मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत नामक युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, फरहत पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था, और बताया जा रहा है कि उसने यह कदम उठाने से पहले पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक फरहत की मौत हो चुकी थी। घटना के समय कुछ बच्चे भी पास में मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत नामक युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, फरहत पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था, और बताया जा रहा है कि उसने यह कदम उठाने से पहले पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक फरहत की मौत हो चुकी थी। घटना के समय कुछ बच्चे भी पास में मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- जनपद मऊ में हुए राम जनम राजभर हत्याकांड के संबंध में प्रधान रामबदन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी इसी हत्याकांड से संबंधित है।1
- जनपद जौनपुर में, होटल रिवर व्यू में राज्यमंत्री के नेतृत्व में 'मन की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के संबोधन को डिजिटल टेलीविजन के माध्यम से सुना गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग मंत्री गिरिश चन्द्र यादव सहित हजारों कार्यकर्ता और सैकड़ों वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।1
- जौनपुर जिले के पुरव बाजार में स्थापित नया यूनियन बैंक अपने ग्राहकों को अच्छी सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। बैंक की इस पहल से ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ मिल रही हैं।1
- चन्दौली क्षेत्र के चहनियां स्थित खण्डवारी देवी बाल विद्या मंदिर के तत्वावधान में, शुक्रवार को जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक गौरव कुमार सिंह सहित आठ सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। खण्डवारी इंटर कॉलेज के प्रबन्धक आद्या प्रसाद सिंह ने सभी अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे और माला पहनाकर उनका स्वागत किया। खण्डवारी देवी इंटर कॉलेज अपनी कुशल शिक्षा और उचित शैक्षणिक वातावरण के लिए जाना जाता है, जहाँ नियमित रूप से हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस अवसर पर, प्रबंधक आद्या प्रसाद सिंह ने घोषणा की कि जूनियर हाईस्कूल में अब नि:शुल्क शिक्षा, डीबीटी की सुविधा, मुफ़्त किताबों के साथ-साथ 10 सरकारी अध्यापकों के माध्यम से और अधिक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। संस्थापक प्रधानाचार्य डॉ. राजेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी शिक्षकों से छात्र हित को ध्यान में रखते हुए कार्य करने का आग्रह किया, ताकि छात्रों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके। इस कार्यक्रम में डॉ. आशुतोष सिंह कैलाशी, सुनील कुमार सिंह, प्रतिभा पांडेय, मुरलीधर तिवारी, आशुतोष मिश्र, आनन्द मिश्र, रितेश सिंह, सच्चिदानन्द सिंह सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। चहनियां स्थित खण्डवारी देवी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष सिंह कैलाशी ने प्रधानाध्यापक गौरव कुमार सिंह का माल्यार्पण भी किया।1
- थाना बीजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धरतीदाड़ के पास जंगल में एक महिला का कंकाल पाया गया है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी, श्री राजेश कुमार राय ने अपना बयान जारी किया है।1
- बनारस के चौबेपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में सीधे तौर पर एक लेखपाल पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि बनारस में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है, और सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत नामक युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, फरहत पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था, और बताया जा रहा है कि उसने यह कदम उठाने से पहले पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक फरहत की मौत हो चुकी थी। घटना के समय कुछ बच्चे भी पास में मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र स्थित पालपुर गाँव में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची को लगभग 70 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह मासूम ज़िंदा बच गई। यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई जब स्कूल जा रहे कुछ बच्चों को कुएं के अंदर से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से सुनने पर उन्होंने तुरंत गाँव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची को बाहर निकालते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को कुएं में किसने और क्यों फेंका। पुलिस आस-पास के इलाकों में बच्ची के माता-पिता की तलाश भी कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कोई इतनी निर्दयी हरकत कैसे कर सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल जा रहे बच्चों ने समय रहते रोने की आवाज़ न सुनी होती, तो मासूम की जान बचाना संभव नहीं था। यह घटना क्रूरता और मानवता, दोनों की मिसाल बन गई है, जहाँ एक तरफ किसी ने नवजात को मौत के कुएं में फेंक दिया, तो दूसरी तरफ बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की बहादुरी ने उसे नया जीवन प्रदान किया।1