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सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी? स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।

17 hrs ago
user_SANDEEP SHARMA
SANDEEP SHARMA
News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
17 hrs ago

सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी? स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।

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  • एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी। कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है। पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है। कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं। कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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    एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई
स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न
सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है।
पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी
कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं।
कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा
एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार
इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।
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    मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण 
जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।
    user_Mohd Jabbar
    Mohd Jabbar
    Local News Reporter फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा•
    22 hrs ago
  • रावली गांव से बड़ी खबर सरपंच और गांव के लोगों के बीच आरोप प्रत्यारोप सरपंच ने रखा अपना पक्ष!
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    रावली गांव से बड़ी खबर सरपंच और गांव के लोगों के बीच आरोप प्रत्यारोप सरपंच ने रखा अपना पक्ष!
    user_Aajad khan
    Aajad khan
    पुन्हाना, नूंह, हरियाणा•
    3 hrs ago
  • पुनहाना में बिजली विभाग के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी
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    पुनहाना में बिजली विभाग के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी
    user_Yakub Khan
    Yakub Khan
    Punahana, Nuh•
    18 hrs ago
  • पलवल शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाने हेतु भारी एवं मध्यम मालवाहकों के प्रवेश पर प्रतिबंध: नरेंद्र खटाना, डीएसपी ट्रैफिक पलवल *ट्रैफिक एडवाइजरी/ नो एंट्री की कड़ाई से पालन करने की अपील, उल्लंघना पर होगी कड़ी कार्रवाई -नरेंद्र खटाना, डीएसपी ट्रैफिक पलवल।* पलवल। डीएसपी ट्रैफिक पलवल श्री नरेंद्र खटाना ने जानकारी देते हुए बताया कि पलवल शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन व पलवल पुलिस द्वारा शहर की सीमाओं में भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश व आवागमन के नियमों में बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक पलवल श्री नीतीश अग्रवाल के निर्देशानुसार ट्रैफिक पुलिस ने नई एडवाइजरी जारी की है। *समय सीमा और प्रतिबंध:* शहर की सीमा के भीतर प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का प्रवेश, संचालन और पार्किंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में दिनांक 21 अगस्त को जिलाधीश पलवल महोदय द्वारा भी आदेश पारित किए चुके हैं। *-वैकल्पिक मार्ग और निर्देश:* अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) की ओर से आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित समय के दौरान शहर के भीतर प्रवेश न करके केजीपी (गांव पेलक) के रास्ते एनएच-44 (मथुरा/आगरा) अथवा केएमपी के रास्ते सोहना, गुरुग्राम और मानेसर की ओर निकलें। फरीदाबाद की तरफ से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश न करते हुए सीधे फ्लाईओवरों का उपयोग कर मथुरा और आगरा की ओर जाएं। सोहना, नूंह, हथीन रोड, आलापुर रोड, रसूलपुर रोड, किठवाड़ी रोड और मोहना (आलापुर के रास्ते) से आने वाले भारी वाहनों का भी प्रतिबंधित समय के दौरान पलवल शहर में प्रवेश वर्जित रहेगा। केजीपी, केएमपी और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का उपयोग कर bypass से गुजरने वाले वाहनों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। *छूट:* यह नियम आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों जैसे पुलिस, अग्निशमन (फायर ब्रिगेड), एम्बुलेंस, सशस्त्र बल, अर्धसैनिक बल और आवश्यक वस्तु आपूर्ति सेवाओं में लगे वाहनों पर लागू नहीं होगा। *चेतावनी:* ट्रैफिक एडवाइजरी/ नो एंट्री का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 और 194 के तहत सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अतः सभी वाहन चालक और ट्रांसपोर्टर्स वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
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    पलवल शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाने हेतु भारी एवं मध्यम मालवाहकों के प्रवेश पर प्रतिबंध: नरेंद्र खटाना, डीएसपी ट्रैफिक पलवल
*ट्रैफिक एडवाइजरी/ नो एंट्री की कड़ाई से पालन करने की अपील, उल्लंघना पर होगी कड़ी कार्रवाई -नरेंद्र खटाना, डीएसपी ट्रैफिक पलवल।*
पलवल। डीएसपी ट्रैफिक पलवल श्री नरेंद्र खटाना ने जानकारी देते हुए बताया कि पलवल शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन व पलवल पुलिस द्वारा शहर की सीमाओं में भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश व आवागमन के नियमों में बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक पलवल श्री नीतीश अग्रवाल के निर्देशानुसार ट्रैफिक पुलिस ने नई एडवाइजरी जारी की है।
*समय सीमा और प्रतिबंध:*  शहर की सीमा के भीतर प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से लेकर रात्रि 8:00 बजे तक भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का प्रवेश, संचालन और पार्किंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में दिनांक 21 अगस्त को जिलाधीश पलवल महोदय द्वारा भी आदेश पारित किए चुके हैं।
*-वैकल्पिक मार्ग और निर्देश:*
अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) की ओर से आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित समय के दौरान शहर के भीतर प्रवेश न करके केजीपी (गांव पेलक) के रास्ते एनएच-44 (मथुरा/आगरा) अथवा केएमपी के रास्ते सोहना, गुरुग्राम और मानेसर की ओर निकलें।
फरीदाबाद की तरफ से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश न करते हुए सीधे फ्लाईओवरों का उपयोग कर मथुरा और आगरा की ओर जाएं।
सोहना, नूंह, हथीन रोड, आलापुर रोड, रसूलपुर रोड, किठवाड़ी रोड और मोहना (आलापुर के रास्ते) से आने वाले भारी वाहनों का भी प्रतिबंधित समय के दौरान पलवल शहर में प्रवेश वर्जित रहेगा।
केजीपी, केएमपी और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का उपयोग कर bypass से गुजरने वाले वाहनों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
*छूट:*  यह नियम आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों जैसे पुलिस, अग्निशमन (फायर ब्रिगेड), एम्बुलेंस, सशस्त्र बल, अर्धसैनिक बल और आवश्यक वस्तु आपूर्ति सेवाओं में लगे वाहनों पर लागू नहीं होगा।
*चेतावनी:* ट्रैफिक एडवाइजरी/ नो एंट्री  का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 और 194 के तहत सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अतः सभी वाहन चालक और ट्रांसपोर्टर्स वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • कामां में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का मोहम्मदी जुलूस निकाला गया। एमडी शौकीन खान संवादाता डीग कामां में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का मोहम्मदी जुलूस आज हर साल की तरह इस साल भी बड़े ही शानों शौकत के साथ में कस्बे में अब कुछ ही देर में निकलेगा मौहम्मदी जुलूस टायरा गांव से सुबह 8 बजे से शुरू होगा मौहम्मदी जुलूस जुलुस टायरा मोड से होते हुए कोसी चौराहा,बस स्टैंड,होकर, अदालत चौराहा से अंबेडकर होते हुए वापिस पहुंचेगा टायरा गांव जुलुस का कस्बे में जगह-जगह पर होगा स्वागत सम्मान देश भर में सुन्नी मुसलमान अपने पैगम्बर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम की यौमे पैदाइश (जन्म दिवस) की खुशी में बड़ी ही शानों शौकत के साथ निकालते हैं मोहम्मदी जुलूस
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    कामां में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का मोहम्मदी जुलूस निकाला गया।
एमडी शौकीन खान संवादाता डीग 
कामां में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का मोहम्मदी जुलूस  आज 
हर साल की तरह इस साल भी बड़े ही शानों शौकत के साथ में कस्बे में अब कुछ ही देर में निकलेगा मौहम्मदी जुलूस 
टायरा गांव से सुबह 8 बजे से शुरू होगा मौहम्मदी जुलूस 
जुलुस टायरा  मोड से होते हुए कोसी चौराहा,बस स्टैंड,होकर, अदालत चौराहा से  अंबेडकर होते हुए वापिस पहुंचेगा टायरा गांव 
जुलुस का कस्बे में जगह-जगह पर होगा स्वागत सम्मान 
देश भर में सुन्नी मुसलमान अपने पैगम्बर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम की यौमे पैदाइश  (जन्म दिवस) की खुशी में बड़ी ही शानों शौकत के साथ निकालते हैं मोहम्मदी जुलूस
    user_एमडी शौकीन खान संवाददाता डीग
    एमडी शौकीन खान संवाददाता डीग
    Newspaper advertising department डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके । -हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।
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    किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी
किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।  कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके ।
-हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी? स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
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    सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर

सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।
वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी?
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
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