प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में विकास कार्यों की कछुआ गति से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। चित्रकूट में "9 दिन चले ढाई कोस" की कहावत अब बदलकर "9 माह में भी न चले ढाई कोस" बन गई है। कामदगिरि परिक्रमा पथ और मंदाकिनी के घाटों पर एक साल से अधिक समय से पत्थर लगाने का काम अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिसके चलते मात्र ढाई किलोमीटर के परिक्रमा पथ का कार्य भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार की मनमानी के कारण परिक्रमा पथ पर चारों तरफ बालू, सीमेंट और गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे नियमित परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है। इस घोर अव्यवस्था के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार पूरी तरह बेपरवाह बने हुए हैं। सतना कलेक्टर और प्राधिकरण के अध्यक्ष लंबे समय से केवल समीक्षा बैठकों की खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं। जब भी सतना से कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष समीक्षा बैठक के लिए चित्रकूट आते हैं, तो उनके आने से एक दिन पहले ठेकेदार आनन-फानन में परिक्रमा पथ, भरत घाट और मोहकमगढ़ से पीलीकोठी तक की सड़क का काम शुरू करवा देते हैं। लेकिन जैसे ही बैठक समाप्त होती है, अगले ही दिन से ठेकेदार और विकास कार्य दोनों गायब हो जाते हैं। चित्रकूट के मध्य प्रदेश सीमा और उत्तर प्रदेश सीमा के विकास कार्यों में दिन-रात का अंतर साफ दिखाई देता है। इसके अलावा, मंदाकिनी नदी के माथे पर कलंक बन चुका सीवर लाइन प्रोजेक्ट कभी पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। रजौला से पीली कोठी तक बन रही सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच सीवर के गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिससे बारिश के बाद बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। 17 साल बाद चलने लायक सड़क मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को अभी से ही गड्ढों से बचकर गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं। करोड़ों की लागत से बन रही इस सड़क को सीवर लाइन के चैंबर जल्द ही बर्बाद कर देंगे। इस भारी लापरवाही के लिए क्षेत्र के निकम्मे नेतृत्व, नेताओं और इंजीनियर्स को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में विकास कार्यों की कछुआ गति से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। चित्रकूट में "9 दिन चले ढाई कोस" की कहावत अब बदलकर "9 माह में भी न चले ढाई कोस" बन गई है। कामदगिरि परिक्रमा पथ और मंदाकिनी के घाटों पर एक साल से अधिक समय से पत्थर लगाने का काम अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिसके चलते मात्र ढाई किलोमीटर के परिक्रमा पथ का कार्य भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार की मनमानी के कारण परिक्रमा पथ पर चारों तरफ बालू, सीमेंट और गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे नियमित परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है। इस घोर अव्यवस्था के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार पूरी तरह बेपरवाह बने हुए हैं। सतना कलेक्टर और प्राधिकरण के अध्यक्ष लंबे समय से केवल समीक्षा बैठकों की खानापूर्ति करने में व्यस्त हैं। जब भी सतना से कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष समीक्षा बैठक के लिए चित्रकूट आते हैं, तो उनके आने से एक दिन पहले ठेकेदार आनन-फानन में परिक्रमा पथ, भरत घाट और मोहकमगढ़ से पीलीकोठी तक की सड़क का काम शुरू करवा देते हैं। लेकिन जैसे ही बैठक समाप्त होती है, अगले ही दिन से ठेकेदार और विकास कार्य दोनों गायब हो जाते हैं। चित्रकूट के मध्य प्रदेश सीमा और उत्तर प्रदेश सीमा के विकास कार्यों में दिन-रात का अंतर साफ दिखाई देता है। इसके अलावा, मंदाकिनी नदी के माथे पर कलंक बन चुका सीवर लाइन प्रोजेक्ट कभी पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। रजौला से पीली कोठी तक बन रही सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच सीवर के गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जिससे बारिश के बाद बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है। 17 साल बाद चलने लायक सड़क मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को अभी से ही गड्ढों से बचकर गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं। करोड़ों की लागत से बन रही इस सड़क को सीवर लाइन के चैंबर जल्द ही बर्बाद कर देंगे। इस भारी लापरवाही के लिए क्षेत्र के निकम्मे नेतृत्व, नेताओं और इंजीनियर्स को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
- चित्रकूट में चल रहे निर्माण कार्यों का बहाना बनाकर जानबूझकर की जा रही लापरवाही के कारण कामदगिरि बाई पास रोड को बंद कर दिया गया है। ठेकेदार को यह भली-भांति मालूम था कि बरसात आने में कुछ ही समय बाकी है, इसके बावजूद आधी नाली का निर्माण होने के बाद भी दोनों तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से वहां से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घोर लापरवाही को देखते हुए सतना जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से इस काम को पूरा कराने का अनुरोध किया गया है ताकि बंद पड़े रास्ते को जल्द से जल्द खोला जा सके।1
- Post by Anand Singh1
- अब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinchअब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinchअब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinchअब जनता दबने वाली नहीं है? #sntnewspinch1
- सतना के कोलगवां थाना पुलिस ने चाकू अड़ाकर लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बीती 16 जुलाई को सुबह करीब साढ़े 4 बजे घूरडांग निवासी 37 वर्षीय नीरज, पुत्र रामभान गुप्ता, जब पेपर लेने रेलवे स्टेशन जा रहे थे, तभी कृष्णनगर के पास मोटरसाइकिल से आए तीन बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। इन बदमाशों ने नीरज के साथ मारपीट की और चाकू के दम पर उनसे ₹5,000 छीनकर फरार हो गए। इस वारदात की शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर पुलिस ने तेजी से जांच-पड़ताल शुरू की। मुखबिरों से मिले सुराग और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर पुलिस ने कृष्णनगर निवासी 32 वर्षीय प्रविन्दर सिंह (पुत्र भजन सिंह), नईबस्ती निवासी 20 वर्षीय विकास (पुत्र अशोक गुप्ता) और एक नाबालिग को चिन्हित कर हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए ₹5,000 नकद, वारदात में इस्तेमाल चाकू और बाइक जब्त कर ली। पुलिस ने दो वयस्क आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग को किशोर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- प्रभु श्रीराम के धाम चित्रकूट में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार को देखकर अब '9 माह में भी न चले ढाई कोस' की नई कहावत कही जाने लगी है। यहाँ कामदगिरि परिक्रमा पथ और मंदाकिनी के घाटों पर पिछले एक साल से अधिक समय से पत्थर लगाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। आलम यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी महज ढाई किलोमीटर के परिक्रमा पथ पर पत्थर लगाने का काम पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा मंदाकिनी के घाटों पर भी बेहद कछुआ गति से काम चल रहा है। ठेकेदार की मनमानी के कारण परिक्रमा पथ पर जगह-जगह बालू, सीमेंट और गिट्टी बिखरी पड़ी है, जिससे यहाँ नियमित परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालु पिछले एक साल से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मार्ग पर बिखरे इस मलबे के कारण श्रद्धालुओं का चलना तक दूभर हो गया है। इस अव्यवस्था के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सतना कलेक्टर और प्राधिकरण के अध्यक्ष लंबे समय से महज समीक्षा बैठकों की खानापूर्ति करने तक ही सीमित होकर रह गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब भी सतना से प्राधिकरण के अध्यक्ष और कलेक्टर समीक्षा बैठक के लिए चित्रकूट आने वाले होते हैं, तो उसके एक दिन पहले परिक्रमा पथ, भरत घाट और मोहकमगढ़ से पीलीकोठी तक बन रही सड़क पर ठेकेदारों द्वारा आनन-फानन में काम शुरू करवा दिया जाता है। बैठक समाप्त होते ही अगले दिन ठेकेदार फिर गायब हो जाते हैं और काम बंद हो जाता है। यहाँ का सीवर लाइन प्रोजेक्ट भी अधूरा पड़ा है, जिसके पूरा होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। परिक्रमा पथ की इस बदहाली के कारण श्रद्धालु रोज ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों को कोस रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश में रीवा से नागपुर जा रही विजयंत ट्रेवल्स की बस को अमरपाटन पड़हा के पास पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में बस में सवार कई लोगों के घायल होने की खबर है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस द्वारा सभी घायलों को उपचार के लिए अमरपाटन सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल यात्रियों का इलाज चल रहा है। घायलों में मैहर के एक पत्रकार भी शामिल हैं, जिन्हें हादसे में अंदरूनी चोटें आई हैं।4