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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में सुरक्षा कारणों से बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों को फिर से खोल दिया गया है। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों के लिए फिर से चालू कर दिए गए हैं। डीएमआरसी ने बताया कि स्थिति सामान्य होने के बाद मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं। इस फैसले से कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
Shivam k jha
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में सुरक्षा कारणों से बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों को फिर से खोल दिया गया है। राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों के लिए फिर से चालू कर दिए गए हैं। डीएमआरसी ने बताया कि स्थिति सामान्य होने के बाद मेट्रो सेवाएं पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं। इस फैसले से कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
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- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- दिल्ली से रजनी गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, 'कॉकरोच जनता पार्टी' की जीत होने के बाद मनीष सिसोदिया ने अपनी खुशियां जताई हैं।1
- आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने 'प्रधान' के इस्तीफे पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल की ओर से पहली बार कोई बयान या प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी बयानबाजी शुरू कर दी है। एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव का बयान भी तुरंत सामने आ गया। इस घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश में नई रणनीति की तैयारी और एक नई पारी का दौर शुरू होता दिख रहा है।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश के युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत करार दिया है। पार्टी का कहना है कि देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया है और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है। पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई अब रोज़गार मिलने तक जाएगी और इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी। पार्टी ने युवाओं को आंदोलन की इस विजय पर बधाई दी है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े को सिर्फ़ एक पड़ाव बताते हुए छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को तुरंत वापस लेने की माँग की गई है। साफ़ तौर पर कहा गया है कि यह सिर्फ़ एक इस्तीफ़ा है, मंज़िल नहीं। 20 जुलाई और उसके बाद छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को बिना किसी देरी के तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही यह चेतावनी दी गई है कि कॉकरोच से टकराने की भूल न करें। जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा संभव हो गया है, तो अब छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी।1
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डटकर खड़े होने वाले देश भर के हर एक युवा और छात्र को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई दी गई है। आंदोलन की दो प्रमुख मांगें अभी भी बाकी हैं। पहली मांग यह है कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य का सम्मान करते हुए उनसे माफ़ी मांगें, और दूसरी मांग यह है कि छात्रों पर हुई हिंसा के जिम्मेदार दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, किसानों, मजदूरों और गरीबों समेत समाज के उन सभी वर्गों को, जिन्हें इस सरकार द्वारा दबाया और कुचला गया है, अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने का संदेश दिया गया है।1
- देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 35 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन आज समाप्त हो गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए जंतर-मंतर पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार मांग कर रहे थे कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लें और पद छोड़ें। इस मौके पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक एवं संयोजक अभिजीत दिपके ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को हीरो बनाने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए सही नहीं है और इस आंदोलन की सफलता का पूरा श्रेय उन सभी छात्रों और आम लोगों को जाता है जिन्होंने इस पूरी लड़ाई में हिस्सा लिया।4