आग के तांडव में मुर्गी फार्म सहित दर्जनों आशियाने हुए राख बहराइच के घाघरा कछार इलाके में प्राकृतिक आपदाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं कभी बाढ़ की प्रलयंकारी लहरें लोगों के आशियाने निगल लेती हैं तो कभी जंगली हिंसक जानवरों से लोगों की जान चली जाती है इस समय चल रही तेज पछुआ हवाओं से घाघरा कछार इलाके में आग ने तांडव मचा रखा है लोगों के गृहस्थियां भीषण आग की लपटों में जल कर राख हो रही है थाना हरदी के हरदी गौरा बांध किनारे स्थित पोल्ट्री फार्म में अज्ञात कारणों से लगी आग में लाखों रुपए के समान,नगद रुपए सहित पोल्ट्री फार्म की 120 मुर्गियां जिंदा जलकर राख हो गई ,आग बुझाने में पिता पुत्र मुनव्वर व तसव्वुर गंभीर रूप से झुलस गए तो वही ग्राम मिठौरा में चूल्हे की चिंगारी से दर्जनों मकान जलकर खाक हो गए ,थाना खैरीघाट क्षेत्र के बल्दूपुरवा चमारन पुरवा में तीन मकानों सहित लाखों रुपए का सामना सहित नगदी भी जलकर राख हो गई पीड़ित ने बताया कि किसी तरीके से मेहनत मजदूरी करके अपना आशियाना संवारा था परंतु आग की लपटो ने हमारी गृहस्थी उजाड़ दी, अब हम लोग भूखे प्यासे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं ,पीड़ितों के अनुसार अगर आगजनी की सूचना पर समय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच जाती तो शायद आग के तांडव में हुए नुकसान को कम किया जा सकता था गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय महसी के करीब ग्राम मसाडीहा में विगत कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से अग्नि समन केंद्र का निर्माण किया गया था जिसका संचालन महज कागजों पर होता है और आगजनी की घटनाओं में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का संचालन जिला मुख्यालय जो की 50 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर स्थित है वहां से होता है जो जाम में फंसकर समय से घटनास्थल तक नहीं पहुंचती हैं इस कारण जान माल का नुकसान अक्सर होता रहा है इस बाबत कई बार स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया है संबंधित विभाग सहित उच्च अधिकारियों को अवगत भी कराया है परंतु धन्य है जिले की मशीनरी जिसके जिसको गरीबों का दर्द नहीं दिखता मजदूरों की गाड़ी कमाई से बने आशियाने के राख हो जाने की पीड़ा महसूस नहीं होती। तहसील मुख्यालय महसी में बने अग्नि शमन केंद्र की संचालन धरातल पर नहीं हो रहा की पड़ताल में पता चला कि तहसील मुख्यालय महसी में बने अग्नि शमन केन्द्र से आने-जाने का कोई रास्ता ही नहीं है इसलिए दमकल की गाड़ियां का संचालन जिला मुख्यालय से होता रहा है अब बड़ा सवाल यह हैं कि तहसील प्रशासन महसी ने किसके इशारे पर रास्ता विहीन भूमि का चयन अग्निशमन केंद्र के निर्माण हेतु किया,आखिर भवन निर्माण दाता फर्म ने मार्ग विहीन स्थान पर भवन निर्माण क्यों किया, फिर किस के इशारे पर उद्देश्य हीन भवन के लिए धन आहरित किया गया,भवन निर्माण के बाद भवन पास कैसे हो गया, स्थानीय लोगों की मानें तो भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन के करोड़ों रुपयों का बंदरबांट कर जिम्मेदारों ने उद्देश्य विहीन अग्नि शमन केन्द्र बना दिया है जो उद्देश्य विहीन है।
आग के तांडव में मुर्गी फार्म सहित दर्जनों आशियाने हुए राख बहराइच के घाघरा कछार इलाके में प्राकृतिक आपदाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं कभी बाढ़ की प्रलयंकारी लहरें लोगों के आशियाने निगल लेती हैं तो कभी जंगली हिंसक जानवरों से लोगों की जान चली जाती है इस समय चल रही तेज पछुआ हवाओं से घाघरा कछार इलाके में आग ने तांडव मचा रखा है लोगों के गृहस्थियां भीषण आग की लपटों में जल कर राख हो रही है थाना हरदी के हरदी गौरा बांध किनारे स्थित पोल्ट्री फार्म में अज्ञात कारणों से लगी आग में लाखों रुपए के समान,नगद रुपए सहित पोल्ट्री फार्म की 120 मुर्गियां जिंदा जलकर राख हो गई ,आग बुझाने में पिता पुत्र मुनव्वर व तसव्वुर गंभीर रूप से झुलस गए
तो वही ग्राम मिठौरा में चूल्हे की चिंगारी से दर्जनों मकान जलकर खाक हो गए ,थाना खैरीघाट क्षेत्र के बल्दूपुरवा चमारन पुरवा में तीन मकानों सहित लाखों रुपए का सामना सहित नगदी भी जलकर राख हो गई पीड़ित ने बताया कि किसी तरीके से मेहनत मजदूरी करके अपना आशियाना संवारा था परंतु आग की लपटो ने हमारी गृहस्थी उजाड़ दी, अब हम लोग भूखे प्यासे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं ,पीड़ितों के अनुसार अगर आगजनी की सूचना पर समय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच जाती तो शायद आग के तांडव में हुए नुकसान को कम किया जा सकता था गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय महसी के करीब ग्राम मसाडीहा में विगत कई वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से अग्नि समन केंद्र का
निर्माण किया गया था जिसका संचालन महज कागजों पर होता है और आगजनी की घटनाओं में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का संचालन जिला मुख्यालय जो की 50 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर स्थित है वहां से होता है जो जाम में फंसकर समय से घटनास्थल तक नहीं पहुंचती हैं इस कारण जान माल का नुकसान अक्सर होता रहा है इस बाबत कई बार स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया है संबंधित विभाग सहित उच्च अधिकारियों को अवगत भी कराया है परंतु धन्य है जिले की मशीनरी जिसके जिसको गरीबों का दर्द नहीं दिखता मजदूरों की गाड़ी कमाई से बने आशियाने के राख हो जाने की पीड़ा महसूस नहीं होती। तहसील मुख्यालय महसी में बने अग्नि शमन केंद्र की संचालन धरातल पर नहीं हो रहा की पड़ताल
में पता चला कि तहसील मुख्यालय महसी में बने अग्नि शमन केन्द्र से आने-जाने का कोई रास्ता ही नहीं है इसलिए दमकल की गाड़ियां का संचालन जिला मुख्यालय से होता रहा है अब बड़ा सवाल यह हैं कि तहसील प्रशासन महसी ने किसके इशारे पर रास्ता विहीन भूमि का चयन अग्निशमन केंद्र के निर्माण हेतु किया,आखिर भवन निर्माण दाता फर्म ने मार्ग विहीन स्थान पर भवन निर्माण क्यों किया, फिर किस के इशारे पर उद्देश्य हीन भवन के लिए धन आहरित किया गया,भवन निर्माण के बाद भवन पास कैसे हो गया, स्थानीय लोगों की मानें तो भवन निर्माण में मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन के करोड़ों रुपयों का बंदरबांट कर जिम्मेदारों ने उद्देश्य विहीन अग्नि शमन केन्द्र बना दिया है जो उद्देश्य विहीन है।
- Post by आलोक कुमार मिश्रा1
- ,बहराइच जिले में नानपारा तहसील क्षेत्रान्तर्गत आज ग्राम रामनगर सेमरा परगना चरदा स्थित गाटा संख्या:-56 रकबा 0.122है0 जोकि राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के नाम दर्ज है पर ग्राम के ही व्यक्ति के द्वारा लंबे समय से उपरोक्त सरकारी भूमि पर पक्का निर्माण करके अवैध कब्जा कर रखा था को उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी के निर्देश पर नायब तहसीलदार नबाबगंज अक्षय पांडेय, राजस्व निरीक्षक व क्षेत्रीय लेखपाल ने जे.सी.बी के माध्यम से पक्के बने निर्माण को नियमों के अंतर्गत ध्वस्त करवा दिया। सरकारी भूमि पर लबे समय से बने अतिक्रमण पर जेसीबी से धवस्तीकरण होने पर अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। इस दौरान राजस्व टीम के साथ पुलिस बल भी उपस्थित रहा। तहसील प्रशासन की सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश क्षेत्र में गया है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम नानपारा द्वारा लगातार सरकारी भूमि पर से अवैध अतिक्रमण हटवाए जाने पर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमणकारियो में भय का माहौल है वही यह भी स्पष्ट हो गया है कि अब प्रशासन अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमण पर कड़ी कार्यवाही कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम नानपारा की इस निष्पक्ष और जनहितकारी कार्यशैली की खुले तौर पर प्रशंसा की है। आमजन में यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि वर्तमान प्रशासन अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि, तालाब, चकरोड एवं सार्वजनिक संपत्तियों पर किए गए सभी अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण किसी का भी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- Post by Sadaf khatoon1
- Post by MOHD NAIM KHAN1
- भगवान परशुराम की जयंती मनाने का लोगों के अंदर काफी उत्साह दिखाई देता है सभी ब्राह्मण मिलजुल कर 19 तारीख को भगवान परशुराम की जयंती मनाएंगे यह जयंती काफी धूमधाम से इसकी रैली निकाली जाएगी तथा सभी ब्राह्मणों से अनुरोध है अनुरोध है किस जयंती के अवसर पर परशुराम जी के मंदिर में उपस्थित हो और अपनी सहभागिता निभाएं हमें एक युद्ध होकर रहना है और हमें किसी से अब नहीं जानना है ना हमें किसी के पीछे लगा है हम अपना वर्चस्व स्वयं समाज के सामने प्रकट करेंगे क्योंकि हम लोग शुरू से ही दूसरों की सहायता की है हम स्वयं राज्य नहीं लिए हैं लेकिन राज्य को दिलाने में मेरी महत्वपूर्ण भूमिका रही है ब्रह्मा का ही धैर्य है यह सभी कार्य सफल होते हैं3
- बहराइच में ‘डाकिया वसूली कांड’! ग्राम कंडेला में खुलेआम लूट—गरीबों से ₹50 से ₹500 तक की वसूली, का गंभीर आरोप रिकॉर्डिंग वायरल ।1
- बहराइच। शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र में वैसाखी अमावस्या के पावन अवसर पर शुक्रवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों—शिवनगर बस्थनवा स्थित बाबा जंगली नाथ मंदिर तथा रामपुर धोबियाहार स्थित बाबा बुद्धेश्वर नाथ मंदिर—में सुबह तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो दोपहर तक जारी रहीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। दूर-दराज़ गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर और आसपास का इलाका पूरी तरह गुलजार रहा। वैसाखी अमावस्या के अवसर पर दोनों मंदिरों के पास विशाल मेले का भी आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ मेले का आनंद लिया। बच्चों और महिलाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखा गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मी लगातार मंदिर परिसर और मेले के आसपास गश्त करते रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन प्राचीन शिव मंदिरों की विशेष मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं भगवान शिव पूर्ण करते हैं। यही वजह है कि हर वर्ष वैसाखी अमावस्या पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।3
- Post by आलोक कुमार मिश्रा1