विधायक पूरनपुर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी ने गोमती नदी के पुनरुद्धार कार्य का शहवाजपुर में किया शुभारंभ। मा0 मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 विधायक पूरनपुर एवं जिलाधिकारी ने गोमती नदी के पुनरोद्धार कार्य का शहबाजपुर में किया शुभारम्भ पीलीभीत सूचना विभाग 02 मई 2026/मा0 मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 दलजीत कौर, मा0 विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान एवं जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने आज विकास खण्ड पूरनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत शहबाजपुर में गोमती नदी का पुनरोद्वार कार्य का विधि-विधान से पूजन कर कार्य की शुरूआत की। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 विधायक एवं जिलाधिकारी ने फावड़ा चलाकर नदी के पुनरोद्धार हेतु श्रमदान किया। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में जनसमूह को संबोधित करते हुये कहा कि गोमती नदी पीलीभीत की पहचान है। हमें यह बताते हुये गर्व होता है कि गोमती नदी का उद्गम स्थल हमारे जनपद पीलीभीत में स्थित है। नदियां हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। गोमती नदी का पुनरोद्धार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक अभियान है। इससे न केवल जल स्तर में सुधार होगा अपितु स्थानीय जैव विविधता को भी नया जीवन मिलेगा। मा0 विधायक पूरनपुर ने कहा कि गोमती नदी को नया जीवन प्रदान करना और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से वी.वी.रामजी और अन्य योजनाओं के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त होगा। नदी की खुदाई और सफाई का कार्य को सही तरीके से कराया जाये। उन्होंने कहा कि इस स्थल का विकास कराने के लिए प्रयास करेंगें। जिलाधिकारी ने कहा कि गोमती नदी आदि गंगा के नाम से जाने जाती है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने गोमती पर विशेष ध्यान दिया है और आने वाले में बहुत बडा पर्यटक स्थल माधोटांडा बनने जाने जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोमती नदी की जनपद की सीमा तक की लम्बाई का सर्वे कराकर जहॉ जहॉ अतिक्रमण व गहराई कम है उसकी खुदाई कराने का कार्य किया जायेगा तथा गोमती से लगे तालाबों की खुदाई कराई जायेगी जिससे की जल स्तर सुधार हो सके। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों और लोगों का सहयोग मिल रहा है। जिससे नदी का निरन्तर जल प्रवाह हो सके। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होगा तथा किसानों को सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की भी हमसबकी जिम्मेदारी है। इस दौरान जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को सुनकर सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा सराहनीय कार्य हेतु प्रशंसा की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी पूरनुपर, खण्ड विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, पंचायत सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान सहित अन्य उपस्थित रहे।
विधायक पूरनपुर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी ने गोमती नदी के पुनरुद्धार कार्य का शहवाजपुर में किया शुभारंभ। मा0 मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 विधायक पूरनपुर एवं जिलाधिकारी ने गोमती नदी के पुनरोद्धार कार्य का शहबाजपुर में किया शुभारम्भ पीलीभीत सूचना विभाग 02 मई 2026/मा0 मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 दलजीत कौर, मा0 विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान एवं जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने आज विकास खण्ड पूरनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत शहबाजपुर में गोमती नदी का पुनरोद्वार कार्य का विधि-विधान से पूजन कर कार्य की शुरूआत की। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 विधायक एवं जिलाधिकारी ने फावड़ा चलाकर नदी के पुनरोद्धार हेतु श्रमदान किया। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में जनसमूह को संबोधित करते हुये
कहा कि गोमती नदी पीलीभीत की पहचान है। हमें यह बताते हुये गर्व होता है कि गोमती नदी का उद्गम स्थल हमारे जनपद पीलीभीत में स्थित है। नदियां हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। गोमती नदी का पुनरोद्धार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक अभियान है। इससे न केवल जल स्तर में सुधार होगा अपितु स्थानीय जैव विविधता को भी नया जीवन मिलेगा। मा0 विधायक पूरनपुर ने कहा कि गोमती नदी को नया जीवन प्रदान करना और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से वी.वी.रामजी और अन्य योजनाओं के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त होगा। नदी की खुदाई और सफाई का कार्य
को सही तरीके से कराया जाये। उन्होंने कहा कि इस स्थल का विकास कराने के लिए प्रयास करेंगें। जिलाधिकारी ने कहा कि गोमती नदी आदि गंगा के नाम से जाने जाती है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने गोमती पर विशेष ध्यान दिया है और आने वाले में बहुत बडा पर्यटक स्थल माधोटांडा बनने जाने जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोमती नदी की जनपद की सीमा तक की लम्बाई का सर्वे कराकर जहॉ जहॉ अतिक्रमण व गहराई कम है उसकी खुदाई कराने का कार्य किया जायेगा तथा गोमती से लगे तालाबों की खुदाई कराई जायेगी जिससे की जल स्तर सुधार हो सके। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों और लोगों का सहयोग मिल रहा है।
जिससे नदी का निरन्तर जल प्रवाह हो सके। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होगा तथा किसानों को सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की भी हमसबकी जिम्मेदारी है। इस दौरान जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को सुनकर सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा सराहनीय कार्य हेतु प्रशंसा की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी पूरनुपर, खण्ड विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, पंचायत सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान सहित अन्य उपस्थित रहे।
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- रामगंगा1
- पूरनपुर में गोमती पुनरुद्धार कार्य शुरू पूरनपुर। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने विकास खंड पूरनपुर की ग्राम पंचायत शहबाजपुर मेंगोमती नदी के पुनरुद्धार कार्य ककिया। इस मौके पर मुख्य अतिथि दलजीत कौर व विधायक बाबूराम पासवान मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि कार्य से क्षेत्र में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार को बढ़ावा मिलेगा1
- मा0 मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 विधायक पूरनपुर एवं जिलाधिकारी ने गोमती नदी के पुनरोद्धार कार्य का शहबाजपुर में किया शुभारम्भ पीलीभीत सूचना विभाग 02 मई 2026/मा0 मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 दलजीत कौर, मा0 विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान एवं जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने आज विकास खण्ड पूरनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत शहबाजपुर में गोमती नदी का पुनरोद्वार कार्य का विधि-विधान से पूजन कर कार्य की शुरूआत की। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 विधायक एवं जिलाधिकारी ने फावड़ा चलाकर नदी के पुनरोद्धार हेतु श्रमदान किया। मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने सम्बोधन में जनसमूह को संबोधित करते हुये कहा कि गोमती नदी पीलीभीत की पहचान है। हमें यह बताते हुये गर्व होता है कि गोमती नदी का उद्गम स्थल हमारे जनपद पीलीभीत में स्थित है। नदियां हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। गोमती नदी का पुनरोद्धार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक अभियान है। इससे न केवल जल स्तर में सुधार होगा अपितु स्थानीय जैव विविधता को भी नया जीवन मिलेगा। मा0 विधायक पूरनपुर ने कहा कि गोमती नदी को नया जीवन प्रदान करना और क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्य से वी.वी.रामजी और अन्य योजनाओं के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त होगा। नदी की खुदाई और सफाई का कार्य को सही तरीके से कराया जाये। उन्होंने कहा कि इस स्थल का विकास कराने के लिए प्रयास करेंगें। जिलाधिकारी ने कहा कि गोमती नदी आदि गंगा के नाम से जाने जाती है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने गोमती पर विशेष ध्यान दिया है और आने वाले में बहुत बडा पर्यटक स्थल माधोटांडा बनने जाने जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोमती नदी की जनपद की सीमा तक की लम्बाई का सर्वे कराकर जहॉ जहॉ अतिक्रमण व गहराई कम है उसकी खुदाई कराने का कार्य किया जायेगा तथा गोमती से लगे तालाबों की खुदाई कराई जायेगी जिससे की जल स्तर सुधार हो सके। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों और लोगों का सहयोग मिल रहा है। जिससे नदी का निरन्तर जल प्रवाह हो सके। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होगा तथा किसानों को सिंचाई हेतु जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की भी हमसबकी जिम्मेदारी है। इस दौरान जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को सुनकर सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान व स्थानीय लोगों द्वारा सराहनीय कार्य हेतु प्रशंसा की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी पूरनुपर, खण्ड विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, पंचायत सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान सहित अन्य उपस्थित रहे।4
- Post by न्यूज21न्यूज चैनल पीलीभीत1
- Post by Prashant mishra1
- शिव मंदिर पर किया गया अखंड पाठ व पूजन और गाय माता को तिलक लगाकर माला पहनकर किया गया सम्मानित , पीलीभीत (बिंदु प्रकाश)ब्लॉक बीसलपुर गांव मीरपुर-वाहनपुर स्थित शिव मंदिर में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। वर्षों पुरानी परंपरा के तहत मंदिर में अखंड पाठ व पूजन का आयोजन किया गया। इसके बाद गौ माता को तिलक लगाकर, पुष्प-माला पहनाकर सम्मानित किया गया और भोग अर्पित किया गया। कार्यक्रम का समापन 101 कन्याओं को भोजन कराने व विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें समस्त ग्रामवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। शिव मंदिर के महंत राजेंद्र प्रसाद ने कहा, "हम हर वर्ष शिव मंदिर पर अखंड पाठ कराते हैं। सबसे पहले गौ माता का पूजन करते हैं क्योंकि गौ में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। इसके बाद 101 कन्याओं को भोजन कराते हैं। यह हमारी सनातन परंपरा है जो धर्म और संस्कारों को जीवित रखती है। इससे नई पीढ़ी को गौ सेवा और कन्या सम्मान का संदेश मिलता है।" आयोजन को सफल बनाने में सुरेश चंद्र, ,बालक राम, गुड्डू, भगवान दास, राजकुमार, राजेंद्र, राजू, बद्री प्रसाद, नन्हे बाबू, हर प्रसाद, ओमकार, सुरेश, सर्वेश कुमार, प्रकाश, श्रीपाल समेत सभी ग्रामीणों का भरपूर सहयोग रहा। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया तो युवाओं ने व्यवस्था संभाली। बच्चों में विशेष उत्साह था। पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'गौ माता की जय' के जयकारों से गूंज उठा। ग्रामीणों ने बताया कि मीरपुर-वाहनपुर के शिव मंदिर पर हर वर्ष यह धार्मिक आयोजन होता है। इस बार भी आसपास के गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने महंत जी व आयोजन समिति की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव में एकता और भाईचारा बढ़ता है।1
- नगर पंचायत अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी भोजवाल जी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती ममता भोजवाल जी के साथ नगर के कुशल-क्षेम, सुख-समृद्धि और समग्र विकास की कामना को लेकर कैलाश आश्रम, वड़डा (पिथौरागढ़) में विधि-विधान से विशेष यज्ञ एवं पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस धार्मिक अनुष्ठान में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में हवन-पूजन किया गया, जिसमें नगर की उन्नति, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं की गईं। श्री भोजवाल जी ने बताया कि समाज के कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार भी उतना ही आवश्यक है जितना भौतिक विकास। उन्होंने कहा कि “नगर पंचायत बरखेड़ा के प्रत्येक नागरिक का जीवन सुखमय हो, नगर में विकास के नए आयाम स्थापित हों और सभी के जीवन में खुशहाली आए—इसी भावना के साथ यह यज्ञ संपन्न कराया गया है।” इस अवसर पर उन्होंने समस्त नगरवासियों के उज्ज्वल भविष्य एवं नगर की निरंतर प्रगति की कामना की। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।4