*सतना में एंबुलेंस मरीजों के लिए खतरे से खाली नहीं, एंबुलेंस मेंटिनेंस के नाम पर प्रशासन को ठेंगा* सतना। एंबुलेंस संविदाकार का आतंक जारी है। इन्हें सिर्फ अपनी कमाई से मतलब है। मरीजों की जान से इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। शुक्रवार की शाम एक एंबुलेंस में कुपोषण से गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चे को रीवा रेफर किया गया। और जिस एंबुलेंस से मासूम को रेफर किया गया उसमें गेट नहीं बंद होता सकता था। एंबुलेंस में तारबाड़ी करके गेट को बंद किया गया। इसके साथ ही एंबुलेंस के अंदर लाइट भी बंद थी। यानी अंधेरे में मासूम को रीवा ले जाया गया। मेंटीनेंस के नाम पर एंबुलेंस संविदाकार केवल अपना कोरम पूरा कर रहे हैं। वही दूसरी ओर मरीजों के जान से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके पूर्व में रामनगर से रेफर मरीज को जिला अस्पताल जिस एंबुलेंस से लाया गया था। उसका भी गेट खोलने के लिए चालक को खिड़की से अंदर जाना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग की ये बड़ी लापरवाही किसी दिन बड़ा हादसा बनकर सामने आएगी।
*सतना में एंबुलेंस मरीजों के लिए खतरे से खाली नहीं, एंबुलेंस मेंटिनेंस के नाम पर प्रशासन को ठेंगा* सतना। एंबुलेंस संविदाकार का आतंक जारी है। इन्हें सिर्फ अपनी कमाई से मतलब है। मरीजों की जान से इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। शुक्रवार की शाम एक एंबुलेंस में कुपोषण से गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चे को रीवा रेफर किया गया। और जिस एंबुलेंस से मासूम को रेफर किया गया उसमें गेट नहीं बंद होता सकता था। एंबुलेंस में तारबाड़ी करके गेट को बंद किया गया। इसके साथ ही एंबुलेंस के अंदर लाइट भी बंद थी। यानी अंधेरे में मासूम को रीवा ले जाया गया। मेंटीनेंस के नाम पर एंबुलेंस संविदाकार केवल अपना कोरम पूरा कर रहे हैं। वही दूसरी ओर मरीजों के जान से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके पूर्व में रामनगर से रेफर मरीज को जिला अस्पताल जिस एंबुलेंस से लाया गया था। उसका भी गेट खोलने के लिए चालक को खिड़की से अंदर जाना पड़ा था। स्वास्थ्य विभाग की ये बड़ी लापरवाही किसी दिन बड़ा हादसा बनकर सामने आएगी।
- Post by Neeraj Ravi1
- *सतना: उचेहरा SBI में 'तालाबंदी', कार्य समय के दौरान ही ग्राहकों के लिए बंद हुए दरवाजे* सतना। जिले के उचेहरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से तानाशाही और लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने निर्धारित वर्किंग आवर्स (कार्य समय) खत्म होने से पहले ही मुख्य गेट पर ताला लटका दिया, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। *समय से पहले लगा ताला* जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:45 बजे जब ग्राहक बैंक के काम से पहुंचे, तो उन्हें गेट पर ताला लटका मिला। जबकि नियमानुसार बैंक के लेनदेन का समय शाम 4:00 बजे तक होता है। बैंक के अंदर कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन बाहर खड़े ग्राहकों की गुहार सुनने वाला कोई नहीं था। *ग्राहकों में भारी आक्रोश* बैंक के इस रवैये से नाराज ग्राहकों ने मौके पर ही वीडियो बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्राहकों का कहना है कि वे अपने जरूरी कामों के लिए समय निकालकर बैंक आए थे, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही गेट बंद कर दिए जाने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग और किसान भी इस भीषण गर्मी में परेशान होते नजर आए। *प्रबंधन पर उठे सवाल* यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों, लेकिन उचेहरा SBI की इस 'तालाबंदी' ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। आखिर किसके आदेश पर समय से पहले गेट बंद किया गया? क्या बैंक प्रबंधन को आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है? परेशान ग्राहकों ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच करने और दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके। *रिपोर्ट: उचेहरा न्यूज़*1
- उंचेहरा रेल्वे फांटक हुआ खराब रात्रि में वाहन चालक हुए परेशान। उंचेहरा रेल्वे फांटक के बगल से बना रेल्वे ओवर ब्रिज रामपथगमन मॉर्ग के हिसाब से बना है।ओवर ब्रिज के दोनों ओर व्यस्थिति चौराहा का निर्माण नही होने से कुलपुरा मोड़ एवं ओवर ब्रिज के दूसरे छोर पर आए दिन सकड हादसे घटित हो रहे है।जब भी रेल्वे फांटक बंद व खराब होता है मजबूरन ग्रामीण ओवर ब्रिज का सहारा लेते है। लेकिन शूक्रवार की रात्रि उंचेहरा रेल्वे फटाक खराब होने से कई गाव के ग्रामीणो के साथ रात्रि में वाहन चालक हुए परेशान।1
- सतना - रील बनाने के दौरान होते होते टल गया बड़ा हादसा सफारी गाड़ी में स्टंट कर रहे थे चार नाबालिग, अचानक अनियंत्रित होकर ब्रिज में लटकी सफारी गाड़ी, नागौद के वसुधा मन्दिर के पास स्थित ब्रिज पुल की घटना।1
- Post by Sharda Shrivastava1
- Post by Satyanarayan tiwari1
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