मैहर में सरकारी निर्देशों के तहत "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्कूलों में जाकर बच्चों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रहे हैं। इस सराहनीय पहल के ठीक उलट, मैहर के चंडीगंज कटरा क्षेत्र से बेखौफ तरीके से बिना लाइसेंस गांजा बेचे जाने की गंभीर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो गांजे की पुड़िया पहले ₹50 में मिलती थी, उसे अब ₹100 में बेचा जा रहा है। इस अवैध कारोबार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन और मैहर पुलिस से तुरंत कदम उठाने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि जिस गंभीरता से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है, उसी निष्पक्षता से चंडीगंज कटरा क्षेत्र की शिकायतों की जांच कर अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जाए ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।
मैहर में सरकारी निर्देशों के तहत "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्कूलों में जाकर बच्चों को नशे से दूर रहने का संदेश दे रहे हैं। इस सराहनीय पहल के ठीक उलट, मैहर के चंडीगंज कटरा क्षेत्र से बेखौफ तरीके से बिना लाइसेंस गांजा बेचे जाने की गंभीर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जो गांजे की पुड़िया पहले ₹50 में मिलती थी, उसे अब ₹100 में बेचा जा रहा है। इस अवैध कारोबार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन और मैहर पुलिस से तुरंत कदम उठाने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि जिस गंभीरता से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है, उसी निष्पक्षता से चंडीगंज कटरा क्षेत्र की शिकायतों की जांच कर अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जाए ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।
- मैहर जिला नगरपालिका का विकास इन दिनों उबाल मार रहा है, जहाँ मैहर की जनता और स्कूल के बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिया पार करने को मजबूर हैं। समस्त नगरपालिका, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सभी को इस वास्तविक स्थिति का पूरा पता है, लेकिन इसके बावजूद वे किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं।4
- सतना जिले के मैहर में एक नाला यहाँ के 'सार्वभौमिक विकास' की जमीनी हकीकत को दिखा रहा है। मैहर का यह नाला यहाँ के विकास के दावों पर एक बड़ा और तीखा तंज है।1
- मैहर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के मंडल अध्यक्ष द्वारा क्षेत्र की प्रमुख राजस्व अधिकारी के विरुद्ध एक विवादित पोस्ट किया गया है। यह विवादित पोस्ट जैसे ही वायरल हुआ, वैसे ही मंडल अध्यक्ष ने इसे तुरंत डिलीट कर दिया।1
- मैहर में स्वजातीय स्वर्णकार समाज विकास समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत भव्य, गरिमामय और ऐतिहासिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह में समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती, शिक्षा, सामाजिक सेवा और युवा सशक्तिकरण के संकल्प के साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित हुए, जिससे यहाँ सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दूरभाष के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने स्वर्णकार समाज की एकजुटता और विकास की सराहना करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राम प्रसाद सोनी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में सतना सांसद गणेश सिंह, मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और कोतमा विधायक सुनील सोनी उपस्थित रहे। स्वर्णकार समाज मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष देवदत्त सोनी की विशेष उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इस अवसर पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने समाजहित में समर्पित भाव से कार्य करने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और युवा पीढ़ी को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लेते हुए शपथ ली। वक्ताओं ने अपने संबोधन में विश्वास जताया कि स्वर्णकार समाज शिक्षा, सामाजिक सेवा, संगठनात्मक मजबूती और आपसी सहयोग के बल पर नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। इस भव्य आयोजन के दौरान समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया और भविष्य की विकास योजनाओं तथा समाज के व्यापक हितों पर सार्थक चर्चा की गई।1
- प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में विकास कार्यों की कछुआ गति से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। चित्रकूट में "9 दिन चले ढाई कोस" की कहावत अब बदलकर "9 माह में भी न चले ढाई कोस" बन गई है। कामदगिरि परिक्रमा पथ और मंदाकिनी के घाटों पर एक साल से अधिक समय से पत्थर लगाने का काम अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिसके चलते मात्र ढाई किलोमीटर के परिक्रमा पथ का कार्य भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार की मनमानी के कारण परिक्रमा पथ पर चारों तरफ बालू, सीमेंट और गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे नियमित परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है। इस घोर अव्यवस्था के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार पूरी तरह बेपरवाह बने हुए हैं। सतना कलेक्टर और प्राधिकरण के अध्यक्ष लंबे समय से केवल समीक्षा बैठकों की खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं। जब भी सतना से कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष समीक्षा बैठक के लिए चित्रकूट आते हैं, तो उनके आने से एक दिन पहले ठेकेदार आनन-फानन में परिक्रमा पथ, भरत घाट और मोहकमगढ़ से पीलीकोठी तक की सड़क का काम शुरू करवा देते हैं। लेकिन जैसे ही बैठक समाप्त होती है, अगले ही दिन से ठेकेदार और विकास कार्य दोनों गायब हो जाते हैं। चित्रकूट के मध्य प्रदेश सीमा और उत्तर प्रदेश सीमा के विकास कार्यों में दिन-रात का अंतर साफ दिखाई देता है। इसके अलावा, मंदाकिनी नदी के माथे पर कलंक बन चुका सीवर लाइन प्रोजेक्ट कभी पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। रजौला से पीली कोठी तक बन रही सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच सीवर के गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिससे बारिश के बाद बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। 17 साल बाद चलने लायक सड़क मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को अभी से ही गड्ढों से बचकर गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं। करोड़ों की लागत से बन रही इस सड़क को सीवर लाइन के चैंबर जल्द ही बर्बाद कर देंगे। इस भारी लापरवाही के लिए क्षेत्र के निकम्मे नेतृत्व, नेताओं और इंजीनियर्स को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- सतना जिले के कोठी कस्बे में झाली चौराहा से वृंदावन आश्रम रोड पर स्थित एक प्राचीन पुलिया अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इस पुलिया का आधा हिस्सा टूटकर नाले में समा चुका है, जबकि इसके बचे हुए हिस्से में भी कई जगहों पर दरारें आ गई हैं। पुलिया के ठीक बगल में ही वन चौकी है और इसके आगे मंगल भवन का निर्माण कार्य होने जा रहा है। इस मार्ग से लगातार भारी-भरकम वाहनों का आवागमन बना रहता है, जिससे यहाँ कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया की यह खस्ताहाल स्थिति काफी दिनों से बनी हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इससे पूरी तरह बेखबर बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की पांचवीं प्रदेश कार्यसमिति की बैठक कटनी के होटल सत्कार इन में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश भर से आए पत्रकारों ने अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करने वाले इस महाकुंभ में कलमकारों ने सत्ता के गलियारों को कड़ा संदेश दिया कि अब कोरे आश्वासनों से काम नहीं चलेगा और वे अपने हक धरातल पर छीनकर लेंगे। प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारों से अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द लागू कराने के लिए सरकार पर सीधा दबाव बनाने की ठोस और आक्रामक रणनीति भी इस बैठक में तय की गई है। इस महामंथन में मुख्य अतिथि पद्मश्री बाबूलाल दाहिया ने पत्रकारिता को धधकता हुआ स्वाभिमान बताते हुए पत्रकारों और साहित्यकारों को सहोदर माना और कटनी की उपेक्षित 'पटेरी' बोली को मान्यता दिलाने की पुरजोर वकालत की। इस अवसर पर बड़वारा विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बड़वारा व ढीमरखेड़ा में पत्रकार भवन बनवाने का आश्वासन दिया, जबकि कटनी विधायक संदीप जायसवाल ने शासन स्तर पर चर्चा कर पत्रकार भवन के लिए भूमि और धन की व्यवस्था करने की बात कही। वहीं, महापौर प्रीति सूरी ने सुझाव दिया कि पत्रकारों को उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों के पूरा होने पर भी खबरें प्रकाशित करनी चाहिए। मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिशुपाल तोमर ने संगठन का पाई-पाई का हिसाब प्रस्तुत किया और महासचिव सुनील त्रिपाठी का प्रतिवेदन प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप सिंह भदौरिया ने पूरे दमखम के साथ पढ़ा। संगठन प्रभारी मोहम्मद अली ने खरगोन में लिए गए पूर्व निर्णयों की सर्वसम्मति से पुष्टि कराई। इस दौरान संगठन के विधिक सलाहकार संदीप शर्मा ने चेतावनी दी कि श्रमजीवी के नाम से कथित तौर पर संगठन चलाने वाले लोगों को जल्द ही नोटिस देकर उच्च न्यायालय में अवमानना का प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। इस महामंथन में छतरपुर, शहडोल, मैहर, उमरिया, नीमच, खंडवा, खरगोन, मुरैना, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन सहित प्रदेश की विभिन्न इकाइयों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।4
- सतना के मैहर में सरकार को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा किया जा रहा है कि क्या अब सरकार को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा? सरकार के रवैये पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए पूछा जा रहा है कि क्या अब सरकार लोगों का गुस्सा और आक्रोश देखेगी।1
- सतना जिले की सभापुर थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दो साल तक एक युवती का दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़ा गया आरोपी पहले से ही शादीशुदा था और अपनी असलियत छिपाकर युवती के साथ गलत काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय बृजेश प्रजापति निवासी देवरा (थाना कोटर) के रूप में हुई है। पुलिस ने रविवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी के अनुसार, 23 वर्षीय पीड़िता की जान-पहचान लगभग दो साल पहले बृजेश प्रजापति से हुई थी। आरोपी ने खुद के शादीशुदा होने की बात पूरी तरह से छिपाकर रखी और शादी का झांसा देकर लगातार पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। वह पीड़िता के घर पहुंचकर और उसे अपने गांव ले जाकर उसका शोषण करता था। हाल ही में जब पीड़िता को आरोपी के शादीशुदा होने का सच पता चला और उसने आपत्ति जताते हुए शादी करने को कहा, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और उसे डराने-धमकाने लगा। आरोपी के इस रवैये से परेशान होकर पीड़िता ने सभापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।1