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नैनीताल में आयोजित माँ नंदा देवी महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी माँ नंदा की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना धर्मरक्षक धामी के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश की संस्कृति का संरक्षण और विकास प्रदेश के मेले और त्योहारों को मिल रही है नई पहचान

5 hrs ago
user_Uma shankar Kukreti
Uma shankar Kukreti
Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
5 hrs ago

नैनीताल में आयोजित माँ नंदा देवी महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी माँ नंदा की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना धर्मरक्षक धामी के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश की संस्कृति का संरक्षण और विकास प्रदेश के मेले और त्योहारों को मिल रही है नई पहचान

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    पहाड़ के सपूतों पर टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक प्रवृत्ति: श्री गणेश जोशी 
श्री अजीत डोभाल पर राहुल गांधी का बयान देश की सुरक्षा के प्रति उनकी सोच दिखाता है: श्री गणेश जोशी
श्री अजीत डोभाल पर टिप्पणी के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए: श्री गणेश जोशी 
श्री अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी उत्तराखंड के गौरव और स्वाभिमान पर हमला: श्री गणेश जोशी
पहाड़ के सपूतों का अपमान कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गया है: श्री गणेश जोशी
देहरादून, 22 सितंबर 2026। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उत्तराखंड के वीर सपूत एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि श्री अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी केवल एक व्यक्ति पर राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की वीरभूमि, उसके गौरव और स्वाभिमान पर भी सीधा आघात है। देश की सुरक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति के लिए इस तरह की भाषा कांग्रेस की गिरती राजनीतिक मर्यादा को दर्शाती है।
श्री जोशी ने कहा कि श्री अजीत डोभाल की पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि उनकी दशकों लंबी राष्ट्रसेवा से बनी है। उन्होंने देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। ऐसे व्यक्तित्व पर राजनीतिक टिप्पणी करने से पहले राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के सम्मान के प्रति कांग्रेस की नीति और सोच आखिर क्या है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें उत्तराखंड के इस वीर सपूत से इतनी राजनीतिक बेचैनी क्यों है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के प्रति भाषा और मर्यादा की एक सीमा होनी चाहिए। उत्तराखंड की जनता अपने वीर सपूतों के अपमान को केवल राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं करेगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं की भाषा उत्तराखंड के गौरव और देश की सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों को लेकर विवादों में रही है। वर्ष 2017 में भी कांग्रेस के एक नेता ने तत्कालीन सेना प्रमुख एवं उत्तराखंड के वीर सपूत स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के लिए “सड़क का गुंडा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
श्री जोशी ने कहा कि स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और श्री अजीत डोभाल दोनों उत्तराखंड की धरती के गौरव हैं। एक ने भारतीय सेना का नेतृत्व किया और दूसरे ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस के नेताओं द्वारा पूर्व में जनरल बिपिन रावत जैसे वीर सपूत के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया और अब राहुल गांधी श्री अजीत डोभाल को निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस को बताना चाहिए कि पहाड़ के इन सपूतों से उसे आखिर इतनी परेशानी क्यों है।
श्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की सीमाओं की सुरक्षा हो या आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, सरकार ने सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वीर सपूत श्री अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उत्तराखंड के सपूतों की भूमिका को सम्मान दे रही है, वहीं कांग्रेस के शीर्ष नेता उन्हीं सपूतों पर राजनीतिक टिप्पणियां कर रहे हैं। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर उसे उत्तराखंड के इन वीर सपूतों से इतनी परेशानी क्यों है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की मर्यादा सभी राजनीतिक दलों को बनाए रखनी चाहिए। उत्तराखंड ने देश को जनरल बिपिन रावत और श्री अजीत डोभाल जैसे सपूत दिए हैं और इन महान व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कांग्रेस को देवभूमि की भावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति करने के बजाय अपने गिरेबान में झांककर यह देखना चाहिए कि उसके नेताओं की भाषा और आचरण ने देश के सुरक्षा बलों तथा उत्तराखंड के वीर सपूतों के प्रति क्या संदेश दिया है।
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • किच्छा मंडी में बेहड़-शुक्ला आमने-सामने, विवाद के बाद धरने पर बैठे विधायक The Aman Times किच्छा मंडी में बेहड़-शुक्ला आमने-सामने, विवाद के बाद धरने पर बैठे विधायक किच्छा/ उधम सिंह नगर नगर निकाय चुनाव के मतदान के बीच किच्छा मंडी में स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच कहासुनी के बाद विवाद और हाथापाई की स्थिति बन गई। विधायक बेहड़ ने आरोप लगाया कि राजेश शुक्ला के समर्थक ने उनके साथ मारपीट करते हुए थप्पड़ मारा। घटना के बाद विधायक मंडी परिसर में ही धरने पर बैठ गए और कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस विधायक बेहड़ को धरने से उठाकर किच्छा कोतवाली ले गई। यहां उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को पूरे घटनाक्रम को लेकर तहरीर सौंपी। मंडी में हुए विवाद के बाद पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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    किच्छा मंडी में बेहड़-शुक्ला आमने-सामने, विवाद के बाद धरने पर बैठे विधायक

The Aman Times
किच्छा मंडी में बेहड़-शुक्ला आमने-सामने, विवाद के बाद धरने पर बैठे विधायक
किच्छा/ उधम सिंह नगर 
नगर निकाय चुनाव के मतदान के बीच किच्छा मंडी में स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच कहासुनी के बाद विवाद और हाथापाई की स्थिति बन गई।
विधायक बेहड़ ने आरोप लगाया कि राजेश शुक्ला के समर्थक ने उनके साथ मारपीट करते हुए थप्पड़ मारा। घटना के बाद विधायक मंडी परिसर में ही धरने पर बैठ गए और कार्रवाई की मांग की।
बाद में पुलिस विधायक बेहड़ को धरने से उठाकर किच्छा कोतवाली ले गई। यहां उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को पूरे घटनाक्रम को लेकर तहरीर सौंपी।
मंडी में हुए विवाद के बाद पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर साफ होगी।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • मायापुर क्षेत्र में महिला पर फायरिंग कर घायल करने वाला एक आरोपी आया पुलिस गिरफ्त में साथी की तलाश में जुटी हरिद्वार पुलिस। दिनांक 19.09.2026 को कार्यशाला गैराज, नगर निगम मायापुर, हरिद्वार निवासी महिला द्वारा कोतवाली नगर में तहरीर दी गई कि लक्की व उसके साथी कबीर द्वारा उनकी बहू पर फायरिंग की गई, जिससे उनकी बहू को चोटें आईं। तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 522/2026 अभियोग पंजीकृत किया गया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के दिशा-निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित की गई। गठित पुलिस टीम द्वारा डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने तथा लगातार सुरागरसी-पतारसी के परिणामस्वरूप दिनांक 22.09.2026 को मुकदमे में वांछित कबीर पुत्र किशोर, उम्र 22 वर्ष, निवासी गंगा आर्यनगर जलालाबाद, थाना भवन, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश को टंकी नंबर-06 बस्ती जाने वाले रास्ते पर जल संस्थान की टंकी के पास स्थित पार्क की सड़क से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल संख्या UP19X2941 भी बरामद की है। हिरासत मे लिये गये आरोपी के विरुध्द आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा घटना में शामिल अन्य वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। *नाम पता आरोपित* कबीर पुत्र किशोर निवासी गंगा आर्यनगर जलालाबाद, थाना भवन, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश *पुलिस टीम* 1. कुन्दन सिंह राणा, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली नगर हरिद्वार 2. व0उ0नि0 नन्दकिशोर ग्वाड़ी 3. उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल 4. कानि0 सीपी जसवीर सिंह 5. कानि0 सीपी सचिन पाण्डे
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    मायापुर क्षेत्र में महिला पर फायरिंग कर घायल करने वाला एक आरोपी आया पुलिस गिरफ्त में साथी की तलाश में जुटी हरिद्वार पुलिस। 
दिनांक 19.09.2026 को कार्यशाला गैराज, नगर निगम मायापुर, हरिद्वार निवासी महिला द्वारा कोतवाली नगर में तहरीर दी गई कि लक्की व उसके साथी कबीर द्वारा उनकी बहू पर फायरिंग की गई, जिससे उनकी बहू को चोटें आईं। तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 522/2026 अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के दिशा-निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित की गई।
गठित पुलिस टीम द्वारा डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने तथा लगातार सुरागरसी-पतारसी के परिणामस्वरूप दिनांक 22.09.2026 को मुकदमे में वांछित कबीर पुत्र किशोर, उम्र 22 वर्ष, निवासी गंगा आर्यनगर जलालाबाद, थाना भवन, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश को टंकी नंबर-06 बस्ती जाने वाले रास्ते पर जल संस्थान की टंकी के पास स्थित पार्क की सड़क से हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल संख्या UP19X2941 भी बरामद की है।
हिरासत मे लिये गये आरोपी के विरुध्द आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा घटना में शामिल अन्य वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
*नाम पता आरोपित*
कबीर पुत्र किशोर निवासी गंगा आर्यनगर जलालाबाद, थाना भवन, जनपद शामली, उत्तर प्रदेश
*पुलिस टीम*
1. कुन्दन सिंह राणा, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली नगर हरिद्वार
2. व0उ0नि0 नन्दकिशोर ग्वाड़ी
3. उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल
4. कानि0 सीपी जसवीर सिंह
5. कानि0 सीपी सचिन पाण्डे
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • पेयजल विभाग हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालु पर्यटकों और शहर के नागरिकों के लिए अहम भूमिका वाला विभाग है।जिसकी व्यवस्थाओं में वर्षभर पैसा लगता रहता है लेकिन इसकी व्यवस्थाएं कभी दुरुस्त नहीं होती और पैसा पानी की तरह बहता रहता है। यदि विभाग को इस कथन पर आपत्ति हो तो वह शहर में लोगों की राय ले सकता है। जहां तक हरिद्वार में पेयजल व्यवस्थाओं के सुधार पर धन खर्च का सवाल है तो यह राशि पिछले बीस सालों में सैंकड़ों करोड़ बैठती है जबकि व्यवस्थाओं की बात करें तो लीकेज, लो प्रेशर, टूटती फटती लाईनें, नलों से गंदा पानी आना आम समस्या बना हुआ है। यदि व्यवस्थाओं पर खर्च की बात करें तो आंकड़े बताते हैं कि अर्द्धकुंभ 2004 से अर्धकुंभ 2027 की व्यवस्थाओं तक पेयजल व्यवस्थाओं पर करीब 340 करोड़ खप जाएंगे। लेकिन इस दौरान व्यवस्थाओं में कितना सुधार हुआ इसका सर्वे कराया जाना चाहिए। नगरीय क्षेत्र के भूपतवाला, सप्तऋषि, मायापुर, रानीपुर, कनखल, ज्वालापुर, लालजीवाला क्षेत्र में छह-छह साल में पाइपलाइन डाली जाती हैं। जलाशय बनाए जाते हैं। ट्यूबवेल और पंपिंग स्टेशन बनाए जाते हैं। लेकिन यहां जलापूर्ति कभी सुचारू नहीं रहती। नलों से पानी गायब रहना, बिजली जाते ही पानी गायब हो जाना, असमय पानी चले जाना, लो प्रेशर, प्रदूषित पानी आना आमबात है। पहले केवल गर्मियों में ही पेश आने वाली यह समस्याएं अब वर्षभर बनी रहती हैं। विभागीय सुस्ती का ये आलम है कि लाईनें फटी हैं तो उनका सुध लेने वाला ही नहीं है। भीमगोड़ा पुल पर कई दिनों से यह पाइप लाइन फटी हुई है और दिन-रात पानी बर्बाद हो रहा है। वीडियो इसलिए दिया जा रहा है ताकि सनद रहे! (_कुमार दुष्यंत_)
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    पेयजल विभाग हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालु पर्यटकों और शहर के नागरिकों के लिए अहम भूमिका वाला विभाग है।जिसकी व्यवस्थाओं में वर्षभर पैसा लगता रहता है लेकिन इसकी व्यवस्थाएं कभी दुरुस्त नहीं होती और पैसा पानी की तरह बहता रहता है। यदि विभाग को इस कथन पर आपत्ति हो तो वह शहर में लोगों की राय ले सकता है।
जहां तक हरिद्वार में पेयजल व्यवस्थाओं के सुधार पर धन खर्च का सवाल है तो यह राशि पिछले बीस सालों में सैंकड़ों करोड़ बैठती है जबकि व्यवस्थाओं की बात करें तो लीकेज, लो प्रेशर, टूटती फटती लाईनें, नलों से गंदा पानी आना आम समस्या बना हुआ है।
यदि व्यवस्थाओं पर खर्च की बात करें तो आंकड़े बताते हैं कि 
अर्द्धकुंभ 2004 से अर्धकुंभ 2027 की व्यवस्थाओं तक पेयजल व्यवस्थाओं पर करीब 340 करोड़ खप जाएंगे। लेकिन इस दौरान व्यवस्थाओं में कितना सुधार हुआ इसका सर्वे कराया जाना चाहिए।
नगरीय क्षेत्र के
भूपतवाला, सप्तऋषि, मायापुर, रानीपुर, कनखल, ज्वालापुर, लालजीवाला क्षेत्र में छह-छह साल में पाइपलाइन डाली जाती हैं। जलाशय बनाए जाते हैं। ट्यूबवेल और पंपिंग स्टेशन बनाए जाते हैं। लेकिन यहां जलापूर्ति कभी सुचारू नहीं रहती। नलों से पानी गायब रहना, बिजली जाते ही पानी गायब हो जाना, असमय पानी चले जाना, लो प्रेशर, प्रदूषित पानी आना आमबात है। पहले केवल गर्मियों में ही पेश आने वाली यह समस्याएं अब वर्षभर बनी रहती हैं। विभागीय सुस्ती का ये आलम है कि लाईनें फटी हैं तो उनका सुध लेने वाला ही नहीं है। भीमगोड़ा पुल पर कई दिनों से यह पाइप लाइन फटी हुई है और दिन-रात पानी बर्बाद हो रहा है। वीडियो इसलिए दिया जा रहा है ताकि सनद रहे!
(_कुमार दुष्यंत_)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है! बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?
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    बिहार
सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है!
बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।
इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है।
जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।
उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • यूपीईएस में छात्रों को नशे के खतरे से किया जागरूक, डीएम ने कहा- सकारात्मक जीवन चुनें देहरादून। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस बिधोली में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं रचनात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। डीएम ने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने नशे के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और समाज के सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया। कार्यक्रम में एसपी सिटी शेखर चन्द्र सुयाल ने कहानी के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। वहीं नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने युवाओं से अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
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    यूपीईएस में छात्रों को नशे के खतरे से किया जागरूक, डीएम ने कहा- सकारात्मक जीवन चुनें
देहरादून। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस बिधोली में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं रचनात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की।
डीएम ने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने नशे के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और समाज के सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया।
कार्यक्रम में एसपी सिटी शेखर चन्द्र सुयाल ने कहानी के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। वहीं नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने युवाओं से अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
    user_The India Vox
    The India Vox
    Media house देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • ग्राम प्रधानों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून, 22 सितंबर। जिला ग्राम प्रधान संगठन ने प्रदेश सरकार से 10 सूत्री मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला मुख्यालय में मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का न्यूनतम मासिक मानदेय 20 हजार रुपये करने, मनरेगा में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता समाप्त कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने तथा अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य और केंद्रीय वित्त की धनराशि बढ़ाने तथा जिला योजना में ग्राम प्रधानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायत राज एक्ट के तहत पारित सभी 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने, ग्राम पंचायतों में आकस्मिक आपदा राहत के लिए अलग से बजट की व्यवस्था करने और स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने की मांग की है। इसके अलावा ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राथमिकता सूची में पात्र लाभार्थियों के नाम शामिल करने की मांग भी की गई है। संगठन ने ग्राम पंचायतों पर प्रस्तावित टैक्स संबंधी व्यवस्था में संशोधन की मांग भी सरकार के सामने रखी है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो ग्राम प्रधान आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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    ग्राम प्रधानों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी
स्थान - देहरादून
रिपोर्ट - दीपक पंवार
देहरादून, 22 सितंबर। जिला ग्राम प्रधान संगठन ने प्रदेश सरकार से 10 सूत्री मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला मुख्यालय में मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।
संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का न्यूनतम मासिक मानदेय 20 हजार रुपये करने, मनरेगा में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता समाप्त कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने तथा अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग शामिल है।
इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य और केंद्रीय वित्त की धनराशि बढ़ाने तथा जिला योजना में ग्राम प्रधानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायत राज एक्ट के तहत पारित सभी 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने, ग्राम पंचायतों में आकस्मिक आपदा राहत के लिए अलग से बजट की व्यवस्था करने और स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने की मांग की है।
इसके अलावा ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राथमिकता सूची में पात्र लाभार्थियों के नाम शामिल करने की मांग भी की गई है। संगठन ने ग्राम पंचायतों पर प्रस्तावित टैक्स संबंधी व्यवस्था में संशोधन की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो ग्राम प्रधान आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_दीपक पंवार
    दीपक पंवार
    विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • नैनीताल में आयोजित माँ नंदा देवी महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी माँ नंदा की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना धर्मरक्षक धामी के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश की संस्कृति का संरक्षण और विकास प्रदेश के मेले और त्योहारों को मिल रही है नई पहचान
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    नैनीताल में आयोजित माँ नंदा देवी महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी 
माँ नंदा की पूजा-अर्चना कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना 
धर्मरक्षक धामी के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश की संस्कृति का संरक्षण और विकास 
प्रदेश के मेले और त्योहारों को मिल रही है नई पहचान
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
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