दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यूरिया खाद के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास मिले 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को मौत के करीब 40 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार सदर (देवा), थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई। जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित सोता कब्रिस्तान से शव को निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ भेजा गया है। लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी परिजनों ने 17 जून 2026 को थाना सआदतगंज में दर्ज कराई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास अज्ञात शव बरामद होने पर पुलिस ने पहचान न होने के कारण 19 जून को पोस्टमार्टम कराकर दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने पुत्र के रूप में की और हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि मृतक के हाथ पर 'सैफ' नाम लिखा होने के बावजूद पहचान का प्रयास नहीं किया गया और गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान न होने के कारण उन्हें 40 दिनों तक भटकना पड़ा। परिजनों ने सिपाही नितेश पाल पर भी आदेश के बावजूद दो दिनों तक फाइल आगे न बढ़ाने और देरी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से शिकायत कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के छात्र प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब एक छात्रा दुल्हन के वेश में विरोध जताने पहुंची। दुल्हन के रूप में पहुंची इस छात्रा ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद सभी लोगों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया। छात्रा ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि आज के समय में पढ़ाई और मेहनत की कोई कद्र नहीं रह गई है और पढ़ाई की अब कोई कीमत नहीं बची है। इस अनोखे और अलग तरह के विरोध ने सोशल मीडिया पर भी तेजी से अपनी जगह बनाई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी बहस को और अधिक तेज कर दिया है।1
- शिक्षकों के आंदोलन के आगे भारतीय जनता पार्टी झुक गई है। इस आंदोलन के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के थाना इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित बजरंग चौराहा के पास बेखौफ बदमाशों ने खूनी तांडव मचाया। उमेश जनरल स्टोर में बीती देर रात लगभग 3:30 बजे चोरी की नीयत से घर में घुसे बदमाशों ने विरोध करने पर दुकान मालिक उमेश चंद्र गुप्ता (लगभग 55 वर्ष), उनकी पत्नी शांति देवी (लगभग 50 वर्ष) तथा उनकी पुत्री सीमा गुप्ता पर जानलेवा हमला कर दिया। परिजनों का कहना है कि बदमाशों ने किसी मजबूत लकड़ी या लोहे की रॉड जैसी भारी वस्तु से तीनों पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पूर्वी डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा, एडीसीपी अमोल मुरकुट, एसीपी अतुल कुमार पांडे तथा इंस्पेक्टर इंदिरा नगर अजय कुमार नारायण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्यों का बारीकी से संकलन किया और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर रही है, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी बजरंग चौराहा क्षेत्र में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की घटना सामने आई थी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बुधवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए गए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है और दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन को तेज करेगा। जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके बाद कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपकर वापस लौट गए।1
- अलीगंज में जान लेने वाली इमारत को अब जमींदोज किया जा रहा है। इस इमारत पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है और इसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।1