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पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन प्रखंड स्थित महदेवा में चल रहा पुल निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और घोर अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी, बालू, सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ठेकेदार द्वारा सरकारी एस्टीमेट और तकनीकी गाइडलाइंस को पूरी तरह नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है, जबकि कार्यस्थल पर तकनीकी टीम या जिम्मेदार इंजीनियरों की उपस्थिति न के बराबर है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी है। जिम्मेदार पदाधिकारी इस अनियमितता पर आंखें मूंदे बैठे हैं और स्थानीय ग्रामीण भी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे की इस खुली बर्बादी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह मुख्य है कि आखिर किसकी शह पर इतना घटिया निर्माण हो रहा है और क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की गई है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर महदेवा पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी ठेकेदार और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इस निर्माण को जनता के लिए आफत का सबब बनने से रोका जा सके।

1 hr ago
user_Vijendra Kumar
Vijendra Kumar
Local News Reporter घोड़ासहन, पूर्वी चंपारण, बिहार•
1 hr ago

पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन प्रखंड स्थित महदेवा में चल रहा पुल निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और घोर अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी, बालू, सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ठेकेदार द्वारा सरकारी एस्टीमेट और तकनीकी गाइडलाइंस को पूरी तरह नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है, जबकि कार्यस्थल पर तकनीकी टीम या जिम्मेदार इंजीनियरों की उपस्थिति न के बराबर है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी है। जिम्मेदार पदाधिकारी इस अनियमितता पर आंखें मूंदे बैठे हैं और स्थानीय ग्रामीण भी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे की इस खुली बर्बादी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह मुख्य है कि आखिर किसकी शह पर इतना घटिया निर्माण हो रहा है और क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की गई है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर महदेवा पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी ठेकेदार और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इस निर्माण को जनता के लिए आफत का सबब बनने से रोका जा सके।

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  • पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन प्रखंड स्थित महदेवा में चल रहा पुल निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और घोर अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी, बालू, सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ठेकेदार द्वारा सरकारी एस्टीमेट और तकनीकी गाइडलाइंस को पूरी तरह नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है, जबकि कार्यस्थल पर तकनीकी टीम या जिम्मेदार इंजीनियरों की उपस्थिति न के बराबर है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी है। जिम्मेदार पदाधिकारी इस अनियमितता पर आंखें मूंदे बैठे हैं और स्थानीय ग्रामीण भी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे की इस खुली बर्बादी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह मुख्य है कि आखिर किसकी शह पर इतना घटिया निर्माण हो रहा है और क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की गई है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर महदेवा पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी ठेकेदार और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इस निर्माण को जनता के लिए आफत का सबब बनने से रोका जा सके।
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    पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन प्रखंड स्थित महदेवा में चल रहा पुल निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और घोर अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी, बालू, सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ठेकेदार द्वारा सरकारी एस्टीमेट और तकनीकी गाइडलाइंस को पूरी तरह नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है, जबकि कार्यस्थल पर तकनीकी टीम या जिम्मेदार इंजीनियरों की उपस्थिति न के बराबर है।

इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी है। जिम्मेदार पदाधिकारी इस अनियमितता पर आंखें मूंदे बैठे हैं और स्थानीय ग्रामीण भी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे की इस खुली बर्बादी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह मुख्य है कि आखिर किसकी शह पर इतना घटिया निर्माण हो रहा है और क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?

जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की गई है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर महदेवा पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी ठेकेदार और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इस निर्माण को जनता के लिए आफत का सबब बनने से रोका जा सके।
    user_Vijendra Kumar
    Vijendra Kumar
    Local News Reporter घोड़ासहन, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • मोतिहारी के पिपराकोठी में बन रहे वाटर पार्क को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व विधायक मनोज यादव ने निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की अपील की है। मनोज यादव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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    मोतिहारी के पिपराकोठी में बन रहे वाटर पार्क को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व विधायक मनोज यादव ने निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की अपील की है। मनोज यादव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    14 min ago
  • पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा। इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
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    पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा।

इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगी गई है। संबंधित व्यक्ति ने पुलिस अधिकारियों से निवेदन किया है कि छात्रों को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें टेंट लगाने की इजाजत दी जाए।
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    पूर्वी चंपारण में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगी गई है। संबंधित व्यक्ति ने पुलिस अधिकारियों से निवेदन किया है कि छात्रों को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें टेंट लगाने की इजाजत दी जाए।
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • सीतामढ़ी जिले के पुपरी थाना क्षेत्र के बछारपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ इलाज के दौरान डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चे की नाजुक स्थिति को देखकर जहाँ हर कोई रो रहा था और व्यथित था, वहीं वहां मौजूद डॉक्टर बिना इलाज किए ही हंस रहे थे। इस असंवेदनशील आचरण के चलते परिजनों ने डॉक्टरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें 'हैवान' तक करार दिया है।
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    सीतामढ़ी जिले के पुपरी थाना क्षेत्र के बछारपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ इलाज के दौरान डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चे की नाजुक स्थिति को देखकर जहाँ हर कोई रो रहा था और व्यथित था, वहीं वहां मौजूद डॉक्टर बिना इलाज किए ही हंस रहे थे। इस असंवेदनशील आचरण के चलते परिजनों ने डॉक्टरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें 'हैवान' तक करार दिया है।
    user_Expose sitamarhi
    Expose sitamarhi
    Local News Reporter Bathnaha, Sitamarhi•
    8 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले में जमाखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है, जहाँ अवैध रूप से रखी गई भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद बरामद की गई है। बताया गया है कि कुल 65 बोरी यूरिया और डीएपी खाद जब्त की गई, जिसे कथित तौर पर जमाखोरी के उद्देश्य से संग्रहित किया गया था।
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    पूर्वी चंपारण जिले में जमाखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है, जहाँ अवैध रूप से रखी गई भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद बरामद की गई है। बताया गया है कि कुल 65 बोरी यूरिया और डीएपी खाद जब्त की गई, जिसे कथित तौर पर जमाखोरी के उद्देश्य से संग्रहित किया गया था।
    user_अम्बिका प्र कुशवाहा
    अम्बिका प्र कुशवाहा
    पत्रकारिता कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
  • पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की। इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
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    पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की।

इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे।

केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    16 min ago
  • सनातन धर्म में 108 की संख्या को विशेष महत्व दिया जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी और इसके धार्मिक आधार को समझने के लिए पूरा वीडियो देखा जा सकता है।
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    सनातन धर्म में 108 की संख्या को विशेष महत्व दिया जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी और इसके धार्मिक आधार को समझने के लिए पूरा वीडियो देखा जा सकता है।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
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