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बाराबंकी के सोता कब्रिस्तान से करीब 40 दिन पहले दफनाए गए 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। नायब तहसीलदार सदर (देवा) और थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय की मौजूदगी में यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लखनऊ भेज दिया गया। मामले के अनुसार, लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसे पहचान न होने का हवाला देकर बाराबंकी पुलिस ने 19 जून 2026 को सोता कब्रिस्तान में दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की और हत्या का केस दर्ज कराया। इस मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कब्र से शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सैफ के हाथ पर स्पष्ट रूप से नाम लिखे होने के बावजूद पुलिस ने पहचान करने या गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान करने की कोशिश नहीं की और उसे लावारिस बताकर दफना दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कार्य देखने वाले सिपाही नितेश पाल पर आदेश के बाद भी दो दिन तक फाइल दबाए रखने और देरी करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अज्ञात शव की फोटो सार्वजनिक न किए जाने से उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी और अब वे इस लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।

3 hrs ago
user_राम जी दीक्षित पत्रकार
राम जी दीक्षित पत्रकार
Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

बाराबंकी के सोता कब्रिस्तान से करीब 40 दिन पहले दफनाए गए 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। नायब तहसीलदार सदर (देवा) और थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय की मौजूदगी में यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लखनऊ भेज दिया गया। मामले के अनुसार, लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसे पहचान न होने का हवाला देकर बाराबंकी पुलिस ने 19 जून 2026 को सोता कब्रिस्तान में दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की और हत्या का केस दर्ज कराया। इस मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कब्र से शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सैफ के हाथ पर स्पष्ट रूप से नाम लिखे होने के बावजूद पुलिस ने पहचान करने या गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान करने की कोशिश नहीं की और उसे लावारिस बताकर दफना दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कार्य देखने वाले सिपाही नितेश पाल पर आदेश के बाद भी दो दिन तक फाइल दबाए रखने और देरी करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अज्ञात शव की फोटो सार्वजनिक न किए जाने से उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी और अब वे इस लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।

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  • उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यूरिया खाद के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यूरिया खाद के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया है।
    user_Aman Chaudhary
    Aman Chaudhary
    Media company नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने छात्रावास से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था व छात्रों के अधिकारों को लेकर अपनी नाराजगी जताई।

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने "छात्रों का सम्मान करो", "शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के बाद भीम आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने की मांग की गई।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन तेज करेगा और जरूरत पड़ने पर बाराबंकी सहित प्रदेश भर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।
    user_फखरे आलम
    फखरे आलम
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • गोमती नगर निवासी श्री सौरभ महेश्वरी जी के जन्मदिन के अवसर पर चौक स्थित अवध गौशाला में 24 गोमाता को अपने हाथों से हरे चारे का भोजन कराया गया।
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    गोमती नगर निवासी श्री सौरभ महेश्वरी जी के जन्मदिन के अवसर पर चौक स्थित अवध गौशाला में 24 गोमाता को अपने हाथों से हरे चारे का भोजन कराया गया।
    user_#MAA ANANDI NEWS (Anurag Dwivedi)
    #MAA ANANDI NEWS (Anurag Dwivedi)
    Media company Lucknow, Uttar Pradesh•
    23 min ago
  • 26 दिनों के अनशन और संघर्ष के बाद सोनम वांगचुक के बयान "छब्बीस दिन भूखा रहा, क्या अब भी सफाई दूँ?" ने देशभर में एक नई बहस छेड़ दी है। अपने अनशन के बाद दिया गया यह तीखा बयान उनकी गहरी पीड़ा और नाराजगी को साफ तौर पर दर्शाता है। सोनम वांगचुक ने इस सवाल के जरिए उन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनके चलते उन्हें इतने लंबे समय तक भूखे रहकर विरोध दर्ज कराना पड़ा। यह मुद्दा अब सोशल मीडिया और आम जनचर्चा में तेजी से फैल रहा है। लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिसके चलते यह पूरा मामला अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है।
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    26 दिनों के अनशन और संघर्ष के बाद सोनम वांगचुक के बयान "छब्बीस दिन भूखा रहा, क्या अब भी सफाई दूँ?" ने देशभर में एक नई बहस छेड़ दी है। अपने अनशन के बाद दिया गया यह तीखा बयान उनकी गहरी पीड़ा और नाराजगी को साफ तौर पर दर्शाता है।

सोनम वांगचुक ने इस सवाल के जरिए उन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनके चलते उन्हें इतने लंबे समय तक भूखे रहकर विरोध दर्ज कराना पड़ा।

यह मुद्दा अब सोशल मीडिया और आम जनचर्चा में तेजी से फैल रहा है। लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिसके चलते यह पूरा मामला अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है।
    user_UPNEWS 9
    UPNEWS 9
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
  • लखनऊ के अमराई गांव में रात के करीब 2:00 बजे घर के अंदर छिपे 3 हथियारबंद बदमाशों ने एक व्यापारी के परिवार को बंधक बनाकर भीषण लूटपाट को अंजाम दिया। मुख्य मार्ग पर स्थित अपने घर में परचून की दुकान चलाने वाले 55 वर्षीय उमेश चंद्र, उनकी पत्नी शांति देवी और तीन दिन पहले आई बेटी सीमा घर में मौजूद थीं। बदमाशों ने जब घर का लॉकर तोड़ना शुरू किया, तो आवाज सुनकर जागे परिवार ने उनका कड़ा विरोध किया। विरोध करने पर बदमाशों ने असलहे और धारदार हथियारों से पति, पत्नी और बेटी तीनों के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उमेश चंद्र बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर घर में रखी नकदी और जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस मामले को दबाने और घटना छिपाने में लगी रही।
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    लखनऊ के अमराई गांव में रात के करीब 2:00 बजे घर के अंदर छिपे 3 हथियारबंद बदमाशों ने एक व्यापारी के परिवार को बंधक बनाकर भीषण लूटपाट को अंजाम दिया। मुख्य मार्ग पर स्थित अपने घर में परचून की दुकान चलाने वाले 55 वर्षीय उमेश चंद्र, उनकी पत्नी शांति देवी और तीन दिन पहले आई बेटी सीमा घर में मौजूद थीं। बदमाशों ने जब घर का लॉकर तोड़ना शुरू किया, तो आवाज सुनकर जागे परिवार ने उनका कड़ा विरोध किया।

विरोध करने पर बदमाशों ने असलहे और धारदार हथियारों से पति, पत्नी और बेटी तीनों के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उमेश चंद्र बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर घर में रखी नकदी और जेवरात लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस मामले को दबाने और घटना छिपाने में लगी रही।
    user_आशीष मिश्रा
    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    53 min ago
  • बाराबंकी के सोता कब्रिस्तान से करीब 40 दिन पहले दफनाए गए 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। नायब तहसीलदार सदर (देवा) और थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय की मौजूदगी में यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लखनऊ भेज दिया गया। मामले के अनुसार, लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसे पहचान न होने का हवाला देकर बाराबंकी पुलिस ने 19 जून 2026 को सोता कब्रिस्तान में दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की और हत्या का केस दर्ज कराया। इस मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कब्र से शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सैफ के हाथ पर स्पष्ट रूप से नाम लिखे होने के बावजूद पुलिस ने पहचान करने या गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान करने की कोशिश नहीं की और उसे लावारिस बताकर दफना दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कार्य देखने वाले सिपाही नितेश पाल पर आदेश के बाद भी दो दिन तक फाइल दबाए रखने और देरी करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अज्ञात शव की फोटो सार्वजनिक न किए जाने से उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी और अब वे इस लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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    बाराबंकी के सोता कब्रिस्तान से करीब 40 दिन पहले दफनाए गए 18 वर्षीय मो. सैफ के शव को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। नायब तहसीलदार सदर (देवा) और थाना जहांगीराबाद के प्रभारी निरीक्षक हरि प्रसाद उपाध्याय की मौजूदगी में यह प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर लखनऊ भेज दिया गया।

मामले के अनुसार, लखनऊ के सआदतगंज निवासी मो. सैफ 14 जून 2026 की रात करीब 8 बजे लापता हुआ था, जिसकी गुमशुदगी 17 जून 2026 को दर्ज कराई गई थी। इससे पहले 15 जून 2026 को सफेदाबाद रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात शव मिला था, जिसे पहचान न होने का हवाला देकर बाराबंकी पुलिस ने 19 जून 2026 को सोता कब्रिस्तान में दफना दिया था। बाद में मृतक के पिता मो. आसिफ ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की और हत्या का केस दर्ज कराया। इस मामले में नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

कब्र से शव निकलवाने के दौरान परिजनों ने बाराबंकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सैफ के हाथ पर स्पष्ट रूप से नाम लिखे होने के बावजूद पुलिस ने पहचान करने या गुमशुदगी के रिकॉर्ड से मिलान करने की कोशिश नहीं की और उसे लावारिस बताकर दफना दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कार्य देखने वाले सिपाही नितेश पाल पर आदेश के बाद भी दो दिन तक फाइल दबाए रखने और देरी करने के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि अज्ञात शव की फोटो सार्वजनिक न किए जाने से उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी और अब वे इस लापरवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मिलकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हैदरगढ़ क्षेत्र के बम्हरौली गांव में एक विवाहिता नर्गिस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और हत्या कर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। मां की मौत के बाद मृतका के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे इकरार के सिर से ममता का साया उठ गया है। शहाबपुर निवासी मृतका की मां उम्मतुल ने मसौली थाने में पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री नर्गिस की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व बम्हरौली निवासी अफजाल के साथ हुई थी। आरोप है कि 24 जुलाई की शाम करीब चार बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी पुत्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पाकर जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो घर से ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मृतका की मां ने ससुर कल्लू, पति अफजाल, देवर रिजवान, रेशमा और मोसिमा पर आरोप लगाया कि ये सभी दहेज के लिए नर्गिस को प्रताड़ित करते थे और सभी ने मिलकर साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने मृतका के शव को उसके मायके शहाबपुर स्थित कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। मृतका की मां ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हैदरगढ़ क्षेत्र के बम्हरौली गांव में एक विवाहिता नर्गिस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और हत्या कर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का गंभीर आरोप लगाया है। मां की मौत के बाद मृतका के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे इकरार के सिर से ममता का साया उठ गया है।

शहाबपुर निवासी मृतका की मां उम्मतुल ने मसौली थाने में पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री नर्गिस की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व बम्हरौली निवासी अफजाल के साथ हुई थी। आरोप है कि 24 जुलाई की शाम करीब चार बजे उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी पुत्री ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पाकर जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो घर से ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके बाद परिजनों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मृतका की मां ने ससुर कल्लू, पति अफजाल, देवर रिजवान, रेशमा और मोसिमा पर आरोप लगाया कि ये सभी दहेज के लिए नर्गिस को प्रताड़ित करते थे और सभी ने मिलकर साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया।

शनिवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने मृतका के शव को उसके मायके शहाबपुर स्थित कब्रिस्तान में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। मृतका की मां ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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