अस्पताल परिसर में झाड़ियाँ, कचरे के ढेर; जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश जनपद बिजनौर के ब्लॉक किरतपुर में देशभर में स्वच्छ भारत मिशन का नारा बुलंद है, स्वच्छता को जनआंदोलन बताया जा रहा है, लेकिन किरतपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीरें इन दावों की सच्चाई बयान करती नजर आ रही हैं। अस्पताल परिसर, स्टाफ कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में फैली गंदगी, उगी हुई घास-फूस और कचरे के ढेर यह संकेत दे रहे हैं कि जिम्मेदारों की निगरानी या तो कमजोर है या फिर पूरी तरह से नदारद। जिस स्थान पर मरीज स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं अस्वच्छ वातावरण बीमारी को न्योता देता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से मच्छरों व संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सरकारी अस्पतालों की यह स्थिति है, तो आम जनता को स्वच्छता का संदेश कैसे प्रभावी होगा? गौरतलब है कि हाल ही में दवाइयों की उपलब्धता और कुछ जांचें बाहर से कराए जाने के मुद्दे पर भी अस्पताल चर्चा में रहा था। लगातार उठते सवालों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। इस पूरे मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो बात नहीं हो सकी। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को आमजन और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी की प्रतिक्रिया न मिलना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिला स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति का संज्ञान लेकर कब तक ठोस कार्रवाई करता है। क्योंकि सवाल केवल गंदगी का नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और सरकारी जवाबदेही का है।
अस्पताल परिसर में झाड़ियाँ, कचरे के ढेर; जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश जनपद बिजनौर के ब्लॉक किरतपुर में देशभर में स्वच्छ भारत मिशन का नारा बुलंद है, स्वच्छता को जनआंदोलन बताया जा रहा है, लेकिन किरतपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीरें इन दावों की सच्चाई बयान करती नजर आ रही हैं। अस्पताल परिसर, स्टाफ कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में फैली गंदगी, उगी हुई घास-फूस और कचरे के ढेर यह संकेत दे रहे हैं कि जिम्मेदारों की निगरानी या तो कमजोर है या फिर पूरी तरह से नदारद। जिस स्थान पर मरीज स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं अस्वच्छ वातावरण बीमारी को न्योता देता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से मच्छरों व संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सरकारी अस्पतालों की यह स्थिति है, तो आम जनता को स्वच्छता का संदेश कैसे प्रभावी होगा? गौरतलब है कि हाल ही में दवाइयों की उपलब्धता और कुछ जांचें बाहर से कराए जाने के मुद्दे पर भी अस्पताल चर्चा में रहा था। लगातार उठते सवालों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। इस पूरे मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो बात नहीं हो सकी। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को आमजन और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी की प्रतिक्रिया न मिलना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिला स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति का संज्ञान लेकर कब तक ठोस कार्रवाई करता है। क्योंकि सवाल केवल गंदगी का नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और सरकारी जवाबदेही का है।
- उत्तर प्रदेश जनपद बिजनौर के ब्लॉक किरतपुर में देशभर में स्वच्छ भारत मिशन का नारा बुलंद है, स्वच्छता को जनआंदोलन बताया जा रहा है, लेकिन किरतपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीरें इन दावों की सच्चाई बयान करती नजर आ रही हैं। अस्पताल परिसर, स्टाफ कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में फैली गंदगी, उगी हुई घास-फूस और कचरे के ढेर यह संकेत दे रहे हैं कि जिम्मेदारों की निगरानी या तो कमजोर है या फिर पूरी तरह से नदारद। जिस स्थान पर मरीज स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं अस्वच्छ वातावरण बीमारी को न्योता देता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से मच्छरों व संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब सरकारी अस्पतालों की यह स्थिति है, तो आम जनता को स्वच्छता का संदेश कैसे प्रभावी होगा? गौरतलब है कि हाल ही में दवाइयों की उपलब्धता और कुछ जांचें बाहर से कराए जाने के मुद्दे पर भी अस्पताल चर्चा में रहा था। लगातार उठते सवालों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। इस पूरे मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो बात नहीं हो सकी। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को आमजन और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी की प्रतिक्रिया न मिलना कई सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिला स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति का संज्ञान लेकर कब तक ठोस कार्रवाई करता है। क्योंकि सवाल केवल गंदगी का नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और सरकारी जवाबदेही का है।1
- नजीबाबाद में शहर के चारों तरफ चल रहा हे अवैद्य मिट्टी का खनन सड़कों पर उड़ती धूल सड़कों पर हर जगह जगह मिट्टी गिर रही हे धूल उड़ रही और सड़कों पर चलने वाले राहगीरों को और स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे और नजीबाबाद प्रशाशन मौन3
- शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी! MAKKI TV - हरिद्वार, उत्तराखंड : कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई। गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।2
- Post by Rajat Raj1
- सिडकुल-थाना अध्यक्ष नितेश शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के आदेश "अपराध मुक्त प्रदेश" के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के फरार 5000 के इनामी अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।1
- धामपुर शुगर मिल में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का जोरदार आयोजन धामपुर — रिपोर्ट: पंकज कुमार दक्ष धामपुर शुगर मिल में भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के निर्देशानुसार 16 फरवरी से स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन किया जा रहा है, जिसका समापन 28 फरवरी को होगा। पखवाड़े के तहत मिल परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। विशेष अभियान के अंतर्गत बेस्ट स्टोरेज यार्ड में श्रमदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपाध्यक्ष श्री निष्काम गुप्ता ने की। उन्होंने स्वच्छता को नियमित दिनचर्या बनाने और उपयोगी सामग्री को अधिकृत एजेंसी के माध्यम से रीसायकल कर वैल्युएबल गुड्स तैयार करने पर जोर दिया। अभियान में श्री मुकेश कश्यप, विवेक सिंह यादव, अरुण चौहान, श्याम सुंदर शर्मा, विनोद राणा, शरद गहलोत, स्मृति यादव, अजय पांडेय, कमल सिंह, वीरेंद्र (सुपरवाइजर), अनुज मलिक, स्टोर प्रबंधक दिनेश भारती, भुवनेश, सिक्योरिटी टीम से करणवीर सिंह, अशोक कुमार, उज्जवल सिंह तथा श्रमिकों में मोहम्मद शफी, रशीद, जावेद, आरिफ, बाबू, राकेश, जयपाल, अमर सिंह, अतुल, पप्पू, राजेश, मनोज सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन कारखाना प्रबंधक श्री विजय कुमार गुप्ता ने किया। स्वच्छता संदेश वाले बैनर भी परिसर में प्रदर्शित किए गए।1
- धामपुर शुगर मिल्स में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन, श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश धामपुर। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, नई दिल्ली के पत्रांक दिनांक 10 फरवरी 2026 के अनुपालन में धामपुर शुगर मिल में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़े की शुरुआत 16 फरवरी 2026 को हुई, जिसका समापन 28 फरवरी 2026 को होगा। इस अभियान के तहत पूरे मिल परिसर में व्यापक स्तर पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया। विशेष अभियान के रूप में बेस्ट स्टोरेज यार्ड में श्रमदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता धामपुर शुगर मिल के उपाध्यक्ष श्री निष्काम गुप्ता ने की। उनकी अगुवाई में टीम ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान सभी विभागाध्यक्षों एवं सेक्शन प्रमुखों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर श्री निष्काम गुप्ता ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे मिल परिसर को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने नियमित और प्रतिदिन सफाई करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि जो भी उपयोगी सामग्री है, उसे अधिकृत एजेंसी के माध्यम से रि-साइकल कर वैल्युएबल गुड्स में परिवर्तित किया जाना चाहिए, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से संबंधित बैनर एवं संदेश भी प्रदर्शित किए गए, जिनके माध्यम से कर्मचारियों और श्रमिकों को जागरूक किया गया। स्वच्छता पखवाड़ा अभियान में भाग लेने वालों में श्री मुकेश कश्यप, विवेक सिंह यादव, अरुण चौहान, श्याम सुंदर शर्मा, विनोद राणा, शरद गहलोत, स्मृति यादव, अजय पांडेय, कमल सिंह, वीरेंद्र (सुपरवाइजर), अनुज मलिक, स्टोर प्रबंधक दिनेश भारती, भुवनेश, सिक्योरिटी टीम से करणवीर सिंह, अशोक कुमार, उज्जवल सिंह तथा श्रमिकों में मोहम्मद शफी, रशीद, जावेद, आरिफ, बाबू, राकेश, जयपाल, अमर सिंह, अतुल, पप्पू, राजेश, मनोज सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वच्छता पखवाड़े का संचालन कारखाना प्रबंधक श्री विजय कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। अभियान के माध्यम से मिल प्रबंधन ने स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल कार्यस्थल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।1
- शान मुहम्मद नाम के एक मुसलमान रेडिवाले को एक हिंदूवादी दल के सदस्य ने उसकी धार्मिक पहचान की वजह से उसे उत्तराखंड के हरिद्वार इलाके में न घुसने की चेतावनी दी! हरिद्वार, उत्तराखंड : कनखल थाना क्षेत्र का मामला ll उत्तराखंड : हरिद्वार के कनखल में 40 साल से फेरी लगाने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति शानू (शान मोहम्मद) का आरोप है कि 23 फरवरी को जब वह काम पर निकला, तो एक व्यक्ति ने पहले उसका नाम पूछा और मुस्लिम नाम सुनते ही उसे गालियां दी गईं, मोहल्ले से भगा दिया बल्कि अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई। गरीब फेरीवाला शान मोहम्मद अब बुरी तरह डरा हुआ है और उसने थाना अध्यक्ष, कनखल को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।2