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वाराणसी में लंबे समय से सफाई न होने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यहां के स्थानीय नेता भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मौजूदा गंदगी के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में भी इतनी गंदगी मौजूद है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सफाई करवाने की अपील की है।
Gaurav modanwal
वाराणसी में लंबे समय से सफाई न होने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यहां के स्थानीय नेता भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मौजूदा गंदगी के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में भी इतनी गंदगी मौजूद है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सफाई करवाने की अपील की है।
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- वाराणसी में लंबे समय से सफाई न होने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यहां के स्थानीय नेता भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मौजूदा गंदगी के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा की सरकार में भी इतनी गंदगी मौजूद है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सफाई करवाने की अपील की है।1
- जनपद जौनपुर में, होटल रिवर व्यू में राज्यमंत्री के नेतृत्व में 'मन की बात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के संबोधन को डिजिटल टेलीविजन के माध्यम से सुना गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग मंत्री गिरिश चन्द्र यादव सहित हजारों कार्यकर्ता और सैकड़ों वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।1
- जौनपुर जिले के पुरव बाजार में स्थापित नया यूनियन बैंक अपने ग्राहकों को अच्छी सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। बैंक की इस पहल से ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ मिल रही हैं।1
- वाराणसी की हरि-हर की नगरी में पुरुषोत्तम पूर्णिमा के विशेष अवसर पर नमामि गंगे ने सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्रियों पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र 'हर-हर महादेव', 'जय श्री विष्णु' और 'जय श्री पुरुषोत्तम' के जयघोष से गूंज उठा। नमामि गंगे की टीम ने तीर्थों में सर्वोच्च मणिकर्णिका चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती भी उतारी, जिसके माध्यम से जल संरक्षण की कामना की गई। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में, पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया गया। लगभग 3300 वर्ष पुरानी 88 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के यात्री चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती और यह सम्मान पाकर अत्यंत प्रसन्न दिखे और सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। राजेश शुक्ला ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का महीना है, और इस मास में पंचक्रोशी परिक्रमा पूरी करने वाले व्यक्ति को 33 कोटि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना तथा अश्वमेध यज्ञ कराने जैसा पुण्य लाभ मिलता है। पुराणों के अनुसार, 'इदं मम प्रियंक्षेत्रं पंचकोशीपरीमितः' कहकर काशी के इस पांच कोस तक विस्तृत क्षेत्र को भगवान भोलेनाथ का अत्यंत प्रिय बताया गया है। आयोजन के तहत नमामि गंगे की टीम ने गंगा किनारे मणिकर्णिका तीर्थ और चक्र पुष्करिणी कुंड के आस-पास विशेष सफाई अभियान भी चलाया। इस कार्यक्रम में राजेश शुक्ला के साथ रविंद्र मिश्रा, सिमरन कपूर, निधि मेहरोत्रा, रितु कपूर, नवरंग गुप्ता, तारा गुप्ता और बड़ी संख्या में पंचक्रोशी यात्री शामिल रहे।1
- मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र स्थित चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस पूरी घटना का युवक ने वीडियो भी बनाया। परिजनों ने बताया है कि फरहत कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था। घटना के समय मौके पर कुछ बच्चे भी मौजूद थे।1
- मुरादाबाद जिले के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चकफाजलपुर गांव में 21 वर्षीय फरहत नामक युवक ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, फरहत पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था, और बताया जा रहा है कि उसने यह कदम उठाने से पहले पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक फरहत की मौत हो चुकी थी। घटना के समय कुछ बच्चे भी पास में मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर कुंदरकी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा क्षेत्र स्थित पालपुर गाँव में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची को लगभग 70 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह मासूम ज़िंदा बच गई। यह घटना सोमवार सुबह तब सामने आई जब स्कूल जा रहे कुछ बच्चों को कुएं के अंदर से रोने की आवाज़ सुनाई दी। पहले तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से सुनने पर उन्होंने तुरंत गाँव वालों को इसकी सूचना दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रस्सियों की मदद से कुएं में उतरकर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची को बाहर निकालते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को कुएं में किसने और क्यों फेंका। पुलिस आस-पास के इलाकों में बच्ची के माता-पिता की तलाश भी कर रही है। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है, और लोग सवाल उठा रहे हैं कि कोई इतनी निर्दयी हरकत कैसे कर सकता है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल जा रहे बच्चों ने समय रहते रोने की आवाज़ न सुनी होती, तो मासूम की जान बचाना संभव नहीं था। यह घटना क्रूरता और मानवता, दोनों की मिसाल बन गई है, जहाँ एक तरफ किसी ने नवजात को मौत के कुएं में फेंक दिया, तो दूसरी तरफ बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की बहादुरी ने उसे नया जीवन प्रदान किया।1