नालंदा में बाल विवाह पर बड़ा प्रहार! अब शादी नहीं सीधे कार्रवाई, एंकर, नालंदा से एक ऐसी बड़ी और ज़रूरी खबर, जो हर मां-बाप, हर पंचायत और पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। जिस बाल विवाह को लोग आज भी रिवाज समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, उसे जड़ से खत्म करने के लिए नालंदा में अब कानून और जागरूकता दोनों ने मोर्चा खोल दिया है। नालंदा जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में आज व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता राजेश कुमार गौरव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार नालंदा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) कर्मियों की मौजूदगी रही। बैठक के दौरान सचिव राजेश कुमार गौरव ने साफ शब्दों में कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसे रोकना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने पीएलवी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहकर बाल विवाह की किसी भी सूचना को समय रहते प्रशासन तक पहुँचाएं, ताकि तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि पीएलवी कर्मी पूरी सक्रियता और ईमानदारी से काम करें, तो नालंदा जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सकता है। बैठक में सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान पीएलवी कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे— ग्रामीण और शहरी इलाकों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएँ स्कूल, पंचायत और समुदाय स्तर पर बाल विवाह कानून की जानकारी दें बाल विवाह की सूचना मिलते ही टोल फ्री नंबर 1098 और 15100 पर तुरंत सूचित करें बैठक के अंत में सभी पीएलवी कर्मियों ने बाल विवाह के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। यह साफ संकेत है कि अब नालंदा में बाल विवाह को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट:- राजेश कुमार गौरव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सह सब जज
नालंदा में बाल विवाह पर बड़ा प्रहार! अब शादी नहीं सीधे कार्रवाई, एंकर, नालंदा से एक ऐसी बड़ी और ज़रूरी खबर, जो हर मां-बाप, हर पंचायत और पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। जिस बाल विवाह को लोग आज भी रिवाज समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, उसे जड़ से खत्म करने के लिए नालंदा में अब कानून और जागरूकता दोनों ने मोर्चा खोल दिया है। नालंदा जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में आज व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता राजेश कुमार गौरव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार नालंदा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) कर्मियों की मौजूदगी रही। बैठक के दौरान सचिव राजेश कुमार गौरव ने साफ शब्दों में कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसे रोकना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने पीएलवी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहकर बाल विवाह की किसी भी सूचना को समय रहते प्रशासन तक पहुँचाएं, ताकि तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि पीएलवी कर्मी पूरी सक्रियता और ईमानदारी से काम करें, तो नालंदा जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सकता है। बैठक में सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान पीएलवी कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे— ग्रामीण और शहरी इलाकों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएँ स्कूल, पंचायत और समुदाय स्तर पर बाल विवाह कानून की जानकारी दें बाल विवाह की सूचना मिलते ही टोल फ्री नंबर 1098 और 15100 पर तुरंत सूचित करें बैठक के अंत में सभी पीएलवी कर्मियों ने बाल विवाह के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। यह साफ संकेत है कि अब नालंदा में बाल विवाह को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट:- राजेश कुमार गौरव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सह सब जज
- नालंदा में बाल विवाह पर बड़ा प्रहार! अब शादी नहीं सीधे कार्रवाई, एंकर, नालंदा से एक ऐसी बड़ी और ज़रूरी खबर, जो हर मां-बाप, हर पंचायत और पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। जिस बाल विवाह को लोग आज भी रिवाज समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, उसे जड़ से खत्म करने के लिए नालंदा में अब कानून और जागरूकता दोनों ने मोर्चा खोल दिया है। नालंदा जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में आज व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता राजेश कुमार गौरव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार नालंदा ने की। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) कर्मियों की मौजूदगी रही। बैठक के दौरान सचिव राजेश कुमार गौरव ने साफ शब्दों में कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसे रोकना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने पीएलवी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहकर बाल विवाह की किसी भी सूचना को समय रहते प्रशासन तक पहुँचाएं, ताकि तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि पीएलवी कर्मी पूरी सक्रियता और ईमानदारी से काम करें, तो नालंदा जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सकता है। बैठक में सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान पीएलवी कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे— ग्रामीण और शहरी इलाकों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएँ स्कूल, पंचायत और समुदाय स्तर पर बाल विवाह कानून की जानकारी दें बाल विवाह की सूचना मिलते ही टोल फ्री नंबर 1098 और 15100 पर तुरंत सूचित करें बैठक के अंत में सभी पीएलवी कर्मियों ने बाल विवाह के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। यह साफ संकेत है कि अब नालंदा में बाल विवाह को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट:- राजेश कुमार गौरव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सह सब जज1
- बिहार शरीफ वालों, हो जाओ तैयार! इस मकर संक्रांति को खास बनाने का समय आ गया!आ जाओ रौशन तिलकुट भंडार! यहाँ का तिलकुट है बिल्कुल खास— बाहर से आए अनुभवी कारीगरों के साथ बनाया जाता है। पूरी शुद्धता और साफ-सफाई का ख्याल रखा जाता है!स्वाद? लाजवाब! और दाम? बिल्कुल किफायती!स्थान: खंदक पर, सब्जी मार्केट के ठीक सामने। अभी संपर्क करें: 7250283229 #makarsankranti #biharsharif #sweet #रौशनतिलकुटभंडार #मकरसंक्रांति1
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा एक दिवसीय उपवास मनरेगा के नाम बदलकर भि जि राम जी रखने पर आपत्ति1
- कांग्रेस के द्वारा एक दिवसीय उपवास मनरेगा का नाम बदलकर भी जी राम जी रखने पर आपत्ति जताई1
- मनोज तांती के फंड से maghra तालाब का हो रहा सुंदरीकरण1
- नालंदा में निजी विद्यालयों पर बढ़ते नियम-कानून से संकट, प्रतिपूर्ति और ईएसआईसी मुद्दे पर शिक्षण संघ का विरोध1
- हल्दी लगाओ रे 😂😀😝🤣1
- नीतीश के पैतृक जिले में सुशासन डूबा: 10 बीघा जमीन और 20 घर गंदे पानी में समाए एंकर, बिहार में विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच नीतीश कुमार सरकार के अपने ही पैतृक जिले नालंदा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो इन दावों की जमीनी हकीकत को बेनकाब कर रही है। नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड अंतर्गत गिलानी पंचायत के अम्बा बिगहा गांव में हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि गांव की करीब 10 बीघा रैयती जमीन और 15 से 20 घर पिछले कई वर्षों से नाली और पईन के गंदे, बदबूदार पानी में डूबे हुए हैं। पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने से गांव की सड़कें अब तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गिलानी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विजय चौधरी चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन जीतने के बाद गांव की सुध तक नहीं लेते। न कोई समस्या का समाधान करते हैं और न ही प्रशासन से समाधान करवाते हैं। घर से बाहर निकलना किसी सजा से कम नहीं। ग्रामीण घुटनों तक गंदे पानी में उतरकर रोज़मर्रा की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा असर मासूम बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। ठंड और बदबूदार पानी से होकर स्कूल जाने में बच्चे डरने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह डूबी हुई रैयती जमीन जदयू नेता अफरोज आलम की है, जहां कभी खेती होती थी, लेकिन पिछले 5 वर्षों से एक दाना भी उपज नहीं पाया। सवाल यह है कि जब सत्ताधारी दल के नेता की जमीन का समाधान नहीं हो पा रहा, तो आम ग्रामीणों की हालत क्या होगी? वार्ड नंबर 10 की मिन्ता देवी, संगीता देवी, प्रविला देवी, उर्मिला देवी, सुकरी देवी, कारी देवी, मारो देवी, मीना देवी, अभिन्न शर्मा, सोनू आलम, रविन्द्र शर्मा, विनोद चौधरी, उपेन्द्र राम, पप्पू यादव और नायोब आलम समेत दर्जनों ग्रामीणों का दर्द एक जैसा है। ग्रामीणों का कहना है— चारों तरफ गंदगी और बदबू फैली है, बीमारी फैलने का डर हर वक्त बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी सीमा कुमारी और अंचल अधिकारी रविंदर कुमार चौपाल को भी दी गई। यहां तक कि सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं। वहीं, बीडीओ सीमा कुमारी का कहना है कि समस्या की जानकारी उन्हें है और कई बार पानी निकलवाया गया है। कुछ मकान गैरमजरूआ जमीन पर अतिक्रमण कर बने हैं, इसलिए स्थायी समाधान के लिए अतिक्रमण हटाने का आवेदन जरूरी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है— 👉 जब पूरा गांव गंदे पानी में डूबा हो, तो जिम्मेदारी सिर्फ ग्रामीणों की है या सिस्टम की भी? अम्बा बिगहा की यह तस्वीर सिर्फ नालंदा की नहीं, बल्कि सरकार के विकास और सुशासन के दावों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।1
- 1 दिन का सांकेतिक भूख हड़ताल कर मनरेगा का नाम भि जी राम जी बदले जाने पर लोगों ने जताया विरोध1