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दिल्ली-नोएडा में सेक्टर 1 से 13 तक स्थित लगभग 300 फैक्ट्रियां बंद कर दी गई हैं। यह कदम मजदूरों द्वारा 'सर नव चेतना पार्टी' के नेतृत्व में की गई हड़ताल के परिणामस्वरूप उठाया गया है।
सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
दिल्ली-नोएडा में सेक्टर 1 से 13 तक स्थित लगभग 300 फैक्ट्रियां बंद कर दी गई हैं। यह कदम मजदूरों द्वारा 'सर नव चेतना पार्टी' के नेतृत्व में की गई हड़ताल के परिणामस्वरूप उठाया गया है।
- सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश🙏1 hr ago
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- दिल्ली-नोएडा में सेक्टर 1 से 13 तक स्थित लगभग 300 फैक्ट्रियां बंद कर दी गई हैं। यह कदम मजदूरों द्वारा 'सर नव चेतना पार्टी' के नेतृत्व में की गई हड़ताल के परिणामस्वरूप उठाया गया है।1
- प्रकाश चंद सेठी अस्पताल में अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। चेहकती कलम न्यूज़ ने इस बात का खुलासा किया है कि अस्पताल की नर्स और सिक्योरिटी गार्ड मिलकर अवैध वसूली को अंजाम दे रहे थे।1
- पुलिस ने इंदौर से एक 19 वर्षीय लॉ छात्र को गिरफ्तार किया है, जो NEET परीक्षा के फर्जी पेपर बेचने का दावा कर रहा था। आरोपी पर ऑनलाइन माध्यम से छात्रों से ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर यह दावा करता था कि उसके पास NEET परीक्षा का लीक पेपर है। वह अभ्यर्थियों से 50 से 200 रुपये तक की ऑनलाइन फीस लेता था और फिर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स से तैयार किए गए प्रश्नपत्र PDF के रूप में भेज देता था। जाँच में सामने आया है कि आरोपी के पास वास्तव में कोई असली प्रश्नपत्र नहीं था, लेकिन उसने इस तरीके से लगभग 20 से 35 छात्रों को फर्जी पेपर बेचकर धोखा दिया। पुलिस राजस्थान के कोटा से मिली सूचना के आधार पर इस आरोपी तक पहुँची। फिलहाल, इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की जाँच जारी है। इस गिरफ्तारी से NEET परीक्षा से पहले फर्जी पेपर बेचने के एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है।1
- इंदौर के शिशु कुंज स्कूल की कैंटीन में एक्सपायरी डेट के नमकीन और मसाले पाए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा की टीम ने स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान टीम ने कैंटीन से कई सैंपल लिए। यह घटना तब सामने आई है जब योग दिवस के दिन इसी स्कूल में दिए गए भोजन से कई बच्चे बीमार हो गए थे।1
- इंदौर के दूधिया पावर हाउस क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग ने खुले बिजली तारों से सीधे कनेक्शन दिए हैं, जो विद्युत सुरक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक व्यवस्था के तहत ही विद्युत आपूर्ति मिलनी चाहिए, लेकिन विभाग द्वारा इन मानकों की अनदेखी की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले वर्ष भी आंगनवाड़ी केंद्र के सामने बिजली से संबंधित एक हादसा हुआ था। इस घटना को एक साल से अधिक बीत जाने के बाद भी विभाग ने कोई स्थायी सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए हैं, जिससे लोगों में भविष्य में किसी जनहानि की आशंका बढ़ गई है। वे पूछ रहे हैं कि यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। विशेषज्ञों का भी मानना है कि खुले तारों से दिए गए कनेक्शन दुर्घटनाओं, करंट लगने और बिजली चोरी जैसी समस्याओं को बढ़ावा देते हैं। इस मामले में कई बड़े सवाल उठ रहे हैं, जैसे कि क्या खुले तारों से कनेक्शन देना विद्युत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन नहीं है? बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के कनेक्शन कैसे जारी किए जा सकते हैं? यदि विभाग द्वारा दिए गए अस्थायी कनेक्शन से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? क्या ऐसी व्यवस्था बिजली चोरी को बढ़ावा नहीं देती और बिजली चोरी व लाइन लॉस का आर्थिक बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर क्यों पड़ता है? इसके अतिरिक्त, पिछले हादसे के बाद भी सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली जैसी संवेदनशील सेवा में लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, या समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।1
- इंदौर के महूनाका चौराहे पर कुछ लड़कों द्वारा रील बनाए जाने का मामला सामने आया है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इंदौर को भारत का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, लेकिन इसकी ट्रैफिक व्यवस्था को लाख कोशिशों के बाद भी सुधारा नहीं जा सका है। महूनाका चौराहा, जो पाँच रास्तों का एक व्यस्त जंक्शन है और शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक है, वहाँ लड़कों द्वारा ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाकर रील बनाना पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है। शहर में ईस्ट और वेस्ट दो ट्रैफिक पुलिस स्टेशन, सैकड़ों पुलिस जवान, टीआई, एसीपी और पुलिस कमिश्नर जैसे अधिकारियों का लंबा-चौड़ा महकमा होने के बावजूद, पुलिस खुद को लाचार महसूस कर रही है। आरोप है कि जब पुलिसकर्मी इन लड़कों के खिलाफ कार्रवाई करने जाते हैं, तो कुछ नेताओं के पट्ठे उनसे उलझ जाते हैं और उनके ट्रांसफर या बर्खास्तगी की धमकी देते हैं। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है कि आखिर ऐसी परिस्थितियों में ट्रैफिक व्यवस्था कैसे सुधरेगी। यह सवाल उठाया गया है कि रील बनाने वाले लड़के पुलिस को क्या संदेश देना चाहते हैं, और पुलिस विभाग की इस लाचारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित एमआर 4 रोड पर हुई कैंटीन संचालक विशाल उर्फ नानू वर्मा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले एक नाबालिग और उसके साथी सुमित पिता शिवलाल अहिरवार, दोनों निवासी भगतसिंह नगर, को गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल डीसीपी के अनुसार, 19 जून की रात को विशाल उर्फ नानू पर दो लोगों ने चाकुओं से हमला किया था, जिसमें विशाल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक विशाल के साथ उनका लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग के ठेके को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन जब यह विवाद बढ़ा, तो सुमित ने विशाल उर्फ नानू को पकड़ लिया और नाबालिग ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिनमें दो आरोपी विशाल पर हमला करते हुए कैद हो गए थे। फुटेज के आधार पर गठित टीमों ने चंद घंटों के भीतर ही नाबालिग और उसके साथी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी आरोपियों से बरामद कर लिया है।1
- यह जानकारी भारत के मध्य प्रदेश के एक नजारे को दर्शाती है।1