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आज झारखंड विधानसभा परिसर में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस के मंत्री, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में मौजूद थे। इनके ठीक सामने, भाजपा के केवल चार कार्यकर्ता मजबूती से डटे रहे। इन चार भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभावी ढंग से अपने पक्ष को रखते हुए लोकतांत्रिक संघर्ष का परिचय दिया।
Amit Kr Chiku Objectionnews
आज झारखंड विधानसभा परिसर में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस के मंत्री, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में मौजूद थे। इनके ठीक सामने, भाजपा के केवल चार कार्यकर्ता मजबूती से डटे रहे। इन चार भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभावी ढंग से अपने पक्ष को रखते हुए लोकतांत्रिक संघर्ष का परिचय दिया।
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- आज झारखंड विधानसभा परिसर में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस के मंत्री, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में मौजूद थे। इनके ठीक सामने, भाजपा के केवल चार कार्यकर्ता मजबूती से डटे रहे। इन चार भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभावी ढंग से अपने पक्ष को रखते हुए लोकतांत्रिक संघर्ष का परिचय दिया।1
- रांची जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के विभिन्न अंचलों और प्रखंडों में एक साथ जनता दरबार का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का त्वरित निपटान कर नागरिकों को आवश्यक प्रमाण-पत्र तथा राजस्व संबंधी सेवाओं की सुविधा तत्काल प्रदान करना था। प्रशासन द्वारा दिए गए ब्यौरे के अनुसार, रातू अंचल में कुल 151 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इनमें 11 दाखिल-खारिज, 1 एलआरडीसी अपील वाद, 9 ऑनलाइन सुधार, 9 जाति प्रमाण-पत्र, 41 आवासीय प्रमाण-पत्र, 7 आय प्रमाण-पत्र, 4 पारिवारिक सूची, 1 भू-धारण प्रमाण-पत्र, 1 नकल, 12 जन्म प्रमाण-पत्र, 14 मृत्यु प्रमाण-पत्र, 15 सर्वजन पेंशन और 3 विविध प्रमाण-पत्र शामिल थे। प्रशासन ने नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए रद्द या संपादित मामलों का भी शीघ्र निपटान करने पर जोर दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार के माध्यम से कानून और शासन की प्रक्रियाओं को जनता के निकट लाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य दस्तावेजों के अभाव या लंबित मामलों से जुड़ी परेशानियों को कम करना है। भविष्य में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाने की उम्मीद है, ताकि जनता को सतर्क और सुलभ सरकारी सेवाएँ लगातार मिल सकें।1
- रामगढ़ के डिमरा गोला में हुए एक दुखद हादसे के बाद मृतक अमित बेदिया के पीड़ित आदिवासी परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया है। यह मुआवजा परिजनों की लगातार मांग के बाद संभव हुआ। इस मामले में जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने हस्तक्षेप किया। उनके अथक और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप ही मुआवजे पर सहमति बन पाई और उसे सुनिश्चित किया गया। इस पूरे मामले और देवेन्द्र नाथ महतो के बयान के बारे में विस्तृत जानकारी संबंधित वीडियो में उपलब्ध है। यह जानकारी जन जागरूकता और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए साझा की गई है।1
- चतरा जिले में सोनालिका ट्रैक्टर खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भारी छूट की घोषणा की गई है। इस विशेष ऑफर का लाभ उठाने के इच्छुक ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अधिकृत सोनालिका डीलर से संपर्क करें। संपर्क के लिए आवश्यक मोबाइल नंबर वीडियो में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।1
- ज्योत्सना केरकेट्टा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आदिवासी अस्मिता पर किसी भी तरह की चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी दोहराया कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का जवाब इतिहास की तरह दिया जाएगा।1
- अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- झारखंड के नेता जयराम महतो को 'ठगबाज नेता' बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दावा किया गया है कि जयराम महतो ने '1932' के मुद्दे को अपना मुख्य चुनावी हथियार बनाया और इसी वादे के बल पर चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि, अब उन पर आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद वे '1932' के इस अहम मुद्दे को पूरी तरह से भुला चुके हैं।1
- झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके मद्देनजर मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किए हैं। 10 जून को, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, कोडरमा और हजारीबाग को छोड़कर, राज्य के अधिकांश जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 11 जून को मौसम के और अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़ और राॅंची जिलों के लिए गर्जन के साथ वज्रपात तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, राॅंची और आसपास के क्षेत्रों में 10 और 11 जून को मेघ गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है, जिसमें 11 जून को तेज हवाओं के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, 12 और 13 जून को भी बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।1