हजारीबाग जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उपायुक्त के स्पष्ट निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे, उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में एक छापामारी की, जिसके परिणामस्वरूप गांव में स्थित एक मुर्गी फार्म में चल रही एक अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। इस छापामारी के दौरान, उत्पाद विभाग ने विभिन्न ब्रांडों की नकली विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, होलोग्राम, तैयार रंगीन शराब, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन और भारी संख्या में खाली बोतलें बरामद की हैं। मौके से लगभग 180 लीटर अवैध विदेशी शराब और 105 लीटर स्पिरिट जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी बरामद हुई है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, और सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
हजारीबाग जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उपायुक्त के स्पष्ट निर्देशों पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे, उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पदमा थाना क्षेत्र के दौरवा गांव में एक छापामारी की, जिसके परिणामस्वरूप गांव में स्थित एक मुर्गी फार्म में चल रही एक अवैध शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। इस छापामारी के दौरान, उत्पाद विभाग ने विभिन्न ब्रांडों की नकली विदेशी शराब, स्पिरिट, लेबल, होलोग्राम, तैयार रंगीन शराब, कैरामेल, ढक्कन, कार्टन, पंचिंग मशीन और भारी संख्या में खाली बोतलें बरामद की हैं। मौके से लगभग 180 लीटर अवैध विदेशी शराब और 105 लीटर स्पिरिट जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री भी बरामद हुई है। मामले में दौरवा गांव निवासी अशोक बाड़ा सहित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, और सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान में निरीक्षक उत्पाद सौरव कुमार झा, अवर निरीक्षक सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक सय्यद बसीरुद्दीन और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- हजारीबाग जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट का गहन निरीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला सड़क सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। निरीक्षण दल में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। इस टीम ने जिले के उन कई स्थानों का दौरा किया जहाँ अक्सर सड़क हादसे होते हैं या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जांच के दौरान, मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण पाया गया। वहीं, यूपी मोड़ पर सड़क की अधिक ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना का खतरा विशेष रूप से अधिक देखा गया। निरीक्षण के बाद, टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके और हादसों में कमी आए। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने और पंप के आसपास सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतों पर ध्यान दें और विशेषकर मोड़ तथा ढलान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन का मानना है कि लोगों में जागरूकता और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।1
- उपायुक्त श्री हेमन्त सती के निर्देश पर हज़ारीबाग़ ज़िले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से ज़िला प्रशासन और ज़िला सड़क सुरक्षा टीम ने संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट तथा दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में ज़िला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) और ज़िला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ एवं मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की अत्यधिक गति को सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण पाया गया। वहीं, दुर्घटना संभावित यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान एवं अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका अधिक पाई गई। टीम ने इन स्थलों पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। संयुक्त टीम ने एनएचएआई, रांची को निर्देश दिया कि वे चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों एवं मोड़ों पर तत्काल आवश्यक साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर तथा गति सीमा संबंधी संकेतक लगाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित पेट्रोल पंप के संचालक को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने प्रतिष्ठान के समीप एवं पहुंच मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, जिससे मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे। ज़िला प्रशासन ने आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतकों का सम्मान करें तथा मोड़ों एवं ढलान वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।3
- झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के बिशुनगढ़ में, बिहारी महतो को गरीबों का मसीहा बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा। यह घोषणा बिजली आपूर्ति की कमी से जूझ रहे स्थानीय लोगों के बीच की गई है, जहाँ बिहारी महतो उनकी आवाज़ बनकर सामने आए हैं।1
- अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- एक व्यक्ति गौ माता को तस्करों से बचाने के उद्देश्य से रात के 3 बजे अकेले ही सड़क पर खड़ा हो गया। उनका यह कदम गौ तस्करों को पकड़ने और गौ माता को उनकी गिरफ्त से बचाने के लिए था।1
- एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतों और इसकी किल्लत के बीच ग्रामीण महिलाओं के लिए गोबर गैस एक वरदान साबित हुई है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन गया है, जो उन्हें एलपीजी से जुड़ी समस्याओं से राहत प्रदान कर रहा है।1
- जननायक एवं आदिवासी समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को हजारीबाग जिला कांग्रेस कार्यालय, कृष्ण बल्लभ आश्रम में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षपूर्ण जीवन व योगदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री सह जिला कांग्रेस अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने की। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का ऐसा महानायक बताया, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आदिवासी समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था और सम्मान के प्रतीक हैं, यही कारण है कि देशभर के आदिवासी उन्हें श्रद्धा के साथ “धरती आबा” के नाम से स्मरण करते हैं। श्रद्धांजलि सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पुराना बस स्टैंड स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थल पहुंचे, जहाँ माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें” के नारों के साथ उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश कोऑर्डिनेटर बिनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणु कुशवाहा, पूर्व प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह, जिला कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष निसार खान, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत, वरिष्ठ कांग्रेसी राजू चौरसिया, दीपक गुप्ता, सुनील अग्रवाल, नरेश गुप्ता, जावेद इकबाल, विजय कुमार सिंह, सदरूल होदा, बाबर अंसारी, मुस्ताक अंसारी, माशूक अंसारी, नौशाद आलम, लाल बाबू, गिरजा शंकर, अनिल कुमार राय, तोमस आनंद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- हजारीबाग के जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में जन नायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जहाँ कांग्रेसियों द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री और जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने बिरसा मुंडा की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा भारतीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और मुंडा जनजाति के लोक नायक थे, जिन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान 19वीं शताब्दी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी (जो अब झारखंड है) में हुए एक आदिवासी धार्मिक सहस्राब्दी आंदोलन का नेतृत्व किया। इसी कारण वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए हैं, और भारत के आदिवासी उन्हें भगवान मानते हुए धरती आबा के नाम से भी जानते हैं। कार्यक्रम के पश्चात, कांग्रेसियों ने पुराना बस स्टैंड स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और “भगवान बिरसा मुंडा अमर रहे” के नारे लगाए। इस अवसर पर प्रदेश कॉर्डिनेटर बिनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणु कुशवाहा, पूर्व प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह, जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत, वरिष्ठ कांग्रेसी राजू चौरसिया, दीपक गुप्ता, सुनिल अग्रवाल, नरेश गुप्ता, जावेद इकबाल, विजय कुमार सिंह, सदरूल होदा, बाबर अंसारी, मुस्ताक अंसारी, माशूक अंसारी, नौशाद आलम, लाल बाबु, गिरजा शंकर, अनिल कुमार राय और तोमस आन्नद सहित कई अन्य कांग्रेसी उपस्थित थे।4
- एक पोस्ट में जनता को 'कॉकरोच जनता' की संज्ञा देते हुए उनकी सच्चाई पर निशाना साधा गया है। पोस्ट में कहा गया है कि वहाँ मौजूद सभी लोग अनपढ़ थे, जो किसी एक व्यक्ति की बात को बिना सोचे-समझे पीछे से दोहराते हैं, जिससे उनकी समझ और स्वतंत्र विचार की कमी उजागर होती है।1