उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास मिले 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को मौत के करीब 40 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार सदर (देवा), थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई। जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित सोता कब्रिस्तान से शव को निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ भेजा गया है। लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी परिजनों ने 17 जून 2026 को थाना सआदतगंज में दर्ज कराई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास अज्ञात शव बरामद होने पर पुलिस ने पहचान न होने के कारण 19 जून को पोस्टमार्टम कराकर दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने पुत्र के रूप में की और हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि मृतक के हाथ पर 'सैफ' नाम लिखा होने के बावजूद पहचान का प्रयास नहीं किया गया और गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान न होने के कारण उन्हें 40 दिनों तक भटकना पड़ा। परिजनों ने सिपाही नितेश पाल पर भी आदेश के बावजूद दो दिनों तक फाइल आगे न बढ़ाने और देरी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से शिकायत कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास मिले 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को मौत के करीब 40 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार सदर (देवा), थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई। जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित सोता कब्रिस्तान से शव को निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लखनऊ भेजा गया है। लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी परिजनों ने 17 जून 2026 को थाना सआदतगंज में दर्ज कराई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास अज्ञात शव बरामद होने पर पुलिस ने पहचान न होने के कारण 19 जून को पोस्टमार्टम कराकर दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने पुत्र के रूप में की और हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि मृतक के हाथ पर 'सैफ' नाम लिखा होने के बावजूद पहचान का प्रयास नहीं किया गया और गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान न होने के कारण उन्हें 40 दिनों तक भटकना पड़ा। परिजनों ने सिपाही नितेश पाल पर भी आदेश के बावजूद दो दिनों तक फाइल आगे न बढ़ाने और देरी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से शिकायत कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यूरिया खाद के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।1
- लखनऊ में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं दूरदर्शन समाचार के पूर्व संपादक श्री अशोक श्रीवास्तव ने शिक्षकों से कक्षा और परंपरागत सोच से आगे बढ़कर विचार करने का आह्वान किया ताकि देश में एक 'विजनरी जेनरेशन' तैयार हो सके। उन्होंने भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और स्काईरूट एयरोस्पेस की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीबीएयू के कुलपति प्रो. आर. के. मित्तल ने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिक मूल्य तथा उद्यमशीलता का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि युवाओं में नवाचार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता का विकास करके भारत निर्धारित समय से पहले विकसित भारत का लक्ष्य हासिल कर सकता है। कार्यशाला में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक मीडिया कौशल से सुसज्जित करना है, ताकि शिक्षा क्षेत्र के सकारात्मक कार्यों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके। महासंघ की राष्ट्रीय महामंत्री प्रो. गीता भट्ट ने भी सशक्त शिक्षा और सकारात्मक संवाद के लिए उत्तरदायी संचार पर बल दिया। कार्यक्रम में महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री महेंद्र कपूर, उप राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री जी. लक्ष्मण, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मनंदर कुमार सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे और इसका संचालन प्रो. गोविंद पाण्डेय ने किया। कार्यशाला के पहले दिन रील निर्माण, समाचार लेखन व रिपोर्टिंग, प्रभावी मीडिया संचार और महासंघ के मीडिया प्रकोष्ठ के उद्देश्यों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने डिजिटल एवं सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के व्यावहारिक सुझाव दिए।4
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं के सामने उस समय हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई, जब वे प्रदर्शन का मुख्य कारण ही नहीं बता पाए। बीजेपी युवा मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तख्तियां और बैनर लेकर अचानक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। हालांकि, जब मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनसे प्रदर्शन के मुद्दे पर सवाल किए, तो कई कार्यकर्ता असहज नज़र आए और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। प्रदर्शन में शामिल एक कार्यकर्ता ने यहाँ तक कह दिया कि उन्हें तो संगठन की तरफ से यहाँ पहुँचने के लिए कहा गया था और मुख्य मुद्दा क्या है, यह बात बड़े नेता ही बता पाएंगे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और सुरक्षा के लिहाज से कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता बिना किसी विचार और मुद्दे के केवल भीड़ जुटाने और मीडिया की सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह के नाटक करते हैं। वहीं, स्थिति बिगड़ती देख बीजेपी के स्थानीय पदाधिकारियों ने मामले को संभाला और बाद में मीडिया के सामने अपने आधिकारिक मुद्दे रखे।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही देश की राजनीति में हलचल बेहद तेज हो गई है, और राजनीतिक गलियारों से लेकर छात्र संगठनों तक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इस नए घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले फैसले और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर टिकी हुई हैं।1
- बाराबंकी के सोता कब्रिस्तान से करीब 40 दिन पहले दफनाए गए 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। नायब तहसीलदार सदर (देवा) और थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय की मौजूदगी में यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लखनऊ भेज दिया गया। मामले के अनुसार, लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसे पहचान न होने का हवाला देकर बाराबंकी पुलिस ने 19 जून 2026 को सोता कब्रिस्तान में दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की और हत्या का केस दर्ज कराया। इस मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कब्र से शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सैफ के हाथ पर स्पष्ट रूप से नाम लिखे होने के बावजूद पुलिस ने पहचान करने या गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान करने की कोशिश नहीं की और उसे लावारिस बताकर दफना दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कार्य देखने वाले सिपाही नितेश पाल पर आदेश के बाद भी दो दिन तक फाइल दबाए रखने और देरी करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अज्ञात शव की फोटो सार्वजनिक न किए जाने से उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी और अब वे इस लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हैदरगढ़ क्षेत्र के बम्हरौली गांव में एक विवाहिता नर्गिस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और हत्या कर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। मां की मौत के बाद मृतका के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे इकरार के सिर से ममता का साया उठ गया है। शहाबपुर निवासी मृतका की मां उम्मतुल ने मसौली थाने में पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री नर्गिस की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व बम्हरौली निवासी अफजाल के साथ हुई थी। आरोप है कि 24 जुलाई की शाम करीब चार बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी पुत्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पाकर जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो घर से ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मृतका की मां ने ससुर कल्लू, पति अफजाल, देवर रिजवान, रेशमा और मोसिमा पर आरोप लगाया कि ये सभी दहेज के लिए नर्गिस को प्रताड़ित करते थे और सभी ने मिलकर साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने मृतका के शव को उसके मायके शहाबपुर स्थित कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। मृतका की मां ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।4