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झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के बिशुनगढ़ में, बिहारी महतो को गरीबों का मसीहा बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा। यह घोषणा बिजली आपूर्ति की कमी से जूझ रहे स्थानीय लोगों के बीच की गई है, जहाँ बिहारी महतो उनकी आवाज़ बनकर सामने आए हैं।

2 hrs ago
user_Sach Tak Jharkhand News
Sach Tak Jharkhand News
Local News Reporter बिशुनगढ़, हजारीबाग, झारखंड•
2 hrs ago

झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के बिशुनगढ़ में, बिहारी महतो को गरीबों का मसीहा बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा। यह घोषणा बिजली आपूर्ति की कमी से जूझ रहे स्थानीय लोगों के बीच की गई है, जहाँ बिहारी महतो उनकी आवाज़ बनकर सामने आए हैं।

More news from झारखंड and nearby areas
  • झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। 8 जून 2026 को करसो पुल के पास हजारीबाग निवासी विक्की कुमार सोनी, जो अपने दोस्त के साथ हजारीबाग से कोडरमा जा रहे थे, उन्हें अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक विक्की कुमार सोनी, लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी निवासी स्वर्गीय देवनंदन प्रसाद के पुत्र थे। इस जघन्य हत्याकांड के सफल उदभेदन के लिए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT टीम ने मामले की गहनता से जांच और तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप घटना को अंजाम देने में शामिल दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज निवासी विक्रम कुमार (पिता विजय साव) और गया जिले के वजीरगंज निवासी दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष, पिता केसर चौधरी) के रूप में हुई है। इन दोनों ने न केवल इस हत्या की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पूर्व में हुई कई लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और मृतक जिस कार से यात्रा कर रहे थे, उस कार को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की विधिसंवत कार्रवाई की जा रही है।
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    झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। 8 जून 2026 को करसो पुल के पास हजारीबाग निवासी विक्की कुमार सोनी, जो अपने दोस्त के साथ हजारीबाग से कोडरमा जा रहे थे, उन्हें अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक विक्की कुमार सोनी, लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी निवासी स्वर्गीय देवनंदन प्रसाद के पुत्र थे।

इस जघन्य हत्याकांड के सफल उदभेदन के लिए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। SIT टीम ने मामले की गहनता से जांच और तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके परिणामस्वरूप घटना को अंजाम देने में शामिल दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज निवासी विक्रम कुमार (पिता विजय साव) और गया जिले के वजीरगंज निवासी दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष, पिता केसर चौधरी) के रूप में हुई है। इन दोनों ने न केवल इस हत्या की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पूर्व में हुई कई लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और मृतक जिस कार से यात्रा कर रहे थे, उस कार को भी जब्त कर लिया है। मामले में आगे की विधिसंवत कार्रवाई की जा रही है।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    11 hrs ago
  • रामप्रीत भाई हमेशा रवि भाई के समर्थन में खड़े रहते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी उनका साथ देते हैं। यह समर्थन हर हाल में बना रहता है।
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    रामप्रीत भाई हमेशा रवि भाई के समर्थन में खड़े रहते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी उनका साथ देते हैं। यह समर्थन हर हाल में बना रहता है।
    user_Aap Sun Rahe Bihar news 848205
    Aap Sun Rahe Bihar news 848205
    बेरमो, बोकारो, झारखंड•
    15 hrs ago
  • हजारीबाग पुलिस ने साधु का वेश धारण कर महिलाओं से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला के साथ हुई ठगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कदम उठाए और क्षितिज अस्पताल के पास एक टोटो पर सवार इन तीनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अपशगुन का डर दिखाकर महिलाओं को बहलाते थे, जिसके बाद उनसे सोने के जेवर और अन्य कीमती सामान ठग लेते थे। पुलिस ने ठगी किए गए सोने के जेवर और एक जितिया को भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मलेट्री लाठौर, अखिलेश लाठौर और तितई लाठौर के रूप में हुई है, जो बिहार के रोहतास जिले के आमछार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि कहीं जिले में इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और अजनबियों पर आसानी से भरोसा न करने की अपील की है।
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    हजारीबाग पुलिस ने साधु का वेश धारण कर महिलाओं से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला के साथ हुई ठगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कदम उठाए और क्षितिज अस्पताल के पास एक टोटो पर सवार इन तीनों आरोपियों को पकड़ा।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अपशगुन का डर दिखाकर महिलाओं को बहलाते थे, जिसके बाद उनसे सोने के जेवर और अन्य कीमती सामान ठग लेते थे। पुलिस ने ठगी किए गए सोने के जेवर और एक जितिया को भी बरामद कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मलेट्री लाठौर, अखिलेश लाठौर और तितई लाठौर के रूप में हुई है, जो बिहार के रोहतास जिले के आमछार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि कहीं जिले में इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और अजनबियों पर आसानी से भरोसा न करने की अपील की है।
    user_Nitu kumari
    Nitu kumari
    After-school programme हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    16 hrs ago
  • झारखंड में विस्थापन का मुद्दा एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है, जिसके तहत हाल ही में विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित कोनार डैम परियोजना के विस्थापित रैयतों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में इन विस्थापितों ने घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग पुनर्वास के तहत आवंटित भूमि का मालिकाना हक दिलाना है, जिसे लेकर उन्होंने उपायुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। विस्थापितों का कहना है कि उन्हें पुनर्वास तो मिला, लेकिन लगभग सात दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी जमीन का वैधानिक अधिकार नहीं मिला है। आंदोलनकारियों ने अपनी समस्याओं को बयां करते हुए बताया कि कोनार डैम परियोजना के लिए वर्ष 1946 में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था और 1952 में डैम बनकर तैयार हो गया। इसके बाद उन्हें पुनर्वास स्थल पर बसाया गया, लेकिन आवंटित भूमि का आज तक दाखिल-खारिज नहीं हुआ है और न ही उनके नाम से रसीद निर्गत की गई है। इस अभाव के कारण उन्हें पहचान का संकट झेलना पड़ रहा है, और आवासीय, जाति व आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की, क्योंकि वैध दस्तावेजों के बिना इसमें शामिल होना मुश्किल है। विस्थापितों ने आरोप लगाया कि जब भी कोई अंचल अधिकारी उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करता है, उसका तबादला कर दिया जाता है, जिससे उनके कार्यों में बाधा आती है। उन्होंने वर्तमान अंचल अधिकारी नित्यानंद दास के तबादले के प्रयास का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि कुछ बिचौलियों और कंपनी से जुड़े प्रभावशाली लोगों के हितों के कारण उन्हें जानबूझकर भूमिहीन बनाए रखा जा रहा है। विस्थापितों के अनुसार, 70 साल बाद भी मालिकाना हक न मिलना व्यवस्था की बड़ी विफलता है, और उन्हें आशंका है कि दस्तावेजों के अभाव में उनकी मूल पहचान और अधिकार दोनों संकट में पड़ सकते हैं। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा तथा न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सात दशक से अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे कोनार डैम विस्थापितों का यह आंदोलन केवल जमीन का सवाल नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और न्याय की उस लड़ाई का प्रतीक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी जारी है। इस घेराव में नवाटांड़, बनासो, गरहमुर्गी, महतोईया, बरहमोरिया, उदयपुर, नवादा, कुसुंभा, गोविंदपुर, परसाटांड़, कारीटांड़ सहित अनेक गांवों से हजारों की संख्या में रैयत-विस्थापित शामिल हुए, जिनमें सुशील महतो, माही पटेल, हीरामन महतो, चंद्रशेखर पटेल, सुरेश राम, राजू महतो, इश्तियाक अहमद, कैलाश महतो, डूमरचंद महतो, कालीचरण महतो, टेकलाल महतो, वासुराम मेहता, नेमचंद महतो, किशोर महतो, विशेश्वर महतो, पिंकी देवी, मोहिनी देवी, सीता देवी, चिंता कुमारी, बृजी देवी, चितु राम, चंचला देवी, अमित राज, नेहा कुमारी और शांति देवी जैसे लोग प्रमुख थे।
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    झारखंड में विस्थापन का मुद्दा एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है, जिसके तहत हाल ही में विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित कोनार डैम परियोजना के विस्थापित रैयतों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में इन विस्थापितों ने घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग पुनर्वास के तहत आवंटित भूमि का मालिकाना हक दिलाना है, जिसे लेकर उन्होंने उपायुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। विस्थापितों का कहना है कि उन्हें पुनर्वास तो मिला, लेकिन लगभग सात दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी जमीन का वैधानिक अधिकार नहीं मिला है।

आंदोलनकारियों ने अपनी समस्याओं को बयां करते हुए बताया कि कोनार डैम परियोजना के लिए वर्ष 1946 में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था और 1952 में डैम बनकर तैयार हो गया। इसके बाद उन्हें पुनर्वास स्थल पर बसाया गया, लेकिन आवंटित भूमि का आज तक दाखिल-खारिज नहीं हुआ है और न ही उनके नाम से रसीद निर्गत की गई है। इस अभाव के कारण उन्हें पहचान का संकट झेलना पड़ रहा है, और आवासीय, जाति व आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की, क्योंकि वैध दस्तावेजों के बिना इसमें शामिल होना मुश्किल है।

विस्थापितों ने आरोप लगाया कि जब भी कोई अंचल अधिकारी उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करता है, उसका तबादला कर दिया जाता है, जिससे उनके कार्यों में बाधा आती है। उन्होंने वर्तमान अंचल अधिकारी नित्यानंद दास के तबादले के प्रयास का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि कुछ बिचौलियों और कंपनी से जुड़े प्रभावशाली लोगों के हितों के कारण उन्हें जानबूझकर भूमिहीन बनाए रखा जा रहा है। विस्थापितों के अनुसार, 70 साल बाद भी मालिकाना हक न मिलना व्यवस्था की बड़ी विफलता है, और उन्हें आशंका है कि दस्तावेजों के अभाव में उनकी मूल पहचान और अधिकार दोनों संकट में पड़ सकते हैं।

उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा तथा न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सात दशक से अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे कोनार डैम विस्थापितों का यह आंदोलन केवल जमीन का सवाल नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और न्याय की उस लड़ाई का प्रतीक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी जारी है। इस घेराव में नवाटांड़, बनासो, गरहमुर्गी, महतोईया, बरहमोरिया, उदयपुर, नवादा, कुसुंभा, गोविंदपुर, परसाटांड़, कारीटांड़ सहित अनेक गांवों से हजारों की संख्या में रैयत-विस्थापित शामिल हुए, जिनमें सुशील महतो, माही पटेल, हीरामन महतो, चंद्रशेखर पटेल, सुरेश राम, राजू महतो, इश्तियाक अहमद, कैलाश महतो, डूमरचंद महतो, कालीचरण महतो, टेकलाल महतो, वासुराम मेहता, नेमचंद महतो, किशोर महतो, विशेश्वर महतो, पिंकी देवी, मोहिनी देवी, सीता देवी, चिंता कुमारी, बृजी देवी, चितु राम, चंचला देवी, अमित राज, नेहा कुमारी और शांति देवी जैसे लोग प्रमुख थे।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    21 hrs ago
  • देश के तेजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं ने तारानारी हरि मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह आयोजन प्रधानमंत्री जी के सेवाकाल के इस महत्वपूर्ण पड़ाव का जश्न मनाने के लिए किया गया।
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    देश के तेजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं ने तारानारी हरि मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह आयोजन प्रधानमंत्री जी के सेवाकाल के इस महत्वपूर्ण पड़ाव का जश्न मनाने के लिए किया गया।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    1 hr ago
  • पलामू जिले में मइया सम्मान योजना के तहत राशि का वितरण अब शुरू हो गया है। योजना के सत्यापन फॉर्म सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद, पात्र लाभार्थियों को अब इसका लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। मंगलवार से ही इन लाभुकों के खातों में योजना का पैसा भेजा जा रहा है।
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    पलामू जिले में मइया सम्मान योजना के तहत राशि का वितरण अब शुरू हो गया है। योजना के सत्यापन फॉर्म सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद, पात्र लाभार्थियों को अब इसका लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। मंगलवार से ही इन लाभुकों के खातों में योजना का पैसा भेजा जा रहा है।
    user_Bablu Turi
    Bablu Turi
    Artist धनवार, गिरिडीह, झारखंड•
    9 hrs ago
  • हजारीबाग जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट का गहन निरीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला सड़क सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। निरीक्षण दल में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। इस टीम ने जिले के उन कई स्थानों का दौरा किया जहाँ अक्सर सड़क हादसे होते हैं या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जांच के दौरान, मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण पाया गया। वहीं, यूपी मोड़ पर सड़क की अधिक ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना का खतरा विशेष रूप से अधिक देखा गया। निरीक्षण के बाद, टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके और हादसों में कमी आए। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने और पंप के आसपास सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतों पर ध्यान दें और विशेषकर मोड़ तथा ढलान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन का मानना है कि लोगों में जागरूकता और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।
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    हजारीबाग जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट का गहन निरीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला सड़क सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई।

निरीक्षण दल में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। इस टीम ने जिले के उन कई स्थानों का दौरा किया जहाँ अक्सर सड़क हादसे होते हैं या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जांच के दौरान, मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण पाया गया। वहीं, यूपी मोड़ पर सड़क की अधिक ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना का खतरा विशेष रूप से अधिक देखा गया।

निरीक्षण के बाद, टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके और हादसों में कमी आए। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने और पंप के आसपास सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतों पर ध्यान दें और विशेषकर मोड़ तथा ढलान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन का मानना है कि लोगों में जागरूकता और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    22 hrs ago
  • देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने के उपलक्ष्य में, बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक सामूहिक हवन-पूजन का आयोजन किया। तेलो मंडल अध्यक्ष सुरेश कुशवाहा के नेतृत्व में यह हवन-पूजन तारानारी स्थित प्राचीन हरि मंदिर में संपन्न हुआ।
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    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने के उपलक्ष्य में, बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक सामूहिक हवन-पूजन का आयोजन किया। तेलो मंडल अध्यक्ष सुरेश कुशवाहा के नेतृत्व में यह हवन-पूजन तारानारी स्थित प्राचीन हरि मंदिर में संपन्न हुआ।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    7 hrs ago
  • झारखंड के नेता जयराम महतो को 'ठगबाज नेता' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दावा किया गया है कि जयराम महतो ने '1932' के मुद्दे को अपना मुख्य चुनावी हथियार बनाया और इसी वादे के बल पर चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि, अब उन पर आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद वे '1932' के इस अहम मुद्दे को पूरी तरह से भुला चुके हैं।
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    झारखंड के नेता जयराम महतो को 'ठगबाज नेता' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दावा किया गया है कि जयराम महतो ने '1932' के मुद्दे को अपना मुख्य चुनावी हथियार बनाया और इसी वादे के बल पर चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि, अब उन पर आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद वे '1932' के इस अहम मुद्दे को पूरी तरह से भुला चुके हैं।
    user_Jharkhand News Feed
    Jharkhand News Feed
    Local News Reporter Ramgarh, Jharkhand•
    16 hrs ago
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