मात्र 15 20 साल में ढहा सरकारी आवास, विकलांग कृष्ण मिस्त्री खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर शेखपुरा। सरकारी आवास योजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के विकलांग कृष्ण मिस्त्री को सरकार की ओर से आवास मिला था, लेकिन निर्माण के लगभग 15 20 वर्ष के भीतर ही मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मकान गिरने के बाद कृष्ण मिस्त्री और उनका परिवार प्लास्टिक की चादर के सहारे जीवनयापन करने को विवश है। ग्रामीणों का कहना है कि कृष्ण मिस्त्री शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में आवास गिर जाने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण मकान समय से पहले ही धराशायी हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र नया आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं में यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो गरीब और जरूरतमंद लोगों का भरोसा टूटेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है।जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत रौंदी गांव में घटना
मात्र 15 20 साल में ढहा सरकारी आवास, विकलांग कृष्ण मिस्त्री खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर शेखपुरा। सरकारी आवास योजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव के विकलांग कृष्ण मिस्त्री को सरकार की ओर से आवास मिला था, लेकिन निर्माण के लगभग 15 20 वर्ष के भीतर ही मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मकान गिरने के बाद कृष्ण मिस्त्री और उनका परिवार प्लास्टिक की चादर के सहारे जीवनयापन करने को विवश है। ग्रामीणों का कहना है कि कृष्ण मिस्त्री शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में आवास गिर जाने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण मकान समय से पहले ही धराशायी हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र नया आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं में यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो गरीब और जरूरतमंद लोगों का भरोसा टूटेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है।जिले के अरियरी प्रखंड अंतर्गत रौंदी गांव में घटना
- घाटकुशुभा क्षेत्र में आगामी बाढ़ एवं संभावित सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। घाटकुशुभा क्षेत्र में आगामी बाढ़ एवं संभावित सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद ने घाटकुसुंभा प्रखंड के कई अति-संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर विभागीय तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सहरा, बटौरा, सुजावलपुर, पानापुर, कोयला, हरिरामचक, प्राणपुर एवं आलापुर गांवों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि हरोहर नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन क्षेत्रों में भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे मुख्य सड़कें एवं संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग तथा बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने, संवेदनशील सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र मरम्मत की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को बाढ़ अथवा सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 60 पानी के टैंकर तैयार रखने का निर्देश दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग को सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, पर्याप्त बेड, ओआरएस, ब्लीचिंग पाउडर तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने का आदेश दिया।इसके अलावा जिला पशुपालन पदाधिकारी को मवेशियों के लिए चारा, पशु दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंचल एवं आपदा प्रबंधन विभाग को राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट, नावों का समय पर पंजीकरण, सामुदायिक किचन की तैयारी तथा गोताखोरों को अलर्ट रखने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन), पीएचईडी एवं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, घाटकुसुंभा के प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित कई जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। निरीक्षण कार्यक्रम बुधवार को दोपहर 1:00 बजे संपन्न हुआ।1
- शर्मा गांव में रंगदारी नहीं दी तो 30 बीघा खेत में जहर डाला शर्मा गांव में रंगदारी नहीं दी तो 30 बीघा खेत में जहर डाला तेतरहाट थाना क्षेत्र के शर्मा गांव में रंगदारी नहीं देने पर किसान की खेती बर्बाद करने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान रामाश्रय चौधरी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों ने 2.50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर पहले खेती नहीं करने देने की धमकी दी गई और अब 30 बीघा खेत में रोपाई के लिए तैयार धान के बिचड़े में जहर डालकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्होंने 16 जुलाई को ही तेतरहाट थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया और उन्होंने फसल को नुकसान पहुंचा दिया। आवेदन में चंदन कुमार, राजीव कुमार, सोनू कुमार, शंभू चौधरी और मुरारी चौधरी को नामजद किया गया है। किसान का कहना है कि धान का बिचड़ा नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।1
- स्केटिंग करते हुए देवघर की ओर निकली सनातनी युवाओं की टोली, सावन के पहले दिन दिया धर्म और संस्कृति का संदेश1
- छात्रों की पढ़ाई पर संकट! शिक्षकों की लड़ाई, गैस सिलेंडर विवाद और बड़ा खुलासा छात्रों की पढ़ाई पर संकट! शिक्षकों की लड़ाई, गैस सिलेंडर विवाद और बड़ा खुलासा1
- शेखपुरा - 32वें स्थापना दिवस पर ज़िला अधिकारी ने ज़िला वासियों को किया है आमंत्रित.1
- बुधवार को जिले की सभी पंचायतों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का संबंधित पदाधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया। बुधवार को जिले की सभी पंचायतों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का संबंधित पदाधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य आमजन को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नियमितता एवं प्रभावशीलता का आकलन करना था। यह निरीक्षण बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे संपन्न हुआ।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रोगी पंजी एवं रोगी यात्रा रजिस्टर, Bhavya Lite पोर्टल पर स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि, दवा वितरण व्यवस्था, पैथोलॉजिकल जांच की उपलब्धता, निःशुल्क औषधि वाहन की सेवाओं, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) से संबंधित उपचार एवं जांच सुविधाओं तथा स्वास्थ्य प्रणाली के डिजिटलीकरण की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही यह भी देखा गया कि मरीजों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।अधिकारियों ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और सेवा गुणवत्ता का भी आकलन किया गया।जहां कहीं भी कमियां या सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों एवं प्रभारी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना है।1
- श्रावणी मेले से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, बाबा उमानाथ मंदिर का एसडीएम-एसडीपीओ ने किया निरीक्षण बाढ़ में श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। एसडीएम गरिमा लोहिया और एसडीपीओ ने उत्तरायणी गंगा तट स्थित बाबा उमानाथ मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और बैरिकेडिंग के निर्देश दिए। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नौका परिचालन पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा, अस्थायी यात्री शेड, पेयजल और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।1
- बख्तियारपुर में डबल शूटआउट, गंगा आरती से लौट रहे दो युवकों को मारी गोली बख्तियारपुर में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के सामने गंगा आरती से लौट रहे देदौर निवासी विशाल कुमार और अभिषेक कुमार को बदमाशों ने गोली मार दी। दोनों को पटना रेफर किया गया। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर के सामने सड़क पर दो युवकों को बदमाशों ने गोली मार दी। घायल विशाल कुमार और अभिषेक कुमार गंगा आरती से लौट रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को पटना रेफर किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1