मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन, 8 सूत्रीय ज्ञापन सीडीओ को सौंपा ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली उ प्र जनपद बहराइच। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) बहराइच इकाई द्वारा मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की कथित छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। परिषद के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंपा गया। जिलाधिकारी द्वारा लगातार ज्ञापनों से दूरी बनाए रखने और संवादहीन कार्यशैली के विरोध में कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की। जिला संयोजक देवाशीष सिंह ने कहा कि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक स्तर पर लागू की गई बहुविकल्पीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के हित में नहीं है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। प्रांत जनजातीय कार्य संयोजक आदर्श शुक्ला ने शिक्षा व्यवस्था में गिरावट पर चिंता जताते हुए सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था के शुद्धिकरण की आवश्यकता है और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रांत खेलो भारत संयोजक नित्य पाठक ने प्रत्येक विकासखंड में खेल मैदान निर्माण की मांग उठाई, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। पूर्व जिला सह-संयोजक आशुतोष मिश्रा ने सरकारी एवं एडेड विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। मुख्य मांगें: बहुविकल्पीय परीक्षा प्रणाली को तत्काल वापस लिया जाए प्रत्येक विकासखंड में खेल मैदान का निर्माण कराया जाए सरकारी एवं एडेड विद्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं शुद्धिकरण किया जाए अनियंत्रित धक्का-मार वाहनों पर रोक लगाई जाए अंत में परिषद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान देवाशीष सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, आदर्श शुक्ला, नित्य पाठक, आशुतोष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन, 8 सूत्रीय ज्ञापन सीडीओ को सौंपा ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली उ प्र जनपद बहराइच। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) बहराइच इकाई द्वारा मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की कथित छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। परिषद के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंपा गया। जिलाधिकारी द्वारा लगातार ज्ञापनों से दूरी बनाए रखने और संवादहीन कार्यशैली के विरोध में कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की। जिला संयोजक देवाशीष सिंह ने कहा कि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक स्तर पर लागू की गई बहुविकल्पीय परीक्षा प्रणाली छात्रों के हित में नहीं है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। प्रांत जनजातीय कार्य संयोजक आदर्श शुक्ला ने शिक्षा व्यवस्था में गिरावट पर चिंता जताते हुए सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रांत कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था के शुद्धिकरण की आवश्यकता है और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रांत खेलो भारत संयोजक नित्य पाठक ने प्रत्येक विकासखंड में खेल मैदान निर्माण की मांग उठाई, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। पूर्व जिला सह-संयोजक आशुतोष मिश्रा ने सरकारी एवं एडेड विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। मुख्य मांगें: बहुविकल्पीय परीक्षा प्रणाली को तत्काल वापस लिया जाए प्रत्येक विकासखंड में खेल मैदान का निर्माण कराया जाए सरकारी एवं एडेड विद्यालयों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं शुद्धिकरण किया जाए अनियंत्रित धक्का-मार वाहनों पर रोक लगाई जाए अंत में परिषद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान देवाशीष सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, आदर्श शुक्ला, नित्य पाठक, आशुतोष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- कृपया गाड़ी धीम चलाए1
- Post by Fariyad Ali1
- Post by Sadaf khatoon1
- महसी/बहराइच जिले के संकल्पा में चले लाठी डंडा और पत्थर, वीडियो वायरल, छज्जा निकालने का विवाद खबर है कि खैरीघाट थाना क्षेत्र के संकल्पा गांव में दो पक्षों के बीच छज्जा निकालने के विवाद में लाठी डंडा और पत्थर चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि एक पक्ष मकान निर्माण में छज्जा निकाल रहा है। वहीं दूसरे पक्ष विरोध कर रहा है। मकान निर्माण कराने वाले व्यक्ति ने एक दिन पूर्व पुलिस को सूचना दी थी। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे विवाद हो गया जिसमें लाठी डंडा और पत्थर चले। वायरल वीडियो की जांच पड़ताल में पुलिस जुटी हुई है।। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो1
- "बहराइच के महसी इलाके में डीजल पेट्रोल का हाहाकार मचा हुआ है एक तरफ जहाँ अन्नदाता एक तरफ फसल मड़ाई के सीजन में बूंद-बूंद डीजल के लिए तरस रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंपों पर कालाबाजारी का खेल अपने चरम पर है। अधिकारियों के दावे यहाँ पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।" "पूरा मामला बहराइच-सीतापुर हाईवे रोड पर रमपुरवा चौकी स्थित नीलकंठ पेट्रोल पंप का है। यहाँ के उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब वे अपनी मशीनों और ट्रैक्टरों के लिए तेल लेने पहुँचते हैं, तो उन्हें 'स्टॉक खत्म' होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसी पंप की एक खिड़की से पर्दे के पीछे कालाबाजारी का गंदा खेल चल रहा है।" "स्थानीय किसानों और उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पंप के अधिकारी और कर्मचारी मिलीभगत कर 90 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे दामों पर गुपचुप तरीके से डीजल बेच रहे हैं। भीषण गर्मी और मड़ाई के इस पीक सीजन में किसान दिन भर पंप के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पंप पर तेल न होने का बोर्ड लगा दिया जाता है, जबकि अंदर से ब्लैक में बिक्री जारी है।" "प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहे इस खेल ने महसी के किसानों की कमर तोड़ दी है। अब देखना यह होगा कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस खबर का संज्ञान लेकर नीलकंठ पेट्रोल पंप पर कोई कड़ी कार्रवाई करते हैं, या फिर अन्नदाता इसी तरह कालाबाजारी की भेंट चढ़ता रहेगा?"2
- रामपुर चौकी पेट्रोल टंकी डीजल नहीं मिल रहा है1
- डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को बड़ी धूमधाम से बनाई गई क्योंकि वह संविधान सभा के शिल्पी का एक उच्च को के नेता प्रवक्ता समाज सुधारक डाल्टन के उदाहरण तथा उच्च कोर्ट के विद्वान थे वह लगभग 9 भाषाओं के ज्ञाता थे तथा उनके पास लगभग 32 डिग्री थी यह भारत के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिनके पास इतनी डिग्रियां हो और इतनी भाषाओं का ज्ञान इसलिए आज भी समाज के लोग उन्हें आदर और सम्मान के साथ उनका नाम उच्चारण करते हैं1
- अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग लगभग 3 घर जलकर राख पुरा मामला उ प्र जनपद बहराइच भटपुरवा का है1
- बहराइच के घाघरा कछार इलाके में प्राकृतिक आपदाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं कभी बाढ़ की प्रलयंकारी लहरें लोगों के आशियाने निगल लेती हैं तो कभी जंगली हिंसक जानवरों से लोगों की जान चली जाती है इस समय चल रही तेज पछुआ हवाओं से घाघरा कछार इलाके में आग ने तांडव मचा रखा है लोगों के गृहस्थियां भीषण आग की लपटों में जल कर राख हो रही है थाना हरदी के हरदी गौरा बांध किनारे स्थित पोल्ट्री फार्म में अज्ञात कारणों से लगी आग में लाखों रुपए के समान,नगद रुपए सहित पोल्ट्री फार्म की 120 मुर्गियां जिंदा जलकर राख हो गई ,आग बुझाने में पिता पुत्र मुनव्वर व तसव्वुर गंभीर रूप से झुलस गए तो वही ग्राम मिठौरा में चूल्हे की चिंगारी से दर्जनों मकान जलकर खाक हो गए ,थाना खैरीघाट क्षेत्र के बल्दूपुरवा चमारन पुरवा में तीन मकानों सहित लाखों रुपए का सामना सहित नगदी भी जलकर राख हो गई पीड़ित ने बताया कि किसी तरीके से मेहनत मजदूरी करके अपना आशियाना संवारा था परंतु आग की लपटो ने हमारी गृहस्थी उजाड़ दी, अब हम लोग भूखे प्यासे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं ,पीड़ितों के अनुसार अगर आगजनी की सूचना पर समय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच जाती तो शायद आग के तांडव में हुए नुकसान को कम किया जा सकता था गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय महसी के करीब ग्राम मसाडीहा में विगत कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से अग्नि समन केंद्र का निर्माण किया गया था जिसका संचालन महज कागजों पर होता है और आगजनी की घटनाओं में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का संचालन जिला मुख्यालय जो की 50 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर स्थित है वहां से होता है जो जाम में फंसकर समय से घटनास्थल तक नहीं पहुंचती हैं इस कारण जान माल का नुकसान अक्सर होता रहा है इस बाबत कई बार स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया है संबंधित विभाग सहित उच्च अधिकारियों को अवगत भी कराया है परंतु धन्य है जिले की मशीनरी जिसके जिसको गरीबों का दर्द नहीं दिखता मजदूरों की गाड़ी कमाई से बने आशियाने के राख हो जाने की पीड़ा महसूस नहीं होती। तहसील मुख्यालय महसी में बने अग्नि शमन केंद्र की संचालन धरातल पर नहीं हो रहा की पड़ताल में पता चला कि तहसील मुख्यालय महसी में बने अग्नि शमन केन्द्र से आने-जाने का कोई रास्ता ही नहीं है इसलिए दमकल की गाड़ियां का संचालन जिला मुख्यालय से होता रहा है अब बड़ा सवाल यह हैं कि तहसील प्रशासन महसी ने किसके इशारे पर रास्ता विहीन भूमि का चयन अग्निशमन केंद्र के निर्माण हेतु किया,आखिर भवन निर्माण दाता फर्म ने मार्ग विहीन स्थान पर भवन निर्माण क्यों किया, फिर किस के इशारे पर उद्देश्य हीन भवन के लिए धन आहरित किया गया,भवन निर्माण के बाद भवन पास कैसे हो गया, स्थानीय लोगों की मानें तो भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन के करोड़ों रुपयों का बंदरबांट कर जिम्मेदारों ने उद्देश्य विहीन अग्नि शमन केन्द्र बना दिया है जो उद्देश्य विहीन है।4