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राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र स्थित पालपुर गाँव में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची को लगभग 70 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह मासूम ज़िंदा बच गई। यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई जब स्कूल जा रहे कुछ बच्चों को कुएं के अंदर से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से सुनने पर उन्होंने तुरंत गाँव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची को बाहर निकालते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को कुएं में किसने और क्यों फेंका। पुलिस आस-पास के इलाकों में बच्ची के माता-पिता की तलाश भी कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कोई इतनी निर्दयी हरकत कैसे कर सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल जा रहे बच्चों ने समय रहते रोने की आवाज़ न सुनी होती, तो मासूम की जान बचाना संभव नहीं था। यह घटना क्रूरता और मानवता, दोनों की मिसाल बन गई है, जहाँ एक तरफ किसी ने नवजात को मौत के कुएं में फेंक दिया, तो दूसरी तरफ बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की बहादुरी ने उसे नया जीवन प्रदान किया।

2 hrs ago
user_गजेन्द्र कुमार सिंह
गजेन्द्र कुमार सिंह
Pindra, Varanasi•
2 hrs ago

राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र स्थित पालपुर गाँव में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची को लगभग 70 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह मासूम ज़िंदा बच गई। यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई जब स्कूल जा रहे कुछ बच्चों को कुएं के अंदर से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से सुनने पर उन्होंने तुरंत गाँव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची को बाहर निकालते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को कुएं में किसने और क्यों फेंका। पुलिस आस-पास के इलाकों में बच्ची के माता-पिता की तलाश भी कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कोई इतनी निर्दयी हरकत कैसे कर सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल जा रहे बच्चों ने समय रहते रोने की आवाज़ न सुनी होती, तो मासूम की जान बचाना संभव नहीं था। यह घटना क्रूरता और मानवता, दोनों की मिसाल बन गई है, जहाँ एक तरफ किसी ने नवजात को मौत के कुएं में फेंक दिया, तो दूसरी तरफ बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की बहादुरी ने उसे नया जीवन प्रदान किया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • वाराणसी में लंबे समय से सफाई न होने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यहां के स्थानीय नेता भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मौजूदा गंदगी के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में भी इतनी गंदगी मौजूद है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सफाई करवाने की अपील की है।
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    वाराणसी में लंबे समय से सफाई न होने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यहां के स्थानीय नेता भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मौजूदा गंदगी के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में भी इतनी गंदगी मौजूद है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सफाई करवाने की अपील की है।
    user_Gaurav modanwal
    Gaurav modanwal
    पिंडरा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    31 min ago
  • जनपद जौनपुर में, होटल रिवर व्यू में राज्यमंत्री के नेतृत्व में 'मन की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के संबोधन को डिजिटल टेलीविजन के माध्यम से सुना गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग मंत्री गिरिश चन्द्र यादव सहित हजारों कार्यकर्ता और सैकड़ों वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।
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    जनपद जौनपुर में, होटल रिवर व्यू में राज्यमंत्री के नेतृत्व में 'मन की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के संबोधन को डिजिटल टेलीविजन के माध्यम से सुना गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग मंत्री गिरिश चन्द्र यादव सहित हजारों कार्यकर्ता और सैकड़ों वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।
    user_पत्रकार विकास पाठक जनपद जौनपुर
    पत्रकार विकास पाठक जनपद जौनपुर
    केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जौनपुर जिले के पुरव बाजार में स्थापित नया यूनियन बैंक अपने ग्राहकों को अच्छी सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। बैंक की इस पहल से ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ मिल रही हैं।
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    जौनपुर जिले के पुरव बाजार में स्थापित नया यूनियन बैंक अपने ग्राहकों को अच्छी सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। बैंक की इस पहल से ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ मिल रही हैं।
    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पुरुषोत्तम पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी की हरि-हर नगरी भगवान विष्णु के जयकारों से गूंज उठी। सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाले पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के दिन नमामि गंगे ने 33 कोटि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने वाली पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्रियों पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान तीर्थों में सर्वोच्च माने जाने वाले मणिकर्णिका चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती भी उतारी गई, जिसमें जल संरक्षण की कामना की गई। मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र हर-हर महादेव, जय श्री विष्णु और जय श्री पुरुषोत्तम के घोष से गुंजायमान रहा। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ, जहाँ पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया गया। लगभग 3300 वर्ष पुरानी और 88 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्री चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती और सम्मान पाकर बेहद प्रसन्न नज़र आए। सभी यात्रियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। नमामि गंगे टीम ने गंगा किनारे मणिकर्णिका तीर्थ और चक्र पुष्करिणी कुंड के आस-पास सफाई भी की। राजेश शुक्ला ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का महीना है और इस मास में पंचक्रोशी परिक्रमा पूरी करने वाले व्यक्ति को 33 कोटि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और अश्वमेध यज्ञ कराने जैसा पुण्य लाभ मिलता है। पुराणों के अनुसार, पाँच कोस तक फैला काशी क्षेत्र भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। इस आयोजन में राजेश शुक्ला के साथ रविंद्र मिश्रा, सिमरन कपूर, निधि मेहरोत्रा, रितु कपूर, नवरंग गुप्ता, तारा गुप्ता सहित कई पंचक्रोशी यात्री शामिल रहे।
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    पुरुषोत्तम पूर्णिमा के पावन अवसर पर वाराणसी की हरि-हर नगरी भगवान विष्णु के जयकारों से गूंज उठी। सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाले पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा के दिन नमामि गंगे ने 33 कोटि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने वाली पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्रियों पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान तीर्थों में सर्वोच्च माने जाने वाले मणिकर्णिका चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती भी उतारी गई, जिसमें जल संरक्षण की कामना की गई। मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र हर-हर महादेव, जय श्री विष्णु और जय श्री पुरुषोत्तम के घोष से गुंजायमान रहा।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ, जहाँ पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया गया। लगभग 3300 वर्ष पुरानी और 88 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्री चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती और सम्मान पाकर बेहद प्रसन्न नज़र आए। सभी यात्रियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। नमामि गंगे टीम ने गंगा किनारे मणिकर्णिका तीर्थ और चक्र पुष्करिणी कुंड के आस-पास सफाई भी की। राजेश शुक्ला ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का महीना है और इस मास में पंचक्रोशी परिक्रमा पूरी करने वाले व्यक्ति को 33 कोटि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और अश्वमेध यज्ञ कराने जैसा पुण्य लाभ मिलता है। पुराणों के अनुसार, पाँच कोस तक फैला काशी क्षेत्र भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। इस आयोजन में राजेश शुक्ला के साथ रविंद्र मिश्रा, सिमरन कपूर, निधि मेहरोत्रा, रितु कपूर, नवरंग गुप्ता, तारा गुप्ता सहित कई पंचक्रोशी यात्री शामिल रहे।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • थाना बीजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धरतीदाड़ के पास जंगल में एक महिला का कंकाल पाया गया है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी, श्री राजेश कुमार राय ने अपना बयान जारी किया है।
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    थाना बीजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धरतीदाड़ के पास जंगल में एक महिला का कंकाल पाया गया है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी, श्री राजेश कुमार राय ने अपना बयान जारी किया है।
    user_HAQIQAT KI JUNG NEWS
    HAQIQAT KI JUNG NEWS
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत नामक युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, फरहत पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था, और बताया जा रहा है कि उसने यह कदम उठाने से पहले पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक फरहत की मौत हो चुकी थी। घटना के समय कुछ बच्चे भी पास में मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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    मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत नामक युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, फरहत पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था, और बताया जा रहा है कि उसने यह कदम उठाने से पहले पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था।

गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक फरहत की मौत हो चुकी थी। घटना के समय कुछ बच्चे भी पास में मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    3 hrs ago
  • राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र स्थित पालपुर गाँव में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची को लगभग 70 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह मासूम ज़िंदा बच गई। यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई जब स्कूल जा रहे कुछ बच्चों को कुएं के अंदर से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से सुनने पर उन्होंने तुरंत गाँव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची को बाहर निकालते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को कुएं में किसने और क्यों फेंका। पुलिस आस-पास के इलाकों में बच्ची के माता-पिता की तलाश भी कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कोई इतनी निर्दयी हरकत कैसे कर सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल जा रहे बच्चों ने समय रहते रोने की आवाज़ न सुनी होती, तो मासूम की जान बचाना संभव नहीं था। यह घटना क्रूरता और मानवता, दोनों की मिसाल बन गई है, जहाँ एक तरफ किसी ने नवजात को मौत के कुएं में फेंक दिया, तो दूसरी तरफ बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की बहादुरी ने उसे नया जीवन प्रदान किया।
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    राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र स्थित पालपुर गाँव में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची को लगभग 70 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह मासूम ज़िंदा बच गई।

यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई जब स्कूल जा रहे कुछ बच्चों को कुएं के अंदर से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से सुनने पर उन्होंने तुरंत गाँव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची को बाहर निकालते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को कुएं में किसने और क्यों फेंका। पुलिस आस-पास के इलाकों में बच्ची के माता-पिता की तलाश भी कर रही है।

इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कोई इतनी निर्दयी हरकत कैसे कर सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल जा रहे बच्चों ने समय रहते रोने की आवाज़ न सुनी होती, तो मासूम की जान बचाना संभव नहीं था। यह घटना क्रूरता और मानवता, दोनों की मिसाल बन गई है, जहाँ एक तरफ किसी ने नवजात को मौत के कुएं में फेंक दिया, तो दूसरी तरफ बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की बहादुरी ने उसे नया जीवन प्रदान किया।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    2 hrs ago
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