कुल्लू के सैंज अंतर्गत ग्राम पंचायत रैला-2 में आज विशेष ग्राम सभा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस बैठक में पंचायत के विभिन्न वार्डों से आए ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया। पंचायत को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए बढ़ते प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण हेतु एक ठोस नीति बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दुकानदारों और आम जनता से कोल्ड ड्रिंक्स सहित अन्य पेय पदार्थों की खाली प्लास्टिक बोतलों को खुले में न फेंकने की अपील की गई। इन बोतलों को एकत्रित कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान जीवा नाल वन परिक्षेत्र के रेंज अधिकारी श्री विक्रम ने भी ग्रामीणों से वन संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म से जुड़ने का आग्रह किया, ताकि युवाओं को स्वरोजगार मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो। ग्राम सभा में सड़क सुविधा से वंचित गाँवों पाशी, गौरन, कुंडर, शाईंधार और माझाण को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए वन अधिकार अधिनियम, 2006 (FRA) के तहत आवश्यक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अतिरिक्त, चीलाधार-पाशी सड़क के एफआरए प्रस्ताव, वन अधिकार समितियों के पुनर्गठन, वर्षा से हुए नुकसान की कार्ययोजना, पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन और स्यूंड-रैला सड़क को एनएचपीसी के अधीन सौंपने जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्राम पंचायत के प्रधान डाबे राम राणा ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि पारित प्रस्तावों को प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाकर जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य रीटा देवी, उप-प्रधान मोती राम, नोख सिंह, बी.ओ. राकेश, वन रक्षक निशांत, सीएचओ तेजेंद्र (शरण), वार्ड सदस्य ईश्वर सिंह, देव राज, पुनु देवी, कुब्जा देवी, ज्योति देवी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कुल्लू के सैंज अंतर्गत ग्राम पंचायत रैला-2 में आज विशेष ग्राम सभा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस बैठक में पंचायत के विभिन्न वार्डों से आए ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया। पंचायत को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए बढ़ते प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण हेतु एक ठोस नीति बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दुकानदारों और आम जनता से कोल्ड ड्रिंक्स सहित अन्य पेय पदार्थों की खाली प्लास्टिक बोतलों को खुले में न फेंकने की अपील की गई। इन बोतलों को एकत्रित कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान जीवा नाल वन परिक्षेत्र के रेंज अधिकारी श्री विक्रम ने भी ग्रामीणों से वन संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म से जुड़ने का आग्रह किया, ताकि युवाओं को स्वरोजगार मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो। ग्राम सभा में सड़क सुविधा से वंचित गाँवों पाशी, गौरन, कुंडर, शाईंधार और माझाण को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए वन अधिकार अधिनियम, 2006 (FRA) के तहत आवश्यक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अतिरिक्त, चीलाधार-पाशी सड़क के एफआरए प्रस्ताव, वन अधिकार समितियों के पुनर्गठन, वर्षा से हुए नुकसान की कार्ययोजना, पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन और स्यूंड-रैला सड़क को एनएचपीसी के अधीन सौंपने जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्राम पंचायत के प्रधान डाबे राम राणा ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि पारित प्रस्तावों को प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाकर जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य रीटा देवी, उप-प्रधान मोती राम, नोख सिंह, बी.ओ. राकेश, वन रक्षक निशांत, सीएचओ तेजेंद्र (शरण), वार्ड सदस्य ईश्वर सिंह, देव राज, पुनु देवी, कुब्जा देवी, ज्योति देवी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- हिमाचल प्रदेश के काजा में स्थित विश्व प्रसिद्ध कीह मठ में वार्षिक गुतोर महोत्सव श्रद्धा और पारंपरिक बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान कीह मठ श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। इस भव्य महोत्सव में परम पूजनीय 19वें टीके लोछेन रिनबोछे की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। यहाँ पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना की। आयोजन के दौरान हुए धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी श्रद्धालुओं को एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव कराया।1
- हिमाचल प्रदेश के नाहन में एक छोटे साँप के फनफनाते हुए फन ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। इस छोटे से साँप के फन फैलाने के अंदाज़ को देखकर वहाँ मौजूद लोग काफी आकर्षित हुए।1
- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार के पैसों से हो रहे बिजली सुधार कार्यों का श्रेय लेने में जुटी है और जनता को गुमराह कर रही है। डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि सिरमौर जिले में बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार की 'रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम' (RDSS) के तहत ₹194.42 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जो पूरी तरह केंद्र की योजना है। इस महत्वाकांक्षी योजना की नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) है। इस परियोजना के वित्तीय विवरण साझा करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने बताया कि इसके तहत नाहन विधानसभा क्षेत्र में ₹86.75 करोड़, पांवटा साहिब क्षेत्र में ₹70.50 करोड़ और राजगढ़ क्षेत्र में ₹37.17 करोड़ खर्च कर बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से खैरी पावर हाउस को मोगीनंद ग्रिड से जोड़ने, अंधेरी पावर हाउस को खैरी व मोगीनंद से जोड़ने, नया विद्युत ढांचा तैयार करने तथा नाहन शहर को दो अलग-अलग स्रोतों से 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा काला आम, धौलाकुआं, नाहन, दो-सड़का, धाटी और पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली वितरण प्रणाली को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि सिरमौर में चल रहे लगभग सभी प्रमुख विद्युत सुधार कार्य केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत वित्तपोषित योजना के अंतर्गत किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार और प्रदेश के एक मंत्री के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें इन कार्यों का श्रेय राज्य सरकार को देने का प्रयास किया गया था। उन्होंने साफ किया कि प्रदेश सरकार केवल बिजली बोर्ड के माध्यम से कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम कर रही है, जबकि सारी वित्तीय सहायता केंद्र सरकार ने दी है। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक फायदे के लिए सच छिपाने और जनता को गुमराह करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करे, जिन्होंने राज्य को इतनी उदारतापूर्वक वित्तीय सहायता दी।1
- सोलन जिले के पंजैहरा तहसील की पंचायत करसौली के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार करने के उद्देश्य से मिनी हॉस्पिटल भवन के निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस बड़ी सौगात से न केवल करसौली बल्कि इसके आसपास के कई गांवों को भी सीधा लाभ मिलेगा। विकास की इस बड़ी पहल की शुरुआत प्रधान रजनी भल्ला की पहली बैठक में हुई, जिसे विधायक हरदीप बाबा के सहयोग से क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफे के रूप में सुनिश्चित किया गया है। विकास कार्यों के साथ-साथ पंचायत में नशे और अवैध खनन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल के बाद अब क्षेत्र में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या यह करसौली के विकास की एक नई शुरुआत है।1
- हिमाचल प्रदेश के कुटलैहड़ में कांग्रेस सरकार ने सबसे ज्यादा पंचायतें बनाई हैं। इस क्षेत्र में सबसे अधिक पंचायतों को बनाने का श्रेय कांग्रेस सरकार को है।1
- 15 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों की अखबारों की सुर्खियां सुपर फास्ट अंदाज में प्रस्तुत की गई हैं। इसमें ऊना के साथ-साथ शिमला, सोलन, लाहौल स्पिति, मंडी, चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और किनौर जैसे हिमाचल के क्षेत्रों की खबरें शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू, उत्तराखंड और नई दिल्ली की सुर्खियां भी इस अपडेट का हिस्सा हैं।1
- कुल्लू में सन्नी ट्रैडिंग कंपनी शमशी तेगुवेहड हन्नी जी और दानी सज्जन पूनम अग्रवाल जी द्वारा गौ धन को घास की जीप के लिए ₹5100 की राशि दी गई है। उन्होंने गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू को अपना माध्यम मानकर यह दान दिया। इस पर गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू के अध्यक्ष शेरा नेगी ने सभी दानी सज्जन साथियों और गौ सेवकों का आभार व्यक्त किया है।1
- हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने सचिवालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जब वर्तमान सरकार सत्ता में आई थी, उस समय स्वास्थ्य विभाग में केवल 35 से 36 प्रतिशत स्टाफ ही उपलब्ध था, लेकिन अब इस आंकड़े को बढ़ाकर 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। जो भी स्टाफ की कमी बची है, उसे चरणबद्ध तरीके से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से 50 से अधिक संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा चुकी है और शेष में जल्द ही नियुक्तियां होंगी। दूरदराज और सीमांत क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए वहां पहले सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी आधुनिक मशीनें भेजी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 से अधिक पद भरे जा चुके हैं और 200 नए पदों को भरने के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को जल्द ही मांग भेजी जाएगी। इसके अलावा, स्टाफ नर्सों के 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के तहत 71 पद बैचवाइज आधार पर भरे जा चुके हैं। पिछले एक वर्ष में स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए लगभग 325 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आईजीएमसी शिमला, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित की गई है, जबकि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी इसकी तैयारी चल रही है। इसके अतिरिक्त, आईजीएमसी शिमला में करोड़ों रुपये की लागत से अत्याधुनिक सीटी स्कैन, पीईटी-सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे और 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। वहीं, सहारा योजना के तहत विभागीय और दस्तावेजी देरी को दूर कर पात्र लाभार्थियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित राशि जारी की जाएगी ताकि लोगों को परेशानी न हो। हिमकेयर के तहत लगभग 425 करोड़ रुपये और आयुष्मान योजना के तहत 235 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसका भुगतान केंद्र सरकार द्वारा तय की गई वित्तीय सीमा के कारण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में उपचार और दवाओं के बिलों में गड़बड़ी और अनियमितताएं पाए जाने के कारण उन्हें फिलहाल हिमकेयर योजना से बाहर रखा गया है, ताकि सरकारी संस्थानों के माध्यम से पारदर्शिता के साथ सेवाएं दी जा सकें।2
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इस शानदार उपलब्धि पर उपायुक्त जतिन लाल ने जनगणना कार्य से जुड़े 19 उत्कृष्ट चार्ज अधिकारियों को सम्मानित किया। इस प्रथम चरण में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऊना जिले ने पूरे हिमाचल प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सम्मान समारोह में शहरी क्षेत्र की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नगर पंचायत बंगाणा ने प्रथम, नगर परिषद मेहतपुर बसदेहड़ा ने दूसरा और नगर पंचायत दौलतपुर चौक, अंब व टाहलीवाल ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में तहसील हरोली पहले, उप तहसील जोल दूसरे और उप तहसील मेहतपुर बसदेहड़ा व तहसील ऊना संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पहले तीन अधिकारियों को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र तथा अन्य को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इस मौके पर उपायुक्त ने सभी अधिकारियों व प्रगणकों का आभार जताते हुए आगामी चरणों में भी इसी पारदर्शिता के साथ काम करने का आह्वान किया ताकि जनगणना 2027 अभियान सफल हो सके। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल, सहायक आयुक्त विनय मोदी और शिमला निदेशालय से दीपक यदुवंशी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।1