भीलट बाबा की भविष्यवाणी सुनने उमड़ा जनसैलाब, बाबा बोले लगते आषाढ होगी बारिश, फसल कहीं अच्छी तो कहीं होगी खराब भीलट बाबा की भविष्यवाणी सुनने उमड़ा जनसैलाब, बाबा बोले लगते आषाढ होगी बारिश, फसल कहीं अच्छी तो कहीं होगी खराब सिवनी मालवा से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भीलटदेव मंदिर में चैत्र माह की चौदस के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां भीलट बाबा ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इस वर्ष मनुष्यों पर बीमारियों का प्रकोप बना रहेगा। साथ ही बीच-बीच में दो बार बारिश होने की संभावना जताई गई है। बाबा ने बताया कि आधे ज्येष्ठ माह से वर्षा का सिलसिला शुरू हो जाएगा और आषाढ़ लगते ही अच्छी बारिश होगी, हालांकि फसलों की स्थिति कहीं अच्छी तो कहीं खराब रहने की आशंका है। बाबा ने धर्म-पुण्य करने पर अपनी कृपा और सहायता का भी आश्वासन दिया। भीलटदेव धाम में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर प्रसादी वितरित करते हैं। यहां हजारों की संख्या में भक्त दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि भगवान शंकर के रुद्र अवतार के रूप में पूजित भीलटदेव, मंदिर परिसर के सामने स्थित नीम के पेड़ के माध्यम से प्रकट होते हैं। जैसे ही पड़िहार दर्वेश्वरजी इस नीम वृक्ष से मिलाप करते हैं, उनके शरीर में भीलटदेव की “पवन” आती है और वे भविष्यवाणी करते हैं, जो श्रद्धालुओं के अनुसार सत्य सिद्ध होती है। हर वर्ष चैत्र की चौदस और नवरात्रि की सप्तमी पर यह विशेष आयोजन होता है, जब भीलट बाबा, पड़िहार दर्वेश्वर महाराज के माध्यम से भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान हजारों की भीड़ बाबा की भविष्यवाणी सुनने के लिए उमड़ती है। हालांकि, मंदिर समिति और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठ रहे हैं। भक्तों का कहना है कि जहां बाबा नीर लेते हैं, वहां अत्यधिक भीड़ के बावजूद उचित व्यवस्था नहीं है। समिति द्वारा उसी स्थान पर दुकानदारों को जगह दिए जाने से अव्यवस्था बढ़ जाती है। साथ ही, साउंड सिस्टम की उचित व्यवस्था न होने के कारण दूर से आए हजारों श्रद्धालु भविष्यवाणी सुन नहीं पाते। मंदिर के पुजारी गोविन्ददास ने बताया कि बाबा वर्ष में दो बार नीर लेते हैं और भगवान शंकर से मिलन करते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा पड़िहार परिवार की पांचवीं पीढ़ी से चली आ रही है। वर्तमान में दर्वेश्वरजी करीब 30 वर्षों से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा निरंतर जारी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन को बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि हर कोई बाबा की भविष्यवाणी का लाभ ले सके।
भीलट बाबा की भविष्यवाणी सुनने उमड़ा जनसैलाब, बाबा बोले लगते आषाढ होगी बारिश, फसल कहीं अच्छी तो कहीं होगी खराब भीलट बाबा की भविष्यवाणी सुनने उमड़ा जनसैलाब, बाबा बोले लगते आषाढ होगी बारिश, फसल कहीं अच्छी तो कहीं होगी खराब सिवनी मालवा से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भीलटदेव मंदिर में चैत्र माह की चौदस के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां भीलट बाबा ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इस वर्ष मनुष्यों पर बीमारियों का प्रकोप बना रहेगा। साथ ही बीच-बीच में दो बार बारिश होने की संभावना जताई गई है। बाबा ने बताया कि आधे ज्येष्ठ माह से वर्षा का सिलसिला शुरू हो जाएगा और आषाढ़ लगते ही अच्छी बारिश होगी, हालांकि फसलों की स्थिति कहीं अच्छी तो कहीं खराब रहने की आशंका है। बाबा ने धर्म-पुण्य करने पर अपनी कृपा और सहायता का भी आश्वासन दिया। भीलटदेव धाम में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर प्रसादी वितरित करते हैं। यहां हजारों की संख्या में भक्त दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि भगवान शंकर के रुद्र अवतार के रूप में पूजित भीलटदेव, मंदिर परिसर के सामने स्थित नीम के पेड़ के माध्यम से प्रकट होते हैं। जैसे ही पड़िहार दर्वेश्वरजी इस नीम वृक्ष से मिलाप करते हैं, उनके शरीर में भीलटदेव की “पवन” आती है और वे भविष्यवाणी करते हैं, जो श्रद्धालुओं के अनुसार सत्य सिद्ध होती है। हर वर्ष चैत्र की चौदस और नवरात्रि की सप्तमी पर यह विशेष आयोजन होता है, जब भीलट बाबा, पड़िहार दर्वेश्वर महाराज के माध्यम से भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान हजारों की भीड़ बाबा की भविष्यवाणी सुनने के लिए उमड़ती है। हालांकि, मंदिर समिति और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठ रहे हैं। भक्तों का कहना है कि जहां बाबा नीर लेते हैं, वहां अत्यधिक भीड़ के बावजूद उचित व्यवस्था नहीं है। समिति द्वारा उसी स्थान पर दुकानदारों को जगह दिए जाने से अव्यवस्था बढ़ जाती है। साथ ही, साउंड सिस्टम की उचित व्यवस्था न होने के कारण दूर से आए हजारों श्रद्धालु भविष्यवाणी सुन नहीं पाते। मंदिर के पुजारी गोविन्ददास ने बताया कि बाबा वर्ष में दो बार नीर लेते हैं और भगवान शंकर से मिलन करते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा पड़िहार परिवार की पांचवीं पीढ़ी से चली आ रही है। वर्तमान में दर्वेश्वरजी करीब 30 वर्षों से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा निरंतर जारी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन को बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि हर कोई बाबा की भविष्यवाणी का लाभ ले सके।
- भीलट बाबा की भविष्यवाणी सुनने उमड़ा जनसैलाब, बाबा बोले लगते आषाढ होगी बारिश, फसल कहीं अच्छी तो कहीं होगी खराब सिवनी मालवा से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भीलटदेव मंदिर में चैत्र माह की चौदस के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां भीलट बाबा ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि इस वर्ष मनुष्यों पर बीमारियों का प्रकोप बना रहेगा। साथ ही बीच-बीच में दो बार बारिश होने की संभावना जताई गई है। बाबा ने बताया कि आधे ज्येष्ठ माह से वर्षा का सिलसिला शुरू हो जाएगा और आषाढ़ लगते ही अच्छी बारिश होगी, हालांकि फसलों की स्थिति कहीं अच्छी तो कहीं खराब रहने की आशंका है। बाबा ने धर्म-पुण्य करने पर अपनी कृपा और सहायता का भी आश्वासन दिया। भीलटदेव धाम में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर प्रसादी वितरित करते हैं। यहां हजारों की संख्या में भक्त दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि भगवान शंकर के रुद्र अवतार के रूप में पूजित भीलटदेव, मंदिर परिसर के सामने स्थित नीम के पेड़ के माध्यम से प्रकट होते हैं। जैसे ही पड़िहार दर्वेश्वरजी इस नीम वृक्ष से मिलाप करते हैं, उनके शरीर में भीलटदेव की “पवन” आती है और वे भविष्यवाणी करते हैं, जो श्रद्धालुओं के अनुसार सत्य सिद्ध होती है। हर वर्ष चैत्र की चौदस और नवरात्रि की सप्तमी पर यह विशेष आयोजन होता है, जब भीलट बाबा, पड़िहार दर्वेश्वर महाराज के माध्यम से भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान हजारों की भीड़ बाबा की भविष्यवाणी सुनने के लिए उमड़ती है। हालांकि, मंदिर समिति और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठ रहे हैं। भक्तों का कहना है कि जहां बाबा नीर लेते हैं, वहां अत्यधिक भीड़ के बावजूद उचित व्यवस्था नहीं है। समिति द्वारा उसी स्थान पर दुकानदारों को जगह दिए जाने से अव्यवस्था बढ़ जाती है। साथ ही, साउंड सिस्टम की उचित व्यवस्था न होने के कारण दूर से आए हजारों श्रद्धालु भविष्यवाणी सुन नहीं पाते। मंदिर के पुजारी गोविन्ददास ने बताया कि बाबा वर्ष में दो बार नीर लेते हैं और भगवान शंकर से मिलन करते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा पड़िहार परिवार की पांचवीं पीढ़ी से चली आ रही है। वर्तमान में दर्वेश्वरजी करीब 30 वर्षों से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी यह परंपरा निरंतर जारी है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों की सुविधा को देखते हुए मंदिर समिति और प्रशासन को बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि हर कोई बाबा की भविष्यवाणी का लाभ ले सके।1
- Post by Satyanarayan D. panwar4
- जिले में पहली बार ऐसा मौका आया है जब छोटे-छोटे बच्चे भी एक उज्जवल भविष्य की कामना के साथ टेनिस की बाल की जगह लीटर की बॉल से क्रिकेट खेलेंगे। यह आयोजन नर्मदापुरम अग्निहोत्री गार्डन में आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम विक्टोरिया रखा गया है।1
- Post by ABDUL1
- पिपरिया में आज शाम 5 बजे नर्मदापुरम जिले के पुलिस अधीक्षक साईं एस. कृष्ण थोटा द्वारा स्टेशन रोड थाना का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने थाने की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव एवं अन्य प्रशासनिक गतिविधियों को संतोषजनक पाया गया। पुलिस अधीक्षक ने थाने में अनुशासन एवं कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने रिकॉर्ड संधारण, शिकायत निवारण प्रणाली तथा जनता से संवाद की प्रक्रिया को भी देखा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर थाना प्रभारी टीआई आदित्य सेन सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक ने स्टाफ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें इसी तरह जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। निरीक्षण के अंत में उन्होंने कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया1
- नरवाई में आग लगाने से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। इसी क्रम में पिपरिया अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए बनखेड़ी के 13 एवं पिपरिया के 2 किसानों पर अर्थदंड लगाया गया है। पिपरिया तहसीलदार ने शाम 4 बजे मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बनखेड़ी क्षेत्र के परसवाड़ा गांव के हरिप्रसाद, गनपत, लखनलाल, गोपी, लक्स उर्फ लखनलाल, रघुवर और जगन्नाथ पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं बहरावन के अनूप पर 6000 रुपये तथा माल्हनवाड़ा के अतर सिंह पर 2500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। पतरकुही के विजय सिंह, मनीष, शिवकुमार पर 2500-2500 रुपये और ओमप्रकाश पर 6000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा पिपरिया के तरोन कला के धनराज और सिंगानामा के शिगूलाल पर भी 2500-2500 रुपये का दंड लगाया गया। प्रशासन ने भविष्य में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।1
- महाराष्ट्र के वसई से एक विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है, जहां संदीप पवार नामक व्यक्ति ने अपनी हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी संदीप का 4 वर्षीय बच्चे 'विघ्नेश' के पिता के साथ विवाद चल रहा था। इसी आपसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपी ने मासूम बच्चे को उठाकर पूरी ताकत से सड़क पर पटक दिया। इस जानलेवा हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एक मासूम की जान को खतरे में डालने वाली इस क्रूरता ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।1
- नर्मदा पुरम। 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू हो गया है स्कूलों में बच्चों के प्रवेश उत्सव को धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिले के सांदीपनि स्कूल पवार खेड़ा में भी बच्चों के प्रवेश को उत्सव के रूप में मनाया गया जहां एक और नृत्य के साथ बच्चों ने स्कूल में प्रवेश किया वहीं फुल बारिश करते हुए बच्चों का स्वागत स्कूल स्टाफ द्वारा किया गया।1