ग्राम नीमचक के निवासी शंकर कुमार ने मसकौर पंचायत/प्रखंड के मुखिया/प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक पत्र लिखकर नीमचक से पसारही तक जाने वाली सड़क की गंभीर स्थिति पर ध्यान आकर्षित कराया है। इस पत्र में तत्काल सड़क के निर्माण या मरम्मत की मांग की गई है, क्योंकि यह मार्ग अत्यंत जर्जर और कच्चा है। पत्र के अनुसार, बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। जनहित को ध्यान में रखते हुए, शंकर कुमार ने मुखिया/प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस महत्वपूर्ण सड़क का शीघ्र निर्माण या मरम्मत कराने का विनम्र अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि इस कार्य के लिए वे सभी उनके आभारी रहेंगे। यह पत्र 05/06/2026 को लिखा गया है।
ग्राम नीमचक के निवासी शंकर कुमार ने मसकौर पंचायत/प्रखंड के मुखिया/प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक पत्र लिखकर नीमचक से पसारही तक जाने वाली सड़क की गंभीर स्थिति पर ध्यान आकर्षित कराया है। इस पत्र में तत्काल सड़क के निर्माण या मरम्मत की मांग की गई है, क्योंकि यह मार्ग अत्यंत जर्जर और कच्चा है। पत्र के अनुसार, बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। जनहित को ध्यान में रखते हुए, शंकर कुमार ने मुखिया/प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस महत्वपूर्ण सड़क का शीघ्र निर्माण या मरम्मत कराने का विनम्र अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि इस कार्य के लिए वे सभी उनके आभारी रहेंगे। यह पत्र 05/06/2026 को लिखा गया है।
- ग्राम नीमचक के निवासी शंकर कुमार ने मसकौर पंचायत/प्रखंड के मुखिया/प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक पत्र लिखकर नीमचक से पसारही तक जाने वाली सड़क की गंभीर स्थिति पर ध्यान आकर्षित कराया है। इस पत्र में तत्काल सड़क के निर्माण या मरम्मत की मांग की गई है, क्योंकि यह मार्ग अत्यंत जर्जर और कच्चा है। पत्र के अनुसार, बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। जनहित को ध्यान में रखते हुए, शंकर कुमार ने मुखिया/प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस महत्वपूर्ण सड़क का शीघ्र निर्माण या मरम्मत कराने का विनम्र अनुरोध किया है। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि इस कार्य के लिए वे सभी उनके आभारी रहेंगे। यह पत्र 05/06/2026 को लिखा गया है।1
- मगध क्षेत्र गया जी के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के निर्देशानुसार नवादा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लोक संवाद गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, शनिवार को रजौली थाना क्षेत्र के राजकीय मध्य विद्यालय धमनी में शाम 4 बजे से 5 बजे तक एक लोक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य ग्राम-अपराध की रोकथाम, स्थानीय समस्याओं का समाधान, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देना और जनता के सुझाव प्राप्त करना है। यह पहल सीधे जनता और पुलिस के बीच संवाद स्थापित करने के लिए की गई है। थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे शनिवार शाम 4 बजे राजकीय मध्य विद्यालय धमनी में पहुंचकर इस लोक संवाद गोष्ठी का हिस्सा बनें। उन्होंने जनता से अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे पुलिस तक पहुंचाने का आग्रह किया है, ताकि उनका समाधान किया जा सके।2
- रजौली थाना अंतर्गत जोगिया मारन गांव में शराब के एक बड़े स्टॉक का भंडाफोड़ हुआ है। उत्पाद विभाग की टीम ने एक घर में छापा मारकर लाखों रुपये की बियर और शराब बरामद की है।1
- बिहार के नालंदा जिले में स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी राजगीर में प्रसिद्ध मलमास मेला 2026 इस वर्ष भी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और मनोरंजन प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रत्येक तीन वर्ष पर लगने वाला यह मेला अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है, जहाँ देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक मेले की भव्यता का आनंद लेने पहुँच रहे हैं। मेले का शुभारंभ 17 मई 2026 को राज्य सरकार के वरिष्ठ नेताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान दिल्ली से स्वतंत्र विचारक एवं समाजसेवी विजय प्रधान अपने परिवार के साथ राजगीर मलमास मेला देखने पहुँचे। उन्होंने बताया कि वर्षों से इस मेले को देखने की उनकी इच्छा इस बार पूरी हुई। विजय प्रधान ने अपने परिवार के साथ पूरे मेले का भ्रमण किया और वहाँ के धार्मिक व सांस्कृतिक वातावरण का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने यह भी बताया कि राजगीर के चर्चित समाजसेवी मुन्ना लाल उनके साढ़ू हैं और उनकी पत्नी नूतन देवी जिला परिषद प्रतिनिधि हैं, जिनके मार्गदर्शन और आतिथ्य में उनके पूरे परिवार को मेले का भ्रमण करने का अवसर मिला। विजय प्रधान ने राजगीर की ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक महत्व और मेले की शानदार व्यवस्था की सराहना की। मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मनोरंजन के विविध साधन भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। शाम होते ही पूरा मेला रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों की चहल-पहल से गुलजार हो उठता है। यहाँ लगे झूले, सर्कस, जादूघर, थिएटर और विशेष रूप से 'मौत का कुआं' मुख्य आकर्षण बने हुए हैं, जहाँ बाइक और कार चालकों के रोमांचक करतब दर्शकों को रोमांचित कर रहे हैं। जादूघर में जादूगरों के अद्भुत प्रदर्शन बच्चों और बड़ों को समान रूप से पसंद आ रहे हैं, वहीं थिएटर में प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खिलौनों की दुकानें, खानपान के स्टॉल और विभिन्न मनोरंजन साधन भी लोगों को खूब लुभा रहे हैं। मेले में परिवार और दोस्तों के साथ पहुँचे लोग उत्साहपूर्वक आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं, खासकर बच्चों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु एवं पर्यटक सुरक्षित वातावरण में मेले का लुत्फ उठा सकें। कुल मिलाकर, राजगीर मलमास मेला 2026 आस्था, संस्कृति, पर्यटन और मनोरंजन का एक अद्भुत संगम बनकर लोगों को अपनी ओर खींच रहा है, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो रहा है।1
- अमेरिका से लौट रहे अभिजीत दीपके ने लोगों से एयरपोर्ट न आने के लिए कहा है, लेकिन इस अप्रत्याशित बदलाव के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर उन्होंने अपना यह प्लान क्यों बदला।1
- विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर 5 जून 2026 को गया के ब्रह्म वन में गया वन प्रमंडल द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार रहे, जबकि गया वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) श्री शशिकांत कुमार ने अध्यक्षता की। इस अवसर पर जिले के कई गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनें, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी, स्थानीय जैव विविधता समिति के सदस्य और पर्यावरण प्रेमी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था, जिसका शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पौधा भेंट और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर डीएफओ श्री शशिकांत कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और घोषणा की कि वर्ष 2026-27 में गया वन प्रमंडल के अंतर्गत लगभग 25 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय जैव विविधता समिति के सदस्यों और युवाओं से इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की, ताकि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके, क्योंकि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है। अपने संबोधन में माननीय मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम कुमार ने सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह दिवस हमें प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण हमारे जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य का आधार है, और स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, हरित वन, उपजाऊ भूमि तथा जैव विविधता मानव जीवन की अमूल्य धरोहरें हैं, जिनके संरक्षण के बिना सतत विकास असंभव है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और जैव विविधता के क्षरण का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते ठोस कदम न उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। डॉ. प्रेम कुमार ने भारत की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह सदैव प्रकृति के सम्मान और संरक्षण पर आधारित रही है, जहां वृक्षों, नदियों, पर्वतों और जीव-जंतुओं को पूजनीय माना गया है। उन्होंने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के भाव को पुनः आत्मसात करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'मिशन लाइफ (Lifestyle for Environment)', 'नमामि गंगे', 'एक पेड़ माँ के नाम' और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित विभिन्न अभियानों की सराहना की, जिनके प्रयासों ने जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सतत विकास को गति प्रदान की है। उन्होंने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रत्येक नागरिक से वर्ष में कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा ऊर्जा संरक्षण को दैनिक आदत में शामिल करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संचयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है, क्योंकि स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने ब्रह्म वन परिसर में एक वटवृक्ष का पौधारोपण किया और ब्रह्मयोनि क्षेत्र की बंजर भूमि में सीड बॉल (बीज गोला) का प्रसारण कर हरित विस्तार का संदेश दिया। पर्यावरण जागरूकता हेतु 'पर्यावरण रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को फलदार पौधों का वितरण किया गया और 11-सूत्रीय पर्यावरण संरक्षण संकल्प दिलाया गया। विभिन्न वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जैव विविधता के संवर्धन पर अपने विचार व्यक्त किए और जनभागीदारी से भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में श्री अजय कुशवाहा, श्री पप्पू चंद्रवंशी, श्री विकास कुमार, श्रीमती ज्योति दांगी, श्री धनंजय शर्मा, श्री अरविंद वर्मा, श्री धनंजय कुमार धीरू, श्री जेड. खान, श्री देवानंद पासवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर वनपाल श्री सूरज प्रकाश ने सभी अतिथियों, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। गया वन क्षेत्र की वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंज ऑफिसर) सुश्री आरती कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके नेतृत्व में वन विभाग की टीम के उत्कृष्ट समन्वय एवं व्यवस्थाओं के कारण यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ।1
- कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 6 जून को एक बड़े धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से बताया गया है कि यह उनका अब तक का सबसे बड़ा धरना प्रदर्शन होगा।1
- झारखंड के कोडरमा जिले में राजकुमार यादव हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने इस मामले में एक बड़ा खुलासा किया है।2