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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें रामायण पढ़ रहे एक व्यक्ति और एक युवक के बीच तीखी बहस हो रही है। इस वायरल वीडियो में युवक, रामायण का पाठ कर रहे व्यक्ति को खुले तौर पर धमकी देता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना को लेकर वीडियो सामने आने के बाद से ही लोग अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। यह वीडियो किस पूरे मामले से जुड़ा है, यह जानने के लिए लोग उत्सुक हैं।

2 hrs ago
user_Pushpendra Lodhi
Pushpendra Lodhi
जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें रामायण पढ़ रहे एक व्यक्ति और एक युवक के बीच तीखी बहस हो रही है। इस वायरल वीडियो में युवक, रामायण का पाठ कर रहे व्यक्ति को खुले तौर पर धमकी देता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना को लेकर वीडियो सामने आने के बाद से ही लोग अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। यह वीडियो किस पूरे मामले से जुड़ा है, यह जानने के लिए लोग उत्सुक हैं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • दमोह जिले के सकोर गांव की छात्रा नियती दीक्षित ने 10 देशों की सहभागिता वाली इंटरनेशनल मलेशिया कराटे चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल किए हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए रविवार शाम 5 बजे प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने नियती का सम्मान किया। यह सम्मान कार्यक्रम जटाशंकर स्थित कार्यालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री लखन पटेल ने नियती को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि जिले और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने नियती की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा सकती हैं। राज्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी नियती की इस बड़ी जीत पर अपनी खुशी व्यक्त की।
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    दमोह जिले के सकोर गांव की छात्रा नियती दीक्षित ने 10 देशों की सहभागिता वाली इंटरनेशनल मलेशिया कराटे चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल किए हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए रविवार शाम 5 बजे प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने नियती का सम्मान किया। यह सम्मान कार्यक्रम जटाशंकर स्थित कार्यालय में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री लखन पटेल ने नियती को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि जिले और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने नियती की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा सकती हैं। राज्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी नियती की इस बड़ी जीत पर अपनी खुशी व्यक्त की।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • एक ओर जहाँ इंदौर स्वच्छता में अपनी पहचान बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर शहर के वार्ड क्रमांक 75 (पालदा) के निवासी भीषण गर्मी में पानी की बूँद-बूँद को तरस रहे हैं। जलसंकट और प्रशासन की बेरुखी से परेशान होकर आज पालदा क्षेत्र के नागरिकों का सब्र टूट गया और वे सड़कों पर उतर आए, जहाँ उन्होंने उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। रहवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से पानी की समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास जा रहे हैं, लेकिन उन्हें हमेशा केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद जब उन्हें घर चलाने के लिए पर्याप्त पानी नसीब नहीं हुआ, तो महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित सभी को मजबूरन खाली बाल्टी-बर्तन लेकर सड़क पर बैठना पड़ा। चक्काजाम के दौरान जनता का गुस्सा इंदौर के विधायकों, सांसद और नगर निगम प्रशासन पर साफ देखा गया, जहाँ उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी टैंकरों की सुचारू व्यवस्था नहीं की जा रही है, जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र की सुध लेने नहीं आते, और 'नर्मदा मैया' का पानी हर घर तक पहुँचाने के दावे पालदा में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। आक्रोशित रहवासियों ने यह सवाल भी उठाया कि जब वे पूरा टैक्स भरते हैं, तो उन्हें पानी के लिए सड़क पर क्यों उतरना पड़ रहा है और उनकी सुनवाई करने वाला कोई क्यों नहीं है।
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    एक ओर जहाँ इंदौर स्वच्छता में अपनी पहचान बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर शहर के वार्ड क्रमांक 75 (पालदा) के निवासी भीषण गर्मी में पानी की बूँद-बूँद को तरस रहे हैं। जलसंकट और प्रशासन की बेरुखी से परेशान होकर आज पालदा क्षेत्र के नागरिकों का सब्र टूट गया और वे सड़कों पर उतर आए, जहाँ उन्होंने उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया।

रहवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से पानी की समस्या को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास जा रहे हैं, लेकिन उन्हें हमेशा केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद जब उन्हें घर चलाने के लिए पर्याप्त पानी नसीब नहीं हुआ, तो महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित सभी को मजबूरन खाली बाल्टी-बर्तन लेकर सड़क पर बैठना पड़ा। चक्काजाम के दौरान जनता का गुस्सा इंदौर के विधायकों, सांसद और नगर निगम प्रशासन पर साफ देखा गया, जहाँ उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी टैंकरों की सुचारू व्यवस्था नहीं की जा रही है, जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र की सुध लेने नहीं आते, और 'नर्मदा मैया' का पानी हर घर तक पहुँचाने के दावे पालदा में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। आक्रोशित रहवासियों ने यह सवाल भी उठाया कि जब वे पूरा टैक्स भरते हैं, तो उन्हें पानी के लिए सड़क पर क्यों उतरना पड़ रहा है और उनकी सुनवाई करने वाला कोई क्यों नहीं है।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जबलपुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां बरेला स्थित निसर्ग वाटर पार्क में करंट लगने से एक 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह युवक रांझी के झंडा चौक का निवासी था।
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    जबलपुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां बरेला स्थित निसर्ग वाटर पार्क में करंट लगने से एक 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह युवक रांझी के झंडा चौक का निवासी था।
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदमारी इलाके से एक पुलिसकर्मी द्वारा अवैध वसूली का वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस पुलिसकर्मी का नाम राकेश पांडे है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक राकेश पांडे को पैसे दे रहा है। आरोप है कि यह पुलिसकर्मी अवैध कामों में लिप्त या ऐसे काम छोड़ चुके लोगों से रोजाना वसूली करने पहुँच जाता है। पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस खुद अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है और उनका "हफ्ता" (साप्ताहिक वसूली) बंधा हुआ है। पैसे न देने पर थाने में बंद करने की धमकी भी दी जाती है।
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    जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदमारी इलाके से एक पुलिसकर्मी द्वारा अवैध वसूली का वीडियो सामने आया है, जो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस पुलिसकर्मी का नाम राकेश पांडे है।

वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक राकेश पांडे को पैसे दे रहा है। आरोप है कि यह पुलिसकर्मी अवैध कामों में लिप्त या ऐसे काम छोड़ चुके लोगों से रोजाना वसूली करने पहुँच जाता है। पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस खुद अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है और उनका "हफ्ता" (साप्ताहिक वसूली) बंधा हुआ है। पैसे न देने पर थाने में बंद करने की धमकी भी दी जाती है।
    user_Kartik Gupta
    Kartik Gupta
    Jabalpur, Madhya Pradesh•
    17 hrs ago
  • जबलपुर की एक 8 दिन की बच्ची, जिसके दिल में जन्मजात छेद था, उसे विशेष उपचार के लिए मुंबई भेजा गया था। जानकारी के अनुसार, यह बच्ची अब सुरक्षित है।
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    जबलपुर की एक 8 दिन की बच्ची, जिसके दिल में जन्मजात छेद था, उसे विशेष उपचार के लिए मुंबई भेजा गया था। जानकारी के अनुसार, यह बच्ची अब सुरक्षित है।
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी के साथ कार दुर्घटना से हुई समाधि को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। दुर्घटना के वीडियो क्लिप को देखकर यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या जैसी प्रतीत हो रही है। इसी आक्रोश के चलते, समस्त भारत देश के अहिंसक समाजों द्वारा 25 मई को मौन जुलूस निकालकर देश एवं राज्य के शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में, सागर जिले के गौरझामर पुलिस थाना प्रांगण में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा एकत्रित हुए। उन्होंने रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'साधु सुरक्षा अधिनियम' बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि घटना स्थल से प्राप्त फुटेज और साक्ष्य पुलिस एवं कोर्ट की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं, तथा घटना की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि दोषी द्वारा घटना को षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था, तो उसे फांसी की सजा सुनाई जाए। इस कठोर दंड की मांग का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण संत समाज की विहार व्यवस्था के दौरान घटने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर रोकथाम लग सके। नगर के बड़ा जैन मंदिर से महावीर जिनालय तक, विभिन्न मंदिरों से आए सैकड़ों लोगों का हुजूम 'संत सुरक्षा अभियान' का हिस्सा बनकर इस मौन जुलूस में सम्मिलित हुआ।
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    रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी के साथ कार दुर्घटना से हुई समाधि को लेकर लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है। दुर्घटना के वीडियो क्लिप को देखकर यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या जैसी प्रतीत हो रही है। इसी आक्रोश के चलते, समस्त भारत देश के अहिंसक समाजों द्वारा 25 मई को मौन जुलूस निकालकर देश एवं राज्य के शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था।

इसी क्रम में, सागर जिले के गौरझामर पुलिस थाना प्रांगण में बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा एकत्रित हुए। उन्होंने रीवा घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की और साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'साधु सुरक्षा अधिनियम' बनाने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि घटना स्थल से प्राप्त फुटेज और साक्ष्य पुलिस एवं कोर्ट की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएं, तथा घटना की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि दोषी द्वारा घटना को षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया था, तो उसे फांसी की सजा सुनाई जाए।

इस कठोर दंड की मांग का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण संत समाज की विहार व्यवस्था के दौरान घटने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर रोकथाम लग सके। नगर के बड़ा जैन मंदिर से महावीर जिनालय तक, विभिन्न मंदिरों से आए सैकड़ों लोगों का हुजूम 'संत सुरक्षा अभियान' का हिस्सा बनकर इस मौन जुलूस में सम्मिलित हुआ।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    13 min ago
  • कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल शनिवार-रविवार की दरमियानी रात दमोह पहुंचे। उनका सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद, मंत्री प्रहलाद पटेल पूर्व सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र बजाज के निवास पर भी गए। सर्किट हाउस लौटने पर, युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने भी उनका स्वागत किया। मंत्री प्रहलाद पटेल रविवार सुबह दमयंती पैलेस में आयोजित होने वाले मेडिकॉन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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    कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल शनिवार-रविवार की दरमियानी रात दमोह पहुंचे। उनका सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद, मंत्री प्रहलाद पटेल पूर्व सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र बजाज के निवास पर भी गए। सर्किट हाउस लौटने पर, युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने भी उनका स्वागत किया। मंत्री प्रहलाद पटेल रविवार सुबह दमयंती पैलेस में आयोजित होने वाले मेडिकॉन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के धुलकोट के सुदूर आदिवासी बाहुल्य गांवों से विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती एक भयावह तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ देश और प्रदेश की सरकारें 'हर घर जल' और 'जल जीवन मिशन' जैसी योजनाओं का ढिंढोरा पीट रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इन गांवों में आदिवासी समुदाय के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए अपनी जान दांव पर लगाने को मजबूर हैं। सामने आई तस्वीरों के अनुसार, पानी के भीषण संकट ने ग्रामीणों को इस कदर बेबस कर दिया है कि महिलाएं, बुजुर्ग और मासूम बच्चे बिना किसी सुरक्षा के गहरे और जानलेवा गड्ढों तथा कुओं में उतरने पर विवश हैं। पहाड़ों की ढलानों पर पैर फिसलने के डर के बावजूद, गले की प्यास इस खतरे पर भारी पड़ रही है। दुखद बात यह है कि इतनी जोखिम उठाने के बाद जो पानी उनके हिस्से आता है, वह ज़हर से कम नहीं है—यह पानी इतना गंदा, मटमैला और बदबूदार है कि जिसे देखकर कोई जानवर भी मुंह फेर ले। सिस्टम की लापरवाही के कारण आदिवासी परिवार भीषण गर्मी में इसी दूषित पानी को पीने और खाना पकाने के लिए मजबूर हैं, जिससे गांवों में जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। एक स्थानीय ग्रामीण महिला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें योजनाओं के बारे में नहीं पता; उनके लिए तो रोज़ सुबह ज़िंदा बचकर पानी घर लाना ही सबसे बड़ी जंग है। यह भयावह स्थिति प्रशासन और स्थानीय सिस्टम की घोर संवेदनहीनता को उजागर करती है। सवाल उठता है कि आख़िर ज़िम्मेदार अधिकारियों की नज़र इन हालातों पर कब पड़ेगी और क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि भी आज इन दूरस्थ इलाकों की सुध लेने को तैयार नहीं हैं, जिससे बुनियादी सुविधाओं का गहरा अकाल पड़ा हुआ है। यह केवल पानी की किल्लत का मामला नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों का खुला हनन है। शासन की यह पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि धुलकोट के इन दूरस्थ गांवों तक साफ पेयजल, बुनियादी सुविधाएं और पक्की सड़कें पहुंचाई जाएं। इस खबर को मज़बूती से उठाने की अपील की गई है, ताकि इन मासूमों की सिसकियाँ ज़िम्मेदारों तक पहुँच सकें और उन्हें उनका हक मिल सके।
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    मध्य प्रदेश के धुलकोट के सुदूर आदिवासी बाहुल्य गांवों से विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती एक भयावह तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ देश और प्रदेश की सरकारें 'हर घर जल' और 'जल जीवन मिशन' जैसी योजनाओं का ढिंढोरा पीट रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इन गांवों में आदिवासी समुदाय के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए अपनी जान दांव पर लगाने को मजबूर हैं।

सामने आई तस्वीरों के अनुसार, पानी के भीषण संकट ने ग्रामीणों को इस कदर बेबस कर दिया है कि महिलाएं, बुजुर्ग और मासूम बच्चे बिना किसी सुरक्षा के गहरे और जानलेवा गड्ढों तथा कुओं में उतरने पर विवश हैं। पहाड़ों की ढलानों पर पैर फिसलने के डर के बावजूद, गले की प्यास इस खतरे पर भारी पड़ रही है। दुखद बात यह है कि इतनी जोखिम उठाने के बाद जो पानी उनके हिस्से आता है, वह ज़हर से कम नहीं है—यह पानी इतना गंदा, मटमैला और बदबूदार है कि जिसे देखकर कोई जानवर भी मुंह फेर ले। सिस्टम की लापरवाही के कारण आदिवासी परिवार भीषण गर्मी में इसी दूषित पानी को पीने और खाना पकाने के लिए मजबूर हैं, जिससे गांवों में जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। एक स्थानीय ग्रामीण महिला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें योजनाओं के बारे में नहीं पता; उनके लिए तो रोज़ सुबह ज़िंदा बचकर पानी घर लाना ही सबसे बड़ी जंग है।

यह भयावह स्थिति प्रशासन और स्थानीय सिस्टम की घोर संवेदनहीनता को उजागर करती है। सवाल उठता है कि आख़िर ज़िम्मेदार अधिकारियों की नज़र इन हालातों पर कब पड़ेगी और क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि भी आज इन दूरस्थ इलाकों की सुध लेने को तैयार नहीं हैं, जिससे बुनियादी सुविधाओं का गहरा अकाल पड़ा हुआ है।

यह केवल पानी की किल्लत का मामला नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों का खुला हनन है। शासन की यह पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि धुलकोट के इन दूरस्थ गांवों तक साफ पेयजल, बुनियादी सुविधाएं और पक्की सड़कें पहुंचाई जाएं। इस खबर को मज़बूती से उठाने की अपील की गई है, ताकि इन मासूमों की सिसकियाँ ज़िम्मेदारों तक पहुँच सकें और उन्हें उनका हक मिल सके।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत धुरी-बंधी गांव में स्थित एक खदान में युवक के डूबने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए एसडीईआरएफ की टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशों पर प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसडीईआरएफ दल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचा, जहाँ स्थानीय पुलिस बल को भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। यह रेस्क्यू अभियान प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद लगातार जारी है। प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के अनुसार, लगभग 100 फीट गहरी इस खदान में डूबे युवक की तलाश के लिए सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान जारी है, जिसमें संकरी जगह, अंधेरा और रात का समय कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। फिर भी, एसडीईआरएफ की टीम पूरी मुस्तैदी और सावधानी के साथ अभियान चला रही है। डूबे हुए युवक की पहचान ग्राम धुरी निवासी श्री दुर्गेश कुशवाहा, पिता श्री प्रताप कुशवाहा, उम्र लगभग 26 वर्ष के रूप में हुई है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और रेस्क्यू कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
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    कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत धुरी-बंधी गांव में स्थित एक खदान में युवक के डूबने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए एसडीईआरएफ की टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देशों पर प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसडीईआरएफ दल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचा, जहाँ स्थानीय पुलिस बल को भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। यह रेस्क्यू अभियान प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद लगातार जारी है। प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के अनुसार, लगभग 100 फीट गहरी इस खदान में डूबे युवक की तलाश के लिए सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान जारी है, जिसमें संकरी जगह, अंधेरा और रात का समय कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। फिर भी, एसडीईआरएफ की टीम पूरी मुस्तैदी और सावधानी के साथ अभियान चला रही है। डूबे हुए युवक की पहचान ग्राम धुरी निवासी श्री दुर्गेश कुशवाहा, पिता श्री प्रताप कुशवाहा, उम्र लगभग 26 वर्ष के रूप में हुई है।

प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और रेस्क्यू कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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