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हिमाचल प्रदेश के काजा में स्थित विश्व प्रसिद्ध कीह मठ में वार्षिक गुतोर महोत्सव श्रद्धा और पारंपरिक बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान कीह मठ श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। इस भव्य महोत्सव में परम पूजनीय 19वें टीके लोछेन रिनबोछे की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। यहाँ पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना की। आयोजन के दौरान हुए धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी श्रद्धालुओं को एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव कराया।
Him News Update
हिमाचल प्रदेश के काजा में स्थित विश्व प्रसिद्ध कीह मठ में वार्षिक गुतोर महोत्सव श्रद्धा और पारंपरिक बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान कीह मठ श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। इस भव्य महोत्सव में परम पूजनीय 19वें टीके लोछेन रिनबोछे की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। यहाँ पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना की। आयोजन के दौरान हुए धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी श्रद्धालुओं को एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव कराया।
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- हिमाचल प्रदेश में ननखड़ी खोलीघाट के समीप एचआरटीसी (HRTC) की एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना मिली है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है और घटनास्थल पर राहत व बचाव अभियान जारी है।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंबोटा गांव में महीनों की तैयारियों के बाद शुरू हुआ एक शादी का रिश्ता महज कुछ ही घंटों में टूट गया। सुबह पूरे हिंदू रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चारण के बीच दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर हमेशा साथ निभाने का वचन दिया था, लेकिन शाम होते-होते यह शादी टूट गई। यह विवाह बगलामुखी मंदिर में संपन्न हुआ था, जहां दोनों परिवारों के लोग खुशियों के माहौल में मौजूद थे और सभी रस्में शांतिपूर्वक पूरी हो गई थीं। हालांकि, विदाई का समय आते ही दुल्हन ने ससुराल जाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे दोनों परिवार हैरान रह गए। दुल्हन को मनाने के लिए परिवार के लोगों ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद, आखिरकार दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से इस रिश्ते को आगे न बढ़ाने का फैसला ले लिया।1
- कुल्लू के सैंज अंतर्गत ग्राम पंचायत रैला-2 में आज विशेष ग्राम सभा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस बैठक में पंचायत के विभिन्न वार्डों से आए ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया। पंचायत को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए बढ़ते प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण हेतु एक ठोस नीति बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत दुकानदारों और आम जनता से कोल्ड ड्रिंक्स सहित अन्य पेय पदार्थों की खाली प्लास्टिक बोतलों को खुले में न फेंकने की अपील की गई। इन बोतलों को एकत्रित कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान जीवा नाल वन परिक्षेत्र के रेंज अधिकारी श्री विक्रम ने भी ग्रामीणों से वन संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म से जुड़ने का आग्रह किया, ताकि युवाओं को स्वरोजगार मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो। ग्राम सभा में सड़क सुविधा से वंचित गाँवों पाशी, गौरन, कुंडर, शाईंधार और माझाण को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए वन अधिकार अधिनियम, 2006 (FRA) के तहत आवश्यक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अतिरिक्त, चीलाधार-पाशी सड़क के एफआरए प्रस्ताव, वन अधिकार समितियों के पुनर्गठन, वर्षा से हुए नुकसान की कार्ययोजना, पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन और स्यूंड-रैला सड़क को एनएचपीसी के अधीन सौंपने जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्राम पंचायत के प्रधान डाबे राम राणा ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि पारित प्रस्तावों को प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाकर जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य रीटा देवी, उप-प्रधान मोती राम, नोख सिंह, बी.ओ. राकेश, वन रक्षक निशांत, सीएचओ तेजेंद्र (शरण), वार्ड सदस्य ईश्वर सिंह, देव राज, पुनु देवी, कुब्जा देवी, ज्योति देवी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- कुल्लू जिले के सैंज क्षेत्र में रैला-2 पंचायत की ग्राम सभा बैठक में विकास के विभिन्न मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया गया। बैठक में युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही, क्षेत्र में पारिस्थितिक पर्यटन को बढ़ावा देने की वकालत की गई और स्थानीय सड़कों की बदहाली को सुधारने के मुद्दे पर भी सहमति बनी। ग्राम सभा को संबोधित करते हुए पंचायत प्रधान डावे राम राणा ने स्पष्ट किया कि रैला-2 पंचायत के स्थानीय मुद्दों को लेकर पंचायत द्वारा जिला मुख्यालय पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।1
- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार के पैसों से हो रहे बिजली सुधार कार्यों का श्रेय लेने में जुटी है और जनता को गुमराह कर रही है। डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि सिरमौर जिले में बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए भारत सरकार की 'रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम' (RDSS) के तहत ₹194.42 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जो पूरी तरह केंद्र की योजना है। इस महत्वाकांक्षी योजना की नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) है। इस परियोजना के वित्तीय विवरण साझा करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने बताया कि इसके तहत नाहन विधानसभा क्षेत्र में ₹86.75 करोड़, पांवटा साहिब क्षेत्र में ₹70.50 करोड़ और राजगढ़ क्षेत्र में ₹37.17 करोड़ खर्च कर बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से खैरी पावर हाउस को मोगीनंद ग्रिड से जोड़ने, अंधेरी पावर हाउस को खैरी व मोगीनंद से जोड़ने, नया विद्युत ढांचा तैयार करने तथा नाहन शहर को दो अलग-अलग स्रोतों से 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा काला आम, धौलाकुआं, नाहन, दो-सड़का, धाटी और पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली वितरण प्रणाली को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि सिरमौर में चल रहे लगभग सभी प्रमुख विद्युत सुधार कार्य केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत वित्तपोषित योजना के अंतर्गत किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार और प्रदेश के एक मंत्री के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें इन कार्यों का श्रेय राज्य सरकार को देने का प्रयास किया गया था। उन्होंने साफ किया कि प्रदेश सरकार केवल बिजली बोर्ड के माध्यम से कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम कर रही है, जबकि सारी वित्तीय सहायता केंद्र सरकार ने दी है। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक फायदे के लिए सच छिपाने और जनता को गुमराह करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करे, जिन्होंने राज्य को इतनी उदारतापूर्वक वित्तीय सहायता दी।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में गौ सेवा रक्षा दल द्वारा गौ धन की सेवा के लिए एक विशेष मुहिम लगातार चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत दल के सदस्यों द्वारा हर सप्ताह गौ धन को जौ की फीड दी जाती है। कुल्लू की ओर से चलाए जा रहे इस सेवा कार्य में स्थानीय गौ सेवक बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं। इस अभियान में कमलेश ठाकुर, तुलसी देवी, अजय शर्मा, आशु, भवानी, टिकम राम, भूपेंद्र ठाकुर, चन्द्रा महंत, राम राज महंत, चुनी महंत, अंजली शर्मा, वेली राम, सतीश राणा, खूब राम, सरण, चन्द्र ठाकुर, मीना ठाकुर और विपिन ठाकुर जैसे गौ सेवक लगातार जुटे हुए हैं। गौ सेवा रक्षा दल के अध्यक्ष शेरा नेगी ने इस पुनीत कार्य में सहयोग करने वाले सभी दानी सज्जन साथियों और गौ सेवकों का आभार व्यक्त किया है।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बंदला पंचायत में एक मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विकास संघ (हिमकोफैड) के निदेशक आशीष ठाकुर ने बताया कि इस मेडिकल कैंप में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कैंप के दौरान लगभग 300 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई। कैंप में पहुंचे ग्रामीणों के लिए निशुल्क टेस्ट की सुविधा दी गई और साथ ही उन्हें मुफ्त में दवाइयां भी बांटी गईं। इस शिविर में इंडस हॉस्पिटल मोहाली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं और ग्रामीणों की सेहत की जांच की। हिमकोफैड विभाग के माध्यम से बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया गया यह दूसरा मेडिकल कैंप था। निदेशक आशीष ठाकुर ने कहा कि उनकी मुख्य प्राथमिकता लोगों को उनके घर-द्वार पर ही बेहतर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना और उन्हें सेहत के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सदर विधानसभा क्षेत्र की हर एक पंचायत में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इस विशेष अवसर पर पंचायत प्रधान चंचल कुमारी, उपप्रधान महेंद्र सिंह, वार्ड सदस्य रवि ठाकुर, मंजू देवी, मीरा देवी, चंपा देवी, विपन ठाकुर, हेमा देवी, हेम राज ठाकुर, अनिल कश्यप, भाग सिंह, संदीप कुमार, जय पाल, अजय ठाकुर, श्याम सिंह, विवेक, मनीष, अक्षय ठाकुर, बलबीर सिंह, दया राम, हेम राज, राम लाल सहित कई अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के काजा में स्थित विश्व प्रसिद्ध कीह मठ में वार्षिक गुतोर महोत्सव श्रद्धा और पारंपरिक बौद्ध रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस पूरे आयोजन के दौरान कीह मठ श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। इस भव्य महोत्सव में परम पूजनीय 19वें टीके लोछेन रिनबोछे की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण रही। यहाँ पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना की। आयोजन के दौरान हुए धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी श्रद्धालुओं को एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव कराया।1