नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बन 30.88 लाख की ठगी, फर्जी चेक देकर फरार बस्ती के मुंडेरवा थाना क्षेत्र में आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवकों से 30.88 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को आयकर विभाग का इंस्पेक्टर बताकर पहले आउटसोर्सिंग और फिर स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 3 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, परसा बोधी गांव निवासी विजेंद्र कुमार चौधरी ने तहरीर में बताया कि सिद्धार्थनगर के सोनखर निवासी आकाश कुमार ने खुद को आयकर विभाग का इंस्पेक्टर बताया था। उसने विजेंद्र और उनके दो दोस्तों को आयकर विभाग व सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए। तहरीर के अनुसार, आरोपी ने विजेंद्र कुमार चौधरी से 15 लाख रुपये, उनके मित्र मनोज चौधरी से 12 लाख रुपये और पंकज कुमार चौधरी से 3.88 लाख रुपये वसूले। इस तरह तीनों से कुल 30.88 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपी ने विजेंद्र को दिल्ली में प्रशिक्षण दिलाया और बाद में जॉइनिंग के नाम पर पटना भेज दिया। इतना ही नहीं, उसने 44,500 रुपये की दो किश्तें वेतन के रूप में भी दीं, ताकि किसी तरह का शक न हो। जब नौकरी नहीं मिली तो आरोपी ने दो-दो लाख रुपये के तीन चेक दिए। लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर गलत हस्ताक्षर होने के कारण तीनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मुंडेरवा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपी आकाश कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बन 30.88 लाख की ठगी, फर्जी चेक देकर फरार बस्ती के मुंडेरवा थाना क्षेत्र में आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवकों से 30.88 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को आयकर विभाग का इंस्पेक्टर बताकर पहले आउटसोर्सिंग और फिर स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 3 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, परसा बोधी गांव निवासी विजेंद्र कुमार चौधरी ने तहरीर में बताया कि सिद्धार्थनगर के सोनखर निवासी आकाश कुमार ने खुद को आयकर विभाग का इंस्पेक्टर बताया था। उसने विजेंद्र और उनके दो दोस्तों को आयकर विभाग व सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए। तहरीर के अनुसार, आरोपी ने विजेंद्र कुमार चौधरी से 15 लाख रुपये, उनके मित्र मनोज चौधरी से 12 लाख रुपये और पंकज कुमार चौधरी से 3.88 लाख रुपये वसूले। इस तरह तीनों से कुल 30.88 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपी ने विजेंद्र को दिल्ली में प्रशिक्षण दिलाया और बाद में जॉइनिंग के नाम पर पटना भेज दिया। इतना ही नहीं, उसने 44,500 रुपये की दो किश्तें वेतन के रूप में भी दीं, ताकि किसी तरह का शक न हो। जब नौकरी नहीं मिली तो आरोपी ने दो-दो लाख रुपये के तीन चेक दिए। लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर गलत हस्ताक्षर होने के कारण तीनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मुंडेरवा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपी आकाश कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- संत कबीर नगर यातायात विभाग को मिली इंटरसेप्टर गाड़ी, संचालन की जिम्मेदारी संजय राय को सौंपी गई_______________________ राघवेन्द्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर पुलिस अधीक्षक संदीप मीना के निर्देशन में हाईवे पर ओवरस्पीडिंग पर कसेगा शिकंजा................................... संत कबीर नगर 05 अगस्त 2026। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित गति को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने यातायात विभाग को आधुनिक इंटरसेप्टर वाहन उपलब्ध कराया है। इस वाहन के संचालन की पूरी जिम्मेदारी यातायात विभाग के अनुभवी कर्मी संजय राय को दी गई है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार के पर्यवेक्षण और यातायात प्रभारी परमहंस के नेतृत्व में यह पहल शुरू की गई है। संत कबीर नगर से गुजरने वाले हाईवे पर रोजाना भारी और हल्के वाहनों का दबाव रहता है। पिछले कुछ समय में तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण कई गंभीर हादसे हुए। इन घटनाओं को देखते हुए विभाग को तकनीकी रूप से मजबूत करने का निर्णय लिया गया। नए इंटरसेप्टर वाहन में अत्याधुनिक स्पीड रडार, हाई रेजोल्यूशन कैमरे और वायरलेस संचार प्रणाली लगाई गई है। इसकी मदद से अब दूर से ही तेज गति वाले वाहनों की पहचान कर उनका फोटो और वीडियो साक्ष्य तैयार किया जा सकेगा। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कहा कि इस वाहन का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में भय नहीं बल्कि अनुशासन पैदा करना है। जब चालकों को पता होगा कि हाईवे पर लगातार निगरानी हो रही है तो वे स्वतः गति सीमा का पालन करेंगे। उन्होंने यातायात टीम को निर्देशित किया है कि हर कार्रवाई के साथ चालकों को सीट बेल्ट, हेलमेट और गति सीमा के प्रति जागरूक भी किया जाए। इसी क्रम में यातायात प्रभारी परमहंस के नेतृत्व में स्कूल, कॉलेज और प्रमुख बाजारों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार संजय राय को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे इंटरसेप्टर का अधिकतम और सही उपयोग कर सकें। क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार नियमित रूप से गश्त का निरीक्षण करेंगे। प्राथमिकता उन स्थानों को दी जाएगी जो दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इंटरसेप्टर के माध्यम से दिन और रात दोनों समय निगरानी संभव होगी। इसके अलावा दुर्घटना होने पर यह वाहन तुरंत थाने और एंबुलेंस से समन्वय कर मदद पहुंचाने का काम भी करेगा। संजय राय ने बताया कि पहले तेज वाहनों को पकड़ने के लिए पीछा करना पड़ता था जिससे समय भी लगता था और जोखिम भी बढ़ जाता था। अब तकनीक के सहारे बिना भागदौड़ के ही नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो सकेगी। इससे विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। यातायात विभाग ने आमजन से सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि हाईवे पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा का ध्यान रखें, ओवरटेक सोच समझकर करें और शराब पीकर वाहन न चलाएं। यह इंटरसेप्टर सजा के लिए नहीं बल्कि हर परिवार को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए लाया गया है। प्रशासन का मानना है कि तकनीक, सख्त निगरानी और जनता की भागीदारी से संत कबीर नगर को दुर्घटना मुक्त बनाया जा सकता है। इंटरसेप्टर वाहन और संजय राय के नेतृत्व में इसकी गश्त इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।4
- नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बन 30.88 लाख की ठगी, फर्जी चेक देकर फरार बस्ती के मुंडेरवा थाना क्षेत्र में आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवकों से 30.88 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को आयकर विभाग का इंस्पेक्टर बताकर पहले आउटसोर्सिंग और फिर स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 3 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, परसा बोधी गांव निवासी विजेंद्र कुमार चौधरी ने तहरीर में बताया कि सिद्धार्थनगर के सोनखर निवासी आकाश कुमार ने खुद को आयकर विभाग का इंस्पेक्टर बताया था। उसने विजेंद्र और उनके दो दोस्तों को आयकर विभाग व सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए। तहरीर के अनुसार, आरोपी ने विजेंद्र कुमार चौधरी से 15 लाख रुपये, उनके मित्र मनोज चौधरी से 12 लाख रुपये और पंकज कुमार चौधरी से 3.88 लाख रुपये वसूले। इस तरह तीनों से कुल 30.88 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों का विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपी ने विजेंद्र को दिल्ली में प्रशिक्षण दिलाया और बाद में जॉइनिंग के नाम पर पटना भेज दिया। इतना ही नहीं, उसने 44,500 रुपये की दो किश्तें वेतन के रूप में भी दीं, ताकि किसी तरह का शक न हो। जब नौकरी नहीं मिली तो आरोपी ने दो-दो लाख रुपये के तीन चेक दिए। लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर गलत हस्ताक्षर होने के कारण तीनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मुंडेरवा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपी आकाश कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- झारखंड के रांची में छात्रों का धरना प्रदर्शन और अनशन, हेमंत सोरेन की बढ़ी टेंशन,पेपर धांधली पर..आंदोलन...। झारखंड के रांची में छात्रों का धरना प्रदर्शन और अनशन, हेमंत सोरेन की बढ़ी टेंशन,पेपर धांधली पर..आंदोलन...।1
- Gorakhpur University Convocation 2026: होर्डिंग में मंत्री का नाम गलत! DDU University की बड़ी चूक पर उठे सवाल1
- दुष्कर्म और हत्या की शिकार 10 वर्षीय मासूम बच्ची के लिए सपा नेत्री ने उठाई कड़ी आवाज। मुख्यमंत्री योगी का शहर कहे जाने वाले गोरखपुर में विकृत मानसिकता से लबरेज यूपी पुलिस के सिपाही ने 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद मौत के घाट उतार दिया। यह घटना कानून व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़ा करती है। समाजवादी पार्टी की महिला नेत्री ने बच्ची के गरीब माता-पिता को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा बलात्कारी को कड़ी सजा देने की मांग उठाई है।1
- झंगहा में वन विभाग की बड़ी छापेमारी,80 बोटा साखू-सागौन व 20 कुंतल जलौनी लकड़ी बरामद,वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर लकड़ी जब्त,3 दिन में कागजात नहीं दिए तो होगी सख्त कार्रवाई....1
- गोरखपुर पुलिस के बहादुर श्वान ‘वैनमोर’ को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि गोरखपुर, 04 अगस्त 2026। गोरखपुर पुलिस के श्वान दस्ते के बहादुर श्वान ‘वैनमोर’ के दुखद निधन पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर द्वारा वैनमोर को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक, डॉग स्क्वाड की टीम समेत अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्वान ‘वैनमोर’ वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद गोरखपुर पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल हुआ था। अपने सेवाकाल के दौरान वैनमोर ने श्री गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा ड्यूटी, वीआईपी/वीवीआईपी ड्यूटी, महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा जांच, घटनास्थलों के निरीक्षण और खोजी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैनमोर ने विभिन्न घटनाओं के सफल अनावरण में भी सराहनीय योगदान दिया। गोरखपुर पुलिस ने उसके समर्पण, साहस और सेवाओं को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- DDU Gorakhpur University Convocation 2026: PhD धारकों के सम्मान पर विवाद, छात्रों ने आंदोलन की दी चेतावनी1