनार डैम विस्थापितों का यह आंदोलन केवल जमीन का सवाल नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और न्याय की उस लड़ाई का प्रतीक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी जारी है। इस घेराव में नवाटांड़, बनासो, गरहमुर्गी, महतोईया, बरहमोरिया, उदयपुर, नवादा, कुसुंभा, गोविंदपुर, परसाटांड़, कारीटांड़ सहित अनेक गांवों से हजारों की संख्या में रैयत-विस्थापित शामिल हुए, जिनमें सुशील महतो, माही पटेल, हीरामन महतो, चंद्रशेखर पटेल, सुरेश राम, राजू महतो, इश्तियाक अहमद, कैलाश महतो, डूमरचंद महतो, कालीचरण महतो, टेकलाल महतो, वासुराम मेहता, नेमचंद महतो, किशोर महतो, विशेश्वर महतो, पिंकी देवी, मोहिनी देवी, सीता देवी, चिंता कुमारी, बृजी देवी, चितु राम, चंचला देवी, अमित राज, नेहा कुमारी और शांति देवी जैसे लोग प्रमुख थे।
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    झारखंड में विस्थापन का मुद्दा एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है, जिसके तहत हाल ही में विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित कोनार डैम परियोजना के विस्थापित रैयतों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में इन विस्थापितों ने घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग पुनर्वास के तहत आवंटित भूमि का मालिकाना हक दिलाना है, जिसे लेकर उन्होंने उपायुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। विस्थापितों का कहना है कि उन्हें पुनर्वास तो मिला, लेकिन लगभग सात दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी जमीन का वैधानिक अधिकार नहीं मिला है।

आंदोलनकारियों ने अपनी समस्याओं को बयां करते हुए बताया कि कोनार डैम परियोजना के लिए वर्ष 1946 में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था और 1952 में डैम बनकर तैयार हो गया। इसके बाद उन्हें पुनर्वास स्थल पर बसाया गया, लेकिन आवंटित भूमि का आज तक दाखिल-खारिज नहीं हुआ है और न ही उनके नाम से रसीद निर्गत की गई है। इस अभाव के कारण उन्हें पहचान का संकट झेलना पड़ रहा है, और आवासीय, जाति व आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की, क्योंकि वैध दस्तावेजों के बिना इसमें शामिल होना मुश्किल है।

विस्थापितों ने आरोप लगाया कि जब भी कोई अंचल अधिकारी उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करता है, उसका तबादला कर दिया जाता है, जिससे उनके कार्यों में बाधा आती है। उन्होंने वर्तमान अंचल अधिकारी नित्यानंद दास के तबादले के प्रयास का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि कुछ बिचौलियों और कंपनी से जुड़े प्रभावशाली लोगों के हितों के कारण उन्हें जानबूझकर भूमिहीन बनाए रखा जा रहा है। विस्थापितों के अनुसार, 70 साल बाद भी मालिकाना हक न मिलना व्यवस्था की बड़ी विफलता है, और उन्हें आशंका है कि दस्तावेजों के अभाव में उनकी मूल पहचान और अधिकार दोनों संकट में पड़ सकते हैं।

उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा तथा न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सात दशक से अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे कोनार डैम विस्थापितों का यह आंदोलन केवल जमीन का सवाल नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और न्याय की उस लड़ाई का प्रतीक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी जारी है। इस घेराव में नवाटांड़, बनासो, गरहमुर्गी, महतोईया, बरहमोरिया, उदयपुर, नवादा, कुसुंभा, गोविंदपुर, परसाटांड़, कारीटांड़ सहित अनेक गांवों से हजारों की संख्या में रैयत-विस्थापित शामिल हुए, जिनमें सुशील महतो, माही पटेल, हीरामन महतो, चंद्रशेखर पटेल, सुरेश राम, राजू महतो, इश्तियाक अहमद, कैलाश महतो, डूमरचंद महतो, कालीचरण महतो, टेकलाल महतो, वासुराम मेहता, नेमचंद महतो, किशोर महतो, विशेश्वर महतो, पिंकी देवी, मोहिनी देवी, सीता देवी, चिंता कुमारी, बृजी देवी, चितु राम, चंचला देवी, अमित राज, नेहा कुमारी और शांति देवी जैसे लोग प्रमुख थे।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    20 hrs ago
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