भांडेर में आस्था और परंपरा के साथ महिलाओं ने किया मोर्या विसर्जन भाण्डेर नगर एवं अनुभाग में आस्था और परंपरा के साथ महिलाओं ने किया मोर्या विसर्जन भाण्डेर नगर एवं अनुभाग में आज महिलाओं ने बड़े ही रीति-रिवाज और उत्साह के साथ तालाब, नदी और पोखरों पर पहुंचकर मोर्या जी का विसर्जन किया। सुबह से ही अंचल के गांव-गांव में महिलाओं की टोलियां सोलह श्रृंगार कर, सिर पर मोर्या की टोकनी रखकर मंगलगीत गाते हुए विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुईं। तालाब किनारे पहुंचकर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हल्दी, कुमकुम, अक्षत, फूल और दूर्वा से पूजन कर अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद "गणपति बप्पा मोर्या, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों के साथ मोर्या का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान तालाब, नदी और पोखरों के घाटों पर मेला जैसा दृश्य रहा। महिलाएं ढोलक की थाप पर लोकगीत और फाग गाते हुए नाचती-गाती नजर आईं। इस अवसर पर छोटी बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक में भारी उत्साह देखा गया। स्थानीय बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह परंपरा वर्षों पुरानी है। इस दिन मोर्या विसर्जन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पूरे अनुभाग में विसर्जन शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
भांडेर में आस्था और परंपरा के साथ महिलाओं ने किया मोर्या विसर्जन भाण्डेर नगर एवं अनुभाग में आस्था और परंपरा के साथ महिलाओं ने किया मोर्या विसर्जन भाण्डेर नगर एवं अनुभाग में आज महिलाओं ने बड़े ही रीति-रिवाज और उत्साह के साथ तालाब, नदी और पोखरों पर पहुंचकर मोर्या जी का विसर्जन किया। सुबह से ही अंचल के गांव-गांव में महिलाओं की टोलियां सोलह श्रृंगार कर, सिर पर मोर्या की टोकनी रखकर मंगलगीत गाते हुए विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुईं। तालाब किनारे पहुंचकर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हल्दी, कुमकुम, अक्षत, फूल और दूर्वा से पूजन कर अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद "गणपति बप्पा मोर्या, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों के साथ मोर्या का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान तालाब, नदी और पोखरों के घाटों पर मेला जैसा दृश्य रहा। महिलाएं ढोलक की थाप पर लोकगीत और फाग गाते हुए नाचती-गाती नजर आईं। इस अवसर पर छोटी बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक में भारी उत्साह देखा गया। स्थानीय बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह परंपरा वर्षों पुरानी है। इस दिन मोर्या विसर्जन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पूरे अनुभाग में विसर्जन शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
- भांडेर में विश्वकर्मा जयंती पर निकला भव्य चल समारोह, पांचाल समाज के लोगों ने लिया हिस्सा, जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर बुधवार को भांडेर नगर में विश्वकर्मा समाज द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। चल समारोह की शुरुआत बुधवार दोपहर करीब 03 बजे से दलीपुरा रोड स्थित खेड़ापति सरकार मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद की गई। इसमें विश्वकर्मा एवं पांचाल समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। इस दौरान समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर चल समारोह का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं और समाजजनों ने भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाए। आयोजन के दौरान नगर में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। चल समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारु रखने में सहयोग किया। समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।1
- भेड़पुरा पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों का निकला जुलूस। भेड़पुरा पर फायरिंग की घटना के चंद घंटों में पकड़े गए तीनों दहशतगर्द। *सिविल लाइन पुलिस ने माखन यादव, राम अवतार यादव और पुनीत कुशवाहा को गिरफ्तार कर निकाला जुलूस।* फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने निकाली हेकड़ी। *आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का कट्टा और एक जिन्दा कारतूस बरामद।* आरोपियों ने बहादुर अहिरवार पर की थी फायरिंग। *सिविल लाइन टीआई वैभव गुप्ता की कार्यवाही।* भेड़पुरा पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों का निकला जुलूस। भेड़पुरा पर फायरिंग की घटना के चंद घंटों में पकड़े गए तीनों दहशतगर्द। *सिविल लाइन पुलिस ने माखन यादव, राम अवतार यादव और पुनीत कुशवाहा को गिरफ्तार कर निकाला जुलूस।* फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने निकाली हेकड़ी। *आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का कट्टा और एक जिन्दा कारतूस बरामद।* आरोपियों ने बहादुर अहिरवार पर की थी फायरिंग। *सिविल लाइन टीआई वैभव गुप्ता की कार्यवाही।*1
- भेड़पुरा पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों का निकला जुलूस।* दतिया। ब्रेकिंग। *भेड़पुरा पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों का निकला जुलूस।* भेड़पुरा पर फायरिंग की घटना के चंद घंटों में पकड़े गए तीनों दहशतगर्द। *सिविल लाइन पुलिस ने माखन यादव, राम अवतार यादव और पुनीत कुशवाहा को गिरफ्तार कर निकाला जुलूस।* फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने निकाली हेकड़ी। *आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का कट्टा और एक जिन्दा कारतूस बरामद।* आरोपियों ने बहादुर अहिरवार पर की थी फायरिंग। *सिविल लाइन टीआई वैभव गुप्ता की कार्यवाही।*1
- बहु व नाती ने किया मेरी मां पर जुल्म दतिया sp से बोला बेबस बेटा @datia @spdatia #datia #datiadilse #datia #datia #दतिया बहु व नाती ने किया मेरी मां पर जुल्म दतिया sp से बोला बेबस बेटा @datia @spdatia #datia #datiadilse #datia #datia #दतिया1
- ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 10 फीट लंबा अजगर, वाहन चालकों में दहशत दतिया के ग्वालियर-झांसी हाईवे पर अब्बास के ढाबे के सामने करीब 10 फीट लंबा अजगर बीच सड़क पर पहुंच गया। अजगर के सड़क पर होने से वाहन चालकों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते अजगर को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी वाहन की चपेट में आकर घायल या मृत हो सकता है। वहीं, सड़क से हटने के बाद अजगर आसपास की कॉलोनी में घुसकर लोगों के लिए खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।1
- *सेवढ़ा में इलाज के लिए भटकती रही महिला, पांच घंटे नहीं मिली एंबुलेंस* *दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में बैठा रहा पति, डॉक्टरों ने दतिया रेफर किया तो एंबुलेंस के लिए तरसता रहा परिवार* सेवढ़ा/दतिया। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करे, लेकिन सेवढ़ा सिविल अस्पताल से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। भगुआपुरा से पत्नी का इलाज कराने सेवढ़ा सिविल अस्पताल पहुंचे एक व्यक्ति का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय महिला को दतिया रेफर करने की बात कही। इसके बाद जब दतिया ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा।परिजन के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे से शाम 5 बजे तक वह अस्पताल में एंबुलेंस के इंतजार में बैठा रहा, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मरीज को तत्काल उच्च उपचार की जरूरत थी तो समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? *डॉक्टर ने कहा रेफर करो, एंबुलेंस ने बढ़ाई परेशानी* परिजन का आरोप है कि महिला का उपचार सेवढ़ा में नहीं किया गया और उसे दतिया रेफर करने की बात कही गई। लेकिन रेफर किए जाने के बाद भी उसे समय पर अस्पताल से बाहर ले जाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। करीब पांच घंटे तक इंतजार ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *विधायक-सांसद की भूमिका पर भी उठे सवाल* सेवढ़ा विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम मरीजों की समस्याओं के बजाय दूसरे विवादों (जुए)में नजर आती है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सिविल अस्पताल में इलाज और रेफरल की व्यवस्था है, तो गंभीर मरीज को समय पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली? क्या अस्पताल प्रबंधन के पास आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? यदि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती और मरीज की हालत बिगड़ती है तो जवाबदेही किसकी होगी? मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।1
- भांडेर में आस्था और परंपरा के साथ महिलाओं ने किया मोर्या विसर्जन भाण्डेर नगर एवं अनुभाग में आस्था और परंपरा के साथ महिलाओं ने किया मोर्या विसर्जन भाण्डेर नगर एवं अनुभाग में आज महिलाओं ने बड़े ही रीति-रिवाज और उत्साह के साथ तालाब, नदी और पोखरों पर पहुंचकर मोर्या जी का विसर्जन किया। सुबह से ही अंचल के गांव-गांव में महिलाओं की टोलियां सोलह श्रृंगार कर, सिर पर मोर्या की टोकनी रखकर मंगलगीत गाते हुए विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुईं। तालाब किनारे पहुंचकर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हल्दी, कुमकुम, अक्षत, फूल और दूर्वा से पूजन कर अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद "गणपति बप्पा मोर्या, अगले बरस तू जल्दी आ" के जयकारों के साथ मोर्या का विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान तालाब, नदी और पोखरों के घाटों पर मेला जैसा दृश्य रहा। महिलाएं ढोलक की थाप पर लोकगीत और फाग गाते हुए नाचती-गाती नजर आईं। इस अवसर पर छोटी बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक में भारी उत्साह देखा गया। स्थानीय बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह परंपरा वर्षों पुरानी है। इस दिन मोर्या विसर्जन के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। पूरे अनुभाग में विसर्जन शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।1
- अस्टोट में तेज रफ्तार अज्ञात एम्बुलेंस ने बुजुर्ग को मारी टक्कर, घायल, सरसई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की भांडेर अनुभाग के सरसई थाना क्षेत्र के ग्राम अस्टोट में तेज रफ्तार अज्ञात एम्बुलेंस की टक्कर से एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के अनुसार फरियादी दिलीप वंशकार पुत्र रामहुजूर वंशकार, उम्र 26 वर्ष, निवासी अस्टोट ने शिकायत दर्ज कराई है। फरियादी ने बताया कि उसके पिता रामहुजूर वंशकार तालाब के पास पिपरौआ-मुरिया रोड से गुजर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात एम्बुलेंस चालक ने वाहन को तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में रामहुजूर वंशकार को चोटें आईं। घटना के बाद एम्बुलेंस चालक मौके से निकल गया। मामले की सूचना मिलने पर सरसई पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर अज्ञात एम्बुलेंस चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वाहन और चालक की पहचान के प्रयास कर रही है।1
- सेंवढ़ा सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्वास्थ्य शिविर, 500 मरीजों की जांच दतिया के सेंवढ़ा सिविल अस्पताल में मंगलवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले शिविर में करीब 500 मरीजों की जांच की गई। नेत्र, दंत, स्त्री रोग, बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श और उपचार दिया। कुछ मरीजों को बेहतर उपचार और आवश्यक जांच के लिए जिला अस्पताल रेफर करने की सलाह दी गई। बीएमओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ उठाया।1