बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। जोहार झारखंड//सतीश कुमार बालूमाथ। कोयला वाहनों से उड़ती धूल, सड़क जाम, स्थानीय सुविधाओं की कमी और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को बालूमाथ प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में एसडीएम दिनेश कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीणों, व्यवसायियों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में व्यवसायिक संघ एवं ग्रामीणों ने मुख्य बाजार में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक कोयला वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि कोयला परियोजनाओं के संचालन के कारण क्षेत्र की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे धूल, जाम और सड़क दुर्घटना जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। CSR को लेकर कंपनी से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांगा जवाब बैठक के दौरान सीएसआर (CSR) फंड से क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी कंपनी के प्रतिनिधियों से सवाल किए गए। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों में कंपनी की ओर से सामाजिक विकास के लिए कार्य किए जाने की अपेक्षा है। बैठक में यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया कि परियोजना के आसपास लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में CSR के माध्यम से स्थानीय विकास कार्य किए जाने की बात कही जाती है, तो अब तक बालूमाथ क्षेत्र में कंपनी ने कौन-कौन से ठोस और स्थायी कार्य किए हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी से पूछा कि यदि CSR के तहत कार्य किए गए हैं तो कार्य का नाम, स्थान, राशि और लाभुक क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, कंपनी की ओर से इस सवाल पर ऐसा कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वहीं, आधिकारिक परियोजना दस्तावेजों में भी क्षेत्र में CSR तथा अन्य मदों के माध्यम से आसपास के गांवों में सामुदायिक विकास गतिविधियां किए जाने का उल्लेख मिलता है। बाइपास सड़क और ग्रामीण सड़कों का भी उठा मुद्दा ग्रामीणों ने कहा कि तुबेद कोल माइंस शुरू होने के समय अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक ग्रामीण सड़कों से ही कोयला परिवहन किया जा रहा है। कंपनी की ओर से बाइपास सड़क की योजना की जानकारी दी गई, लेकिन रैयतों से अब तक बातचीत नहीं होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बालूमाथ में डीएवी स्कूल, अस्पताल, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने तथा सब्जी दुकानों को बाजार शेड में शिफ्ट कराने और सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराने की बात कही। डीटीओ उमेश मंडल ने सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई तथा हाईवे से संबंधित कागजात और चालकों के लाइसेंस की जांच की बात कही। व्यवसायिक संघ की ओर से कहा गया कि यदि 23 सितंबर तक ठोस जवाब नहीं मिला, तो 24 सितंबर से सड़क जाम किया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल—क्षेत्र को आखिर क्या मिला? बैठक में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बालूमाथ से बड़ी मात्रा में कोयला परिवहन होने के बावजूद स्थानीय क्षेत्र में इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देना चाहिए। लोगों ने कंपनी से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि CSR कार्यों की स्पष्ट सूची, राशि और कार्यस्थल की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। बैठक में दिनेश कुमार, संदीप कुमार, निजामुद्दीन कुरैशी, प्रेम प्रसाद गुप्ता, मोनू गुप्ता, मो. तौफीक, विधायक प्रतिनिधि संजय यादव, पिंटू नायक, मुखिया नरेश लोहरा, जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी, ईश्वरी पासवान, डीटीओ उमेश मंडल, नदीम सफी, थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा, सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, तेतरियाखाड़ परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत सहित कंपनी एवं क्षेत्र के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। जोहार झारखंड//सतीश कुमार बालूमाथ। कोयला वाहनों से उड़ती धूल, सड़क जाम, स्थानीय सुविधाओं की कमी और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को बालूमाथ प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में एसडीएम दिनेश कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीणों, व्यवसायियों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में व्यवसायिक संघ एवं ग्रामीणों ने मुख्य बाजार में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक कोयला वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि कोयला परियोजनाओं के संचालन के कारण क्षेत्र की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे धूल, जाम और सड़क दुर्घटना जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। CSR को लेकर कंपनी से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांगा जवाब बैठक के दौरान सीएसआर (CSR) फंड से क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी कंपनी के प्रतिनिधियों से सवाल किए गए। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों में कंपनी की ओर से सामाजिक विकास के लिए कार्य किए जाने की अपेक्षा है। बैठक में यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया कि परियोजना के आसपास लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में CSR के माध्यम से स्थानीय विकास कार्य किए जाने की बात कही जाती है, तो अब तक बालूमाथ क्षेत्र में कंपनी ने कौन-कौन से ठोस और स्थायी कार्य किए हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी से पूछा कि यदि CSR के तहत कार्य किए गए हैं तो कार्य का नाम, स्थान, राशि और लाभुक क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, कंपनी की ओर से इस सवाल पर ऐसा कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वहीं, आधिकारिक परियोजना दस्तावेजों में भी क्षेत्र में CSR तथा अन्य मदों के माध्यम से आसपास के गांवों में सामुदायिक विकास गतिविधियां किए जाने का उल्लेख मिलता है। बाइपास सड़क और ग्रामीण सड़कों का भी उठा मुद्दा ग्रामीणों ने कहा कि तुबेद कोल माइंस शुरू होने के समय अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक ग्रामीण सड़कों से ही कोयला परिवहन किया जा रहा है। कंपनी की ओर से बाइपास सड़क की योजना की जानकारी दी गई, लेकिन रैयतों से अब तक बातचीत नहीं होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बालूमाथ में डीएवी स्कूल, अस्पताल, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने तथा सब्जी दुकानों को बाजार शेड में शिफ्ट कराने और सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराने की बात कही। डीटीओ उमेश मंडल ने सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई तथा हाईवे से संबंधित कागजात और चालकों के लाइसेंस की जांच की बात कही। व्यवसायिक संघ की ओर से कहा गया कि यदि 23 सितंबर तक ठोस जवाब नहीं मिला, तो 24 सितंबर से सड़क जाम किया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल—क्षेत्र को आखिर क्या मिला? बैठक में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बालूमाथ से बड़ी मात्रा में कोयला परिवहन होने के बावजूद स्थानीय क्षेत्र में इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देना चाहिए। लोगों ने कंपनी से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि CSR कार्यों की स्पष्ट सूची, राशि और कार्यस्थल की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। बैठक में दिनेश कुमार, संदीप कुमार, निजामुद्दीन कुरैशी, प्रेम प्रसाद गुप्ता, मोनू गुप्ता, मो. तौफीक, विधायक प्रतिनिधि संजय यादव, पिंटू नायक, मुखिया नरेश लोहरा, जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी, ईश्वरी पासवान, डीटीओ उमेश मंडल, नदीम सफी, थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा, सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, तेतरियाखाड़ परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत सहित कंपनी एवं क्षेत्र के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
- बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। बालूमाथ में एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, कोयला परिवहन और स्थानीय विकास को लेकर ग्रामीणों ने उठाये सवाल। जोहार झारखंड//सतीश कुमार बालूमाथ। कोयला वाहनों से उड़ती धूल, सड़क जाम, स्थानीय सुविधाओं की कमी और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार को बालूमाथ प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में एसडीएम दिनेश कुमार की अध्यक्षता में ग्रामीणों, व्यवसायियों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में व्यवसायिक संघ एवं ग्रामीणों ने मुख्य बाजार में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक कोयला वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि कोयला परियोजनाओं के संचालन के कारण क्षेत्र की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे धूल, जाम और सड़क दुर्घटना जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। CSR को लेकर कंपनी से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांगा जवाब बैठक के दौरान सीएसआर (CSR) फंड से क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को लेकर भी कंपनी के प्रतिनिधियों से सवाल किए गए। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों में कंपनी की ओर से सामाजिक विकास के लिए कार्य किए जाने की अपेक्षा है। बैठक में यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया कि परियोजना के आसपास लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में CSR के माध्यम से स्थानीय विकास कार्य किए जाने की बात कही जाती है, तो अब तक बालूमाथ क्षेत्र में कंपनी ने कौन-कौन से ठोस और स्थायी कार्य किए हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कंपनी से पूछा कि यदि CSR के तहत कार्य किए गए हैं तो कार्य का नाम, स्थान, राशि और लाभुक क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, कंपनी की ओर से इस सवाल पर ऐसा कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वहीं, आधिकारिक परियोजना दस्तावेजों में भी क्षेत्र में CSR तथा अन्य मदों के माध्यम से आसपास के गांवों में सामुदायिक विकास गतिविधियां किए जाने का उल्लेख मिलता है। बाइपास सड़क और ग्रामीण सड़कों का भी उठा मुद्दा ग्रामीणों ने कहा कि तुबेद कोल माइंस शुरू होने के समय अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक ग्रामीण सड़कों से ही कोयला परिवहन किया जा रहा है। कंपनी की ओर से बाइपास सड़क की योजना की जानकारी दी गई, लेकिन रैयतों से अब तक बातचीत नहीं होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बालूमाथ में डीएवी स्कूल, अस्पताल, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाने तथा सब्जी दुकानों को बाजार शेड में शिफ्ट कराने और सड़क चौड़ीकरण के लिए सर्वे कराने की बात कही। डीटीओ उमेश मंडल ने सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई तथा हाईवे से संबंधित कागजात और चालकों के लाइसेंस की जांच की बात कही। व्यवसायिक संघ की ओर से कहा गया कि यदि 23 सितंबर तक ठोस जवाब नहीं मिला, तो 24 सितंबर से सड़क जाम किया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल—क्षेत्र को आखिर क्या मिला? बैठक में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बालूमाथ से बड़ी मात्रा में कोयला परिवहन होने के बावजूद स्थानीय क्षेत्र में इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखाई देना चाहिए। लोगों ने कंपनी से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि CSR कार्यों की स्पष्ट सूची, राशि और कार्यस्थल की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। बैठक में दिनेश कुमार, संदीप कुमार, निजामुद्दीन कुरैशी, प्रेम प्रसाद गुप्ता, मोनू गुप्ता, मो. तौफीक, विधायक प्रतिनिधि संजय यादव, पिंटू नायक, मुखिया नरेश लोहरा, जिप उपाध्यक्ष अनिता देवी, ईश्वरी पासवान, डीटीओ उमेश मंडल, नदीम सफी, थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा, सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ सोमा उरांव, तेतरियाखाड़ परियोजना पदाधिकारी जेपी रावत सहित कंपनी एवं क्षेत्र के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।1
- महुआडार गारू एवं सरयू प्रखंड में अवस्थित सरना भवन में करम पूर्व संध्या समारोह धूमधाम से मनाया गया सोमवार की शाम 4:00 बजे । आयोजित समारोह में तीनों स्थानों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण युक्ति महिलाएं उपस्थित होकर करम पूजा कर भाई एवं भाई रूपी प्राकृतिक भाई की लंबी आयु की कामना किया । पूजा अर्चना के उपरांत अखड़ा में जमकर पारंपरिक नाच गान मंडर की थाप पर किया।1
- चंद्रगुप्त कोल प्रोजेक्ट में ‘गुंडा टैक्स’ का खेल? ट्रकों से ₹3–4 हजार वसूली का वीडियो वायरल, 3 महीने में ₹10 करोड़ से ज्यादा वसूली के आरोप1
- कोराबार मैदान में फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल, चिरौंदी बनी विजेता विधायक सुरेश कुमार बैठा ने किया पुरस्कार वितरण, बोले—अगले साल इसी मैदान में होगा स्टेडियम बुढ़मू। युवा शक्ति क्लब कोराबार के तत्वावधान में सोमवार को कोराबार मैदान में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला संपन्न हुआ। फाइनल मैच में चिरौंदी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि चटवल की टीम उपविजेता रही। विजेता एवं उपविजेता टीम को मुख्य अतिथि कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने अपने हाथों से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि खेल जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेल से युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि कोराबार मैदान में अगले वर्ष तक स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल इसी मैदान में बनने वाले नए स्टेडियम में आयोजित फाइनल मैच में पुरस्कार वितरण करने के लिए वह पुनः आएंगे। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि गोपाल तिवारी, जिला परिषद सदस्य मनोज बाजपेई, शमीम बड़ेहार, पार्वती देवी, संजय पटेल, एहसान अंसारी, राजकुमार महतो, ललित महतो, संजय महतो, रंथेश्वर गिरी, अंसारूल हक, कुदुस अंसारी, अरशद आलम, हाफिज राजा, मदन महतो सहित सैकड़ों खेलप्रेमी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।1
- 5 साल में नहीं पहुंचा पानी कब जागेंगे मुखिया?🤔😱 #shorts #shortvideo #viralvideo #pani #mukhiya1
- लोहरदगा के पहाड़ी छेत्र की हलात देखकर आप दंग रह जायेंगे लोहरदगा के पहाड़ी छेत्र की हलात देखकर आप दंग रह जायेंगे1
- राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम को आदिवासी परंपरा तऱीके से किया भव्य स्वागत लातेहार : मांदर की थाप, करमा गीत और पारंपरिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सोमवार को उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, जलता का परिसर पूरी तरह करमा पर्व के रंग में रंग गया। करमा पर्व की पूर्व संध्या पर विद्यालय परिवार की ओर से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने करमा गीत, पारंपरिक नृत्य और झारखंड की लोक-संस्कृति पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। मांदर की थाप पर विद्यार्थियों के कदम थिरके तो पूरा विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से जुड़े करमा पर्व का संदेश भी दिया। मौके पर संबोधन में राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही धर्म हमें सिखाता है। करमा पर्व प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक एकता का पर्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी लोक-संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। सांसद ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उनकी प्रतिभा को सामने लाने के लिए उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम को सम्मानित किया गया और स्मृति-चिह्न भेंट किया गया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी और अन्य लोग उपस्थित थे।1
- बुजुर्ग को जिसे मृत समझकर आसपास में मचा हड़कंप, वह निकला जीवित लातेहार : तपोवन पार्क के समीप सोमवार को सड़क किनारे एक बुजुर्ग को अचेत अवस्था में पड़े देखकर लोगों ने उन्हें मृत समझ लिया। कुछ ही देर में अज्ञात शव मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच में बुजुर्ग के जीवित होने की जानकारी मिली। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बुजुर्ग की पहचान चंदनडीह निवासी स्वारथ यादव (70) के रूप में हुई। स्वजनों के अनुसार वह 17 सितंबर से घर से लापता थे। उनकी तलाश में स्वजन कई जगहों पर खोजबीन कर रहे थे। इसी बीच तपोवन पार्क के पास उनके पड़े होने की सूचना मिली। लातेहार थाना के पुलिस कामता कुमार ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस वाहन से स्वारथ यादव को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। उनके पुत्र परवेश्वर यादव ने कहा कि ईश्वर की कृपा से उनके पिता जीवित मिल गए। फिलहाल उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1