जौनपुर के बदलापुर स्थित श्री उमा महेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, कोलढेमा परिसर में सोमवार को वैदिक ब्राह्मण परिवार ट्रस्ट और श्री उमा महेश्वर संस्कृत पाठशाला के संयुक्त तत्वावधान में एक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैदिक संस्कृति और संस्कृत भाषा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व ट्रस्ट के जिला संयोजक पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने किया, जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्य वक्ता पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि वैदिक संस्कृति भारत की आत्मा है, और संस्कृत भाषा हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कृत के अध्ययन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और जनजागरण को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। इस दौरान वैदिक संस्कृति, संस्कृत भाषा के संवर्धन और सामाजिक दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अपर्ण व्यास, राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद दुबे, जिला संयोजक उज्ज्वल तिवारी, जिला प्रचारक जयशंकर त्रिपाठी 'जौनपुरी', ज्योतिषाचार्य चन्देश्वर तिवारी, कार्यक्रम संचालक एवं प्राचार्य डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र, कार्यक्रम सहयोगी पं. अभिषेक तिवारी, पं. शिव सूरत उपाध्याय, पं. लालमणि पांडेय, हरिशंकर दुबे, प्राचार्य डॉ. अशोक दुबे, डॉ. दयाशंकर दुबे, रविन्द्र नाथ मिश्रा, रामनयन दुबे, सुशील दुबे, मुन्ना दुबे, रामविलास उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, शिवशंकर उपाध्याय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, और वैदिक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेते हुए संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।
जौनपुर के बदलापुर स्थित श्री उमा महेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, कोलढेमा परिसर में सोमवार को वैदिक ब्राह्मण परिवार ट्रस्ट और श्री उमा महेश्वर संस्कृत पाठशाला के संयुक्त तत्वावधान में एक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैदिक संस्कृति और संस्कृत भाषा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व ट्रस्ट के जिला संयोजक पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने किया, जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्य वक्ता पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि वैदिक संस्कृति भारत की आत्मा है, और संस्कृत भाषा हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कृत के अध्ययन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और जनजागरण को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। इस दौरान वैदिक संस्कृति, संस्कृत भाषा के संवर्धन और सामाजिक दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अपर्ण व्यास, राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद दुबे, जिला संयोजक उज्ज्वल तिवारी, जिला प्रचारक जयशंकर त्रिपाठी 'जौनपुरी', ज्योतिषाचार्य चन्देश्वर तिवारी, कार्यक्रम संचालक एवं प्राचार्य डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र, कार्यक्रम सहयोगी पं. अभिषेक तिवारी, पं. शिव सूरत उपाध्याय, पं. लालमणि पांडेय, हरिशंकर दुबे, प्राचार्य डॉ. अशोक दुबे, डॉ. दयाशंकर दुबे, रविन्द्र नाथ मिश्रा, रामनयन दुबे, सुशील दुबे, मुन्ना दुबे, रामविलास उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, शिवशंकर उपाध्याय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, और वैदिक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेते हुए संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।
- जौनपुर के बदलापुर स्थित श्री उमा महेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, कोलढेमा परिसर में सोमवार को वैदिक ब्राह्मण परिवार ट्रस्ट और श्री उमा महेश्वर संस्कृत पाठशाला के संयुक्त तत्वावधान में एक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वैदिक संस्कृति और संस्कृत भाषा का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व ट्रस्ट के जिला संयोजक पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने किया, जिसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्य वक्ता पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि वैदिक संस्कृति भारत की आत्मा है, और संस्कृत भाषा हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कृत के अध्ययन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और जनजागरण को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। इस दौरान वैदिक संस्कृति, संस्कृत भाषा के संवर्धन और सामाजिक दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अपर्ण व्यास, राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद दुबे, जिला संयोजक उज्ज्वल तिवारी, जिला प्रचारक जयशंकर त्रिपाठी 'जौनपुरी', ज्योतिषाचार्य चन्देश्वर तिवारी, कार्यक्रम संचालक एवं प्राचार्य डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र, कार्यक्रम सहयोगी पं. अभिषेक तिवारी, पं. शिव सूरत उपाध्याय, पं. लालमणि पांडेय, हरिशंकर दुबे, प्राचार्य डॉ. अशोक दुबे, डॉ. दयाशंकर दुबे, रविन्द्र नाथ मिश्रा, रामनयन दुबे, सुशील दुबे, मुन्ना दुबे, रामविलास उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, शिवशंकर उपाध्याय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया, और वैदिक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेते हुए संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के 07 जुलाई 2026 को जनपद प्रतापगढ़ में प्रस्तावित आगमन के मद्देनजर, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संयुक्त गोष्ठी/बैठक का आयोजन किया गया। यह उच्च-स्तरीय बैठक पुलिस लाइन स्थित सई कॉम्प्लेक्स के सभागार में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी, प्रतापगढ़ श्री अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर ने संयुक्त रूप से की। समीक्षा बैठक के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रस्तावित कार्यक्रम की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रोटोकॉल के अनुपालन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को माननीय मुख्यमंत्री जी के वीआईपी मूवमेंट के लिए अभेद्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, सुगम यातायात व्यवस्था, रूट डायवर्जन, पार्किंग, बैरिकेडिंग और कार्यक्रम स्थल पर प्रभावी भीड़ प्रबंधन के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को अपने सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सतर्कता, मुस्तैदी और आपसी समन्वय के साथ करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने का निर्देश दिया गया, जिसमें कार्यक्रम को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता बताई गई। इस महत्वपूर्ण गोष्ठी में जिलाधिकारी श्री अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर के साथ अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) श्री बृजनन्दन राय, जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी, ड्यूटी हेतु आए राजपत्रित पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन के कार्यक्रम को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।1
- जौनपुर जिले के मछलीशहर तहसील के ग्राम अदारी डभिया में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपनी टीम के साथ जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव के घर पहुँचे। उन्होंने रोहित के परिवार को सम्मानित करते हुए उनके पिता को अंग वस्त्र, मोमेंटो और बुके भेंट किया, जबकि माता को चौकिया का प्रसाद दिया। अजय राय ने परिवार व बच्चों के देश का नाम रोशन करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। इस दौरान प्रेस वार्ता में अजय राय ने उत्तर प्रदेश सरकार के खेल मंत्री और जौनपुर जिले के प्रभारी गिरीश यादव के खिलाड़ी के घर न पहुँचने पर सवाल उठाया। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो खिलाड़ी और देश के गौरव का सम्मान करता है, वही रोहित यादव के घर आएगा। राय ने प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों के सम्मान और उत्साहवर्धन का जिक्र करते हुए कहा कि वहीं उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री का भारत के नंबर वन खिलाड़ी रोहित यादव के घर न पहुँचना क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का विषय बना हुआ है। इसी क्रम में, मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज और उनके पिता व केराकत विधायक तूफानी सरोज भी ग्राम अदारी डभिया में आए थे, लेकिन वे रोहित यादव के घर के सामने से ही निकल गए और खिलाड़ी के घर नहीं गए। इस पर रोहित के पिता ने एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ता हैं, इसलिए शायद वे लोग उनके दरवाजे पर नहीं आए। यह बयान और इससे संबंधित वायरल वीडियो क्षेत्र में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि खेल मंत्री गिरीश यादव और सांसद प्रिया सरोज के रोहित के घर न पहुँचने में आखिर क्या अंतर रह गया है, यह चर्चा लोगों के दिलों-दिमाग में बनी हुई है।1
- मछलीशहर क्षेत्र के कोठारी गाँव में अर्सी नदी को पार करते हुए एक छात्र को गोद में उठाकर ले जा रहे एक व्यक्ति का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा कराए गए विकास कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पुलिया न होने के कारण छात्र-छात्राओं सहित ग्रामीण नदी के बीच पानी में से होकर इसे पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अर्सी नदी पर डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में पहले से ही दो पुलिया मौजूद हैं, लेकिन वे बीच में एक और पुलिया की माँग कर रहे हैं। इस मामले में कोठारी गाँव के ग्राम प्रधान संजय यादव ने जानकारी दी कि जिस जगह से छात्र को गोद में उठाकर नदी पार कराया जा रहा है, वहाँ से मात्र 400 मीटर की दूरी पर एक पुलिया पहले से है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों ने दोनों पुलों के बीच एक लकड़ी की चहली (अस्थायी पुलिया) भी बनाई थी, जिसके बाँस-बल्ली टूट गए थे और ग्रामीण उसकी मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान किसी युवक ने छात्र को गोद में उठाकर नदी पार करते हुए यह वीडियो बनाया जो अब वायरल हो रहा है। ग्रामीणों की लगातार माँग के बाद, कुछ समय पहले सिंचाई विभाग ने दोनों मौजूदा पुलों के बीच एक नए पुल के निर्माण के लिए स्थल का निरीक्षण भी किया था। हालांकि, दोनों पुलों के अत्यधिक नजदीक होने का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस स्थिति के चलते क्षेत्रवासी अब मछलीशहर के जनप्रतिनिधियों के विकास कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं और छात्र अभी भी नदी के पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 7 जुलाई के सुल्तानपुर दौरे के मद्देनज़र शहर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान, भुलकी चौराहा, टेडुई, अमहट, पयागीपुर और कटावां जैसे मार्गों से वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जिससे शहर में 'नो-एंट्री' की स्थिति रहेगी। सीओ सिटी सौरभ सामंत ने बताया कि केवल शहर के निवासियों और विशेष कार्य से आने वाले लोगों को ही पहचान पत्र दिखाने पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। पूरे शहर में ई-रिक्शा का संचालन भी बंद रहेगा। हालांकि, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक वाहनों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। मुख्यमंत्री की जनसभा में आने वाले वाहनों के लिए कुल 11 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।1
- जपटापुर के प्रधान ने दुल्हा आजाद बिंद को 'कितना खतरनाक' बताया है। प्रधान ने इस संबंध में वीडियो भी दिखाए हैं और वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।1
- जौनपुर के मछलीशहर तहसील के अदारी डभिया गांव निवासी प्रतिभाशाली जैवलिन थ्रो खिलाड़ी रोहित यादव ने 28 जून 2026 को भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित 65वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 87.05 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता है। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया, एक नया कीर्तिमान स्थापित किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत किया है। वर्तमान में भारतीय रेलवे में सीनियर बुक क्लर्क के पद पर कार्यरत रोहित यादव की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जौनपुर जनपद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी की लहर है। रोहित को खेल जगत में यह विशिष्ट पहचान बनाने की प्रेरणा और मार्गदर्शन उनके पिता सभाजीत यादव से मिला है, जो स्वयं एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक और प्रतिष्ठित खिलाड़ी रहे हैं और जिन्होंने अपने खेल जीवन में लगभग 50 पदक अर्जित किए हैं। रोहित यादव ने पहले भी अमेरिका, चीन, जापान, इंग्लैंड, तुर्की सहित कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और एशियाई खेलों (एशियाड) के लिए भी चयनित खिलाड़ी रह चुके हैं। रोहित यादव की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र के लोगों ने भारत सरकार से उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार और प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित करने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार से भी उन्हें राज्य स्तरीय सर्वोच्च खेल सम्मान प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने जौनपुर के जिलाधिकारी से भी यह मांग रखी है कि जिले में बनने वाले किसी स्टेडियम का नाम रोहित यादव के नाम पर रखा जाए, उनके नाम से एक खेल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाए, और उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाए, ताकि क्षेत्र के युवा खेलों के प्रति प्रेरित होकर देश का नाम रोशन कर सकें। रोहित यादव की इस उपलब्धि से जौनपुर जनपद गौरवान्वित महसूस कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी स्वर्णिम सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र स्थित सरायमधई गांव के प्राथमिक विद्यालय में चोरी की घटना सामने आई है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक दयाशंकर यादव ने सोमवार को पट्टी पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि अज्ञात चोरों ने विद्यालय से पंखा और समरसेबल पंप चुरा लिया है। प्रधानाध्यापक यादव के अनुसार, शनिवार को विद्यालय बंद कर वह घर चले गए थे, और रविवार को अवकाश था। सोमवार को जब वह प्राथमिक विद्यालय पहुंचे और दरवाजा खोलकर अंदर गए, तो उन्होंने देखा कि अतिरिक्त कक्ष की खिड़की और दरवाजा टूटा हुआ था। अज्ञात चोरों ने अतिरिक्त कक्ष में लगा पंखा और ग्राउंड में लगा समरसेबल पंप चोरी कर लिया था। इस घटना की सूचना ग्राम प्रधान परशुराम ओझा और पट्टी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस जांच-पड़ताल में जुट गई है। पट्टी कोतवाल आनंदपाल सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1