गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र के कोनबीर में अवैध रूप से बालू की निकासी करते हुए चार ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य ट्रैक्टर को चालान नहीं दिखाने के कारण जब्त किया गया। यह कार्रवाई बसिया अंचलाधिकारी द्वारा कोनबीर स्थित दक्षिणी कोयल नदी के खनन स्थल से की गई। इस संबंध में अंचलाधिकारी नरेश कुमार मुंडा ने बताया कि जब्त किए गए चार ट्रैक्टर अवैध तरीके से बालू का उत्खनन कर उसका परिवहन कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोनबीर में बालू उत्खनन के लिए विभाग द्वारा निर्धारित और चिह्नित स्थान मौजूद हैं। पाँचवें ट्रैक्टर के चालान को संदिग्ध मानते हुए उसकी जांच की जा रही है। सभी जब्त ट्रैक्टरों को बसिया थाना को सौंप दिया गया है, और आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन पदाधिकारी को पत्राचार किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र के कोनबीर में अवैध रूप से बालू की निकासी करते हुए चार ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य ट्रैक्टर को चालान नहीं दिखाने के कारण जब्त किया गया। यह कार्रवाई बसिया अंचलाधिकारी द्वारा कोनबीर स्थित दक्षिणी कोयल नदी के खनन स्थल से की गई। इस संबंध में अंचलाधिकारी नरेश कुमार मुंडा ने बताया कि जब्त किए गए चार ट्रैक्टर अवैध तरीके से बालू का उत्खनन कर उसका परिवहन कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोनबीर में बालू उत्खनन के लिए विभाग द्वारा निर्धारित और चिह्नित स्थान मौजूद हैं। पाँचवें ट्रैक्टर के चालान को संदिग्ध मानते हुए उसकी जांच की जा रही है। सभी जब्त ट्रैक्टरों को बसिया थाना को सौंप दिया गया है, और आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन पदाधिकारी को पत्राचार किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
- गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र के कोनबीर में अवैध रूप से बालू की निकासी करते हुए चार ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य ट्रैक्टर को चालान नहीं दिखाने के कारण जब्त किया गया। यह कार्रवाई बसिया अंचलाधिकारी द्वारा कोनबीर स्थित दक्षिणी कोयल नदी के खनन स्थल से की गई। इस संबंध में अंचलाधिकारी नरेश कुमार मुंडा ने बताया कि जब्त किए गए चार ट्रैक्टर अवैध तरीके से बालू का उत्खनन कर उसका परिवहन कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोनबीर में बालू उत्खनन के लिए विभाग द्वारा निर्धारित और चिह्नित स्थान मौजूद हैं। पाँचवें ट्रैक्टर के चालान को संदिग्ध मानते हुए उसकी जांच की जा रही है। सभी जब्त ट्रैक्टरों को बसिया थाना को सौंप दिया गया है, और आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन पदाधिकारी को पत्राचार किया गया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- गुमला जिला के रायडीह प्रखंड स्थित चिरगांव गांव में आज तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में यहां अत्यधिक कीचड़ हो जाता है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क के अभाव के कारण उत्पन्न हो रही इन परेशानियों के बीच, चिरगांव के लोग स्वयं ही सड़क की मरम्मत करते हुए दिखाई दिए हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया है, क्योंकि गुमला जिले में ऐसे कई गांव हैं जहाँ आज तक सड़कें नहीं बन पाई हैं।1
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) श्रुति अग्रवाल ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। एसडीपीओ कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी जानकारी के अनुसार, अब हर मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक एसडीपीओ स्वयं चैनपुर थाना परिसर स्थित सर्किल इंस्पेक्टर कार्यालय में उपस्थित रहेंगी। इस दौरान वे आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनेंगी, जिससे जनता को अपनी बात रखने और मुद्दों के समाधान में सुविधा मिलेगी।1
- आज बुधवार को गुमला के विकास भवन स्थित जिला परिषद कार्यालय सभागार में जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सामान्य बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला परिषद कार्यपालक पदाधिकारी ललन कुमार रजक, जिला परिषद कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, विद्युत आपूर्ति पदाधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, अभियंता, जिला परिषद सदस्य और जनप्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसमें सर्वप्रथम 09 मार्च 2026 को हुई पिछली सामान्य बैठक की कार्यवाही को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही, पिछली बैठक में विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया गया। इसमें जिला गव्य विकास, जिला पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जलपथ प्रमण्डल, विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा शामिल थी। वित्तीय मामलों पर विचार करते हुए सदन ने मार्च 2026 से मई 2026 तक किए गए राजस्व मद के व्यय को मंजूरी दी। 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनाबद्ध मद में ली गई योजनाओं की प्रगति और वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत कुछ योजनाओं के स्थल या योजना परिवर्तन की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, गुमला जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सैरातों और बाजार-हाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित जिला परिषद सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन के समक्ष रखा। बैठक में पशुपालन, कृषि, जिला सहकारिता, जिला आपूर्ति, जिला उद्योग केंद्र, पेयजल एवं स्वच्छता, जिला स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला समाज कल्याण, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण, विद्युत आपूर्ति, लघु सिंचाई प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की वास्तविक स्थिति, तकनीकी बाधाओं और उनके निवारण हेतु बनाई गई आगामी योजनाओं से अध्यक्ष व सदन को अवगत कराया। जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आज की बैठक में तय किए गए प्रस्तावों और योजनाओं का क्रियान्वयन अगली बैठक से पहले निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।2
- झारखंड के डुमरी थाना क्षेत्र के इरावल पुराबटोली में बावन वर्षीय सुकाति देवी की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। रविवार देर रात अज्ञात व्यक्तियों ने महिला के सिर पर पत्थर से वार कर उनकी घटनास्थल पर ही जान ले ली। सोमवार सुबह ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पाकर डुमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी विवाद की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से दो-तीन दिन पूर्व मृतका का एक व्यक्ति के साथ शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है, हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा अभी नहीं हो सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी गहनता से जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जा रही है, और पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद इरावल पुराबटोली समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।1
- ग्रामीणों ने गलत तरीके से हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। निर्माण की विधि में त्रुटियों के कारण ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए काम बंद करवाया।1
- वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है1
- गुमला के चैनपुर स्थित कमलपुर में आदिवासी समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अतखा पड़हा का उन्नीसवां महासम्मेलन हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम का आयोजन राजी पड़हा एवं मूली पड़हा मुख्यालय दीपु बगीचा जशपुर के तत्वावधान में किया गया था, जिसकी जानकारी सोमवार शाम चार बजे दी गई। महासम्मेलन में आदिवासी रूढ़ी प्रथा आधारित स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने, सामाजिक जनगणना कराने, पड़हा का निबंधन करने, जनजागरण अभियान चलाने और समाज की एकता व अधिकारों की रक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के साथ ही समाज को व्याप्त कुरीतियों से दूर रखने का भी पुरजोर आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह साढ़े ग्यारह बजे पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके उपरांत अतिथियों का स्वागत-सम्मान किया गया। इस दौरान समाज के उत्थान और संगठन की मजबूती को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में राजी पड़हा राजी देवान बसंत कुमार भगत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथियों में सतमनी भगत, शिवशंकर उरांव, नेलशन भगत, राजू उरांव, चुईया कुजूर, देवराम लाल उरांव, गौरी किंडो, राजबेल उरांव, सोनो मिंज और महेंद्र उरांव सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। जशपुर मूली पड़हा के प्रतिनिधियों और युवा संघ अतखा पड़हा कमलपुर के सदस्यों की भी इसमें सक्रिय भागीदारी रही। महासम्मेलन के समापन पर श्रद्धालुओं और समाज के लोगों के बीच महाप्रसाद एवं भोजन का वितरण किया गया। इस सफल आयोजन में पड़हा पदाधिकारियों, महिला प्रतिनिधियों, युवा साथियों एवं समस्त कुड़ुख उरांव समाज के लोगों का सराहनीय योगदान रहा।1