पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का अभ्यास, आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट महोबा। आगामी त्योहारों के मद्देनज़र जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में साप्ताहिक परेड के दौरान बलवा ड्रिल का अभ्यास कराया गया। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य त्योहारों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना तथा किसी भी विषम परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना रहा। ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के प्रयोग, आवश्यक सावधानियों और मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) की विस्तृत जानकारी दी गई। अभ्यास के तहत 10 पुलिस पार्टियों का गठन किया गया। पुलिसकर्मियों में से ही कुछ को बलवाई (भीड़) की भूमिका सौंपी गई, जबकि अन्य जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान रबर बुलेट गन, लाठीचार्ज, अश्रुगैस के गोले, एंटी राइट गन, टीयर गैस गन, टीयर स्मोक सेल और हैंड ग्रेनेड आदि दंगा नियंत्रण उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। बलवा की स्थिति का अनुकरण करते हुए प्रतीकात्मक पथराव भी कराया गया, जिस पर पुलिस बल ने न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकार की ड्रिल का उद्देश्य संवेदनशील अवसरों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित एवं सजग रखना है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी अपराध/साइबर गौरव उपाध्याय, प्रतिसार निरीक्षक शिवकुमार, समस्त थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी सहित जनपद के विभिन्न थानों, शाखाओं एवं पुलिस लाइन में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का अभ्यास, आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट महोबा। आगामी त्योहारों के मद्देनज़र जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में शुक्रवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में साप्ताहिक परेड के दौरान बलवा ड्रिल का अभ्यास कराया गया। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य त्योहारों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना तथा किसी भी विषम परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना रहा। ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के प्रयोग, आवश्यक सावधानियों और मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) की विस्तृत जानकारी दी गई। अभ्यास के तहत 10 पुलिस पार्टियों का गठन किया गया। पुलिसकर्मियों में से ही कुछ को बलवाई (भीड़) की भूमिका सौंपी गई, जबकि अन्य जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान रबर बुलेट गन, लाठीचार्ज, अश्रुगैस के गोले, एंटी राइट गन, टीयर गैस गन, टीयर स्मोक सेल और हैंड ग्रेनेड आदि दंगा नियंत्रण उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। बलवा की स्थिति का अनुकरण करते हुए प्रतीकात्मक पथराव भी कराया गया, जिस पर पुलिस बल ने न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकार की ड्रिल का उद्देश्य संवेदनशील अवसरों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित एवं सजग रखना है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी अपराध/साइबर गौरव उपाध्याय, प्रतिसार निरीक्षक शिवकुमार, समस्त थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी सहित जनपद के विभिन्न थानों, शाखाओं एवं पुलिस लाइन में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
- पनवाड़ी के किल्हौवा गांव में लाखों की चोरी, अलमारी से 250 ग्राम की पायल व सोने के आभूषण पार महोबा। थाना पनवाड़ी क्षेत्र के किल्हौवा गांव में अज्ञात चोरों द्वारा घर में घुसकर लाखों रुपये के आभूषण चोरी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित बिहारी लाल (57) पुत्र स्व. देशराज ने थाना पनवाड़ी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार वह 26 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे आवश्यक कार्य से घर में ताला बंद कर पनवाड़ी चले गए थे। अगले दिन सुबह लगभग 7 बजे जब वह अपनी पत्नी के साथ घर लौटे तो मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिला, लेकिन अंदर कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी की तलाशी लेने पर उसमें रखे सोने के आभूषण गायब मिले। चोरी गए सामान में तीन सोने की अंगूठियां, बृजबाला तथा करीब 250 ग्राम की पायल शामिल है। बिहारी लाल ने चोरी गए आभूषणों की कीमत लगभग 2 लाख 80 हजार रुपये बताई है। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद थाना पनवाड़ी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और साक्ष्य जुटाए। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है, क्योंकि पीड़ित के तीन बेटे हैं और आपसी कहासुनी की स्थिति रहती है। हालांकि पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- होली के पूर्व कोतवाली कुलपहाड़ में आयोजित पीस कमेटी के हुई बैठक1
- #महोबा राह चलती श्रमिक महिलाओं को रौंदने वाले पिकअप वाहन को पुलिस ने खोजा, वाहन चालक की पुलिस ने पहचान की। उपरोक्त जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक ने दी है। #ikvnews #mahobainsight1
- Post by Crime Kab Tak1
- मोबाइल की बढ़ती लत छोटे बच्चों के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, इसका एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक बच्ची मोबाइल में इस कदर खो गई कि उसने खुद को कमरे में अंदर से बंद कर लिया। परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया और समझाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। स्थिति गंभीर होती देख घरवालों को मजबूरन पास के कमरे की दीवार तोड़नी पड़ी, तब जाकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। यह घटना बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और अभिभावकों की बढ़ती चिंता को साफ तौर पर उजागर करती है।1
- शादी के बाद दुल्हन ने बताया कि वो किसी और को प्यार करती है. जबरन शादी कराई गई है. वो दूल्हे के पास नहीं जाएगी ll इसपर बात पर सास ने दुल्हन की पिटाई कर दी. मामला यूपो के हमीरपुर का है. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले का यह चर्चित मामला राठ कस्बे के बुधौलियाना मोहल्ला का है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है: मामला: राठ कस्बे के बुधौलियाना मोहल्ला निवासी धरम सिंह कुशवाहा की शादी बिलरख गांव की रहने वाली मिथिलेश के साथ हुई थी। विवाद: सुहागरात के समय दुल्हन ने दूल्हे के साथ रहने से मना कर दिया और बताया कि वह किसी और से प्यार करती है। दुल्हन का आरोप था कि उसके परिजनों ने उसे पीटकर जबरन यह शादी करवाई है। नतीजा: मामला राठ कोतवाली पुलिस तक पहुँचा, जहाँ घंटों चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया और शादी के अगले ही दिन उनका तलाक (अलगाव) हो गया।1
- अजयगढ़ पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: अंतरराज्यीय जुआ फड़ का पर्दाफाश, 16 गिरफ्तार, ₹122500 नगद, दो कार व बाइके जप्त। पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के कड़े तेवरों के बाद जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में अजयगढ़ पुलिस ने बीती देर रात गहलोत पुरवा के जंगलों में दबिश देकर एक बड़े अंतरराज्यीय जुआ गिरोह का भंडाफोड़ किया है। *घेराबंदी कर दबोचे गए 16 जुआरी* अजयगढ़ एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन और नवागत थाना प्रभारी हरी सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से 16 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा। अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर लगभग आधा दर्जन जुआरी भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने जुआरियों के पास से नकद राशि: ₹1,22,500, दो चार पहिया वाहन और 03 मोटरसाईकिल जप्त की है। पकड़े गए जुआरी केवल स्थानीय नहीं थे, बल्कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क था। गिरफ्तार आरोपी अजयगढ़, चंदला, गैसाबाद, सिमरिया, गुनौर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के भी रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0089 और धारा 13 (पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है। इस सफल रेड में अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर,थाना प्रभारी धरमपुर अनिल सिंह,सहायक उपनिरीक्षक अशोक गौतम व जौहर सिंह,प्रधान आरक्षक जयेन्द्र पाल,अशोक अहिरवार, राजकुमार अहिरवार ,जीतेन्द्र मिश्रा, बीरेन्द्र अहिरवार ,दुलीचन्द्र जैन आरक्षक मनोज पटेल ,अश्वनी , महेश ,रामनरेश गुप्ता, भूरी सिंह , रोहित मिश्रा , अरुण प्रताप सिंह , अजीत यादव , गिरधारी , रोहित , निश्चल , विनोद , रामलखन पटेल , राजू साहू , प्रमोद पाल ,हेतराम अहिरवार , शुभम शुक्ला , भूपाल सिंह , नरेंद्र, राजकरण,पंकज सिंह का सराहनीय योगदान रहा।4
- गौशाला के जानवरों ने उजाड़ी 10 बीघा गन्ने की फसल, किसानों ने थाने में दी तहरीर पनवाड़ी ब्लॉक की सलैया खालसा ग्राम पंचायत का मामला, मुआवजे की मांग तेज महोबा। विकासखंड पनवाड़ी की ग्राम पंचायत सलैया खालसा में गौशाला के जानवरों द्वारा किसानों की गन्ने की फसल बर्बाद किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि गौशाला में लगभग एक सैकड़ा से अधिक निराश्रित पशु संरक्षित हैं, जिनके लिए शासन स्तर से भूसा-चारा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा पशुओं को खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे आसपास के खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों के मुताबिक, इस समय उनके खेतों में गन्ने की फसल लहलहा रही थी, लेकिन गौशाला से छोड़े गए जानवरों ने करीब 9 से 10 बीघा फसल पूरी तरह चौपट कर दी। किसानों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले ग्राम प्रधान से शिकायत की, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद मजबूर होकर किसानों ने गौशाला कर्मचारियों एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने खंड विकास अधिकारी पनवाड़ी को भी लिखित शिकायत सौंपकर नुकसान का सर्वे कराते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की है। पंचायत सचिव निर्देश पटेल का कहना है कि गौशाला के पशु हमेशा बंद रहते हैं और प्राप्त शिकायत की जांच कराई जाएगी। ग्राम प्रधान इन्द्रजीत राजपूत ने भी बताया कि पशुओं की देखरेख के लिए चरवाहे तैनात हैं और उन्हें नियमित रूप से गौशाला में रखा जाता है। वहीं सहायक विकास अधिकारी कमलेश अनुरागी ने बताया कि वह इस संबंध में दो बार प्रधान सचिव को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। फिलहाल किसान प्रशासनिक हस्तक्षेप और मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं।1