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एक युवती ने दिल्ली के एक मसाज सेंटर में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का चौंकाने वाला काला सच उजागर किया है। युवती ने बताया कि यह अवैध धंधा प्रशासन की मिलीभगत और सांठगांठ से बेखौफ संचालित हो रहा था।

2 hrs ago
user_Tarun Dixit
Tarun Dixit
TV News Anchor City Center, Gwalior•
2 hrs ago

एक युवती ने दिल्ली के एक मसाज सेंटर में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का चौंकाने वाला काला सच उजागर किया है। युवती ने बताया कि यह अवैध धंधा प्रशासन की मिलीभगत और सांठगांठ से बेखौफ संचालित हो रहा था।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • ग्वालियर में NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) के निरीक्षण को लेकर सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। इस निरीक्षण के बाद GRMC (गजरा राजा मेडिकल कॉलेज) में एमबीबीएस की 50 सीटें बढ़ने की संभावना है। डीन डॉ. धाकड़ ने यह जानकारी दी है।
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    ग्वालियर में NMC (नेशनल मेडिकल कमीशन) के निरीक्षण को लेकर सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। इस निरीक्षण के बाद GRMC (गजरा राजा मेडिकल कॉलेज) में एमबीबीएस की 50 सीटें बढ़ने की संभावना है। डीन डॉ. धाकड़ ने यह जानकारी दी है।
    user_GWALIOR PRAVAH NEWS
    GWALIOR PRAVAH NEWS
    Salesperson गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    55 min ago
  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया। इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।
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    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया।

इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर जमकर रौब झाड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक ने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी है और वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उसे सैल्यूट करने की बात कही। यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके की है, जहाँ एक ई-रिक्शा चालक के साथ किराए के 40 रुपये को लेकर युवक की बहस हो गई। बहस बढ़ने पर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो युवक ने अपना रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पोस्टिंग नोएडा में है और लोगों को उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित करना चाहिए। हालांकि, युवक की यह हेकड़ी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और आखिरकार उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई।
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    उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर जमकर रौब झाड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक ने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी है और वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उसे सैल्यूट करने की बात कही।

यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके की है, जहाँ एक ई-रिक्शा चालक के साथ किराए के 40 रुपये को लेकर युवक की बहस हो गई। बहस बढ़ने पर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो युवक ने अपना रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पोस्टिंग नोएडा में है और लोगों को उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित करना चाहिए।

हालांकि, युवक की यह हेकड़ी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और आखिरकार उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई।
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 12 में स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जिनालय में देर सोमवार-मंगलवार की रात्रि अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मंदिर के ऊपर लगे शिखर से अष्टधातु के कलश चुरा ले गए। चोरी हुए इन अष्टधातु के कलशों की कीमत एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह घटना मंगलवार की शाम उस समय सामने आई जब पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालुओं की नजर मंदिर के शिखर पर पड़ी। जानकारी मिलने पर जैन समाज के लोगों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल करते हुए चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
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    भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 12 में स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जिनालय में देर सोमवार-मंगलवार की रात्रि अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मंदिर के ऊपर लगे शिखर से अष्टधातु के कलश चुरा ले गए। चोरी हुए इन अष्टधातु के कलशों की कीमत एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

यह घटना मंगलवार की शाम उस समय सामने आई जब पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालुओं की नजर मंदिर के शिखर पर पड़ी। जानकारी मिलने पर जैन समाज के लोगों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल करते हुए चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
    user_KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    पत्रकार भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।
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    दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है।

पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मुरैना में किसान सभा ने चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर भरत कुमार को सौंपा। किसानों ने तत्काल इस आवंटन को रद्द करने और उद्योगों के लिए अन्यत्र भूमि आवंटित करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि सबलगढ़ तहसील के अटार से लेकर निवाड़ी तक 15 से अधिक पंचायतों की चंबल के बीहड़ों की जमीन हाल ही में उद्योग विभाग को आवंटित की गई है, जिसकी कुछ स्थानों पर आवंटन और सीमांकन की कार्यवाही जारी है। इससे लगभग 40 ग्राम और हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि यह कदम देश की एकमात्र स्वच्छ नदी, चंबल नदी को भविष्य में बुरी तरह प्रदूषित करेगा और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाएगा। मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने किसानों के बीच बोलते हुए जोर दिया कि चंबल के बीहड़ों की यह जमीन कंपनियों को नहीं बल्कि किसानों को पट्टे देकर खेती के लिए दी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान इस आवंटन का पुरजोर विरोध करते रहेंगे। इस मौके पर किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, श्री कृष्णा यादव, ओमप्रकाश श्रीवास, भान सिंह जादौन, नरोत्तम नगर, नरेश गोस्वामी, अशोक कुमार, राजेंद्र सिंह, नंदलाल जाटव, संतराम सिंह रावत और हरी सिंह माहौर समेत कई अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। किसानों ने निर्णय लिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में विरोध कार्रवाइयों को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 22 जुलाई को सबलगढ़ में एसडीएम कार्यालय पर जन सत्याग्रह किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर भोपाल व दिल्ली में भी आंदोलन किए जाएंगे।
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    मुरैना में किसान सभा ने चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर भरत कुमार को सौंपा। किसानों ने तत्काल इस आवंटन को रद्द करने और उद्योगों के लिए अन्यत्र भूमि आवंटित करने की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया कि सबलगढ़ तहसील के अटार से लेकर निवाड़ी तक 15 से अधिक पंचायतों की चंबल के बीहड़ों की जमीन हाल ही में उद्योग विभाग को आवंटित की गई है, जिसकी कुछ स्थानों पर आवंटन और सीमांकन की कार्यवाही जारी है। इससे लगभग 40 ग्राम और हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि यह कदम देश की एकमात्र स्वच्छ नदी, चंबल नदी को भविष्य में बुरी तरह प्रदूषित करेगा और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाएगा।

मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने किसानों के बीच बोलते हुए जोर दिया कि चंबल के बीहड़ों की यह जमीन कंपनियों को नहीं बल्कि किसानों को पट्टे देकर खेती के लिए दी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान इस आवंटन का पुरजोर विरोध करते रहेंगे। इस मौके पर किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, श्री कृष्णा यादव, ओमप्रकाश श्रीवास, भान सिंह जादौन, नरोत्तम नगर, नरेश गोस्वामी, अशोक कुमार, राजेंद्र सिंह, नंदलाल जाटव, संतराम सिंह रावत और हरी सिंह माहौर समेत कई अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।

किसानों ने निर्णय लिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में विरोध कार्रवाइयों को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 22 जुलाई को सबलगढ़ में एसडीएम कार्यालय पर जन सत्याग्रह किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर भोपाल व दिल्ली में भी आंदोलन किए जाएंगे।
    user_Mahesh singh
    Mahesh singh
    Local News Reporter जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • 15 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन किए। सुबह करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से बद्रीनाथ पहुंचकर उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की, जिसके बाद वे हेलीकॉप्टर से केदारनाथ के लिए रवाना हुए। केदारनाथ में, करीब 11:15 बजे लैंडिंग के उपरांत मात्र 10 मिनट में मंदिर पहुंच कर, मुकेश अंबानी ने भगवान केदारनाथ का जलाभिषेक किया और देश की सुख-समृद्धि व जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भक्तों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जिस पर अंबानी जी ने परंपरागत अंदाज में हाथ जोड़कर अभिवादन किया। उन्होंने मंदिर समिति को कुल 10 करोड़ रुपये का दान भी दिया, जिसका उपयोग तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा। अंबानी परिवार हर साल इन धामों के दर्शन के लिए आता है।
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    15 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन किए। सुबह करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से बद्रीनाथ पहुंचकर उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की, जिसके बाद वे हेलीकॉप्टर से केदारनाथ के लिए रवाना हुए।

केदारनाथ में, करीब 11:15 बजे लैंडिंग के उपरांत मात्र 10 मिनट में मंदिर पहुंच कर, मुकेश अंबानी ने भगवान केदारनाथ का जलाभिषेक किया और देश की सुख-समृद्धि व जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भक्तों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जिस पर अंबानी जी ने परंपरागत अंदाज में हाथ जोड़कर अभिवादन किया। उन्होंने मंदिर समिति को कुल 10 करोड़ रुपये का दान भी दिया, जिसका उपयोग तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा। अंबानी परिवार हर साल इन धामों के दर्शन के लिए आता है।
    user_GWALIOR PRAVAH NEWS
    GWALIOR PRAVAH NEWS
    Salesperson गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ग्वालियर के डबरा सिटी थाना परिसर में 26 जून को होने वाले मोहर्रम के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सद्भावना और शांति बनाए रखना था, जिसमें डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। बैठक के दौरान, एसडीओपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे और किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इनका प्रदर्शन करना कानूनन जुर्म है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। एसडीओपी सौरभ कुमार ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा सहयोग के लिए मौजूद रहेगी।
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    ग्वालियर के डबरा सिटी थाना परिसर में 26 जून को होने वाले मोहर्रम के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सद्भावना और शांति बनाए रखना था, जिसमें डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

बैठक के दौरान, एसडीओपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे और किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इनका प्रदर्शन करना कानूनन जुर्म है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

एसडीओपी सौरभ कुमार ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा सहयोग के लिए मौजूद रहेगी।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं। देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।
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    भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं।

देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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