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मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।

15 hrs ago
user_Mohd Jabbar
Mohd Jabbar
Local News Reporter फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा•
15 hrs ago

मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।

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  • मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।
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    मां शांति कंप्यूटर स्किल सेंटर फिरोजपुर झिरका में निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण 
जो बच्चियां कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करना चाहती है 30 अगस्त तक एडमिशन ले।
    user_Mohd Jabbar
    Mohd Jabbar
    Local News Reporter फिरोजपुर झिरका, नूंह, हरियाणा•
    15 hrs ago
  • एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी। कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है। पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है। कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं। कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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    एक परिसर में दो कॉलेज, 600 विद्यार्थियों की बदहाल व्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई
स्टाफ की कमी से पढ़ाई प्रभावित, पानी-बाथरूम और टॉयलेट की हालत खराब; कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी जलमग्न
सीकरी। सीकरी में एक ही परिसर में संचालित श्रीमती शरबती देवी रघुनन्दन प्रसाद राजकीय महाविद्यालय और राजकीय कन्या महाविद्यालय में करीब 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन कॉलेज में उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
कॉलेज की सबसे बड़ी समस्या शिक्षण स्टाफ की कमी बताई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते हैं। जब पर्याप्त शिक्षक और नियमित शिक्षण व्यवस्था नहीं होगी तो छात्र-छात्राओं की कॉलेज में उपस्थिति कैसे बढ़ेगी? करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य को देखते हुए रिक्त पदों पर पर्याप्त स्टाफ की शीघ्र पूर्ति बेहद जरूरी है।
पानी, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
कॉलेज में पेयजल की व्यवस्था, बाथरूम और टॉयलेट की स्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहतर नहीं होने से छात्र-छात्राओं को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
कॉलेज तक पहुंचने का रास्ता भी बना परेशानी
कॉलेज में आने-जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है, जिससे विद्यार्थियों और स्टाफ को आवागमन में परेशानी होती है। कॉलेज परिसर के आसपास पशुओं की आवाजाही भी नजर आती है। ऐसे हालात कॉलेज की साफ-सफाई और रखरखाव पर सवाल खड़े करते हैं।
कन्या महाविद्यालय होने से सुरक्षा भी अहम मुद्दा
एक ही परिसर में राजकीय कन्या महाविद्यालय संचालित होने के कारण छात्राओं की सुरक्षा और सहज माहौल बेहद महत्वपूर्ण है। कॉलेज के मुख्य गेट के आसपास बाहरी लोगों के बैठे रहने की शिकायत भी सामने आई है। इससे छात्राओं में असहजता महसूस होने की बात कही जा रही है। कॉलेज प्रशासन को गेट और परिसर के आसपास निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
अब विभाग की कार्रवाई का इंतजार
इन समस्याओं को लेकर जनसम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में दोनों महाविद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ की पूर्ति, पेयजल, बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था सुधारने, कॉलेज तक पहुंचने वाले रास्ते को दुरुस्त करने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मामला करीब 600 विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार कब तक करता है और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके । -हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।
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    किशनगढ़बास में मूसलाधार बरसात से बिगड़े हालात, मुख्य बाजारों सहित निचले इलाकों में भरा पानी
किशनगढ़ बास। मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किशनगढ़ बास कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। करीब 2 घंटे तक हुई तेज बरसात के बाद कस्बे के कई हिस्से जलमगन हो गए। मुख्य बाजार सहित प्रमुख मार्गों और कॉलोनी में जगह-जगह पर पानी भर गया। जिससे आने जाने-वाले आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।  कस्बे में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर वर्ष बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति सामने आती है । लेकिन इस बार हुई तेज बारिश ने समस्या को और भी विकराल रूप दे दिया है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश का सबसे अधिक असर गंज रोड, मुख्य बाजार, बत्रा कॉलोनी, जगदंबा कॉम्प्लेक्स, तिजारा रोड पर स्थित विभिन्न कॉलोनीयों एवं अनाज मंडी के बाहर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। इन इलाकों में सड़के पानी से लबालब हो गई। वही जगदंबा कॉम्पलेक्स सहित गंज रोड की कई स्थान पर दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को सामान खराब होने की चिंता करता आने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सामान्य से अधिक बारिश होते ही जल भराव की स्थिति बन गई है। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक सड़कों और निचले इलाकों में भर जाता है। बारिश के दौरान मुख्य बाजार एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जल भराव ने एक बार फिर कस्बे की जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से स्थाई समाधान की मांग की है, ताकि आगामी बारिश में हर बार उत्पन्न होने वाली जल भराव की समस्याओं से इक्तव्यवासियों को राहत मिल सके ।
-हर साल बारिश में यही कहानी- किशनगढ़ बास में बारिश के दौरान जल भराव कोई नई समस्या नहीं है। मानसून आते ही कस्बे में पानी भरने की समस्या सामने आने लगती है मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बाद बने हालात ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कस्बे में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था की। आवश्यकता अब भी बनी हुई है। गौरतलब है कि नगर पालिका किशनगढ़ बास के द्वारा हर साल नाला सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं लेकिन समस्या जस की तस्वीर बनी हुई है।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • पुनहाना में बिजली विभाग के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी
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    पुनहाना में बिजली विभाग के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी
    user_Yakub Khan
    Yakub Khan
    Punahana, Nuh•
    11 hrs ago
  • खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मीरका के भवन में भरा प्याज का बीज साथ ही सरकारी भवन के साथ-साथ सरकारी बिजली का भी हो रहा है दुरुपयोग जिम्मेदार बेखबर जो लोग सोचते हैं की हम सता में रहे कर सरकारी प्रॉपर्टी का दुरपयोग करंगे तो वो लोग ये बात अपने दिमाक से निकाल दो सरपंच,उपसरपंच,ग्राम पंचायत के कार्येकर्ता सब पर कार्यवाही की जाय।हर गाँव का युवा अब चुप नही रहेगा जो भी दोषी हैं उन सब पर सख्त कार्यवाही की जायगी। युवाओं की आवाज़ आपका अपना अनिल मुड़ाई ओड
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    खैरथल तिजारा जिले के किशनगढ़ बास पंचायत समिति के ग्राम पंचायत मीरका के भवन में भरा प्याज का बीज साथ ही सरकारी भवन के साथ-साथ सरकारी बिजली का भी हो रहा है दुरुपयोग जिम्मेदार बेखबर
जो लोग सोचते हैं की हम सता में रहे कर सरकारी प्रॉपर्टी का दुरपयोग करंगे तो वो लोग ये बात अपने दिमाक से निकाल दो सरपंच,उपसरपंच,ग्राम पंचायत के कार्येकर्ता सब पर कार्यवाही की जाय।हर गाँव का युवा अब चुप नही रहेगा जो भी दोषी हैं उन सब पर सख्त कार्यवाही की जायगी।
युवाओं की आवाज़ आपका अपना 
अनिल मुड़ाई ओड
    user_अनिल ओड
    अनिल ओड
    Welder किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • खैरथल जिले में दो दिन से बारिश, बांधों में पानी की आवक; किसानों के खिले चेहरे, प्याज की फसल को नुकसान की आशंका खैरथल, जिले में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र के बांधों और जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और उत्पादन बेहतर होगा। हालांकि, लगातार बारिश ने कुछ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और दलदल जैसी स्थिति बनने से प्याज की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार जिन खेतों में प्याज की फसल लगी हुई है, वहां जलभराव के कारण फसल डूबने की कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में बारिश किसानों के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई है। एक ओर जहां खरीफ फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हो रही है और बांधों में पानी की आवक से जलस्रोतों को राहत मिली है, वहीं प्याज उत्पादक किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी तेज बारिश जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो प्याज की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम के अगले दौर और खेतों में जलभराव की स्थिति पर टिकी हुई है।
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    खैरथल जिले में दो दिन से बारिश, बांधों में पानी की आवक; किसानों के खिले चेहरे, प्याज की फसल को नुकसान की आशंका
खैरथल, जिले में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते क्षेत्र के बांधों और जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों को उम्मीद है कि बारिश से खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और उत्पादन बेहतर होगा।
हालांकि, लगातार बारिश ने कुछ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और दलदल जैसी स्थिति बनने से प्याज की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार जिन खेतों में प्याज की फसल लगी हुई है, वहां जलभराव के कारण फसल डूबने की कगार पर पहुंच गई है।
ऐसे में बारिश किसानों के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई है। एक ओर जहां खरीफ फसलों के लिए बारिश वरदान साबित हो रही है और बांधों में पानी की आवक से जलस्रोतों को राहत मिली है, वहीं प्याज उत्पादक किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी तेज बारिश जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई तो प्याज की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम के अगले दौर और खेतों में जलभराव की स्थिति पर टिकी हुई है।
    user_Pramod Kewlani
    Pramod Kewlani
    Local News Reporter खैरथल, अलवर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • मुख्यमंत्री उडन दस्ता फरीदाबाद द्वारा गांव अजरौंदा के राशन डिपो का औचक निरीक्षण करने पर एक राशन डिपो के स्टॉक में करीब 415 किवंटल गेंहू, 3800 लीटर सरसों तेल, 121 किवंटल बाजरा व 2 किवंटल चीनी पाई गई कम राशन डिपो धारक के विरुद्ध दर्ज कराई जा रही है FIR आज दिनांक 25.08.2026 को मुख्यमंत्री उडन दस्ता फरीदाबाद को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि गांव अजरौंदा के राशन डिपो धारक प्रेम सिंह व सुमित द्वारा सरकारी राशन वितरण में अनियमितता बरती जा रही है। यदि अचानक चेकिंग की जाए तो काफी मात्रा में स्टॉक कम या ज्यादा मिलेगा क्योंकि राशन डिपो धारकों द्वारा सरकारी राशन की कालाबाजारी की जाती है इस सूचना के सम्बंध में मुख्यमंत्री उडन दस्ता फरीदाबाद टीम द्वारा DFSC फरीदाबाद कार्यालय टीम के साथ गांव अजरौंदा में राधा स्वामी सत्संग सेंटर के नजदीक प्रेम सिंह व सुमित के राशन डिपो का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण पर प्रेम सिंह को अलॉट FS ID अनुसार मशीन में ऑनलाइन स्टॉक अनुसार गेंहू 4 किलोग्राम, चीनी 434 किलोग्राम व सरसों तेल 7 लीटर होना चाहिये था। उसका भौतिक निरीक्षण से मिलान किया गया। जो ठीक पाया गया। मौका पर कोई अनियमितताए सामने नही आई। संयुक्त टीम द्वारा साथ बने कमरों में सुमित के राशन डिपो का औचक निरीक्षण किया गया। सुमित को मौका पर बुलाया गया लेकिन बार बार सम्पर्क करने के बाद भी सुमित हाजिर नही आया व राशन डिपो का निरीक्षण प्रेम सिंह राशन डिपो धारक व सुमित के मकान मालिक की हाजरी में किया गया। निरीक्षण करने पर ऑनलाइन स्टॉक अनुसार गेंहू 551 किवंटल, चीनी 2 किवंटल, सरसों तेल 3805 लीटर व बाजरा 121 किवंटल होना चाहिए था। लेकिन भौतिक निरीक्षण करने पर गेहूं 415 किवंटल, सरसों तेल 3805 लीटर, चीनी 2 किवंटल व बाजरा 121 किवंटल कम पाया गया। पूछताछ पर पाया गया कि सुमित द्वारा सरकारी राशन को पिछले एक माह से इसी स्थान पर रखकर वितरित किया जाता है। लेकिन असल कार्ड धारकों को राशन वितरित ना करके सरकारी राशन की कालाबाजारी करने की नीयत से सरकारी राशन को बेचना पाया गया है। इस प्रकार स्टॉक अनुसार सरकारी राशन मौका पर ना मिलने पर श्री रूप चंद खाद्य निरीक्षक की शिकायत पर सुमित राशन डिपो धारक के खिलाफ थाना सेंट्रल फरीदाबाद में अभियोग अंकित किया जा रहा है।
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    मुख्यमंत्री उडन दस्ता फरीदाबाद द्वारा गांव अजरौंदा के राशन डिपो का औचक निरीक्षण करने पर एक राशन डिपो के स्टॉक में करीब 415 किवंटल गेंहू, 3800 लीटर सरसों तेल, 121 किवंटल बाजरा व 2 किवंटल चीनी पाई गई कम राशन डिपो धारक के विरुद्ध दर्ज कराई जा रही है FIR
आज दिनांक 25.08.2026 को मुख्यमंत्री उडन दस्ता फरीदाबाद को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि गांव अजरौंदा के राशन डिपो धारक प्रेम सिंह व सुमित द्वारा सरकारी राशन वितरण में अनियमितता बरती जा रही है। यदि अचानक चेकिंग की जाए तो काफी मात्रा में स्टॉक कम या ज्यादा मिलेगा क्योंकि राशन डिपो धारकों द्वारा सरकारी राशन की कालाबाजारी की जाती है
इस सूचना के सम्बंध में मुख्यमंत्री उडन दस्ता फरीदाबाद टीम द्वारा DFSC फरीदाबाद कार्यालय टीम के साथ गांव अजरौंदा में राधा स्वामी सत्संग सेंटर के नजदीक प्रेम सिंह व सुमित के राशन डिपो का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण पर प्रेम सिंह को अलॉट FS ID अनुसार मशीन में ऑनलाइन स्टॉक अनुसार गेंहू 4 किलोग्राम, चीनी 434 किलोग्राम व सरसों तेल 7 लीटर होना चाहिये था। उसका भौतिक निरीक्षण से मिलान किया गया। जो ठीक पाया गया। मौका पर कोई अनियमितताए सामने नही आई।
संयुक्त टीम द्वारा साथ बने कमरों में सुमित के राशन डिपो का औचक निरीक्षण किया गया। सुमित को मौका पर बुलाया गया लेकिन बार बार सम्पर्क करने के बाद भी सुमित हाजिर नही आया व राशन डिपो का निरीक्षण प्रेम सिंह राशन डिपो धारक व सुमित के मकान मालिक की हाजरी में किया गया। निरीक्षण करने पर ऑनलाइन स्टॉक अनुसार गेंहू 551 किवंटल, चीनी 2 किवंटल, सरसों तेल 3805 लीटर व बाजरा 121 किवंटल होना चाहिए था। लेकिन भौतिक निरीक्षण करने पर गेहूं 415 किवंटल, सरसों तेल 3805 लीटर, चीनी 2 किवंटल व बाजरा 121 किवंटल कम पाया गया। पूछताछ पर पाया गया कि सुमित द्वारा सरकारी राशन को पिछले एक माह से इसी स्थान पर रखकर वितरित किया जाता है। लेकिन असल कार्ड धारकों को राशन वितरित ना करके सरकारी राशन की कालाबाजारी करने की नीयत से सरकारी राशन को बेचना पाया गया है। इस प्रकार स्टॉक अनुसार सरकारी राशन मौका पर ना मिलने पर श्री रूप चंद खाद्य निरीक्षक की शिकायत पर सुमित राशन डिपो धारक के खिलाफ थाना सेंट्रल फरीदाबाद में अभियोग अंकित किया जा रहा है।
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी? स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
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    सीकरी की वाल्मीकि कॉलोनी में कचरे का अंबार, सड़क बनी कूड़ाघर

सीकरी। कस्बे की वाल्मीकि कॉलोनी में सफाई व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आई है। कॉलोनी की सड़क पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों का रास्ते से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कचरे के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा जाम है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियां भी कचरे से जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी जमा हो रहा है। बदबू और गंदगी के बीच बच्चों और लोगों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।
वहीं, बस स्टैंड क्षेत्र में भी कचरा पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि खुले में पड़े कचरे को गायें खाती नजर आ रही हैं। इससे आवारा पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभाग मौजूद हैं, तो आखिर कचरा उठाने और नालियों की सफाई की व्यवस्था कब सुधरेगी?
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से वाल्मीकि कॉलोनी और बस स्टैंड क्षेत्र में तत्काल सफाई करवाने, सड़क से कचरा हटाने और जाम नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
    user_SANDEEP SHARMA
    SANDEEP SHARMA
    News Anchor सीकरी, भरतपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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