मैहर में नगर पालिका परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रिंस अग्रवाल के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यह त्वरित कार्रवाई बीते दिन हुई आधे घंटे की बारिश के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए की गई, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। सीएमओ प्रिंस अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद नगरपालिका की पूरी टीम को बुलाकर रेलवे स्टेशन के पास स्थित नाले की व्यापक सफाई करवाई गई। इस अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों का उपयोग कर नाले में जमा कचरा, गाद और अन्य अवरोधों को हटाया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि आगामी बरसात को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका द्वारा नालों और जल निकासी मार्गों की विशेष सफाई की जा रही है, ताकि माँ शारदा देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित निगरानी और समयबद्ध सफाई कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस विशेष स्वच्छता अभियान में सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, स्टेशन प्रबंधक राजेश कुमार पवन दुबे, प्रवीन तिवारी, शैलेंद्र पटेल, मनोज पांडे, अरमान अहमद, रेखा दुबे, आपदा प्रबंधन दल के सदस्य आदिल खान, संजय जादवानी, कल्लू पाल, हीरा चौरसिया, हरपीत सिंह, इंद्रजीत सिंह मैनी, अखिल गोयल, सुमित जग्यासी, शशि श्रीवास्तव, श्रेया श्रीवास्तव, सफाई दरोगा छोटे सिंह, मनोज प्रजापति सहित नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। नगरवासियों ने नगर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या में काफी राहत मिलेगी और रेलवे स्टेशन क्षेत्र की स्वच्छता व सुंदरता में भी सुधार होगा।
मैहर में नगर पालिका परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रिंस अग्रवाल के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यह त्वरित कार्रवाई बीते दिन हुई आधे घंटे की बारिश के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए की गई, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। सीएमओ प्रिंस अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद नगरपालिका की पूरी टीम को बुलाकर रेलवे स्टेशन के पास स्थित नाले की व्यापक सफाई करवाई गई। इस अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों का उपयोग कर नाले में जमा कचरा, गाद और अन्य अवरोधों को हटाया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके। प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि आगामी बरसात को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका द्वारा नालों और जल निकासी मार्गों की विशेष सफाई की जा रही है, ताकि माँ शारदा देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित निगरानी और समयबद्ध सफाई कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस विशेष स्वच्छता अभियान में सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, स्टेशन प्रबंधक राजेश कुमार पवन दुबे, प्रवीन तिवारी, शैलेंद्र पटेल, मनोज पांडे, अरमान अहमद, रेखा दुबे, आपदा प्रबंधन दल के सदस्य आदिल खान, संजय जादवानी, कल्लू पाल, हीरा चौरसिया, हरपीत सिंह, इंद्रजीत सिंह मैनी, अखिल गोयल, सुमित जग्यासी, शशि श्रीवास्तव, श्रेया श्रीवास्तव, सफाई दरोगा छोटे सिंह, मनोज प्रजापति सहित नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। नगरवासियों ने नगर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या में काफी राहत मिलेगी और रेलवे स्टेशन क्षेत्र की स्वच्छता व सुंदरता में भी सुधार होगा।
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक महिला का विवादित वीडियो पुलिस एडवाइजरी जारी होने के बावजूद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी जा रही है।1
- सतना जिले में चंदन के पेड़ चोरी करने वाले एक गिरोह का नागौद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस पारदी गिरोह की तीन महिलाओं समेत कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, गिरोह के सदस्यों ने नागौद, रामपुर बाघेलान, सिंहपुर, अमरपाटन और चौकी बाबूपुर जैसे विभिन्न इलाकों में चंदन के पेड़ चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। यह सफलता टीआई अशोक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली है।1
- एक तीखा और बार-बार दोहराया गया सवाल उठाया गया है, जिसमें नेताओं और अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि क्या वे 'ऐसी जगह' में रह सकते हैं। इस प्रश्न को कई बार दोहराकर इस बात पर जोर दिया गया है कि जिस 'जगह' का जिक्र किया जा रहा है, वहां की परिस्थितियां संभवतः स्वीकार्य नहीं हैं। यह सवाल एक चुनौती के रूप में सामने आता है, जो उन जिम्मेदार लोगों से उन स्थितियों का अनुभव करने की अपेक्षा करता है, जिनका सामना अन्य लोग कर रहे होंगे।1
- मैहर के ग्राम डेल्हा में एक भव्य निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि सरपंच अभिषेक जायसवाल ने इसमें सक्रिय और अहम भूमिका निभाई, जिनके प्रयासों और पहल से ही यह स्वास्थ्य शिविर संभव हो सका। शिविर में उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने आंखों की देखभाल, बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, उचित पोषण और नियमित जांच के महत्व पर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपने नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े कई सवालों के समाधान भी प्राप्त किए। लोगों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए ऐसे शिविरों का समय-समय पर आयोजन किया जाना चाहिए। यह निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर ग्राम डेल्हा में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी और अत्यंत सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।4
- कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियमों का सरेआम उल्लंघन कर संचालित हो रही एक शासकीय शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित शराब दुकान विलायत कला के खमतरा तिराहे पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण नेशनल-स्टेट हाईवे पर आए दिन भारी जाम लगता है। उनका यह भी कहना है कि शराबियों की आवाजाही और अव्यवस्था के चलते इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं और क्षेत्र में फैल रही अशांति से परेशान होकर, सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। उन्होंने तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक अधिकारी को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर इस शराब दुकान को खमतरा तिराहे से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाने की अपील की। अब देखना यह होगा कि बड़वारा प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर सात दिनों के भीतर क्या कार्रवाई करता है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर संबंधित महिला के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग जोर पकड़ रही है। वायरल वीडियो में दिख रही महिला की पहचान दामिनी पटेल (भोली) के रूप में बताई जा रही है, जिसे अमिलकी का निवासी बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर रीवा शहर के कुछ थाना प्रभारियों से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला रीवा शहर की निवासी प्रतीत नहीं होती है। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी तक वीडियो की सत्यता और संबंधित व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- सतना जिले में महापौर योगेश ताम्रकार ने एक बयान दिया है, जिसमें शिव सिंह राजपूत दहिया का जिक्र है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में 'खनन माफिया' और 'प्रशासनिक साठगांठ' का एक खौफनाक खेल सामने आया है, जो सरकार को करोड़ों का चूना लगाने के साथ ही इंसानी जिंदगियों को भी मौत के कुएं में धकेल रहा है। अमरपाटन तहसील के अमझर धोशडा गांव में लेटराइट खदान की आड़ में लीज की सीमा से बाहर अंधाधुंध अवैध उत्खनन किया जा रहा है। चंद रुपयों का लालच देकर गरीब आदिवासियों और किसानों की उपजाऊ जमीन को 'मौत के घाट' में बदल दिया गया है, जबकि रसूखदारों की मोटी रकम के आगे जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे हुए हैं। इस अवैध खनन से जमीन पूरी तरह छलनी हो चुकी है, पर्यावरण दम तोड़ रहा है और नियम-कानूनों को खदान के गहरे गड्ढों में दफन कर दिया गया है। माइनिंग माफिया लीज की बाउंड्री लांघकर पूरे इलाके को खोदने में जुटा है, जिससे हरिजन-आदिवासियों की जमीनों पर इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं कि दोबारा खेती करना असंभव हो गया है। आरोप है कि हलका पटवारी की मिलीभगत से वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जिसमें कीमती सागौन के पेड़ों को जड़ समेत खोदकर फेंका गया है। इसके अलावा, दिन-रात दौड़ने वाले ओवरलोडेड भारी ट्रकों और ट्रेलरों ने गांव की सड़कों को मलबे में बदल दिया है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और चौबीसों घंटे उड़ने वाली धूल से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, जिससे सांस की गंभीर बीमारियां पनप रही हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने इस महा-घोटाले और अवैध उत्खनन पर तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले समय में यहाँ केवल तबाही का मंजर दिखाई देगा। अब यह देखना बाकी है कि मैहर कलेक्टर और खनिज विभाग इस गड़बड़झाले पर माइनिंग माफिया और भ्रष्ट पटवारी के खिलाफ कब कार्रवाई करते हैं।1