उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एडिशनल एसपी अनुज चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ऐसे अंदाज में देशवासियों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं मानो यह किसी राष्ट्राध्यक्ष का 'राष्ट्र के नाम संबोधन' हो। यह परंपरा और अधिकार आमतौर पर मुख्य रूप से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों से जुड़ा रहा है, जिसके चलते यह वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिनमें व्यंग्यात्मक टिप्पणियां प्रमुख हैं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा है कि अब 'राष्ट्र के नाम संबोधन' केवल प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति तक सीमित नहीं रह गया है, और देश को यह नई उपलब्धि मिली है कि एक एडिशनल एसपी भी यह संबोधन कर रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक अधिकारियों के बढ़ते सार्वजनिक प्रभाव से जोड़कर देखा है, जबकि अन्य इसे महज एक औपचारिक संदेश को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश बता रहे हैं। हालांकि, जनता को जागरूक करने या कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संदेश जारी करना किसी भी अधिकारी की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का हिस्सा होता है, लेकिन इस वीडियो की खास शैली और प्रस्तुति ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। फिलहाल वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा जारी है और इसे लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एडिशनल एसपी अनुज चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ऐसे अंदाज में देशवासियों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं मानो यह किसी राष्ट्राध्यक्ष का 'राष्ट्र के नाम संबोधन' हो। यह परंपरा और अधिकार आमतौर पर मुख्य रूप से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों से जुड़ा रहा है, जिसके चलते यह वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिनमें व्यंग्यात्मक टिप्पणियां प्रमुख हैं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा है कि अब 'राष्ट्र के नाम संबोधन' केवल प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति तक सीमित नहीं रह गया है, और देश को यह नई उपलब्धि मिली है कि एक एडिशनल एसपी भी यह संबोधन कर रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक अधिकारियों के बढ़ते सार्वजनिक प्रभाव से जोड़कर देखा है, जबकि अन्य इसे महज एक औपचारिक संदेश को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश बता रहे हैं। हालांकि, जनता को जागरूक करने या कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संदेश जारी करना किसी भी अधिकारी की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का हिस्सा होता है, लेकिन इस वीडियो की खास शैली और प्रस्तुति ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। फिलहाल वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा जारी है और इसे लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एडिशनल एसपी अनुज चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ऐसे अंदाज में देशवासियों को संबोधित करते नजर आ रहे हैं मानो यह किसी राष्ट्राध्यक्ष का 'राष्ट्र के नाम संबोधन' हो। यह परंपरा और अधिकार आमतौर पर मुख्य रूप से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों से जुड़ा रहा है, जिसके चलते यह वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिनमें व्यंग्यात्मक टिप्पणियां प्रमुख हैं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा है कि अब 'राष्ट्र के नाम संबोधन' केवल प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति तक सीमित नहीं रह गया है, और देश को यह नई उपलब्धि मिली है कि एक एडिशनल एसपी भी यह संबोधन कर रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक अधिकारियों के बढ़ते सार्वजनिक प्रभाव से जोड़कर देखा है, जबकि अन्य इसे महज एक औपचारिक संदेश को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश बता रहे हैं। हालांकि, जनता को जागरूक करने या कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संदेश जारी करना किसी भी अधिकारी की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का हिस्सा होता है, लेकिन इस वीडियो की खास शैली और प्रस्तुति ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। फिलहाल वीडियो को लेकर लोगों के बीच चर्चा जारी है और इसे लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।1
- जौनपुर जिले के मछलीशहर स्थित सुजानगंज थाने में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था बदहाल हो गई है। थाने परिसर में लगाए गए तीनों प्याऊ केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, जिससे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले फरियादियों और आम नागरिकों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में इस समय तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, लेकिन लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, क्योंकि तीनों प्याऊ बंद पड़े हैं और उनमें पानी नहीं आ रहा है। फरियादी गायत्री देवी ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि वह काफी समय से थाने में बैठी हैं, पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें मजबूरन बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इसी तरह पत्रकार नेहा पटेल ने भी पुष्टि की है कि थाने में तीन प्याऊ लगे होने के बावजूद किसी में भी पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। थाने में आने वाले नागरिकों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव एक बड़ी चिंता का विषय है।1
- सतीश पाल का एक ‘सेड’ गीत वीडियो, जिसे लव स्टेटस के तौर पर प्रेजेंट किया गया है, अब वायरल हो रहा है। यह एक शॉर्ट वीडियो है जो ट्रेंडिंग लिस्ट में टॉप टेन में शामिल है। इस वायरल रील में ‘गुड लुक’ और ‘भोजपुरी उड़ान’ जैसे तत्वों के साथ भोजपुरी म्यूजिक भी है।1
- वाराणसी के नमो घाट पर बुधवार को नमामि गंगे ने युवा शक्ति के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। इस दौरान, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करती तख्तियों के साथ उपस्थित जन सामान्य को स्वच्छता का संकल्प भी दिलाया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर युवाओं की भूमिका को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और नवीन सोच के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से लड़ने और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाएं, तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन भागीदारी सुनिश्चित करें। शुक्ला ने यह भी कहा कि युवा जमीनी स्तर पर और सोशल मीडिया का उपयोग करके जलवायु संकट एवं पर्यावरण बचाव के संदेशों को तेजी से जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि युवा वृक्षारोपण अभियानों, स्वच्छता कार्यों और अपशिष्ट प्रबंधन में सक्रिय रूप से नेतृत्व करें, तो सतत जीवनशैली को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनके अनुसार, दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करना, जल और ऊर्जा बचाना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने सभी से मिलकर यह संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे न केवल स्वयं पर्यावरण के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने समाज और देश को भी जागरूक करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज का छोटा सा कदम, आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कल का निर्माण करेगा। इस आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के साथ अमन, सरोज, शिवानी, अंजलि, कोमल, अंशिका, शालिनी आदि उपस्थित रहे।1
- बरेली जिले के सिरौली थाना क्षेत्र में अटा उर्फ फंदापुर निवासी शिवानी शर्मा ने अपने पति पर गंभीर अत्याचारों का आरोप लगाया है। शिवानी शर्मा का कहना है कि उसका पति प्रधान के साथ मिलकर उसे गलत काम करने के लिए मजबूर करता था। जब भी वह इन हरकतों का विरोध करती थी, तो उसका पति बेरहमी से उसकी पिटाई करता था।1
- भदोही जिले में जनगणना का कार्य तेजी से जारी है। शासन के निर्देशों के अनुरूप, प्रगणक घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण कर रहे हैं और आवश्यक जानकारियाँ एकत्रित कर रहे हैं। इसी कड़ी में, प्रगणक यास्मीन बानो ने हरियाव गाँव में जनगणना का कार्य संपन्न किया। यास्मीन बानो ने इस कार्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनगणना राष्ट्र निर्माण और विकास की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक और सही जानकारी एकत्र करके देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। जनगणना प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का अच्छा सहयोग प्राप्त हो रहा है। ग्रामीण महिलाओं ने इस अवसर पर अपनी विभिन्न समस्याओं को भी साझा किया, जिनमें आवास, सड़क, नाली, पेयजल, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित मुद्दे शामिल थे।1
- एक डुबकियां मोबाइल विक्रेता से उसकी दुकान के बाहर हाथापाई हुई। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1