हजारीबाग जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट का गहन निरीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला सड़क सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। निरीक्षण दल में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। इस टीम ने जिले के उन कई स्थानों का दौरा किया जहाँ अक्सर सड़क हादसे होते हैं या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जांच के दौरान, मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण पाया गया। वहीं, यूपी मोड़ पर सड़क की अधिक ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना का खतरा विशेष रूप से अधिक देखा गया। निरीक्षण के बाद, टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके और हादसों में कमी आए। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने और पंप के आसपास सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतों पर ध्यान दें और विशेषकर मोड़ तथा ढलान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन का मानना है कि लोगों में जागरूकता और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।
हजारीबाग जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट का गहन निरीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला सड़क सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। निरीक्षण दल में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। इस टीम ने जिले के उन कई स्थानों का दौरा किया जहाँ अक्सर सड़क हादसे होते हैं या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जांच के दौरान, मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण पाया गया। वहीं, यूपी मोड़ पर सड़क की अधिक ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना का खतरा विशेष रूप से अधिक देखा गया। निरीक्षण के बाद, टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके और हादसों में कमी आए। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने और पंप के आसपास सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतों पर ध्यान दें और विशेषकर मोड़ तथा ढलान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन का मानना है कि लोगों में जागरूकता और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।
- हजारीबाग पुलिस ने साधु का वेश धारण कर महिलाओं से ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला के साथ हुई ठगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कदम उठाए और क्षितिज अस्पताल के पास एक टोटो पर सवार इन तीनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वे झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और अपशगुन का डर दिखाकर महिलाओं को बहलाते थे, जिसके बाद उनसे सोने के जेवर और अन्य कीमती सामान ठग लेते थे। पुलिस ने ठगी किए गए सोने के जेवर और एक जितिया को भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मलेट्री लाठौर, अखिलेश लाठौर और तितई लाठौर के रूप में हुई है, जो बिहार के रोहतास जिले के आमछार थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि कहीं जिले में इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने और अजनबियों पर आसानी से भरोसा न करने की अपील की है।2
- झारखंड में विस्थापन का मुद्दा एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है, जिसके तहत हाल ही में विष्णुगढ़ प्रखंड स्थित कोनार डैम परियोजना के विस्थापित रैयतों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में इन विस्थापितों ने घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग पुनर्वास के तहत आवंटित भूमि का मालिकाना हक दिलाना है, जिसे लेकर उन्होंने उपायुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा। विस्थापितों का कहना है कि उन्हें पुनर्वास तो मिला, लेकिन लगभग सात दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी जमीन का वैधानिक अधिकार नहीं मिला है। आंदोलनकारियों ने अपनी समस्याओं को बयां करते हुए बताया कि कोनार डैम परियोजना के लिए वर्ष 1946 में भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ था और 1952 में डैम बनकर तैयार हो गया। इसके बाद उन्हें पुनर्वास स्थल पर बसाया गया, लेकिन आवंटित भूमि का आज तक दाखिल-खारिज नहीं हुआ है और न ही उनके नाम से रसीद निर्गत की गई है। इस अभाव के कारण उन्हें पहचान का संकट झेलना पड़ रहा है, और आवासीय, जाति व आय प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की, क्योंकि वैध दस्तावेजों के बिना इसमें शामिल होना मुश्किल है। विस्थापितों ने आरोप लगाया कि जब भी कोई अंचल अधिकारी उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करता है, उसका तबादला कर दिया जाता है, जिससे उनके कार्यों में बाधा आती है। उन्होंने वर्तमान अंचल अधिकारी नित्यानंद दास के तबादले के प्रयास का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि कुछ बिचौलियों और कंपनी से जुड़े प्रभावशाली लोगों के हितों के कारण उन्हें जानबूझकर भूमिहीन बनाए रखा जा रहा है। विस्थापितों के अनुसार, 70 साल बाद भी मालिकाना हक न मिलना व्यवस्था की बड़ी विफलता है, और उन्हें आशंका है कि दस्तावेजों के अभाव में उनकी मूल पहचान और अधिकार दोनों संकट में पड़ सकते हैं। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा तथा न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सात दशक से अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे कोनार डैम विस्थापितों का यह आंदोलन केवल जमीन का सवाल नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और न्याय की उस लड़ाई का प्रतीक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी जारी है। इस घेराव में नवाटांड़, बनासो, गरहमुर्गी, महतोईया, बरहमोरिया, उदयपुर, नवादा, कुसुंभा, गोविंदपुर, परसाटांड़, कारीटांड़ सहित अनेक गांवों से हजारों की संख्या में रैयत-विस्थापित शामिल हुए, जिनमें सुशील महतो, माही पटेल, हीरामन महतो, चंद्रशेखर पटेल, सुरेश राम, राजू महतो, इश्तियाक अहमद, कैलाश महतो, डूमरचंद महतो, कालीचरण महतो, टेकलाल महतो, वासुराम मेहता, नेमचंद महतो, किशोर महतो, विशेश्वर महतो, पिंकी देवी, मोहिनी देवी, सीता देवी, चिंता कुमारी, बृजी देवी, चितु राम, चंचला देवी, अमित राज, नेहा कुमारी और शांति देवी जैसे लोग प्रमुख थे।1
- हजारीबाग जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने खतरनाक मोड़ों और ब्लैक स्पॉट का गहन निरीक्षण किया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर जिला सड़क सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। निरीक्षण दल में जिला परिवहन पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। इस टीम ने जिले के उन कई स्थानों का दौरा किया जहाँ अक्सर सड़क हादसे होते हैं या दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जांच के दौरान, मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण पाया गया। वहीं, यूपी मोड़ पर सड़क की अधिक ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना का खतरा विशेष रूप से अधिक देखा गया। निरीक्षण के बाद, टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके और हादसों में कमी आए। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने और पंप के आसपास सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतों पर ध्यान दें और विशेषकर मोड़ तथा ढलान वाले क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। प्रशासन का मानना है कि लोगों में जागरूकता और बेहतर सुरक्षा इंतजामों के समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।1
- उपायुक्त श्री हेमन्त सती के निर्देश पर हज़ारीबाग़ ज़िले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से ज़िला प्रशासन और ज़िला सड़क सुरक्षा टीम ने संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट तथा दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान में ज़िला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) और ज़िला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ एवं मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की अत्यधिक गति को सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण पाया गया। वहीं, दुर्घटना संभावित यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान एवं अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका अधिक पाई गई। टीम ने इन स्थलों पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। संयुक्त टीम ने एनएचएआई, रांची को निर्देश दिया कि वे चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों एवं मोड़ों पर तत्काल आवश्यक साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर तथा गति सीमा संबंधी संकेतक लगाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित पेट्रोल पंप के संचालक को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने प्रतिष्ठान के समीप एवं पहुंच मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, जिससे मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे। ज़िला प्रशासन ने आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतकों का सम्मान करें तथा मोड़ों एवं ढलान वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।3
- झारखंड राज्य में आगामी 10 जून से बालू के खनन पर रोक लग जाएगी। इस निर्णय से बालू का खनन पूरी तरह रुक जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण कार्यों से जुड़ी मुश्किलें बढ़ने की संभावना है।1
- उपायुक्त श्री हेमन्त सती के निर्देशानुसार, हजारीबाग जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और जिला सड़क सुरक्षा टीम ने संयुक्त रूप से ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण किया। इस संयुक्त अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) और जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य शामिल थे। टीम ने जिले के विभिन्न चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड़ और मोरंगी क्षेत्र में वाहनों की अत्यधिक गति को सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण पाया गया। वहीं, दुर्घटना संभावित यूपी मोड़ पर सड़क की तीव्र ढलान और अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका अधिक पाई गई, जिस पर टीम ने तत्काल सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपायों पर बल दिया। संयुक्त टीम ने एनएचएआई, रांची को निर्देश दिए कि चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों और मोड़ों पर अविलंब आवश्यक साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर और गति सीमा संबंधी संकेतक लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पूर्व में ही आवश्यक चेतावनी मिल सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके अतिरिक्त, मोरंगी स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने प्रतिष्ठान के समीप एवं पहुंच मार्ग पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, जिससे मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सड़क संकेतकों का सम्मान करें तथा मोड़ों एवं ढलान वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।3
- जननायक एवं आदिवासी समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को हजारीबाग जिला कांग्रेस कार्यालय, कृष्ण बल्लभ आश्रम में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षपूर्ण जीवन व योगदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री सह जिला कांग्रेस अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने की। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का ऐसा महानायक बताया, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आदिवासी समाज को संगठित कर संघर्ष का बिगुल फूंका। पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था और सम्मान के प्रतीक हैं, यही कारण है कि देशभर के आदिवासी उन्हें श्रद्धा के साथ “धरती आबा” के नाम से स्मरण करते हैं। श्रद्धांजलि सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पुराना बस स्टैंड स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थल पहुंचे, जहाँ माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें” के नारों के साथ उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश कोऑर्डिनेटर बिनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणु कुशवाहा, पूर्व प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह, जिला कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष निसार खान, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत, वरिष्ठ कांग्रेसी राजू चौरसिया, दीपक गुप्ता, सुनील अग्रवाल, नरेश गुप्ता, जावेद इकबाल, विजय कुमार सिंह, सदरूल होदा, बाबर अंसारी, मुस्ताक अंसारी, माशूक अंसारी, नौशाद आलम, लाल बाबू, गिरजा शंकर, अनिल कुमार राय, तोमस आनंद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- हजारीबाग जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। इस घटना में दो कारों और एक बाइक के बीच टक्कर हो गई, जिससे क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित हुआ है।1